My Toxic Husband - Chapter 3
लियो कुछ पल तक आईने में खुद को निहारता रहा और फिर अचानक से झट से ही वहां से हटकर, फटाफट से तैयार होने लगा क्योंकि उसे सुबह बहुत सारे काम थे, जो सिर्फ़ वही करना पसंद करता था। है न अजीब बात, पर यही खासियत थी लियो की। कुछ काम ऐसे होते थे, जिन्हें करने के बाद ही सुकून मिलता था। तो बस, इसीलिए वही करने वह नीचे जा रहा था।
अब फिर वह तैयार हुआ... जल्दी से किसी को कॉल करके बात करते हुए तुरंत ही सारे फ़ाइल एक साथ सहेज लेता है और कुछ पल तक और बात होने के बाद, सीधे ही फ़ाइल्स बैग में डालकर, उसे उठाया, अपने रूम से तेज़ी से निकलकर पहुँच गया डायरेक्ट ही नीचे लिविंग एरिया में और खड़ा हुआ चारों तरफ़ देखने लगा।
बहुत प्यार से उसे इस घर से था, और उसने ही ये सब सजा कर रखा था अब तक। हर तरफ़ महकदार फूल और बीच में रखे हुए सोफ़े, जिन पर बैठने की हैसियत सिर्फ़ उसकी थी और वही, पूरी दीवारों पर बड़ी-बड़ी पेंटिंग्स लगी हुई थीं, जो अजीब ही तरह की थीं, पर कोई छू नहीं सकता था क्योंकि वो लियो के थे। और आखिरकार, एक तरफ़ उसकी जान... यानी उसके सब कुछ, उर्फ़ उसके डैड, वो बैठे हुए टीवी देख रहे थे।
लियो उन्हें वहां देख अपना बैग सोफ़े पर रख देता है और अपनी शर्ट को बाज़ुओं से हाफ़ फ़ोल्ड करने लगा, जिसकी वजह से, वही अब लियो के डैड, टीवी से ध्यान हटाकर जब उसे वहां देखते हैं, तब तो सुबह-सुबह ही उनके चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान फैल जाती है और वो तुरंत ही आवाज़ कम करके कहते हैं:
"कब तक वापस आओगे बेटा?"
"सॉरी डैड... आज फिर मैं लेट नाइट आऊंगा।"
ये कहकर लियो फटाफट से ही किचन में घुस जाता है और एक शांति से, साइड में से एप्रन उतारते हुए पहन लेता है और शुरू हो जाता है सब्जी काटते हुए जल्दी से ही पास्ता प्रिपेयर करने में क्योंकि ये उसके पापा का फ़ेवरेट था, जिसकी वजह से, वही उधर से उसके डैड... हर रोज़ की तरह, आज भी उसे वहां पाकर खुश हो जाते हैं और बोलते हैं:
"LEO, तुम्हें ये सब करने की क्या ज़रूरत है? हम इतने कैपेबल हैं कि 100 से ज़्यादा नौकर-चाकर और बेस्ट कुक हमारी सेवा कर सकते हैं, पर..."
"I do love to do my work on my own, Dad... (फ्राई करते हुए) Anyways... आज मुझे कंपनी जाने के लिए थोड़ा लेट हो गया है, जो बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए था। सो... (हाथ धोते हुए) मैं थोड़ी देर में निकल जाऊंगा।"
इतना बोल लियो अब कुछ नहीं कहता और बाहर निहारने लगता है।
(हां... फिलहाल उसके घर में कोई नौकर-चाकर नहीं था। जानती हूं थोड़ा अजीब है कि भाई, ये तो इतना बड़ा सीईओ है तो ऐसे कैसे, पर वही न, उसे अपना कार्य खुद करना पसंद था। बचपन से ही ये आदत रही थी जिसने अब इस उम्र में भी खुद में बसा लिया था।)
इधर लियो अब भी बाहर निहार रहा होता है, जिससे तभी उसके डैड कहते हैं:
"वैसे तुम्हारी मॉम कब तक आएंगी?"
"Dad, I don't know anything about her, so don't ask."
