Billionaires accidental wife Ch. 2

Billionaire's accidental wife - Chapter 2

Posted by Jahnavi Sharma • May 23, 2025 10:12 PM

आरव ने उसके ड्रीम कलेक्शन पर काम कर रही टीम को अपने कलेक्शन के लिए परफेक्ट मॉडल ढूंढने के लिए 2 दिन की डेडलाइन दी थी। आरव ने काफी सख्ती से सबको मॉडल ढूंढने के लिए कहा था। अगर वह 2 दिन में उसका काम नहीं कर पाए, तो आरव ने उन्हें काम से निकलने तक का कह दिया था।

परफेक्ट मॉडल ना मिलने की वजह से आरव का मूड थोड़ा उखड़ा हुआ था। मीटिंग करने के बाद आरव अपने केबिन में आया, तो उसने देखा कि उसकी दादी गौरवी जी वहाँ बैठकर उसका इंतजार कर रहा थी। गौरवी जी लगभग 72 साल की थी। उन्होंने लाइट पिंक सिल्क साड़ी पहनी थी और बालों को खुला छोड़ रखा था। इस उम्र में भी उनका ओरा ही अलग था।

गौरवी ने आरव को देखते ही हल्का मुस्कुरा कर कहा, “हेलो आरव सर।”

गौरवी जी के उसे सर बुलाने पर आरव ने आईज रोल करके कहा, “दादी आप भी ना..।” फिर वो उनके पास आकर उनके गले लगते हुए बोला, “मुझे बुला लिया होता घर। आप क्यों आई यहां?”

गौरवी जी उससे अलग होकर बोली, “हां जैसे मेरे बुलाने पर तुम आ ही जाते। आरव तुम भूल रहे हो कि तुम पिछले 2 दिनों से घर नहीं आए हो। ऐसा भी क्या तुम्हारा ड्रीम कलेक्शन, जिसे रेडी करने के चक्कर में ना तुम्हें दिन की फिक्र रहती है, और ना ही रात की।”

“पहली बार कुछ नया ट्राई कर रहा हूं दादी पर इतनी मेहनत करने का भी क्या फायदा? और तो सब कुछ रेडी हो गया बट अब कैटलॉग शूट के लिए मॉडल ही नहीं मिल रही, जो मेरे कलेक्शन को जस्टिफाई कर सके। आप ही बताइए दादी, अब मैं खुद तो पहन कर खड़ा हो नहीं सकता।” आरव ने वहां बैठते हुए कहा।

गौरवी जी हल्का हंसकर बोली, “वैसे आईडिया बुरा नहीं है आरव सर। मुझे तो अभी से विजुअल्स आने लगे है। दी आरव खूराना लहंगा डाले हुए खड़ा है।”

आरव उनकी बातों से इरिटेट होकर बोला, “स्टॉप इट दादी। यहां मैं परेशान हूं और आप मेरा मजाक बना रही है।”

आरव आगे कुछ बोलता कि तभी माहिरा गौरवी जी को इंप्रेस करने के लिए उनके लिए कॉफी लेकर आई।

माहिरा ने हल्का सा झुकते हुए बोली, “पेरी पोना दादी...।”

गौरवी ने उसे रोकते हुए कहा, “रहने दो बेटा, इतनी छोटी ड्रेस में तुमसे पैरी पोना नहीं हो पाएगा।”

उनकी बातों से माहिरा एंबेरिस हो गई। वो जबरदस्ती मुस्कुराते हुए बोली, “दादी आप भी ना... कितनी फनी है दादी आप। आप क्यों बार-बार भूल जाती है कि मैं आरव गर्लफ्रेंड हूं।”

आरव को ये बिल्कुल पसंद नहीं था माहिरा बार-बार ऑफिस में उसे खुद की गर्लफ्रेंड कह कर बुलाती थी। उसके मुंह से फिर से आरव की गर्लफ्रेंड शब्द सुनकर आरव ने हल्का गुस्से में कहा, “माहिरा तुम्हारा यह गर्लफ्रेंड पुराण खत्म हो गया हो, तो कैन यू प्लीज लीव अस अलोन?”

आरव का मूड पहले से खराब था। उसका गुस्सा माहिरा पर ना उतरे, यह सोचकर माहिरा ने जल्दी से कहा, “ओके गोइंग।”

आरव को नाराज होता देख माहिरा बिना कुछ बोले वहाँ से चली गयी जबकि आरव अभी भी गौरवी जी के साथ बैठकर बाते कर रहा था।

उसके जाने के बाद गौरवी ने हल्का सीरियस अंदाज में कहा, “आरव मैंने कभी भी तुम्हारी लाइफ में इंटरफेयर नहीं किया लेकिन बेटा, पूरे चंडीगढ़ में तुम्हें यही लड़की गर्लफ्रेंड बनाने को मिली थी?”

