प्यार है या हवस - Chapter 1
कानपुर -----------------------
बेहद खूबसूरत शहर -----------------
सुबह-सुबह ये सुबह आज कुछ नया लेकर आई किसकी ज़िन्दगी में...
महेश्वरी हाउस -----------------
बहुत ही खूबसूरत सा घर ज़्यादा बड़ा नहीं...
वहीं के ऊपर बालकनी, कोई पर्दा हटाया तो चेहरे पर सुबह-सुबह की हल्की-हल्की धूप बिखर सी गई.... उस धूप में वो खूबसूरत चेहरा मुस्कुरा उठा। उस मीठी सी धूप में अपने गीले बालों को टॉवल से पोंछते हुए अपने बालों को पीछे की झाड़ दी....
तभी किसी लड़की की आवाज़ आई - हुह्ह पर्दे लगाओ...
तो वो लड़की अपनी कमर पर हाथ रख उस ओर देखी... अपनी मीठी सी आवाज़ में बोली - बस कर छोटी, यहाँ स्वयं सूर्य भी अब तेरे उठने का इंतज़ार कर रहे और तू है... सोने से जी नहीं भरता...
तो एक लड़की इस वक़्त ब्लैंकेट से खुद को पूरा कवर किए बोली - हुह्ह हाँ तो उनसे बोलो नहीं करें मेरा वेट, इशु को अभी सोना है... तो वो लड़की अपनी आँखें छोटी कर ली....
उसके पास आ बोली - इशु जल्दी से उठ जा, वरना अगर मामा जी आए, उन्होंने तुझे अब तक सोता देखा तो फिर भूल जाना हम तुझे बचाएंगे भी... तो वही लड़की ब्लैंकेट से बोली - हाँ आने दो, जब तक 5 मिनट मैं सो सकती हूँ...
तो वो लड़की उसे घूर देखी.... तभी किसी की आवाज़ आई - गोरी... तो वो लड़की बोली - जी मामा जी... तो उनकी आवाज़ आई - इशु उठ गई क्या? तो गोरी कुछ कहने को हुई, तभी इशु झट से बैठ बोली - हाँ पापा...
तो गोरी उसे देखने लगी, तभी हँस दी... इशु उसे घूरते हुए देखी, बहुत क्यूट सी थी। गोरी उसे देख बोली - बहुत जल्दी उठ गई आप तो? इशु मुँह बनाए, उबासी लेते हुए बोली - हाँ तो मैं उठने ही वाली थी।
गोरी उसके सिर पर चपेट लगाई - अब उठ जा, तेरे स्कूल का वक़्त होने वाला है... तो इशु मुँह बनाई - बोली बोरिंग स्कूल, ना जाने कब मेरा पीछा छूटेगा...
तो गोरी पलटी, मिरर के आगे खड़ी हुई। खूबसूरत सा चेहरा, गोरा रंग, स्वयं जैसे कोई देवी हो। सिंपल सा कुर्ता पहने हुए, अपने गीले बालों को पीछे कर जो कि उसकी कमर तक आते थे।
तभी पीछे से उसे इशु बाहों में भर बोली - हूँ... मुझे भी आपके साथ कॉलेज जाना है... तो गोरी उसकी बाँह पर मारी - बोली बातें बंद कर, तैयार हो जा, हम मामी के पास जा रहे हैं...
तो वो जाने को हुई, तभी इशु उसका हाथ पकड़ अलग तरीके से बोली - हे... कहाँ चली? तो गोरी उसे अजीब नज़रों से देखी, तभी इशु उसे खींच ली, वो अचानक होने उसकी ओर खिंच चली गई। इशु उसकी कमर पर हाथ रख मुस्कुरा बोली - नाम तो सुना होगा राज... हह
तो गोरी उसके सिर पर चपेट लगाई - ऐसा करता है कोई.... अपने सीने पर हाथ रख साँस ली, तो इशु हँसने लगी, बोली - हाँ, आज आपका पहला दिन तो कॉलेज में बहुत से हॉट बॉयज़ होते हैं
तो गोरी उसे देख बोली - चुप कर बेशर्म! गलती से मामा जी सुन लिया, फिर सोचते रहना... तो इशु मुँह बना बोली - ओह्ह्हो... मामा जी छोड़िए आप आइए। तो गोरी बोली - अरे...
