बैड बॉयज (लव एडिशन) Ch. 1

बैड बॉयज (लव एडिशन) - Chapter 1

Posted by Sarvam • Jan 16, 2025 04:20 AM

गोवा का माफिया किंग और एक नाइट क्लब के मालिक का बिगडेल बेटा। अ गै लव स्टोरी!

अथेना, नाईट क्लब

रात का समय था जब एक पच्चीस वर्षीय युवक लिफ्ट के बाहर निकल कर तेजी से क्लब से निकलने में लगा था की किसी ने उसका रास्ता रोक लिया “बॉस कुछ कॉलेज गोइंग आपस में लड़ रहे है।”

“तो उन्हें संभालने की जगह तुम मुझे क्यों बता रहे हो? बाउंसर्स किसलिए रखे हुए है हमने?” वह युवक कोई और नहीं क्लब का पहला मालिक मार्क था।

“हम नहीं संभाल पा रहे बॉस। इससे पहले की कुछ हो जाये आप प्लीज चलिए।” क्लब में काम करने वाले एक आदमी ने कहा तो मार्क झल्ला उठा। कही जल्दी पहुचने की जरुरत थी उसे।

“एक काम करो पुलिस को बुला लो। रोज का हो चूका है अब इन लोगो का। अच्छी खासी मरम्मत मिल जाये एक आध को तो सब लाइन पर आ जायेंगे।” मार्क ने उस आदमी को आदेश दिया और एक नजर उस झगडे को देखने के लिए पंहुचा।

दो ग्रुप आपस में भीड़ रहे थे। मुश्किल से आगे जाने का रास्ता बना कर मार्क बिच में पंहुचा। इससे पहले की वो लड़का सामने वाले को पंच मारता मार्क ने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक लिया।

लड़के का चेहरा ठंडा पड़ गया। गुस्से में उसने देखना चाहा की आखिर किसने उसे रोकने की हिम्मत की थी? पर जैसे ही उसने मार्क को देखा उसका हाथ ढीला पड़ गया। साथ ही उसके चेहरे के भाव भी बदल गए।

उस लड़के के रुकते ही सामने की तरफ से भी शांति छा गयी। सब अपनी जगह रुक चुके थे। मार्क ने पहले वाले लड़के को पीछे धकेल कर सबको चेतावनी दी “यहाँ आना है तो अपना एटिट्यूट बाहर छोड़ कर आओ। तुम लोगो के बाप का घर नहीं है जो मर्जी आए करने के लिए। सिक्यूरिटी पकड़ कर रखो इन्हें , जब तक की पुलिस नहीं आ जाती।”

सबने आंखे बड़ी कर ली। वही पहले वाला लड़का अभी भी खुदको धकेले जान के बाद खोया हुआ था ,उसने तुरंत ही होश में आकर कहा “प्लीज ऐसा मत कीजिये मार्क।”

मार्क ने एकदम से उसकी तरफ पलट कर देखा और अगले ही पल गुस्से से उसका चेहरा लाल पड़ गया “विकास मेहरा? अंदर किसने आने दिया इसे?”

वो लड़का विकास हलके से सहम कर रह गया। वही सिक्यूरिटी वालो ने सर झुका लिया। ये देख कर मार्क का गुस्सा बढ़ गया। उसने सर्द नजरे अपने स्टाफ पर डालने के बाद कहा “तुम लोगो को वापस आकर  देखूंगा मै।”

इतना कह कर वह तेजी से सबके बिच में से निकल गया। लडको ने पुलिस का नाम सुन कर मार्क के जाते ही निकलना चाहा पर बाहर जाने के सभी रास्तो को बंद कर दिया गया था।     

क्लब से निकल कर मार्क सीधे सिटी हॉस्पिटल पंहुचा। रिसेप्शन पर उसने किसी के बारे में पूछा जिसके बाद तुरंत ही वह उन्हें ढूंडते हुए एक जगह जाकर उसके कदम ठिठक गए। डॉक्टर के सामने एक उसी की उम्र का लड़का हाथ में अभी जन्मा हुआ बच्चा लेकर खड़ा था। दूसरा तिन साल का बच्चा उसकी टांग पकड़ कर खड़ा था।

“रिशु!” मार्क ने उसे पुकारा तो देखा ऋषभ सुन्न होकर खड़ा था। उसके कदम लडखडाने लगे तो मार्क ने ऋषभ के साथ साथ बच्चे को भी पकड़ लिया। बच्चे की किलकारिया पुरे कोरिडोर में गूंज रही थी।

मार्क को देख कर डॉक्टर ने फिर अपनी बात दोहराई “सॉरी मिस्टर दीक्षित! हम आपकी वाइफ को नहीं बचा सकते। उनके पास काफी कम समय है , उनसे मिल लीजिये एक आखिरी बार।”

मार्क भी ये सुन कर दंग रह गया “आप.. आप क्या बोल रहे है डॉक्टर? उसे बचाइए, चाहे आपको कुछ भी करना पड़े।”

डॉक्टर ने सर झुका लिया “हमने अपनी पूरी कोशिश की , इससे आगे सिचुएशन हमारे हाथ में नहीं।”

डॉक्टर ने हलके से उपर देख कर हाथ उठाये जैसे यही भगवन की मर्जी हो कहने के लिए। फिर वो उन्हें अकेला छोड़ कर चले गए।

