लाल जोडे़ का शराप - Chapter 2
अध्याय: "लाल जोड़े का रहस्य"
रात का अंधेरा धीरे-धीरे अपने गहरे साए में हर चीज़ को लपेट रहा था। चाँद की धुंधली रौशनी जंगल की शाखाओं से छनकर ज़मीन पर पड़ रही थी। उस अंधेरे में एक विशाल बरगद का पेड़ खड़ा था, जिसकी जटिल शाखाएँ जैसे किसी अनजाने शैतान का रूप ले रही थीं। पेड़ की शाखाओं में एक उल्लू बैठा था, लेकिन वह उल्लू बाकी सामान्य उल्लूओं से कुछ अलग था। उसकी आँखों में कुछ खौफनाक था, जैसे वह कोई और हो, किसी और दुनिया का प्राणी। उसकी आंखें घने अंधेरे में चमक रही थीं, जैसे वह देख रहा हो कुछ ऐसा जिसे कोई और नहीं देख सकता।
वह उल्लू सामने बने हवेली जैसे घर की तरफ देख रहा था। घर के उस कमरे में एक खिड़की खुली थी, और उस खिड़की से उस उल्लू को एक लड़की का चेहरा दिखाई दे रहा था। लड़की चुपचाप सो रही थी, बेखबर, पूरी दुनिया से नजरे हटाए। उसके चेहरे पर मासूमियत और सुकून था, मानो वह किसी डर या खौफ से अनजान हो। लेकिन तभी घर के बाहर हवा की तेज़ रफ्तार के साथ एक साया आया। एक चोर खिड़की से अंदर घुस गया। चोर ने पहले चारों ओर देखा, जैसे किसी से बचकर आ रहा हो, फिर धीरे से कमरे में कदम रखा। वह खड़ा होकर लड़की को देखता रहा, उसकी आँखों में अजीब सी चमक थी, जैसे उसे लड़की के साथ कुछ करना था।
चोर धीरे-धीरे लड़की के पास पहुंचा। लड़की सो रही थी, अपनी चादर से ढकी हुई। चोर ने चादर को धीरे से उसके सीने से नीचे किया, और लड़की की कलाई तक चादर को खींच लिया। उस लड़की ने बस एक साधारण सी टी-शर्ट पहनी हुई थी, जो थोड़ा ढीली थी। उसकी गर्दन का हिस्सा थोड़ा खुला हुआ था। चोर का दिल तेज़ी से धड़कने लगा, जैसे उसमें कोई हिंसक भावना जाग उठी हो। उसने लड़की के चेहरे पर हाथ फेरा, धीरे-धीरे, उसकी त्वचा को महसूस करते हुए। फिर वह उस लड़की के पास और करीब हो गया, उसके शरीर के पास, जैसे वह किसी जादुई दुनिया में खो चुका हो। लड़की अब भी सो रही थी, लेकिन एक अजीब सी दहशत का संकेत उसके चेहरे पर था, जैसे वह किसी बुरे ख्वाब में खो चुकी हो।
अचानक, लड़की की आँखें खुली। उसने चोर को देखा और उसका चेहरा डर से पीला पड़ गया। वह चिल्लाने ही वाली थी कि चोर ने जल्दी से उसका मुँह दबा लिया। लड़की की आँखें अब बड़ी हो गई थीं, उसके दिल की धड़कन तेज़ हो गई थी। वह जान चुकी थी कि वह अब अपनी जान खतरे में देख रही थी। लेकिन चोर ने उसका मुँह नहीं छोड़ा। लड़की की आँखों में डर की गहरी लकीरें खिंचने लगीं। वह संघर्ष कर रही थी, लेकिन चोर का पंजा और भी कसने लगा।
