मीरा, A mistri girl Ch. 2

मीरा, A mistri girl - Chapter 2

Posted by Miss Novelist • Jan 26, 2025 02:05 PM

देवी बेचारी घर के बाहर अनाथ बैठी रोती हुई अपने आँचल से अपना चेहरा रगड़ने लगी थी। यह आज कोई नई बात नहीं थी!

मीरा का रोज का यही काम था। वह खाना खाने के लिए कुछ भी कर सकती थी और खाना इतना कि दो-तीन बड़े बर्तन एक बार में ही खाली कर जाती, और तब भी भूखी रह जाती। घर का राशन उसी की वजह से खत्म हो जाता और उसके बाप-माँ, भाई को खेती करने के साथ-साथ राशन बाहर से और भी खरीदना पड़ता, क्योंकि मीरा का पेट तो भरना ही था। आखिरकार, अब वह उनकी इकलौती बेटी और बहन थी, जो अब जाने क्या बन गई थी?

देवी ने बाहर ही बैठे-बैठे दरवाजे से घर के अंदर झांका। मीरा के बाल खुले हुए थे और उसकी आँखों में खून उतर आया था। वह गुस्से से पूरे आँगन में इधर-उधर टहल रही थी। उसका दुपट्टा दूर पड़ा था और कपड़े इधर-उधर उसने खुद ही फाड़ रखे थे, वह भी अपने बड़े-बड़े नाखूनों से। इतना ही नहीं, उसने अपना ही चेहरा गुस्से और झल्लाहट में नोच डाला था जिससे खून रिस रहा था, और वह बरबस गुर्रा रही थी।

वह कभी खुद के ही बाल खींचती, हाथ-पैर खुजलाती, तो कभी खुद को ही दांत से काट रही थी जहाँ घाव से खून बह रहा था। कभी उसे चाटने लगती। मीरा की माँ फौरन ही उठकर वहाँ से भागती हुई गाँववालों की तरफ गई थी ताकि कहीं से कुछ खाने को जल्द से जल्द ले आएँ और कुछ देर के लिए ही सही, मीरा को शांत कर सकें।

वह जब थोड़ी देर में गाँव से लौटकर आई, तो उनके हाथ में वह खाना था, शायद जो उन्होंने पड़ोसियों के यहाँ से माँगकर लाया था। और वह जैसे ही घर के आँगन तक आई, तो अपने घर की हालत देखकर हक्का-बक्का रह गईं। उनके होश उड़ गए थे और वह सुन्न खड़ी रह गईं, क्योंकि उनके घर का मंज़र ही कुछ ऐसा था।

सारा घर इधर-उधर छिटका पड़ा हुआ था। और सबसे बड़ी बात यह थी कि आँगन में ही मिट्टी के दो चूल्हे जल रहे थे, और उन दोनों पर हाँड़ियाँ पक रही थीं। दोनों चूल्हों में आग जल रही थी और चूल्हों में लकड़ी लगी थी जिससे आग की लपटें बहुत तेज उठ रही थीं। मीरा उन चूल्हों के मुँह में अपना एक-एक पैर डाले आराम से बैठी उन पकती हुई खौलती हाँड़ियों को देख-देखकर हँस रही थी।

उसके दोनों पैर दोनों चूल्हों में लकड़ी की तरह लगे धूँ-धूँकर जल रहे थे, और मीरा आराम से बैठी थी। उसे जैसे कोई एहसास ही नहीं था कि उसके पैर कैसे चूल्हे पर लकड़ी की तरह जल रहे थे।

यह देखते ही मीरा की माँ देवी जैसे चीख उठी थीं, और उनके हाथ में मीरा के लिए लाया गया वह सारा खाना उनसे छूटकर जमीन पर गिर गया था।

"माँ मुझे भूख लगी है, मुझे खाना दो जल्दी! माँ ये खाना पक नहीं रहा, लकड़ियाँ कम थी इसलिए मैंने इसमें अपने पैर लगा दिए। अब जल्दी बन जाएगा ये।"

"मीरा, मीरा मेरी बच्ची! यह क्या कर रही है तू?" देवी रोते हुए चीखकर फौरन दौड़ती हुई मीरा की तरफ भागी थीं।

