Billionaire secret husbands - Chapter 3
वैश्विक अपने हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट के साथ मीटिंग कर रहा था। उसने उस दिन अपने सभी हेड्स की मुश्किल बढ़ा दी थी। उसने अगले दस दिनों में उन सभी को क्या-क्या अचीवमेंट हासिल करना है, इसकी पूरी प्लानिंग बताई। करीब दो घंटे की मीटिंग के बाद वे लोग बाहर आए।
दूसरी ओर, मुंबई के एक छोटे से चॉल के एक घर में एक लड़का सोया हुआ था। वह बहुत ही बेतरतीब ढंग से सोया हुआ था। जैसे ही वह करवट बदला, बेड का पाया टूट गया। वह लड़का धड़ाम से नीचे गिर गया।
वह लड़का: "ऐ देवा, माझ्या बाबतीत असे घडल्याने मी कोणाचे काय नुकसान केले आहे? (मैंने क्या बिगाड़ा है किसी का जो मेरे साथ ऐसा होता है?) (मुझे मराठी नहीं आती, गूगल ट्रांसलेशन की मदद ली है। अगर कुछ भी गलती हो तो माफ़ करना)।"
वह धीरे से उठकर अपना फ़ोन देखा तो देखा कि सुबह के पाँच बज रहे थे। यह देखते ही वह तेज़ी से बाथरूम में घुसा, तो पानी बंद था। उसने बाल्टी में भरे पानी की मदद से फ्रेश होकर अपने ऑफिस के लिए कपड़े आयरन किए। फिर वह किचन में जाकर चाय और ब्रेकफास्ट में पोहे बनाकर रखे।
चलिए, इनसे मिलवा देती हूँ। यह हमारी कहानी के दूसरे मेन लीड, सर्वम रहाणे हैं। इनकी उम्र लगभग पच्चीस साल है। ये लगभग सात फीट की हाइट वाले, नॉर्मल फ़िज़िक के मालिक हैं। इनका रंग-रूप साधारण ही है, पर ये बहुत क्यूट लगते हैं। ये दिखने में अपनी उम्र से कम लगते हैं।
ये एक कंपनी में मामूली से क्लर्क हैं। ये पिछले चार सालों से इसी कंपनी में काम कर रहे हैं। इनकी स्टार्टिंग सैलरी सोलह हजार थी, जो अब बढ़कर बीस हजार रुपए हुई है।
चलिए, अब इनके बारे में थोड़ा और जान लेते हैं।
इनके घर में इनके साथ इनके पिता, महेश रहाणे भी रहते हैं। इनकी उम्र लगभग पैंतालीस साल है। वे अभी फ़िलहाल इधर-उधर घूमने के अलावा कुछ भी नहीं करते हैं। उनका यह मानना है कि उनके जैसे लोगों के लिए यह नौ से पाँच की नौकरी नहीं बनी। उनका जन्म एक बहुत बड़े मकसद के लिए हुआ है। उनके हाथ में राजयोग लिखा है। वे उसी योग का इंतज़ार कर रहे हैं।
ये जब सत्रह साल के थे, तभी उनकी शादी सुहाषी से हुई। वह उस समय सोलह साल की थी। वह अभी कितनी साल की है, यह बात किसी को नहीं बताती, क्योंकि उनका मानना था कि खूबसूरत औरतों को अपनी उम्र नहीं बतानी चाहिए, इससे उनकी खूबसूरती कम होती है।
जबकि ये दिखने में साधारण ही हैं, पर अपने को किसी अप्सरा से कम नहीं समझतीं। अगर कोई इनकी तारीफ़ ना करे, तो बहुत जल्द बुरा मान जाती हैं।
इनके कुल मिलाकर पाँच बच्चे हैं। सबसे बड़े बेटे सर्वम से तो आप मिल ही चुके। अब बाकियों से आपको इंट्रोड्यूस करा देती हूँ।
सर्वम के बाद शिवानी का नंबर आता है। यह अभी अठारह साल की है। यह बहुत समझदार है। यह दिखने में भी बहुत सुंदर है। यह अभी एक गवर्नमेंट कॉलेज में पढ़ती है। कॉलेज के बाद वह एक हास्पिटल में एज ए रिसेप्शनिस्ट काम करती है और अपना खर्च चला लेती है।
