Rise of the Bold Mom - Chapter 3
"बॉस हमे आपकी सिक्योरिटी बढ़ा देनी चाहिए।"कैलाश ने थोड़ी फिक्र के साथ कहा।
"इसकी कोई जरूरत नही है अगर हम छोटी मोटी चीजों पर अपना ध्यान देने लगे तो बड़े काम कब करेंगे,तुम बस परी की सिक्योरिटी का ख्याल रखो ओके।"अपने बॉस की बात सुन कर कैलाश ने अपना सिर हा में हिला दिया.
"बॉस वो मैन हाउस से कॉल आया था,आज रात के डिनर पर आपको जाना होगा वहा।"कैलाश ये बात थोड़ा हिचकिचाते हुए बोल रहा था,उसकी इस बात पर वर्धान ने अपनी गर्दन बस हा में हिलादी लेकिन उसके हा बोलने के बाद भी जब कैलाश अपनी जगह पर खड़ा रहा तो वर्धान ने अपनी गर्दन उठा कर उसे देखा।
"व्हॉट?कुछ बोलना है?" वर्धान ने अपनी आंखे छोटी की।
"जी.जी हा बॉस वो आपको परी बेबी को भी अपने साथ."इससे पहले की कैलाश आगे कुछ बोलता वर्धान की तेज़ आवाज़ उसे रोक देती है।
"अब वो लोग ऑडर भी देने लगे मुझे,में अपनी बेटी को वहा ले जाऊं या ना ले जाऊं ये मेरी मर्ज़ी है।"वर्धान की कड़क आवाज़ सुन कर कैलाश खामोश हो गया।
"बॉस वो कल श्याम को विनेट क्लब में एक मीटिंग है,ये जरूरी है इसलिए हमे जाना होगा।"कैलाश ने कहा।
"ओके,तुमने परी का एडमिशन करा दिया।"वर्धान ने कुछ फाइल्स देखते हुए पूछा।
"लेकिन आपको पता है ना परी बेबी को नही पसंद."इस बार भी कैलाश की बात को वर्धान में बीच मे ही काट दिया।
"तुम वो करो जो मेने कहा है आगे का सोचने की जरूरत नही है।"वर्धान की बात सुन कैलाश मुंह बना कर वहा से चला गया।
दिल्ली की एक अंधेरी गुमनाम फैक्ट्री जो बाहर से किसी खंडर की तरह लग रही थी उसके दस बारह लोग हथियार लिए खड़े थे, उनमें से दो लोग चेयर पर बैठे थे।
"वो निकल तो गई है,लेकिन तुम3 लगता है की वो हमारा काम करेगी।"चेयर पर बैठे आदमी ने अपने सामने बैठे आदमी से कहा।
"उसे तो क्या अगर उसका बाप भी जिंदा होता तो उसे भी मेरा काम करना पड़ता,वैसे ये राठौर परिवार के क्या हाल है?"दूसरे आदमी ने कहा जो चेयर पर बेटा सिगरेट पी रहा था।
"सिगरेट फूलना बंद करो और बताओ की तुम उससे कैसे काम करवाओगे,भूलो मत वो कोन है और रही बात राठौड़ परिवार की तो वो इस बार आयेगी तो सबसे हिसाब ले कर ही जाएगी।"पहला वाला आदमी बोला जो थोड़ा समझदार भी लग रहा था।
"अपनी ज़ुबान पर लगाम दो,वरना जान से जाओगे मुझे ऊंची आवाज़ पसंद नहीं है।"सिगरेट पीने के बाद उस सिगरेट को अपने पैरो से मसलते हुए वो आदमी गुस्से से बोला।
वही दिल्ली एयरपोर पर सभी बस तीन लोगो को घूर रहे थे,दो खूबसूरत लड़कियां और एक छोटा सा बच्चा जो चल तो इसे रहा था जैसे किसी सियासत का राजा हो।
सभी यंग लड़के उन दोनों लड़कियों का सामान उठाने में हेल्प ओफर करने लगे,लेकिन उस नन्हे से बच्चे ने सबको पीछे कर दिया।
"जस्ट रिड्यूकल्स मोम, केसे लड़के है ये इनमे मैनर्स नाम की कोई चीज़ ही नही।"ईरान की बात सुन कर निरव्या और विष्का दोनो ही हसने लगे,निरव्या को अपना बेटा खुद की उम्र से बोहोत बड़ा लगता था।
"बच्चा रिलेक्स चलो अभी हम हॉटेल चलते है। निरव्या ने कहा और विष्का की बुलाई गई कार की तरफ बढ़ गई।
