प्यार है या हवस Ch. 3

प्यार है या हवस - Chapter 3

Posted by heart • Jul 17, 2025 11:50 PM

अब आगे ------------------------------

बड़ी सी हवेली ....

बहोत ही खुबसुरत नजर आ रही थी .जिसके चारो ओर आदमी खड़े हुए हाथो में हथियार लिए हुए ....

वही अंदर की ओर चलते है ....एक बुडी सी ओरत अपने चेयर पर बेठे माला जप रही थी ....तभी एक ओरत उपर से आते हुए आवाज लगाते हुए गुलाबो ओ गुलाबो कहा मर गयी बा ...

वो सीडियो से निचे उतरते हुए आई तभी एक ओरत ...जल्दी से दोडी चली आई हाफ्ते हुए बोली जी ठकुराइन ....आपने हमको बुलाया ...तो वो ओरत उसे घुर बोली कहा मर गयी थी जब भी हमको कुछु काम होता कही ना कही बेठ जावत हो चुगली करने के लिए ओरो कुछु काम होवे का नाही ....

तो गुलाबो मासूम बनते हुए बोली एसा काहे बोलो ठकुराइन हम ओर चुगली हमको ठाकुर जी का पापा लग जाए ...अरे हम तो ठाकुर जी के लिए कपड़े तेयार कर रहे थे ...वो बड़ी ठकुराइन ने हमको बोला था बस ...

तभी आवाज पड़ी अच्छा ...हमको जितना याद है हमने तुको वो काम सुबह दिया था ..अब तक नाही हुआ तुमरा काम ..तो गुलाबो अपनी जीभ काट ली ...उमा जी वही बुडी ओरत ....

.ओज्स्वनी जी वही उमा जी  को देखते हुए बोली इको बस बाहाना बनाने आवत है ....वो गुलाबो को एक नजर घुर बोली इधर का बात उधर करना ......

तो गुलाबो एक्टिंग करते हुए बोली ठकुराइन ....एसा नाही बोलत तो ओज्स्वनी जी उसे घुर बोली बस बस ये मगर मचिया के आसू बहना बंद करो ...जल्दी से रसोई में जाई खाने तेयार करने में हमरी मदद करो  हमरा लल्ला आने वाला है 

तो गुलाबो चमकती आखो से बोली का छोटे सरकार आवत है ..तो ओज्स्वनी जी उसे घुर बोली अब का खड़ी रहत चालो ...

वो किचन में आई ...तो गुलाबो बोली हाय दया खुसबू तो बहोत अच्छा आ रहा है ...तो ओज्स्वनी जी उसे घुर बोली अपनी नाक जरा बस में राखो ...खबरदार जो नजर भी लगाई तो हमरे लल्ला के पसंद का हलवा बनाया हमने ...

तो गुलाबो का मुह बन गया वो बोली ठकुराइन का आप भी हम इतना भी निचे कोनो गिरे हुए वो तो हमारे सरकार है हम उके खाने को काहे नजर लगावत ...तोओज्स्वनी जी उसे घुर हलवे को गर्म करते हुए बोली अच्छा तुमरी जीभ कितनी तेज चालत हमको पता है ...हमको का समझवत रसोइया में नाही आवत तो का पता नाही चलता का चीज कितने दिन में खत्म होवत ...

तो गुलाबो का मुह छोटा हो गया वो नजरे चुराते हुए दांत दिखा बोली ..ठकुराइन बताइए हम का मदद करत ....तो ओज्स्वनी जी बोली आटा लगाओ ....

तभी जीप की आवाज आई ...तो ओज्स्वनी ...बोली लागत है लल्ला आ गयवा ...वो गुलाबो से बोली हम अभी आवत ध्यान रहे ...जलना नाही चाहत तो गुलाबो जल्दी से सर हिलाई ....

ओज्स्वनी बाहर आई तो उनकी आखे सिकुड़ गयी ....कुछ आदमी बंदूके लिए आये ....उनके बीच में एक शख्स अंदर की आया जिसके चहरे पर काफी सक्त भाव थे ....