उसके बाद शिवेंद्र का नंबर आता है। यह एक नंबर का आलसी और कामचोर है। यह सरेआम गुंडागर्दी करते रहते हैं। इनकी लाइफ़ का एक ही लक्ष्य है कि वे आगे जाकर माफ़िया बनना चाहते थे। उसका कहना है कि यह दुनिया का सबसे इंटरेस्टिंग जॉब है, जिसमें जाने के बाद लोगों को पावर और पैसा दोनों मिलता है और पढ़ने की ज़रूरत भी नहीं होती। "(सीरियसली यार, माफ़िया बनना भी किसी का ड्रीम हो सकता है, अब इस बेवकूफ़ लड़के का है तो मैं क्या कर सकती हूँ। शायद ये यह नहीं जानता कि यह कितना रिस्की होता है।)" यह अभी सोलह साल के हैं। इन्हें सबसे ज़्यादा प्रॉब्लम पढ़ाई-लिखाई से है। पढ़ाई और इनके बीच वैसा ही नाता है जैसा नाता सास-बहू का होता है। वे हमेशा स्कूल के नाम पर अपने आवारा दोस्तों के साथ मटरगस्ती करने निकल जाते हैं। फिर भी ये अपने परिवार वालों की नज़र में एक आदर्श बेटे हैं क्योंकि इनके किसी भी कांड का रिपोर्ट उसके घर तक नहीं पहुँचता है।
अगला नंबर मालविका और मिराज का आता है। ये दोनों अभी सिर्फ़ बारह साल के हैं। ये दोनों दिखने में बहुत क्यूट हैं, पर असल में बहुत शरारती हैं। ये दोनों पूरा दिन भर खूब मस्ती करते हैं। इनके होने से ही पूरे घर में रौनक रहती है। ये दोनों भी अभी स्कूल में जाते हैं। ये दोनों ही जुड़वाँ हैं।
सर्वम: "आई आई! तू कुठे आहेस? मला उशीर झाला (तुम कहाँ हो? मुझे देर हो रही है)।"
सुहाषी: "काय झालं एवढा आवाज करतोयस? किती वेळा सांगितलंस बाहेरुन दार बंद करुन निघून जा। (क्या हुआ जो इतना शोर मचा रहा है? कितनी बार कहा है कि बाहर से दरवाज़ा बंद करके चला जा।)"
सर्वम: "पण नाही, सकाळी लवकर उठणे आवश्यक आहे, मला झोपूही देत नाही। (पर नहीं, सुबह-सुबह उठना ज़रूरी है, सोने भी नहीं देता।)"
उसकी बात सुनकर सर्वम उसके गले लग जाता है। फिर वह उसके पैर छूकर प्रणाम करता है और कहता है: "मी जाऊ शकतो, पण तुझा सुंदर चेहरा कसा पाणहार? आणि जर मी तुमचा आशीर्वाद घेतला नाही तर माझा दिवस खराब होईल. माझे नशीब किती वाईट आहे रे तुला माहीत आहे। (जा सकता हूँ, पर तुम्हारा यह सुंदर चेहरा कैसे देखूँगा? और अगर मैं तुम्हारा आशीर्वाद नहीं लूँगा तो मेरा दिन खराब हो जाएगा। मेरी किस्मत कितनी खराब है, यह तो आप जानती ही हो।)"
यह कहकर वह वहाँ से निकल गया। तभी उसके पीछे दौड़ती हुई उसकी बहन शिवानी आई। वह दौड़ते हुए सर्वम के कंधे पर हाथ रखती है तो सर्वम अपनी आँखें बंद किए हुए ही चिल्ला पड़ा: "हे देवा, मला माफ कर, मी आता काय केले (हे भगवान, मुझे माफ़ करो, मैंने अब क्या कर दिया)!"
उसका रिएक्शन देखकर शिवानी अपना सिर झटक दी। वह जानती थी कि उसका भाई इस दुनिया का सबसे डरपोक इंसान ना भी हो, फिर भी टॉप टेन डरपोक की श्रेणी में ज़रूर आएगा।
वह बोली: "भाऊ घाबरू नकोस, मी शिवानी आहे. मी तुझी बॅग द्यायला आलो. ये थे हे धरा। (भाई डरो मत, मैं शिवानी हूँ। मैं आपका बैग देने आई थी। ये लो इसे पकड़ो।)"
जब वह अपना बैग देखता है तो उसे याद आता है कि उसने अपना ऑफिस बैग छोड़ दिया था, जिसमें ज़रूरी कागज़ के साथ उसका लंच भी था। वह कहता है: "धन्यवाद. इथेच सोडले असते तर मला खूप त्रास झाला असता. त्यात महत्वाच्या फाइल्स होत्या। (शुक्रिया, अगर यह यहाँ छूट जाता तो मुसीबत में फँस जाता। इसमें बहुत ज़रूरी फाइलें थीं।)"
यह कहकर वह अपनी बहन के माथे पर किस कर उसे कुछ पैसे देते हुए, मलाड स्टेशन की तरफ चला जाता है।
अगले भाग में जारी...