आरव इस टॉपिक पर ज्यादा बात नहीं करना चाहता था। उसने गहरी सांस लेकर कहा, “हां दादी, माहिरा थोड़ी डिफरेंट है और प्यार करता हूं मैं उससे।”

गौरवी ने सिर हिला कर जवाब दिया, “हां सच ही कहा है किसी ने, प्यार अंधा होता है। पर बेटा तुझे एक बार अपनी आंखें चेक करवा लेनी चाहिए। उसे ठीक से देख तो सही।”

इतने खराब मूड में भी गौरवी जी की बातें सुनकर आरव के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई, जिससे उसके गालों पर हल्के डिंपल उभर रहे थे। उसने उसी अंदाज में कहा, “ठीक से ही देखा है दादी। चलिए छोड़िए ना, इस बारे में बात नहीं करते हैं। आप बताइए कि आप कैसी हैं।”

गौरवी ने मुस्कुरा कर कहा, “मैं तो बिल्कुल ठीक हूं लेकिन आज डिजायर्स में भूकंप क्यों आया हुआ है आरव सर?”

”दादी आप मुझे आरव सर बुलाना बंद करेंगी? मेरी टीम तक मुझे एके बुलाती है और एक आप हो, जो कब से आरव सर,आरव सर बोल रही है।” आरव ने चिढ़कर कहा।

“हां, क्योंकि कंपनी में तुम मेरे भी बॉस हो। चलो बताओ, मूड इतना अपसेट क्यों है?” गौरवी जी फिर से पूछा।

“मैंने आपको बताया तो था कि मुझे अपनी ड्रीम कलेक्शन के लिए मॉडल नहीं मिल रही। बस मैंने इन सब को डेडलाइन दी है 2 दिनों की.. इसी वजह से सब इतना ओवर रिएक्ट कर रहे है।” आरव ने बताया।

गौरवी ने कुछ पल सोचा और फिर कहा, “अच्छा, तुम्हारे ड्रीम कलेक्शन में ऐसा भी क्या है, जो सबसे छुपा रखा है। अपनी दादी को भी नहीं बताओगे क्या?”

आरव ने ना में सिर हिलाकर कहा, “बिल्कुल नहीं, मेरा कलेक्शन कंपलीटली कॉन्फिडेंशियल है। तो आपकी इमोशनल ब्लैकमेलिंग यहां पर बिल्कुल नहीं चलने वाली।”

आरव के मना करने के बावजूद गौरवी जी ने मुस्कुराकर कहा, “रात को मिलते हैं आरव....तुम्हारा ड्रीम कलेक्शन देखना है मुझे।” इतना कहकर वो उठकर जाने लगी।

आरव जल्दी से हल्की तेज आवाज में बोला, “नो दादी ...इट्स नॉट पॉसिबल।”

गौरवी जी उसकी तरफ देखकर सिर हिलाया और फिर उसी मुस्कुराहट के साथ कहा, “ओके तो फिर रात को कलेक्शन देखते है। अगर फिर भी तुम मुझे नहीं दिखाना चाहते तो मैं जाकर माहिरा को बोल देती हूं कि आरव तुम से ब्रेकअप कर रहा है।”

आरव ने लाचारी से कहा, “दादी, दिस इज नॉट फेयर..मुझे बिल्कुल पसंद नहीं, जब आप मुझे ऐसे ब्लैकमेल करती हो।

गौरवी जी उसकी बात को अनसुना किया और फिर बाहर आ गई। बाहर की तरफ आते ही उन्हें मंथन दिखाई दिया। मंथन भी उन्हें देखते ही मुस्कुराते हुए उनके पास आया। साक्षी और आरव एक दूसरे के दोस्त थे, इस वजह से उनके बीच प्रोफेशनल के साथ-साथ पर्सनल रिलेशन भी थे।

मंथन ने गौरवी जी के पैर छूते हुए कहा, “हेलो मेरी क्यूट दादी! पैरी पौना...।”

गौरवी ने उसे प्यार से सहलाते हुए कहा, “अरे बेटा कैसा है तू...और साक्षी कैसी है? ऑफिस में सब कुछ ठीक तो चल रहा है ना?”

मंथन ने हंसते हुए कहा, “दादी ऑफिस में मिस गर्लफ्रेंड के होते हुए सब कुछ कैसे ठीक चल सकता है?”

मंथन की बातों से साफ था कि माहिरा को ऑफिस में कोई पसंद नहीं करता था। वह हर वक्त अपनी मनमानी करती थी और कोई कुछ कहता तो वह आरव की गर्लफ्रेंड होने का हवाला देती थी।

गौरवी ने गहरी सांस लेकर कहा, “हाय मुझे भी बिल्कुल नहीं पसंद है वो लड़की। मैंने कभी आरव के किसी फैसले पर सवाल नहीं उठाया, पहली बार मुझे उसकी चॉइस पर शक हो रहा है, पर कुछ कह भी नहीं सकते।”

मंथन ने उनकी बात पर हामी भरते हुए कहा, “बिल्कुल सही कहा दादी, सारा दिन बस इधर-उधर घूमती रहती है। काम-धाम कुछ करती नहीं है।”

मंथन बोलते हुए रुक गया। वो आगे कुछ बोलता उससे पहले माहिरा वहां पर आ गयी थी।

माहिरा वापिस गौरवी जी के पास आई। वो जानती थी आरव के लिए गौरवी जी बहुत इंपोर्टेंट थी। माहिरा हर हाल में गौरवी जी का दिल जीतना चाहती थी।

माहिरा ने उनके पास आकर कहा, “दादी आप मिल ली आरव से?”

