Twisted marriage Ch. 3

Twisted marriage - Chapter 3

Posted by stuty Kumari • Feb 06, 2025 07:22 AM

क्लास खत्म होने के बाद अन्य अपना बैग उठाकर अपने घर जाने के लिए निकला। वह बार-बार अपनी घड़ी देख रहा था और उसका फ़ोन भी, जो डेड था। उसने एक गहरी साँस ली। उसे पता था कि आज उसे लेट हो गया है और अब उसे फिर फटकार मिलेगी। वह तेज़ी से अपने घर गया।

घर के अंदर जाने से पहले उसने एक लंबी साँस ली। फिर वह अंदर चला गया। वह अपने आप को आगे की सिचुएशन के लिए तैयार कर रहा था।

अन्य का घर बहुत खूबसूरत था। वह एक बंगला था। अन्य पुणे शहर में रहता था। जैसे ही वह अंदर गया, एक लगभग पैंतालीस साल की, खूबसूरत औरत खड़ी थी। इस उम्र में भी वह अपनी उम्र के मुकाबले बहुत जवान दिखती थी। उसके कपड़ों और गहनों को देखकर आसानी से पता चलता था कि वह पैसे वाली है।

"कहाँ से आ रहा है? किसके साथ घूम रहा था? इतनी देर तक कहाँ था? कुछ भी ऐसा-वैसा किया ना तो टाँगें तोड़ दूँगी और सड़क पर भीख मँगवाऊँगी।" वह औरत अन्य से कहती है।

"मौसी, मैं स्कूल में ही था। आज एक्स्ट्रा क्लास थी। फ़ोन में पैसे नहीं रहने के कारण डेड हो गया था, इसलिए कॉल नहीं कर पाया। आई एम सॉरी।" यह कहकर वह सर झुकाकर खड़ा हो गया।

उसी समय एक आदमी, जिसकी उम्र पचास साल होगी, सूट पहनकर ऑफिस से आ रहा था। उसे देखकर आसानी से यकीन किया जा सकता था कि वह एक अच्छी पर्सनालिटी का बंदा है। वह उस औरत से कहता है-

"अरे पूर्वा, डार्लिंग! कूल डाउन। उसने कहा ना कि आज उसकी क्लास थी, इसलिए लेट हो गया। तुम आराम करो। मैं तेरे लिए एक कप चाय मँगवाता हूँ।" यह कहकर वह अपने नौकर को आवाज़ लगाता है।

"राजेश, अभी घर पर कोई नौकर नहीं है। मैंने सबको छुट्टी दे दी है। आज घर का सारा काम अन्य करेगा। यह इसकी सज़ा है। अब यहाँ खड़ा होकर मुँह क्या देख रहा है? जाओ जाकर चाय बनाओ। पता नहीं क्या सोचकर मैं इसे यहाँ ले आई। जैसे इसे सोनम और सिद्धांत ने घर से निकालकर सड़क पर फेंक दिया था, मुझे भी इसे वहीं रहने देना चाहिए था। पर इसे देखकर मुझे तरस आ गया और मैं इसे अपने साथ ले आई।" पूर्वा कहती है।

अन्य को यह सब सुनकर रोना आ रहा था, पर वह कुछ रिएक्ट नहीं करता और चुपचाप कपड़े बदलकर अपना काम करने लगता है।

सब लोग डिनर करके सोने जाते हैं। अन्य भी डिनर करके किचन समेटने लगता है। यह सब करने के बाद जब वह सोने जाता है तो बारह बज जाते हैं। यह उसके लिए लगभग रोज़ की बात थी।

वह सोने के लिए जाता है तो देखता है कि राजेश उसके बेड पर बैठकर उसका इंतज़ार कर रहा था।

अन्य उसे देखकर उसके पास आकर पूछता है, "मौसा जी, आपको कोई काम था क्या मुझसे?"

