Ribirth of Arrogant wifey and mother Ch. 1

Ribirth of Arrogant wifey and mother - Chapter 1

Posted by moon light • May 02, 2025 08:56 PM

एक 45 वर्षीय महिला सड़कों पर तेज़ी से भाग रही थी। वह महिला कोई और नहीं, देश की जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री तारा सूर्यवंशी थीं। दिखने में वह किसी अप्सरा से कम नहीं थीं, पर आज उनकी हालत सड़क पर चलने वाले भिखारियों से भी बदतर थी।

तारा की इस दयनीय स्थिति के लिए उसकी छोटी बहन और माँ जिम्मेदार थीं। बचपन से ही उसने अपनी माँ की हर बात मानी थी। उनके कहने पर उसने अपने पिता से बात करना छोड़ दिया था, और आज उसी माँ ने उसकी बहन का साथ दिया था।

यह देखकर तारा का दिल टूट गया। आसमान की ओर देखते हुए, उसने जोर-जोर से रोते हुए कहा, "क्यों माँ? क्यों? मेरे साथ ऐसा क्यों किया आप लोगों ने?"

उसके सामने दस साल पहले का एक दृश्य उभर आया, जब वह अपने ही परिवार की कैद में थी।

**फ्लैशबैक (दस साल पहले):**

तारा जेल से आजाद हुई थी। उसने खुद से कहा, "माँ, अब तो आप मुझे प्यार करोगी ना!" वह खुश थी कि वह आजाद हो गई है, तभी वहाँ मौजूद लोगों ने उस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

लोग आपस में बातें कर रहे थे: "अरे भैया, ये वही लड़की है जिसने फिल्मों में काम करने के लिए एक अच्छे-खासे परिवार को बर्बाद कर दिया! बेचारे प्रोड्यूसर को बहला-फुसलाया, और जब उसने बात नहीं मानी, तो उसने उसकी छह महीने की गर्भवती पत्नी और उस प्रोड्यूसर को मार डाला!"

एक औरत ने कहा, "देखो बहनों, ऐसी औरत को जीने का कोई हक़ नहीं है। मारो इसे!" लोगों की भीड़ ने उसे मारना शुरू कर दिया, पर तभी अचानक कुछ लोग वहाँ आ गए और उसे कार में बिठाकर एक खंडहर जैसी जगह पर बंद कर दिया।

वह कुछ सोच ही रही थी कि कुछ लोगों के आने की आवाज़ आई। वे लोग उसकी बहन अनुष्का सूर्यवंशी, उसका बॉयफ्रेंड आशीष राज, और उनकी बेटी काजल सूर्यवंशी थे। तारा ने उन्हें देखकर खुशी से कहा, "अनुष्का, देख, अब सब कुछ ठीक हो चुका है। किसी को भी नहीं पता कि उस औरत और उसके आदमी का क़त्ल तूने किया है। लेकिन माँ, वह यहाँ क्यों नहीं आई?"

आशीष राज, जो अनुष्का का बॉयफ्रेंड था, ने एक कुटिल मुस्कान के साथ कहा, "अनु, इस बेचारी को सच बताओ अब।"

तारा ने सवालिया निगाहों से उन दोनों को देखा, "सच? कैसा सच?"

फिर उसने काजल से कहा, "बेटा, तुम अपनी मासी और पापा के साथ क्या कर रही हो? मेरे पास आओ।"

तीनों हँसने लगे। काजल ने मुँह बनाते हुए कहा, "सीरियसली? आपको लगता है कि मैं आपकी नाजायज़ बेटी हूँ? ऐसा बिलकुल नहीं है! मेरे पापा आशीष और माँ अनुष्का हैं!"