फिर कुछ समय बाद, एक घोर सन्नाटा फैल गया। कमरे का माहौल घना और खौफनाक हो गया था। कमरे का दृश्य अब बदल चुका था। लड़की की चादर कमरे के फर्श पर पड़ी थी, जैसे किसी ने उसे जल्दी से फेंक दिया हो। उसके कपड़े भी वहीं पड़े थे। लड़की की आंखें अब शांत थीं, लेकिन उसका शरीर बिल्कुल निस्तेज हो चुका था। बेड पर एक औरत और एक आदमी का साया था, जो एक दूसरे में समा चुके थे। हवा की लहर भी अब जैसे बीच से नहीं जा सकती थी। दोनों इतने करीब थे कि अब हवा भी उनके बीच से नहीं गुजर सकती थी।
तभी अचानक कमरे के दरवाजे पर खटखटाहट हुई। दोनों ने चौंक कर अपने आप को अलग किया। डर की एक लहर उनके दिलों में दौड़ गई। यह क्या था? वह क्या था? डर और अनजानी ताकतें उनकी आत्माओं को निगलने के लिए तैयार थीं।
अगले दिन सुबह, देवगढ़ की पंचायत का आयोजन हुआ। गांव में एक हलचल थी, लोग इधर-उधर इकट्ठा हो रहे थे। सभी की आँखों में तनाव था। पंचायत के सदस्य बैठ चुके थे, और उन दोनों के खिलाफ सजा सुनाने की प्रक्रिया चल रही थी।
"यह क्या है, सरपंच जी?" लड़की ने हिम्मत जुटाकर पूछा।
सरपंच की आँखों में गहरी शांति थी, लेकिन उसकी आवाज़ में कुछ छुपा हुआ था। "प्यार करना कोई जुर्म नहीं है, लेकिन इस प्यार को सार्वजनिक रूप से दिखाना हमारे गांव के नियमों के खिलाफ है। तुम दोनों को सजा दी जाएगी।"
लड़का और लड़की चुप थे, उनका चेहरा पीला था, लेकिन उन्होंने कोई विरोध नहीं किया। वे समझ गए थे कि वे फंस चुके थे। सरपंच ने फिर एक और बात कही, "तुम दोनों अब शादी कर सकते हो, लेकिन एक शर्त है, दूल्हन को लाल जोड़ा नहीं पहन सकती है।"
लड़की हैरान और परेशान थी। "क्या?" उसने अविश्वास में पूछा। "यह क्या कह रहे हैं सरपंच जी?"
सरपंच ने फिर से कहा, "देवगढ़ का यही नियम है। यह हमारे गांव का पुराना रीति रिवाज है। लाल जोड़े का पहनना एक श्राप है। जो भी लड़की लाल जोड़ा पहनती है, वह हमेशा के लिए गायब हो जाती है। यह एक प्राचीन श्राप है।"
लड़का और लड़की चुपचाप सुन रहे थे, जैसे उनके भीतर की दुनिया टूट रही हो। लड़की की आँखों में डर और उलझन थी, लेकिन उसने अंत में सरपंच की बात मान ली।
"लेकिन सरपंच जी, मुझे समझ नहीं आता, ये सब क्यों?" लड़की ने आखिरकार पूछा।
सरपंच ने धीरे से कहा, "यह सब हमारे गांव की पुरानी कहानी से जुड़ा है। कई साल पहले, एक लड़की ने लाल जोड़ा पहना था और वह अचानक गायब हो गई। तब से यह नियम बना, और आज भी यह लागू है। लाल जोड़ा पहनने का मतलब है एक खौफनाक शाप से टक्कर लेना।"
गांव के लोग धीरे-धीरे उस शर्त को मानने लगे, और लड़की और लड़का एक-दूसरे की ओर देख रहे थे, जैसे वे कुछ बड़ा और डरावना महसूस कर रहे हों। क्या यह सच था? क्या इस गांव में लाल जोड़े का पहनना किसी को गहरे खौफ में डाल सकता था?
यह वह सवाल था, जो अब दोनों के दिलों में था, और उनका भविष्य एक अनजान सजा की ओर बढ़ रहा था।