DARK LOVE - Chapter 2
विक्रम ने कहा "" गलतियां इंसानो से होती है शिवाय दोनो नादान है माफ़ करदे दोनो को ।।।
यह सुनके शिवाय जोर जोर से हसने लगा फिर थोड़ी दर बाद जोगी के पेट मे एक लात मार के जोर से बोलने लगा "" जब इस गाव् के दो हिस्से हो चुके है ! जब यह कानून है की यहां की बेटी वहा नही जयेगी वहा से यहां कोई नही आएगा तो इसकी हिम्मत् कैसे हुए यहां की लड़की से प्यार करने की ।।
तभी विक्रम बोला """ शिवाय प्यार् सोच समज के नही होता है वो बस होजता है ।।
तो शिवाय कहता है "" लेकिन यहा प्यार् करने का हक़ किसीको नही है ।। यहां प्यार् करने की एक हि सज़ा है वो है मौत !!! और इन दोनो को छोड़ दिया तो कल फिरसे यहां लोग हिम्मत करेंगे प्यार करने की इन दोनो को ऐसी सज़ा दुगा की कोई प्यार करनेसे पहले उनकी रूह काँप जानी चाहिए ताकि दोबारा कोई यहां प्यार करने हिम्मत ना करे ।
यह बोलके शिवाय उस लड़के को खींच के मांडी मे बैठा ता है
और शेरा की तरफ हाथ बढ़ता है ! शेरा शिवाय की हाथ मे चाकू देता है । चाकू देख के वो लड़की जोर से चिल्लती है """ ठाकुर सा नही छोड़ दो उसे ।।
वहा विक्रम भी चिल्लता है "" शिवाय छोड़ दे उसे ।
लेकिन शिवाय एक झटके मे जोगी का गला काट देता है ।।।
और इसे छोड़ देता है जमीन पे
वो लड़की भाग के जोगी के पास आती है
जोगी जमीन पे तड़प रहा होता है ।
वो लड़की रोते हुए हुए जोगी के पास बैठ जाति है
जोगी एक नजर उस लड़की को देख के मुस्कराके दम तोड़ देता है ।
वो लड़की जोगी के सीने मे हाथ रखके जोर जोर से रोने लगती है ।
और फिर अचानक जोर जोर हसने लगती है ।
और हस्ते हस्ते उठती है ।
और शिवाय की तरफ ऊँगली करके बोलती है """ शिवाय ठाकुर तुझे क्या लगता है यह प्यार का अंत है । नही बल्कि अबतो प्यार् की सुरवात हुए है । तुझे नफरत है प्यार् से तो सुन तु तेरी किस्मत मे भी प्यार आएगा जिसके लिए तु पगलो की तड़पेगा रोयेगा चिल्लिएगा लेकिन तूजे वो प्यार कभी नसीब् नही होगा यह मेरी बदुआ है ।
उसकी बात सुनके शिवाय उस लड़की के पास आके उसक लड़की के बाल खींच के उसे खड़ा करता है और कहता है ""' शिवाय को औरत जात से नफरत है । और औरत प्यार के लिए नही बनी है बल्कि वो तो शिवाय ठाकुर की पैर की जुति के लिए बनी है आज तक ऐसी लड़की पैदा नही हुए समजी ।
यह बोलके शिवाय शेरा को कुछ इशारा करता है । और शिवाय एक झटके मे उस लड़की को छोड़ देता है ।
वो लड़की वही जोगी के पास् बैठ जाति है । तभी शेरा उस लड़की के उपर घासलेट डालने लगता है । लेकिन वो लड़की को जैसे मौत का कोइ डर ना हो ना वो चिललती है ।ना कुछ कहती है । बस वो लड़की जोगी के सीने मे सर रख के आँखे बंद करलेति है ।
शेरा घासलेट डालके चला जता है तब शिवाय कहता है "" अब दोनो उपर जाके प्यार करना । येह बोलके शिवाय लाइटर जला के उन दोनो पे फेक देता है ।
कुछ दर मे वो लड़की भी दम तोड़ देती है ।
दो प्यार करने वाले हमेसा के लिए मौत की नींद सो गये
वहा विक्रम जैसे हि बॉर्डर लाइन क्रॉस करंने की कोशिश् करता है उसका लोग उसे पकड़ लेते है
वीर कहता है "" हुकूमसा आप अगर यहांसे गये तो यहां खुन की नदिया बहेगी । अभी तो सिर्फ दो मौत हुए है । फिर पता नही कितनी जाने जाएगी । हम वहा नही जासकते !!!
विक्रम की आँखो से आंसू निकल रहे होते है वो कहता है "" लानत है मुझपे मैन दो मासूम जान को नही बचा पाया अगर मुझे यह सब पहले पता लग जाता तो मैन इन दोनो को यहांसे बहत दूर भेज देता ।।
यह कहके विक्रम वही बैठ जाता है ।।
थोड़ी दर मे शिवाय् और उसके आदमी उन दोनो की लाश को छोड़ के सभी गाड़िया. वहासे चली जाति है ।
थोड़ी दूरी पर एक बॉर्डर लाइन थी वहा विक्रम और उसके आदमी खड़े है । तभी विक्रम कहता है "" जाओ उन् दोनो को यहां लेके आओ मैंन पूरे सम्मान के साथ दोनो को विदा करुँगा ।।
तभी वीर कहता है "" हुकूमसा वो दोनो वहा के इलाके मे है वहा जाना मतलब् मौत कौन जयेगा उन दोनो को लेने वहा ।
तो विक्रम गुस्ससे मे वो बॉर्डर लाइन क्रॉस करदेता है । और कहता है '" मौत से डरके मैन उन दोनो को यहां नही छोड़ सकता ।
यह कहके विक्रम उन दोनो की तरफ बढ़ता है ।
विक्रम के पीछे वीर और सभी आदमी चले जाते है ।
विक्रम उम दोनो की लाश पे जाके कहता है """ माफ़ करदेगा मुझे मैन चाहके भी तुम दोनो के प्यार को नही बचा पाया ।
फिर सब मिलके उन दोनो बड़ी इज्जत के साथ उठके लेके जाते है ।।
इस वक़्त रात के 2 बज रहे है ।
फिर विक्रम उम दोनो को पूरे सम्मान के साथ उन दोनो antimsankar करता है । विक्रम की आँखो से आंसू बाह रहे होते है । ।
वो खुदसे कहता है "" पता नही यह 22 साल पुरानी dushnmi और कितने मासूम की बली लेगी पता नही शिवाय ठाकुर और कितने लोगो की जान लेगा । कोई तो होगा जो उसे जानवर से इंसान बनयेगा । बस इंतजार है उस दिन का ।।।
दोनो का अंतिम sankar के बाद सभी वहा से चले जाते है ।
विक्रम वीर के लिए गाड़ी का दरवाज़ा खोलता है ।
तो विक्रम गाड़ी मे नही बैठता वो पैदल हि जाने लगता है ।
वीर भी उसके पीछे पीछे जाने लगता है ।
ड्राइवर विक्रम और वीर के पीछे पीछे आने लगता है ।
वीर विक्रम से कहता है "" हुकूम सा गाड़ी मे बैठ जाओ हवेली चलते है !! बाबा सा आपका इंतजार कर रहे होगे हुकूम सा ।।
लेकिन विक्रम इस वक़्त बहत परेशान होके पैदल हि चल रहा है ।
क्या राज है 22 साल पुरानी दुश्मनी का ???
क्यू एक गाव के दो हिस्से हो गये ???