तारा के पैरों तले जमीन खिसक गई।

अनुष्का ने आगे कहा, "अरे, इतने में ही शोक हो गई? और सुनो, तुम्हारी बेटी पंछी और पति रेहान से दूर करने का प्लान हम तीनों का था – मैं, आशीष और तुम्हारी प्यारी माँ। क्योंकि पिताजी ने सारी प्रॉपर्टी तुम्हारे नाम कर दी थी।"

"और रेहान और पंछी से दूर करने की वजह ये थी कि अगर तुम रेहान के साथ रहतीं, तो हम तुम्हें कभी नहीं मार पाते।"

"तुम्हें रेहान से दूर करने के लिए हमने ये झूठ बोला कि तुमने उसे धोखा दिया है और आशीष के साथ सोई हो, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था।"

"पर तुम तो ठहरी मेरी माँ की गुलाम, उन्होंने जो कहा, तुमने वैसा ही किया। यहाँ तक कि तुम अपनी बेटी को देखने भी नहीं गईं जब उसका ब्रेन ट्यूमर का इलाज चल रहा था।"

तारा हैरान हो गई, "क्या कहा? ब्रेन ट्यूमर था मेरी बेटी को?"

काजल ने तारा के मुँह पर थप्पड़ मारते हुए कहा, "हाँ, ब्रेन ट्यूमर था उसे, और जानती हो क्यों? क्योंकि हम लोग उसके खाने में रोज़ थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ज़हर मिलाते थे, जिससे किसी को शक ना हो। पर वो ज़हर उसे मारने की जगह उसके दिमाग़ के किसी हिस्से में जम गया। जिससे ये हुआ। पर उसे लगता है कि तुम जानबूझकर नहीं आईं, जबकि तुम लंदन में अपनी शूटिंग कर रही थीं!"

"हमने तुम्हें तुम्हारी बेटी और पति से दूर किया ताकि तुम हमारे लिए खतरा न बन पाओ। तुम्हारे दिमाग़ में ये बातें डाली गईं कि अगर तुम उन्हें नहीं छोड़ोगी, तो तुम्हारे पति और बेटी दोनों मारे जाएँगे तुम्हारे दुश्मनों के कारण… पर तुम्हें जानकर बहुत दुःख होगा कि वो दुश्मन कोई और नहीं, हम चारों हैं!"

तारा हैरान हो गई, "नहीं, तुम झूठ बोल रही हो! मेरी माँ ऐसा नहीं कर सकती मेरे साथ!"

अनुष्का ने उसके सामने कॉल किया। दूसरे छोर से एक औरत की आवाज़ आई, "अनु बेटा, कहाँ हो तुम?"

अनुष्का ने कहा, "माँ, मैंने आपकी प्यारी बेटी को कैद कर लिया है।" दूसरे छोर से आवाज़ आई, "ये तुमने बहुत अच्छा किया। उसके बाप को तो पहले ही मार दिया, अब इसे भी मार देना। पर इतनी आसान मौत मत देना, धीरे-धीरे, टॉर्चर करके मारना।"

अनुष्का ने कुटिल मुस्कान के साथ कहा, "ओके, मॉम। आपने जैसा कहा, वैसा ही होगा।"

माँ ने कहा, "जो भी करो, जल्दी करो। पार्टी का टाइम हो गया है। आज हमारी जीत का जश्न है, और तुम अभी तक उस बेवकूफ़ के पास हो? जल्दी आ जाओ!"

कॉल कट हो गया। तारा की आँखों में आँसू बहने लगे। आखिर क्या कसूर था उसका? उसने अपने ही परिवार पर भरोसा किया था। उसने अपनी बेटी से बहुत प्यार किया था। फिर उसके साथ ऐसा क्यों हुआ? शायद ये उसका कर्म था, अपने पति से दूर होने का।

**फ्लैशबैक एंड**

तारा भागते हुए एक खाई के पास आ गई। तभी पीछे से गाड़ी की लाइट पड़ी। उसने पीछे मुड़कर देखा तो उसकी बहन अनुष्का और आशीष थे। उसके होश उड़ गए। वे दोनों गाड़ी से बाहर निकलकर उसके पास आने लगे, तभी पीछे से एक आवाज़ आई, "दूर रहो उससे!"

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