गौरवी ने हल्के बेरुखी से कहा, “हां.. बस अभी वापिस घर जा रही थी।”

माहिरा ने उन्हें रोकते हुए कहा, “दादी रुकिए तो प्लीज... मंथन पता है तुम्हें...।”

मंथन ने उनकी बात बीच में काटते हुए कहा, “नही.. मुझे कुछ नही पता... और पता करना भी नही चाहता।”

माहिरा ने फिर भी जबरदस्ती कहा, “अरे सुनो तो सही। पूरे ऑफिस में आजकल मेरा और आरव का कपल ही छाया हुआ है। अरे हम तो सब के फेवरेट कपल बन चुके हैं। मेरा और आरव का कपल तो आज कल कपल गोल बना हुआ है...#आरा।”

माहिरा की बातों से इरिटेट होकर गौरवी और मंथन एक साथ बोले, “हम चलते हैं माहिरा...हमें बहुत काम है।”

दोनों बहाना बनाकर वहां से खिसक गए। गौरवी जी अपने घर चली गयी तो मंथन वापिस काम लग चुका था।

मंथन अपने केबिन में आया। वहां आते ही उसने खुद से कहा, “एक बार आयु को कॉल करके पूछ लेता हूं, उसका इंटरव्यू कैसा गया। लेकिन उसे अच्छा नही लगेगा, काम के बीच कॉल किया तो... बट एक छोटू से कॉल मे क्या जाता है।”

आयुष्का को काम के बीच डिस्टर्ब होना या करना पसंद नहीं था। यह जानते हुए भी मंथन ने कॉल किया तो वहीं दूसरी तरफ आयु अपने रिज्यूमे के साथ ड्रीमलैंड कलेक्शन के ऑफिस में बैठी हुई थी। वह काफी टैलेंटेड थी और आज उसे पूरी उम्मीद थी कि उसे जॉब मिल ही जाएगी।

आयु ने परेशान चेहरे के साथ अपने रेज्यूमें को एक बार फिर से देखते हुए कहा, “मैंने अपनी डिजाइंस पहले ही यहां के हेड डिजाइनर को भेजी थी। उसे यह डिजाइंस अच्छी लगी थी। उसने कहा था कि मेरी जॉब पक्की है। पिछले 1 साल में मैंने चंडीगढ़ की सभी बड़ी कंपनी में इंटरव्यू दे दिया है लेकिन कहीं भी सिलेक्शन नहीं हो पा रहा क्योंकि जॉब पहले ही किसी जान पहचान वाले को दे दी जाती हैं। अब तो सिर्फ़ डिजायर्स ही बची है, जो बड़ी कंपनी भी है और जहां मुझे काम मिल भी सकता है, लेकिन मुझे उसे आरव खुराना के यहां काम नहीं करना। अजीब मुसीबत है। जॉब नहीं मिली तो फिर से डैड के पास लुधियाना जाना पड़ेगा। मुझे खुद को गलत साबित नहीं करना और आज हर हाल में यहां नौकरी हासिल करनी ही होगी।”

इतनी सारी कंपनी में इंटरव्यू देने के बाद आयु की आखिरी उम्मीद इस कंपनी से थी। वह आरव के कंपनी डिजायर्स में काम नहीं करना चाहती थी पर अगर आज आयु को यहां नौकरी नहीं मिलती तो उसके पास आखिरी ऑप्शन डिजायर्स ही रहने वाला था।

वेटिंग एरिया में एक लड़की पूरे कॉन्फिडेंस के साथ बैठी हुई थी। उसने आईज रोल करके अपने मन में कहा, “पता नहीं यह लोग टाइम वेस्ट करने के लिए यहां पर क्यों बैठे हुए हैं। अभी तक उसने मुझे बुलाया क्यों नहीं? पहले बात हो गई थी कि यह जॉब मेरी ही है, फिर यह इंटरव्यू का ड्रामा करने की क्या जरूरत थी। खैर,जब इतने लोगों के दिल टूटेंगे तो उनके उतरे हुए चेहरे देखकर बहुत मजा आएगा। ये जॉब तो मेरी ही है, फिर तुम लोग कितने भी टैलेंटेड क्यों ना हो।” वह लड़की रहस्यमई मुस्कुराहट के साथ उन सब की तरफ देख रही थी।

°°°°°°°°°°°°°°°°

100%