तभी वो उसे मिरर के आगे बैठा दी - बोली ऐसे कौन तैयार होकर जाता है भला कॉलेज? तो गोरी उसे देख बोली - अच्छा तो फिर कैसे जाया जाता... तो इशु उसे ऊपर से नीचे देख मुँह बना बोली - हुह्ह बोरिंग... वो उसके बालों थोड़ा सही की, उसे देखते हुए आँखों में काजल डाली, तो गोरी बोली - हाँ इशु बस कर, हमें ये सब नहीं पसंद। तो इशु बोली - ओह्फो क्या नहीं पसंद? थोड़ा बहुत किया उसमें आपकी ऐसी जान निकल रही, पता नहीं किसी दिन दुल्हन कैसे बनेगी...
तो गोरी उसे घूर बोली - हो गया तेरा... तो इशु मुस्कुरा सामने मिरर से हट बोली - अब देखिए खुद को...
तो गोरी खुद को मिरर में देखी - बहुत खूबसूरत, हल्के से गुलाबी होंठ... आँखों में काजल जैसे उसकी खूबसूरती को चार चाँद लगा दिया हो। बालों को संवारा हुआ, कुछ बाल आगे...
इशु उसे फ्लाइंग किस देते हुए बोली - हाय! मैं लड़का होती तो आप ऐसी ही मर जाती। पता नहीं लड़कों की तो क्या हालत होती होगी आपको देख कर...
तो गोरी उसकी बाँह पर मार बोली - चुप कर बेशर्म! अगर तेरी बातें हो गई हों तो जा जल्दी नहा ले वरना आज मामा जी तुझे नहीं छोड़ने वाले...
तो इशु बोली - ओह गॉड! कहाँ भेज दिया आपने इस मासूम सी इशु को... तो गोरी उसके सिर पर मारा - बोली - हाँ हाँ सबसे ज़्यादा ज़ुल्म तुझ पर ही होता है, अब चल, तैयार हो, हम मामी के पास जा रहे हैं...
वहीं नीचे...
एक लेडी किचन से चाय का कप लाते हुए बोली - एक इनकी चाय... ना जाने कितना मना कर लो पर चाय खत्म नहीं होती इनकी... तभी एक शख़्स अख़बार समेटते हुए बोले - अब क्या हुआ? फिर से तुम्हें हमारी चाय दिक्कत होने लगी...
तो गहना जी चाय का कप टेबल पर रख बोली जी नहीं बिल्कुल नहीं सुबह से अब तक दो चाय जो पी चुके हैं और कम है बता दीजिए... तो नवीन जी उन्हें देख बोले अभी ये तो पीने दीजिए इसके बाद की हम आपको बाद में बताते हैं
तो गहना जी अपनी कमर पर हाथ रख उन्हें घूरी तभी किसी आवाज पड़ी ओह्ह आप दोनों में फिर से झगड़ा... तो नवीन जी बोले ओह अच्छा हुआ हमारी गुड़िया आ गई अब वो जवाब देगी तुम्हें इसका....
तो गहना जी बोली अच्छा रुकिए ज़रा.. तभी गोरी आ बोली अरे ऐ हुआ क्या है.. तो नवीन जी मासूमियत से बोले देखिए आपकी मामी हम पर बेवजह गुस्सा कर रही है तो गहना जी उन्हें घूर बोली ओह्ह अच्छा बेवजह वो गोरी को देख बड़े लाडले मामा जी तेरे हम तो कह कह कर थक गए इन्हें डॉक्टर ने मना किया है ज्यादा चाय पीने पर देखो इन्हें...
तो गोरी नवीन जी को देखी तो वो कप टेबल पर रख बोले वो वो ऐसा नहीं हमने तो बस चखने को मंगाई थी तो गोरी उन्हें देख बोली अच्छा तो ये बात है आप से कहा था हमने आप अपनी सेहत का ख्याल रखेंगे...
तो वो बोले सेहत का ख्याल ही तो रख रहे हैं गुड़िया अब तुम भी अपनी मामी के जैसे हमें डांटने लगे जाओ हम किसी बात नहीं करते.... गोरी उनके पास बैठ उनके गाल पर हाथ रख अपनी ओर की तो वो मुंह फेर बोले हमने कहा ना बात नहीं करनी...