वो आकर एक चेयर पर बेठ अपने एक पैर पर दूसरा पैर चड़ा लिए पर चहरे पर सक्त भाव थे ...तो ओज्स्वनी जी उन्हें देख ....अब उनके पास चली आई ...तभी वो शख्स उन्हें एक नजर देखा तो जितने भर में वो घबरा सी गयी ...

तो वो कुछ कहती तभी एक जीप की आवाज फिर से कानो में पड़ी ....तभी वो शख्स यानी विशम्भर सिंह ठाकुर ....की आवाज पड़ी ...लो आ गया तुमरा लल्ला ...तो ओज्स्वनी जी उन्हें देखने लगी ...

वो सक्त भाव से बोले .....कोनो  मोका नाही छोड्त अपने बाबा को निचा दिखाने  का ...तभी उमा जी उन्हें देख बोली का हुआ आज इतना खून गर्म काहे है तुमरा ....

तो वो उन्हें देख बोलते तभी ओज्स्वनी जी दरवाजे की ओर देख बोली लल्ला ....

तो वो अब उस ओर नजर उठा देखे ....उनकी आखे छोटी हो गयी शिवांश जो अंदर की ओर किसी पर ध्यान दिए बिना अंदर की ओर आ रहा था ....तभी ओज्स्वनी जी उसके पास आ बोली लल्ला ...

तो शिवांश के कदम ठहर गये ...वो उसके गाल पर हाथ रख बोली आ गया हमरा लल्ला ...तो शिवांश उन्हें देख बोला अब हमरा भुत तो नाही नजर आ रहा तुमको ...

तो ओज्स्वनी जी उसके होटो पर हाथ रख बोली हट कुछु भी बोलत है ...तो शिवांश उनका हाथ हटा बोला हम अपने कमरे में जावत ..तो वो उसे कुछ कहती तभी विशम्भर जी आवाज पड़ी ...बहोत बडिया बिटवा ....

तो शिवांश के कदम वही ठहर गये ....वो उस ओर देखा तो विशम्भर जी अपनी चेयर पर बेठे हुए उसे सक्त आखो से देखते हुए बोले  ...ओनो कुछ रह गयवा जो भी कसर पूरी कर देइ ....

तो शिवांश उनकी ओर पलटा ....ओज्स्वनी जी उन्हें देख शिवांश को देखने लगी ...शिवांश उन्हें देख बोला का है ...हमको अभी तुमरे कोनो बात नाही करनी ....

तो विशम्भर जी बोले तुमको हमरे इज्जत का कोनो फर्क नही पड़ता ...जो फिर से हंगामा कर दिया तुको जरा भी खबर है ...अगर बात ओरो बड जाती तो हमको इसका हर्जाना भरना पड़ता ...

तो शिवांश उन्हें न्रोमली देख बोला ओह्ह तो वो साला ...प्रिंसिपल मुह खोल दिया तुमरे आगे ...तो विशम्भर नाथ जी उसे घूरते हुए बोले उके बोलने ना बोलने का हम से कोनो नाही छिपता ....साला हमको जवाब देना पड़ता है उको कुछु फर्क नाही पड़ता ..

तो शिवांश नोरली जाते हुए बोला ....सर अगर ज्यदा गर्म होवत तो ठंडा पानी से नहा लियो ....तो विशम्भर जी अपनी मुठी कस लिए तभी उमा जी बोली ..अब काहे मुठी मसलो हो तुमरे लाड प्यार का नतीजा है ..ओरोर चढाओ अब तो सर पर बेठ गयवा....

तो विशम्भर जी गुस्से में खड़े हुए की वो चेयर गिर गयी वो गुस्से ओज्स्वनी जी से बोले ...तुमरे ये लाडले को समझा दो ..कुछु दिन कुछ ना बिगड़ेगा ..बिना खून खराबे के रह ले ...वरना हमको नाही पता जो होवेगा ....

तो ओज्स्वनी जी सर जुका सर हिला दी ..वो गुस्से में बोले साला हमरा दिमांग खराब कर रखा है ....वो गुस्से से अपने कमरे की ओर चल गये ...

वही उपर ....

बहोत ही बड़ा सा कमरा .....