"नहीं, मैं तुझे यह चॉकलेट देने आया था। आई एम सॉरी, पूर्वा को तेरे साथ ऐसे बिहेव नहीं करनी चाहिए थी। पर वह ऐसी ही है। मैं तेरे लिए कुछ नहीं कर पाता।" राजेश कहता है।

"इट्स ओके मौसा जी। आप अपने कमरे में जाइए, नहीं तो मौसी नाराज़ हो जाएँगी, फिर आपको डाँट पड़ेगी।" अन्य कहता है।

उसकी बात सुनकर राजेश तेज़ी से उसके कमरे से निकल जाता है। उसके जाने के बाद अन्य अपने मेज़ के ड्रॉअर से एक फोटोफ़्रेम लेकर अपने हाथों में लेकर उसमें मौजूद तस्वीर को अपने हाथों से छूने लगता है।

उसकी आँखों से आँसू निकलने लगते हैं। वह रोते हुए कहता है, "माँ, डैड, प्लीज़ मुझे यहाँ से ले जाओ। आप जो बोलोगे वही करूँगा। आपकी सारी बात मानूँगा। आपसे कभी कुछ भी नहीं डिमांड करूँगा। मुझे अच्छा नहीं लगता है यहाँ। आपने मुझे क्यों छोड़ दिया? मुझे अपने साथ रख लो ना। आपको मेरी याद क्यों नहीं आती? आप लोग तो मुझे ऐसे इग्नोर करते हो जैसे मैं आपका बच्चा ही ना हूँ। एक बार मेरी तरफ़ भी तो देखिए, मैं भी मान भाई और विन्नी की तरह आपकी ही औलाद हूँ। आपको मेरा दर्द क्यों नहीं दिखता है?"

वह ऐसे ही रोते हुए सो जाता है। उसके पास ऐसा कोई नहीं था जो उसके दर्द का ख्याल करे।

अगली सुबह, जब वह सोया हुआ था, उसी समय उसे एक कॉल आता है। उसके फ़ोन पर शोभित का कॉल आया। शोभित का कॉलर आईडी में नाम पढ़कर वह चौंक जाता है। वह जल्दी से कॉल उठाता है।

"आपके पास मेरा नंबर कैसे आया? आपने कॉल क्यों किया?" अन्य पूछता है।

"बीयर, शांत हो जाओ। मेरे लिए कुछ भी पता करना बहुत आसान है। मैं चाहूँ तो अभी ही तेरे को अपने पास रख लूँ और कोई कुछ नहीं कर पाएगा। मुझे तुझसे मिलना है। आज स्कूल में मेरे पास आ जाना, समझ गए?" शोभित कहता है।

"ओके शोभित सर।" अन्य जवाब देता है।

"बीयर, आई लव यू। स्कूल में आ जाना, वर्ना मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।" शोभित कहता है।

"जी, आ जाऊँगा।" अन्य कहता है।

"ठीक है, मैं फ़ोन रखता हूँ। मुझे एक कॉन्फ़्रेंस अटेंड करना है। बाय, लव यू।" शोभित कहता है।

"आई लव यू सर।" अन्य कहता है।

उसके बाद शोभित फ़ोन रख देता है।

अन्य अपने मन में सोचता है, "शोभित मुझे बहुत प्यार करते हैं। बस उनके प्यार जताने का तरीका रूड है। पर अच्छा है कि कोई तो मुझसे भी प्यार करता है।"

अन्य अपना काम खत्म कर जल्दी से स्कूल पहुँच जाता है। वहाँ पहुँचकर वह देखता है कि शोभित अपनी कार लेकर उसका इंतज़ार कर रहा था।

शोभित आज बहुत हॉट लग रहा था। उसने आज ब्लैक जीन्स और वाइन कलर की टीशर्ट पहन रखी थी। उसने गॉगल्स पहन रखा था। उसने अपने कान में बाली पहन रखी थी। उसके बाल मैसी हुए थे जो उसके चेहरे पर आ रहा था। उसने जो टीशर्ट पहन रखी थी वह बॉडी फिट थी जिससे उसके बाइसेप्स पता चल रहे थे।

अन्य उसे देखकर शॉक रह गया। वह बिना पलक झपकाए हुए उसे ही देख रहा था। शोभित उसे ऐसे देखकर स्माइल करते हुए उसके पास आ जाता है और कहता है, "मैं कैसा लग रहा हूँ?"