तो गोरी मुस्कराई बोली अच्छा फिर सच में बात नहीं करेंगे तो नवीन जी उसे टेढ़ी नजर देखे तो गोरी गहना जी से बोली अच्छा मामी लगता है मामा जी तो भूल गए... ठीक है रहने देते हैं...
तो गहना जी एक नजर नवीन जी को देख उसे बोली कहा था तुम्हारे मामा को सिर्फ अपनी चाय से मतलब है... तो गोरी उदासी से बोली ऐसा है... तभी नवीन जी बोले अरे कोई हमें भी बताएगा कैसा है...
तो गहना जी उन्हें देख बोली अच्छा जी याद कीजिए आज क्या है... तो नवीन जी सोचने लगे वो बोले हम क्या फिर से हमारी सालगिरह भूल गए... तो गोरी मुस्करा दी तो गहना जी उन्हें आंखें दिखा बोली रहने दीजिए आप से कहना बेकार है...
तभी नवीन गोरी के सर पर हाथ रख बोले ऐसा कैसे हो सकता है भला, हम ये भूल जाए हमारी गुड़िया का आज पहला दिन है कॉलेज में तो गोरी उनके सीने लग गई
तो गोरी उनके सीने से लग बोली आप कभी नहीं मान सकते ना हमारी बात आप कहा था ना आप चाय को हाथ नहीं लगाएंगे तो नवीन जी कान पकड़ बोले अच्छा बाबा माफ़ कर दे अपने मामा को
तो गोरी उनके हाथ पकड़ बोली ऐसा नहीं आपको मामी की तारीफ़ करनी होगी क्यों मामी... तो गहना जी सकपका सी गई बोली चल हट... गोरी हंस दी... गहना जी वो कप उठा किचन की ओर जाने को हुई तभी हैरानी से नवीन जी को देखने लगी वो उनका हाथ थाम लिए..
गहना जी उन्हें आंखें दिखाई तो वो उनका हाथ पकड़े बोले आज तो बहुत खूबसूरत लग रही हो मेरी गुलाबो... तभी कोई सिटी बजाया गहना जी जल्दी से हाथ खींच ली इशु सिटी बजाते हुए बोली ओह्ह सुबह सुबह रोमांस....
तभी गहना जी उसका कान पकड़ बोली बेशर्म लड़की... हो गई तेरी सुबह.. तो इशु बोली आह माँ... छोड़ो... तो गहना जी बोली अब समझ आता तू किस पर गई है... तो इशु बोली इस पर तो गहना जी नवीन जी घूर बोली अपने पापा पर... बेशर्म..
मुंह बनाई चली गई किचन की... तो नवीन बोले लो हो गई और नाराज़... तो गोरी बोली हां तो आप भी कौन सा उन्हें नाराज़ होने का मौका नहीं देते... इशु बोली अरे दी इनका छोड़िए सामने कुछ और अकेले में कुछ और होते हैं माँ पापा... अब हमारे सामने थोड़ी बताएंगे अपना प्यार क्यों पापा..
तभी वो उसका कान पकड़ बोले अच्छा कहां से सीखा ये सब... आज ही हमें लगता है तुम्हारी टीचर से बात करनी पड़ेगी तो इशु बोली आह पापा please नहीं...
तो नवीन जी उसके सर पर लगा बोले अच्छा कल का टेस्ट पेपर कहां है.. तो इशु अपनी जीभ काट ली... तो नवीन जी उसे देख बोले लाओ दिखाओ.. तो इशु अपने बालों खुजलाने लगी चोर नजर से गोरी को देख तो वो उसे ना में इशारा की...
तो वो रोनी सी शक्ल बनाई नवीन जी बोले हम तुम से बात कर रहे हैं लाओ दो... हम भी तो देखें मैथ में कितना इम्प्रूवमेंट हुआ है तो इशु बोली पापा वो पेपर तो सर के पास ही है..
तो नवीन जी आंखें सिकुड़ गईं तुमने तो कहा था कल मिल जाएगा फिर तो इशु नज़रे चुराते हुए बोली हां वो कहा था ना मना कहा कर रहे हैं पर वो सर ने अब तक चेक नहीं किया है....
तो नवीन जी उसे घूरते हुए बोले अच्छा कल रात को ही तुम्हारे सर का हमें मैसेज आ चुका है तो इशु आंखें मीच ली.... नवीन जी बोले अब कोई बहाना नहीं चुप चाप लेकर आओ.. तो इशु गोरी से रिक्वेस्ट की..
