\"His doll\"..... (Beyond the possession) - Chapter 1
(दिल्ली में स्थित एक घर.....!!)
(रात के करीब 12 बजे!!!)
इस वक्त तेज बारिश हो रही थी। यह घर एक सामान्य मिडिल क्लास घर से कुछ बड़ा था, और उसकी सारी लाइट्स ऑफ थीं। पूरे घर में सिवाय अंधेरे के कुछ नज़र नहीं आ रहा था। इसी घर के अंदर एक भीगी सी लड़की मौजूद थी जिसके कपड़े पूरी तरह से गीले थे। उस लड़की के माथे पर पसीना था, होंठ डर और घबराहट से कांप रहे थे, और उसका दिल मानो किसी बुलेट ट्रेन की भांति धड़क रहा था। वह इस घने अंधेरे में किसी शख्स की आती आवाज़ को सुनते हुए उसे देखने की नाकाम कोशिश कर रही थी। उस लड़की के चेहरे के डर और घबराहट से यह साफ मालूम पड़ रहा था कि यह आवाज़ जिस किसी की भी थी, उससे इस लड़की का डर या कोई बुरी याद जुड़ी थी, और यकीनन वह इस आवाज़ को पहली बार नहीं सुन रही थी।
लड़की (गुस्से और डर के मिले जुले भाव से): कौन हो तुम.....सामने क्यों नहीं आते.....आखिर क्यों मेरी जिंदगी जहन्नुम बनाई हुई है तुमने.....सामने आओ मेरे.....आखिर क्या बिगाड़ा है मैंने तुम्हारा.....सामने आओ मेरे?
आवाज वाला शख्स (सर्द आवाज़ में): यू आर माय डॉल....माय प्रीशियस डॉल.....माइन टू टच....माइन टू लव....यू आर ओनली माइन....माय डॉल आर्वी। और बहुत जल्द तुम्हें मैं यहां से, इस दुनिया से दूर ले जाऊँगा, जहाँ सिर्फ तुम और मैं होंगे। जहाँ तुम्हें देखने वाली नज़रें सिर्फ मेरी होंगी, और जहाँ तुम्हें मेरी इजाज़त के बिना हवा का झोंका भी नहीं छू पाएगा। और तुम जितना मुझसे दूर भागोगी, उतना ही मुझे अपने करीब पाओगी...क्योंकि तुम चाहो या ना चाहो, मैं डेस्टिनी हूँ तुम्हारी...जिसे तुम, यह दुनिया या कोई भी कभी नहीं बदल सकता.....सो बी रेडी माय डॉल!
लड़की, यानी अयाना, जब उस शख्स की बात सुनती है, तो और भी ज़्यादा घबरा जाती है। वह घने अंधेरे में ही अपने घर के मेन दरवाज़े की तरफ़ दौड़ पड़ती है। और दरवाज़े से बाहर आकर, गार्डन से दौड़ते हुए बाहर की तरफ़ दौड़ने लगती है। कि अचानक वह सामने की तरफ़ से किसी से टकरा जाती है, और टकराने के साथ ही अयाना की डर और घबराहट से चीख निकल जाती है.....!!!!!
(Main Characters)
आरव: अयाना की मोहब्बत, या यूँ कहें कि अयाना उसका ऐसा जुनून है जिसके लिए वह अपनी जान भी कुर्बान करने से पीछे नहीं हटे। आरव की ज़िंदगी के कुछ अनसुलझे से हिस्से हैं। उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सपना सिर्फ अयाना से शादी करके उसे अपना बनाना है, और यह दिन उसकी ज़िंदगी में आया भी। और इस मौके पर यही दिन उसकी ज़िंदगी में एक तूफ़ान बन गया। ऐसा तूफ़ान जिसने उसकी अयाना को उससे ना सिर्फ़ दूर किया, बल्कि हमेशा के लिए छीन भी लिया। और इसी के साथ आज वह अपनी अयाना की नज़रों में एक मुजरिम बना खड़ा था।
अयाना: ऐसी लड़की जिसके सपने ही उसकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशी हैं। वह खुले पंछी की तरह बस आसमान में उड़ना चाहती है, बिना किसी बंदिश और बेड़ियों के। उसकी ज़िंदगी में फैमिली के नाम पर सिर्फ़ उसकी माँ है, जिसने हर कदम उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। लेकिन एक दिन अचानक ही उनकी मौत हो जाने से अयाना टूट गई और अकेली पड़ गई थी। अगर उस वक्त उसकी मोहब्बत उसे सहारा नहीं देती, तो शायद ही वह वापस उठ पाती और खुद को संभाल पाती। अयाना का बस एक ही सपना था कि आरव के साथ मिलकर अपने सपनों को रंग देते हुए अपनी पूरी ज़िंदगी उसके साथ गुज़ार दे। लेकिन किस्मत कब, कैसे, कहाँ बदल जाए, यह किसी को नहीं पता। और कभी-कभी आपकी किस्मत आपको उस मोड़ पर ले जाकर छोड़ देती है जिसका आपने ख्यालों में भी कभी तसव्वुर नहीं किया हो। अयाना के साथ भी यही हुआ जब एक दिन अचानक उसे पता चला कि असल में उसकी मोहब्बत ही उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा डर है, जिसने एक अरसे से उसकी ज़िंदगी को नर्क बना के रखा हुआ था। और उसने कभी सोचा भी नहीं था कि उसकी शादी का खूबसूरत दिन, जिसका उसने एक अरसे से पल-पल इंतज़ार किया था, वही दिन उसकी ज़िंदगी का सबसे दर्दनाक दिन जाएगा, और उसकी इकलौती खुशी, उसकी मोहब्बत का असली चेहरा उसके सामने आ गया। और जिस शख्स, देवांश को उसने सिर्फ़ अपना दोस्त समझा था, आखिर में उसी के साथ नियति ने ज़िंदगी भर के लिए उसका भाग्य जोड़ दिया। लेकिन जो कुछ भी हुआ, क्या यह वाकई में भाग्य का खेल था या फिर इसकी डोर असल में इन्हीं तीनों में से किसी के हाथ में थी, यह बात सोचने वाली थी।
देवांश: यह एक ऐसा शख्स था जिसकी पर्सनैलिटी बहुत ही मिस्टीरियस थी। हालांकि अयाना के लिए देवांश बहुत ही अच्छा इंसान और उसका अच्छा दोस्त था जिसने उसका साथ तब दिया जब वह अकेली थी। लेकिन आरव को हमेशा अयाना को लेकर देवांश से इन्सिक्योरिटी रहती थी। और उसे हमेशा ऐसा लगता था कि कहीं देवांश उससे उसकी अयाना को छीन ना ले। हालांकि अयाना ने इस मामले को लेकर कई बार आरव को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन हमेशा नाकाम ही रही।
"कहते हैं मोहब्बत,
इस दुनिया का सबसे खूबसूरत तोहफ़ा है,
और अपनी मोहब्बत के आगोश में रहना,
इस दुनिया की सबसे बड़ी खुशकिस्मती,
लेकिन तब क्या हो,
जब यही मोहब्बत आपकी साँसों की घुटन बन जाए"....!!
"जब मोहब्बत जुनून बन जाए,
और हो जाएँ सारी हदें पार,
तो क्या मंज़िल मिलेगी ऐसे सफ़र को,
और मुकम्मल हो पाएगा यह प्यार"??!!!
(जानने के लिए पढ़ें👉👉....His doll.....(beyond the possession )