“डेड .. मम्मा को क्या हुआ? कहा है वो?” उस तिन साल के बच्चे ने चेहरा उठा कर सवाल किया। मगर ऋषभ की तरफ से उसे कोई जवाब ना मिला।

मार्क ने मुश्किल से ऋषभ को बेंच पर बिठाया और उस तिन साल के बच्चे को देख कर कहा “ऋषि बेबी! डेड के पास रहना हनन। मै आपकी मम्मा से मिल कर आता हु।”

ऋषि ने अच्छे बच्चे की तरह हां में सर हिलाया तो मार्क अपनी गोद में उस नवजात बच्चे को लेकर उस वार्ड में पंहुचा जहा ऋषभ की पत्नी रुशाली दीक्षित अपनी आखिरी सांसे गिन रही थी।

बच्चे की आवाज कानो में पड़ते ही रुशाली ने हलके से आंखे खोल कर उसे देखा और उसकी आँखों से आंसू बह निकले। मार्क ने तुरंत ही उसके आंसू को साफ करते हुए कहा “ये बेवकूफ ऋषभ , बच्चा होने की ख़ुशी में पागल हो चूका है। इसलिए अंदर नहीं आया।”

रुशाली ने फीकी हंसी के साथ कहा “मुझे पता है वो क्यू अंदर नही आया। मेरे जाने का समय आ चूका है ना। सह नहीं पा रहा होगा। संभाल नही पा रहा होगा खुदको।”

“ऐसा मत कहो रूशाली। कुछ नहीं होगा तुम्हे।” मार्क ने मुश्किल से कहा। उसकी आवाज रुंध चुकी थी। रुशाली और ऋषभ उसके पुराने और काफी करीबी दोस्त थे। उन दोनो को घर से भगाने को लेकर उनकी शादी करवाने वाला भी मार्क ही था।

“एक वादा करोगे मुझसे?” रुशाली ने धीमी आवाज में कह कर अपना हाथ आगे बढाया।

मार्क ने तुरंत ही उसका हाथ पकड़ लिया “तुम.. तुम ज्यादा बात मत करो और ये देखो ये बच्चा! बिलकुल रिशु की तरह दीखता है ना। अब उसे शिकायत नहीं रहेगी की उसका बच्चा सिर्फ तुम पर गया है।”

रुशाली ने हां में सर हिला कर कहा “आय एम् सॉरी मार्क! मेरे कारन तुम्हारा प्यार पूरा नहीं हो पाया। लेकिन फिर भी तुम हमारे साथ अपने टूटे हुए दिल को लेकर हर पल खड़े रहे। शायद मेरा और रिशु का साथ यही तक था। आज से वो तुम्हारा है। उसे और बच्चो को तुम्हारे भरोसे छोड़ कर जा रही हु। खयाल रख लोगे ना उनका?”

“क्या .. बकवास कर रही हो?”, मार्क की आंखे बह निकली थी “वो तुमसे बहुत प्यार करता है। उसे छोड़ कर जाने की बात मत करो। वो कैसे जियेगा तुम्हारे बिना? बच्चे कैसे रहेंगे? उन्हे ना की जरूरत है।”

“तभी तो सबको तुम्हारे भरोसे छोड़ रही हु। तुम्हारे सामने मेरा प्यार कुछ भी नहीं। क्युकी उसमे त्याग शामिल नहीं था। जितना प्यार करते हो उतना दे भी देना उसे। जरूरत पड़ी तो बीवी बन जाना, जरूरत पड़ी तो मां। बाकी मेरे परिवार को खुश देख कर ही मै खुश हो जाउंगी। इसलिए वादा करो मुझसे, तुम ये मेरे लिए जरुर करोगे। तुम्हे हमारी दोस्ती की कसम! तुम्हे तुम्हारे प्यार की कसम!” रुशाली ने कहा। उसकी सांसे भारी हो रही थी।

मार्क ने अपना सर झुका लिया तो रुशाली ने मुस्कुराते हुए एक बार अपने बच्चे को देखा “इसका नाम रोहन रखना। मैंने बहुत पहले सोच रखा था।”

मार्क की आँखों से झर झर आंसू गिरने लगे तो रुशाली ने प्यार से रोहन के सर पर हाथ फिरा कर उसे करीब लेना चाहा। मार्क ने उसे आगे किया तो रुशाली ने उसके माथे को चूम लिया “एक आखिरी बार बोलोगे रिशु को मुझसे बात करने के लिए?”

“मेरे बारे में कुछ नहीं कहोगी तुम।” मार्क ने कहा तो रुशाली ने हलके से सर हिलाया। बच्चे को उसके पास ही रख कर मार्क पीछे हटा और ऋषभ को बुलाने चला गया।

रुशाली उसे जाते हुए देख धीमी आवाज में बोली “क्या तुम भूल गए मार्क की मैंने कभी किसी की नहीं सुनी? आज भी नहीं सुनूंगी।” 

कुछ देर बाद उस वार्ड से ऋषभ के जोर जोर से रोने की आवाज मार्क के कानो में बाहर तक पड़ रही थी। ऋषी डर कर मार्क से चिपक गया। मार्क के आंसू भी दुबारा बहने लगे। शायद , शायद रूशाली सच में सबको उसके भरोसे छोड़ कर जा चुकी थी।

आगे जानने के कहानी के साथ बने रहे। प्लीज मेरी दुसरी कहानियां भी पढ़कर देखना आपको पसंद आएंगी।

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