लैपटॉप पर मीरा और उसके गाँव का यह रियल लाइव वीडियो देखते हुए, आज फिर से अपने घर के बड़े से बेडरूम में बैठे समीर के होश उड़ गए थे। उसने फौरन ही अपने लैपटॉप को अपनी नज़रों से काफी दूर बेड के एक कोने पर फेंक दिया था और डर और घबराहट से तेज-तेज साँसें लेने लगा था।

"ओह माय गॉड… ओ…माय…गॉड, यह कैसा रियल वीडियो है! जब देखो तब नया, यह हर बार मेरे रौँगटे खड़े कर जाता है। इसकी सच्चाई जानने के लिए मैं कितना बेताब हूँ, पर अभी तक मुझे कहीं से कोई क्लू नहीं मिला। क्यों… व्हाई… व्हाई?" समीर ने अपने आप से ही कहते हुए अपना चेहरा अपने दोनों हाथों से रगड़ डाला था, जहाँ पसीने की छोटी-छोटी बूँदें उसका पूरा चेहरा और तन-बदन भीगो गई थीं।

ए.सी. रूम में भी उसे बहुत गर्मी लग रही थी और वह अपने हाथों से खुद को हवा कर रहा था।

यह शॉर्ट मूवी वीडियो वह दिन में दो-चार बार देखता ज़रूर था। पन्द्रह मिनट की इस वीडियो पर पन्द्रह लाख से भी अधिक कमेंट आए थे और समीर भी इसका एक बड़ा फैन था, जो इस वीडियो के नए भाग की तलाश में रहता था, पर शायद एक पार्ट के अलावा इसका दूसरा पार्ट YouTube पर था ही नहीं।

समीर अपना सर पकड़े बैठा कुछ सोच रहा था, जब अचानक उसे कुछ याद आया। "अरे यार एक मिनट! मैंने भी तो इस वीडियो पर कमेंट किया था ना कि यह वीडियो रियल है या फ़ेक। एक बार अपना कमेंट चेक करता हूँ, शायद इस हॉरर वीडियो को इंटरनेट पर अपलोड करने वाले इस YouTuber का मुझे कोई रिप्लाई आया हो?"

समीर ने जल्दी से लैपटॉप वापस उठाकर अपने सामने रख लिया था और कीपैड पर उसकी अंगुलियाँ तेज़ी से थिरकने लगी थीं, जहाँ कुछ नहीं मिला।

"शिट यार! कोई कमेंट ही नहीं आया वीडियो डालने वाले का। एक छोटी सी दो-कौड़ी की शॉर्ट फ़िल्म का डायरेक्टर होकर खुद को बहुत बड़ा हीरो समझ रहा है वह। शायद उसने मेरा कमेंट इग्नोर किया… मेरा… समीर माहिवाल का कमेंट।"

समीर ने अपनी बेड पर रखी पिलो को दो-तीन मुक्के मारे थे और उसी पर उल्टा होकर लेट गया। "इसकी इस वीडियो पर दो दिन पहले ही मैंने कमेंट किया था और अब तक रिप्लाई नहीं दिया उस कमीने ने। कब, आखिर कब आएगा रिप्लाई? मुझे इस वीडियो का सच जानना है। क्या यह लड़की वाकई ऐसी है? क्या… क्या यह शॉर्ट मूवी रियल है या फिर एक काल्पनिक मनोरंजन? मुझे जानना है!" समीर खुद से ही बातें कर रहा था और झल्ला रहा था।

"पन्द्रह लाख कमेंट करने वाले इस वीडियो के फ़ैन्स में से भी किसी ने मेरे कमेंट पर कोई कमेंट नहीं किया है। यह सब इतने बिजी हैं क्या? वाकई, लगता है मैं ही बस फ़्री बैठा हूँ।" समीर अपने आपको ही गुस्से में डाँट रहा था और इस शॉर्ट वीडियो से रिलेटिव एवरीपर्सन को कोस रहा था। उसे इस वीडियो का सच जानना था, जिसने उसका जीना हराम कर रखा था, जिसकी वजह से जाने क्यों वह बहुत बेचैन सा महसूस करता था खुद को, पर उसे इस वीडियो के बारे में कुछ नहीं पता था।

और आगे…

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