तभी नवीन जी बोले कोई कुछ नहीं करेगा चुप चाप लेकर आओ.. तो इशु मुंह बनाई तभी गहना जी आ गई आप सभी अब तक बैठे चलिए नाश्ता तैयार है इशु स्कूल और गोरी को कॉलेज नहीं छोड़ना आज उसका पहला दिन...
तो नवीन जी बोले अरे हां चलिए पहले नाश्ता कर लेते हैं... तो इशु चैन की सांस ली तभी नवीन जी बोले शाम को हम जरूर देखेंगे.. तो इशु का मुंह फिर से बन गया...
वही कानपुर सबसे बड़ा कॉलेजकाफी लोग यहाँ अपने सपने लेकर आते हैं जितना खूबसूरत ये दिखता पर हर किसी कुछ ना कुछ खामियाँ होती हैं ऐसा ही कुछ इस कॉलेज के साथ भी...
आज बहुत से स्टूडेंट का पहला दिन था अपने-अपने आँखों में सपने लिए आए थे....
उन्हीं में से अपनी सपनों उड़ान भरते हुए गोरी अपनी चमकती आँखों से कॉलेज को देख रही थी आज उसका पहला दिन था इस कॉलेज में..अलग सी उमंग उड़ान भरते हुए अपने कदम कॉलेज में रखी....
तभी कोई लड़का दौड़ते हुए आया सीधा उससे टकराया कि वो बेचारी संभलते हुए पिलर पकड़ ली वो दौड़ उसके बगल से निकल गया...तो गोरी हैरानी से उसे देखी...क्योंकि उसकी हालत कुछ ऐसी थी...
पसीने के साथ खून से भी लथपथ....वो अपने सीने पर हाथ रख पहले तो साँस ली....तभी उसके कानों में शोर पड़ने लगा
वो पिलर से हट अब उसी ओर देखी तो उसकी आँखें सिकुड़ गईं कुछ भीड़ सी इकट्ठा थी...वो लोग किसी के लिए हूटिंग कर रहे थे....तो गोरी ये देख अजीब लगा वो अब उस ओर चलकर जाने लगी तभी किसी भारी आवाज पड़ी रुके बे....
गोरी वहीं रुक गई...एक पल में शांति पसरी गई...एक शख्स उस भीड़ में अपना हाथ उठाए था किसी को देखते हुए बोला, "का लागत था हमसे बच पावत..."
तो वही लड़का जिसकी हालत कुछ ठीक नहीं थी, उसके बालों सहित एक लड़का पकड़े बोला, "चाहे भाग कर कहीं भी छिप जाए पर सरकार की नजर से नहीं बच सकता है," वो उसे उसी शख्स के कदमों में डाल दिया
वो लड़का उसके पैरों में गिरा वो शख्स उसे काले नजरों से देखा...तभी वो लड़का उसके पैर पकड़ रोते हुए बोला, "सरकार हमें माफ़ कर दो अब अब से नहीं होगा....."
तो वो शख्स सिर्फ उसकी पीठ नजर आ रही थी गोरी उसे देखने की कोशिश करने लगी ज़रा अपने कदम आगे बढ़ाई तभी कुछ ऐसा हुआ उसने मुंह पर हाथ रख लिया...सभी लोग सहम कर दूर हट गए...
वो शख्स उस लड़के के गले पर तेज चाकू की धार से वार कर दिया कि ये होते ही वो जमीन पर गिरा कुछ पल में खून ही खून बहने लगा गोरी अपनी आँखें बड़ी कर हैरानी से ये मंजर देखने लगी अपने मुंह पर हाथ रख लिया
तभी उस शख्स की भारी सी आवाज पड़ी, "देख लियो इसका हाल धोखा करने वाले के साथ क्या होता है" कि वो अपना पैर उठा उस लड़के के सर पर रख धक्का देते हुए सख्त आवाज में सबको देखते हुए बोला, "इसी तरह मिट्टी में मिल जाता है..."
हर कोई ये मंजर देख सहम सा गया....वो शख्स अपनी आँखों पर शेड चढ़ा उस लड़के की लाश को ठोकर मार बोला, "लटका दियो इसे कहीं पर ताकि सबको पता चल जाए शिवांश सिंह ठाकुर के साथ धोखा करने का अंजाम होता है..."