"वो मेने यहां एक विला ले लिया है,होटल बुक नही की।"विष्का ने भी उन मां बेटे के पीछे चलते हुए कहा, विष्का की बात सुन कर निरव्या और ईरान दोनो एक साथ चीख पड़े।
"व्हॉट, लेकिन क्यू?"इतना बोल कर दोनो मां बेटे एक दूसरे की तरफ देखते हुए बोलते है।
"आंटी ये क्या किया आपने होटल सर्विस जैसे विला में कहा से होगी एंड कोस्टली भी तो होगा ना विला यहाँ पर,जरूरत क्या थी हमे अभी विला की,हमे जिंदगी भर तो रहना नही है यहां,कही आपका हमे धोखा दे कर यहा़ सेटल होने का इरादा तो नही है ना।"नन्हे से ईरान के चेहरे पर अभी दुनिया भर का गुस्सा दिख रहा था,यही हाल उसकी मोम का भी था।
"ईरान तुम्हे कॉस्ट की पड़ी है मुझे तो इस बात की टेंशन है की वहा विला में सफाई और खाना केसे मैनेज होगा, ओ गॉड प्लीज़ सेव मि।"निरव्या की और ईरान की बाते सुन कर विष्का को खुद पर तरस आ रहा था उसे हमेशा से ही ये दोनो मां बेटे सबसे अजीब लगते थे,वो तीनो एक दूसरे को घूरते हुए कार में बैठ जाते है तभी निरव्या को कॉल आता है वो तीनो इस बात से हैरान थे।
(हैरान इसलिए इंडिया का नंबर उसने अभी ही शुरू किया था और अभी ही उस नंबर पर कॉल भी आ गया थोड़ी अजीब बात थी ये जो उन तीनो को समझ नही आ रही थी।)
निरव्या ने कॉल तो उठा लिया लेकिन कुछ कहा नहीं वो सामने से किसी के बोलने का इंतजार करने लगी।
"एक इंपोर्टेंट काम है तुम्हारा हमे पता चला की तुम दिल्ली में हो इसलिए तुम्हे कोंटेंक्ट करना जरूरी था, हेड ऑफिस आ जाना।"सामने वाले इंसान ने अपनी बात बोल कर बिना निरव्या का जवाब सुने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।
कुछ देर तक निरव्या फ़ोन को घूरती रही फिर उसने एक लंबी गहरी सांस छोड़ी और अपने पास बैठे ईरान की तरफ देखा जो उसे ही देख रहा था।
"लिटल डेविल लगता है बॉस को आते ही लडको के कॉल्स आने लगे है,वैसे बॉस अब एक बार शादी कर ही लो आप मेरी बला टले कम से कम क्यू लिटल डेविल सही कहा ना?"विष्का ने हस्ते हुए कहा लेकिन उसकी हसी जल्दी ही बंद हो गई क्युकी उसकी नजर पीछे बैठे दोनो मां बेटे पर पड़ी जो उसे ही घूर रहे थे।
"क्यू आंटी एक बार से क्या मतलब है आपका आपने कितनी बार शादी करना का प्लेन बनाया है,एंड मोम आपके सामने कुछ ज़्यादा ज़ुबान नही चल रही इनकी,में तो बोलता हु जॉब से निकाल दो इन्हे खाने के भी लाले पड़ जाएंगे देख लेना फिर मेकअप तो भूल ही जाओ।"ईरान की बात सुन कर विष्का बस आंखे फाड़ फाड़ कर उसे ही देखने लगीं।
"ओ गॉड ये लड़का,देखा तुमने नोरा कैसी लैंग्वेज यूज करता है ये,कहा से सीखा तुमने ये सब छोटे शैतान।"विष्का ने ईरान की शिकायत करते हुए निरव्या से कहा।
"आंटी आप भूल रही हो,में एक सेलिब्रिटी हु ऑनलाइन कई फैंस है मेरे सो उनकी लैंग्वेज में देखता हु सुनता हु जिससे में स्मार्ट एंड फास्ट लर्नर होने की वजह से सिख भी जल्दी से जाता हू।"ईरान की बात पर अब विश्का ने चुप रहना ही ठीक समझा क्युकी ईरान से जितना उसके लिए नामुमकिन था।
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