अन्य खोये हुए ही जवाब देता है, "हॉट, मुझे तो ऐसे देखकर साँस नहीं आ रही है। कोई इतना सुंदर कैसे लग सकता है?"

शोभित उसकी बात सुनकर उसके चेहरे के करीब अपने होंठों को लाकर उसके गाल पर किस कर देता है। यह महसूस कर वह अपनी आँख बंद कर लेता है। तभी शोभित उसके कानों के पास जाकर सेडक्टिव आवाज़ में कहता है, "तो बीयर, तुम मेरे साथ डेट पर चलने के लिए तैयार हो?"

अन्य उसकी आवाज़ और करीबी से अपने आप में सिमटने लगा था। वह अपने आप पर काबू कर हाँ में सिर हिला देता है।

शोभित उसके एक हाथ को डेलीगेटली पकड़कर कार में बिठा देता है। फिर उसके बगल में बैठ जाता है। फिर वह ड्राइवर को कार चलाने के लिए कहता है।

थोड़ी देर बाद वे दोनों एक बड़े से मॉल में जाते हैं। वह बहुत बड़ा मॉल था। अन्य उस मॉल को देखकर देखता ही रह जाता है। आज से पहले वह कभी मॉल में नहीं आया था। कोई भी उसे लेकर कहीं भी नहीं जाता था। वह सिर्फ़ घर से स्कूल और स्कूल से घर जाता था।

शोभित अन्य को लेकर मेन्स आउटफ़िट के सेक्शन में ले जाता है और ढेर सारे कपड़े पसंद कर ट्राई करने देता है।

अन्य भी उसकी बात मानकर चुपचाप सारे कपड़े ट्राई करता है। वह जानता था कि शोभित उसके मुँह से ना नहीं सुन सकता है। शोभित ने जो भी कपड़ा अन्य ने पहना था, सारे खरीद लिए, चाहे उसे पसंद हो या नहीं।

"शोभित सर, आपने सारे कपड़े क्यों ले लिए? इसमें तो बहुत से कपड़े मुझे फ़िट भी नहीं आए।" अन्य कहता है।

"जो भी चीज़ तेरे बदन से छूकर आएगी, वह सारी चीज़ें मेरे पास ही रहेगी। तेरी बदन से उतरा हुआ हर कपड़ा सिर्फ़ मेरे लिए है। अगर तुम्हें कुछ और पसंद हो तो आराम से ले लो।" शोभित कहता है।

अन्य ना में सिर हिला देता है। शोभित उन कपड़ों में से एक सुन्दर सा वाइन कलर का सूट अलग कर लेता है। फिर वह अन्य के साथ एक सुन्दर और लग्ज़ीरियस होटल में जाता है जिसके पूरे वीआईपी एरिया को उसने बुक कर रखा था। उस पूरे एरिया में वेटर और मैनेजर के अलावा और कोई नहीं था। पूरा एरिया रेड फ़्लावर से सजाया हुआ था। उसके अलावा वहाँ की लाइटिंग बहुत सुन्दर थी। अन्य ये सब देखकर शॉक था। वह उस जगह की खूबसूरती में खो गया था। उस जगह को देखकर लग ही नहीं रहा था कि अभी दिन ही है। वह रात के खूबसूरत नज़ारे का यकीन दिला रही थी।

शोभित उसके सामने चुटकी बजाता है जिससे वह होश में आता है। वह उसे लेकर एक लग्ज़ीरियस रूम में ले जाता है और उसे वही सूट देकर तैयार होकर आने के लिए कहता है।