गोरी जैसे पूरी हिल सी गई ये सब देख अपने मुंह पर हाथ रखे वो उस लड़के से नज़रें फेर ली अब उस शख्स की ओर देखी जिसकी पीठ उसे नजर आ रही थी...
वो उसे देख अपने कदम पीछे लेने लगी उसने पहली बार ऐसा किसी खून-खराबे का मंजर देखा था जिससे वो वहाँ खड़े रहने की हालत में तक नहीं थी, अपने कदम पीछे लेते हुए वो सबके बीच से दौड़ी चली गई....
वही शख्स अब पीछे की ओर पलटा अपनी आँखों से शेड उतार चेहरे पर खून के छींटे को साफ़ कर लिया तो उसका चेहरा अब नजर आया...देखने को बहुत ही हैंडसम...पर उतना ही क्रूर...चेहरे पर हल्की बियर्ड...पर आँखें थी नीली....शर्ट के कुछ बटन खुले थे जिससे उसका कठिला सीना नजर आ रहा था गले में रुद्राक्ष की माला...जिसमें शिव का लोकेट..बॉडी ऐसी कि सारे कॉलेज की लड़कियाँ उसे देख सिर्फ अपनी आह भर लें, काफी हॉट बॉडी थी चेहरे पर भाव नहीं...अपनी आँखों पर शेड लगा लिया काफी हैंडसम लग रहा था...
जाकर अपनी जीप में बैठा, मिरर में अपनी शक्ल देखा...अपने चेहरे पर लगे एक खून के छींटे को साफ़ कर उसका चेहरा सख्त हो गया....तभी एक लड़का आकर बोला, "सरकार रुकिए..."
तो शिवांश सख्त भाव से बोला, "क्या है...." तो वो लड़का बोला, "सरकार ये सब जो अभी हुआ उसकी खबर कोनोंने प्रिंसिपल ऑफिस में दे दी..." तो शिवांश के भाव सख्त हो गए वो बोला, "कोन है वो..."
तो वो लड़का बोला, "वो तो नहीं पता पर इतनी किसी हिम्मत कहां जो आपके खिलाफ जा सके..." तो शिवांश उसे नज़र उठा देख बोला, "क्या मतलब?" तो वो लड़का डरते हुए बोला, "वो वो आज बहुत लोगों का नया एडमिशन है, क्या पता उन्हीं में किसी ने ये हरकत की हो..."
तो शिवांश के भाव कुछ सघिन हो गए, वो जीप से कदम नीचे रख बाहर आ बोला, "अच्छा ऐसा है....लागत हमारी पहचान हुई नहीं अब तक..." तभी एक लड़का उसे जैकेट पहनाया वही लड़का बोला, "बुरी खबर ये नहीं अगर प्रिंसिपल को पता लग गया तो कहीं बड़े सरकार तक ये खबर नहीं चल जाए..."
तो शिवांश अपनी जैकेट पहन, उसकी एक हाथ से कॉलर पकड़ लिया उतने में उसकी साँसें मानो अटक गईं...शिवांश सख्त भाव से बोला, "तो क्या हमको किसी बाप से डर नहीं लगता है...." तो लड़का डरते हुए बोला, "सरकार हमारा वो मतलब नहीं....बड़े सरकार के इलेक्शन का समय चल रहा है ना बस इसलिए...."
तो शिवांश उसकी पकड़ ढीली छोड़ दिया, वो बोला, "हूं...चालो, पहले प्रिंसिपल से जरा बातियाले...बहुत जवानी चढ़ रही है उसको!" तो केशव (वही लड़का) उसके पीछे आते हुए बोला, "सरकार वो तो ठीक पर उसको भी सबक सिखाना पड़ेगा जिसने आपका कंप्लेंट किया है..."
तो शिवांश अपनी स्लीव ऊपर करते हुए बोला, "उसे भी देख लेई लागत, पहले दिन ऊपर जाने का टिकट कटाना है उसको..."
अब आगे ---------------------------------
अगर आपको ये कहानी आगे चाहिए तो बताइयेगा तभी मै इसे लिख पाउगी पसंद आये तो बताइयेगा !
भर भर कर कमेन्ट करेगे तभी ये कहानी आगे पहुच पाएगी वरना आप सभी जानते स्टोरी इस समय क्या हालत चल रही शुरू होने से पहले बंद हो जाती है !
thanku !