और इतना बोल लियो अपने जबड़े भींच लेता है और खाना बनाते हुए मुंह फेर लेता है उनसे, जिससे वही, इधर उसके डैड उसे ऐसे देख चेहरा झुका लेते हैं और फिर अपनी व्हीलचेयर को चलाते हुए धीरे-धीरे से लेकर आ जाते हैं एक पेंटिंग के सामने और कहते हैं:
"कैथरीन... कल हमारा उत्कर्ष 29 साल का हो गया है, पर उसे कोई सुध नहीं कि कुछ वक़्त निकालकर खुद को दे सके।"
(आगे बढ़ने से पहले थोड़ी जानकारी लियो की फ़ैमिली के बारे में। ये हैं लियो के डैड, पीयूष कश्यप। अपनी जवानी के दिनों में वो अपनी ग्रेसमार्क कंपनी में सीईओ की पोस्ट पर ही थे, परंतु बाद में एक्सीडेंट हो जाने के बाद से वो पोस्ट ख़ाली ही रही, पर लियो ने अपनी मेहनत और लगन से बहुत जल्द ही वो जगह वापस से हासिल कर ली और आज वो कंपनी उसकी थी।
लियो जब 8 साल का ही था, तभी उसकी मम्मा कैथरीन कूपर को अचानक से दिल का दौरा पड़ने की वजह से चल बसी थीं और इसी वजह से उस दिन के बाद से लियो अपने डैड से और भी ज़्यादा क्लोज़ आ गया था।
कैथरीन जी के जाने के बाद, सबके कहने पर पीयूष जी ने दूसरी शादी कर ली थी, वो भी दिव्या जी से, जो खुद तलाक़शुदा थीं और उनके ही साथ कंपनी में काम करती थीं। लेकिन ये बात लियो को कभी नहीं पसंद आई थी इसलिए वो हमेशा ही दूरी बनाकर रखता था। हालांकि, दिव्या जी ने अभी तक ऐसा कुछ बिहेव नहीं किया था कि वो उनसे नफ़रत करे इसलिए वो नफ़रत तो नहीं, पर अब उनसे ज़्यादा सबसे ही बात करना बंद कर दिया था और जब तक ज़रूरत नहीं होती थी, वो नहीं बोलता था।
पर लियो अपने डैड से बहुत ज़्यादा ही प्यार करता था और इसलिए कोशिश करता था कि वो उन्हें हमेशा ही खुश रख सके।
कैथरीन लंदन से थीं और पीयूष भारतीय। ये दोनों ही एक मीटिंग के दौरान एक-दूसरे से मिले थे और बाद में प्यार हो जाने के बाद शादी कर ली थी। शादी के 2 साल बाद ही लियो पैदा हुआ था, जिससे दोनों ही बहुत खुश हो गए थे और उन्होंने ही तय किया था कि वो लियो का दो नाम रखेंगे (Leonardo और उत्कर्ष)। इसीलिए ये दोनों ही नाम से सब जानते थे। हां, ऑफ़िशियल तौर पर वो उत्कर्ष नाम यूज़ करता था, पर लोग उसे लियो भी बुलाते थे।)
अभी पीयूष जी कैथरीन जी से ही बात कर रहे होते हैं, जिससे जब लियो उन्हें ऐसे देखता है, तब उनके पास आकर खड़ा हो जाता है और कहता है:
"I miss my amore ❤️, Dad."
"मैं भी।"
"ओके, आप ब्रेकफ़ास्ट करिए। अगर मॉम आ गई टाइम से तो लंच कर लीजिएगा, वरना आप मुझे कॉल कर दीजिएगा। मैं आपका लंच आज ऑर्डर कर दूंगा और जल्दी ही आने की कोशिश करूंगा," लियो कहता है।
"पर ब्रेकफ़ास्ट?"
"I'm getting late (बैग लिए)। Take care of you, Dad."
और इतना बोलकर लियो तेज़ी से ही घर के डोर की तरफ़ बढ़ जाता है, बड़े-बड़े कदम बढ़ाए हुए। फिर से बात करते हुए, और जैसे ही डोर खोलता है, अब अपने सामने खड़े इंसान को देखकर, उसके चेहरे पर नाराज़गी से उभरी हुई नसें तन सी जाती हैं।
ऊप्स, कौन होगा?
लियो कैसा लगा?