अन्य उसकी बात मानकर चुपचाप तैयार होने चला जाता है। कुछ देर बाद वह तैयार होकर आता है।

अन्य उस सूट में कामदेव का अवतार लग रहा था। उस सूट ने उसकी पर्सनालिटी को एक अलग लेवल पर पहुँचा दिया था। शोभित उसका हाथ पकड़कर अपने साथ लेकर एक टेबल पर आ जाता है जहाँ पर उसने लंच का इंतज़ाम कर रखा था। वह उसे चेयर पर बिठा देता है और वह सामने जाकर एक स्टूल पर बैठ जाता है। उस स्टूल के पास गिटार रखा था। वह उस गिटार को ट्यून कर अन्य को देखते हुए कहता है, "बीयर, आई लव यू फ़्रॉम माई हार्ट। दिस सांग इज़ फ़ॉर यू।" यह कहकर वह गाने लगता है-

ह्म्म्म्म ह्म्म्म्म

ला ला ला

ये ज़मीं रुक जाए

आसमाँ झुक जाए

तेरा चेहरा जब

नज़र आए

ये ज़मीं रुक जाए

आसमाँ झुक जाए

तेरा चेहरा जब

नज़र आए

तू इजाज़त दे अगर

तुझसे थोड़ा प्यार

मैं कर लूँ जाने जा

बैठ मेरे सामने

खाली दिल खाली नज़र

भर लूँ जाने जा

तू खफ़ा हो जाए

रात अभी हो जाए

दिन तेरे आँचल में

छुप जाए छुप जाए

ये ज़मीं

तू अगर कह दे मुझे

चाँद भी ले आऊँ

जाने जा जाने जा

एक तारा माँग ले

आसमाँ ले आऊँ

जाने जा जाने जा

याद तू जब आए

नींद भी ले जाए

ख्वाबों के जंगल में

छुप जाए छुप जाए

ये ज़मीं

हो तेरा चेहरा जब नज़र आए

हो तेरा चेहरा जब नज़र आए

वह गाना गाकर अन्य के पास आकर अपने घुटनों पर बैठकर अपने हाथ में एक रिंग लेकर उसे प्रपोज करते हुए कहता है, "क्या तुम मेरे बनोगे? क्या तुम मेरा साथ दोगे?"

अन्य यह सब देखकर रोने लगता है और हाँ में अपना सिर हिला देता है। यह देखकर शोभित बहुत खुश हो जाता है। वह उसे गले लगा लेता है। थोड़ी देर बाद दोनों अलग होते हैं।

फिर वे दोनों लंच करते हैं। लंच करने के बाद शोभित उसे अपने साथ लेकर रूम में आता है। वह उसे बेड पर बिठाकर खुद उसके बगल में बैठ जाता है और कहता है कि मैं तुम्हें अपनी फैमिली से मिलवाना चाहता हूँ।

"क्या वे मुझे एक्सेप्ट करेंगे? मुझे तो अपने माँ-बाप ने भी एक्सेप्ट नहीं किया। मुझे डर लग रहा है। आप मुझे थोड़ा टाइम दे दीजिए। मैं अभी तैयार नहीं हूँ।" अन्य कहता है।

"ओके बीयर। आज के लिए मैं तेरी बात मान जाता हूँ, पर मेरी फैमिली से मिलना तो तुझे पड़ेगा ही ना।" शोभित कहता है।

अन्य भी उसकी बात पर हम्म कह देता है। फिर वे दोनों वहाँ से वापस लौट जाते हैं। आज का दिन अन्य के लिए सपने से कम नहीं था। उसने कभी नहीं सोचा था कि उसकी लाइफ़ में कोई ऐसा आएगा जो उसे इस तरह स्पेशल फील कराएगा। वह बहुत खुश था। आज उसकी लाइफ़ का पहला दिन होगा जिसमें उसे इतनी खुशियाँ मिली थीं।

अगले भाग में जारी.......

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