फर्श पर कपड़े पड़े थे ....वही शिवांश अपनी आखे बंद किये हुए ...पर उसके हाथ जेसे रुक ना रहे थे ..जेसे वो कुछ ड्रा कर रहा था ...उसकी आखो के सामने एक लडकी का चहरा था .....

जिसे वो आखे बंद कर किसी पर उतार रहा था ...

उसके कमरे में कुछ तस्वीरे से लगी थी ..पर ताजुब ये था उन तस्वीरों में सभी लडकिय थी पर किसका भी चहरा नजर नही आ रहा था ..उसके हाथ रुके तो वो अपनी आखे खोला ..तो सामने वो किसी तराशा हुआ चहरा नजर आया ....

वही बड़ी बड़ी आखे ....जिसमे दुनिया भर की मासूमियत जेसे छिपाए हो ....सबसे हसीन वही गुलाबी से हॉट ....जिन्हें देख शिवांश ....मानो वो उसके ठीक सामने हो ....

इस वक्त शर्टलेस था .....वो आगे बड उस तस्वीर के होटो पर चूम लिया ...तभी धीरे धीरे ....उसे अपने होटो पर किसी ओर के हॉट महूसस होने लगे ......वो धीरे धीरे अपने कदम पीछे लेने लगा ....जेसे किसी को बेताबी से kiss कर रहा हो ....वही वो उसका kiss में उतना ही साथ दे रही हो .....तभी वो पीछे बेड पर गिर गया ...

वेसे ही उसके होटो पर मुस्करहट आ गयी ...वो वेसे ही बोला ....आखिर तुम सामने आ ही गयी ....पर ये का ...हमको तुमरे होटो को महूसस करना है ....वो आखे बंद कर बोला हमको चूमो ....

तभी उसके बालो पर हाथ फेरा कोई तभी उसकी आखे खुल गयी ...ओज्स्वनी जी थी वो उसके गाल पर हाथ रख बोली ...काहे करत खामका अपने बाबा को नराज कर दिया ना ...

तो शिवानाश पेट के बल पिलो में चहरा छिपा बोला हमको अकेला रहना है ....तो ओज्स्वनी जी उसके बालो पर सहलाते हुए बोली ..अच्छा पहले खाना खालो ...

तो शिवांश बोला हमको भूख नाही है ...तो ओज्स्वनी जी बोली काहे ...एसा भी आ खा लिया जो भूख मर गयी तुमरी तो शिवांश आखे बंद कर बोला भूख मरी नाही अब तो ओर बड गयी है ..

तो ओज्स्वनी जी बोली का ...तो शिवांश उन्हें देख बोला ....हमको प्यास लग रही है ....तो ओज्स्वनी जी बोली पानी लाये ..तो शिवांश  बोला नाही ....पानी में वो आग नाही जो हमारे होटो की प्यास भुजा सक्त है  . हमरी प्यास तो सिर्फ एक ही भुजा सक्त है ...

तो ओज्स्वनी जी उसे घुरी तभी कमरा देखि ...बोली ये का करत हो ...लागत है सब बाहर फिकवाना पड़ेगा ...

तभी शिवांश बेठ गया सक्त आवाज में बोला ....ओर कोनो इको छुआ भी उके हाथ काट देइ हम  ....तो ओज्स्वनी जी उसे देखती रह गयी ....तभी वो उठ गया ....बिना बोले बाथरूम की ओर चला गया तो ओज्स्वनी जी बोली लल्ला रुको ...खाना ठंडा हो जाई बिटवा ....

पर वो तो कुछ बोला नही ....तो ओस्ज्वनी जी तभी नजर सामने पेंटिंग पड़ पड़ी ...एक लडकी ....नजर  आरही थी पर चहरा पूरा नही था सिर्फ आखे हॉट ...

तो ओज्स्वनी जी ये देख ना में सर हिला दी ....

वही गोरी अपने कमरे में ...आज जो हुआ उसके दिमांग में वही चल रहा था ....जिसे वो कोशिश कर रही भुला देने  ....उसका दिल अब तब तेजी से धडक रहा था ....उसने केसे शिवांश के होटो पर kiss कर दी ....ये सोच उसका दिल जोरो से धडकने लगता ...

तभी आवाज देते इशु आई ....दी ओ दी ...तो गोरी का ध्यान टुटा इशु ख़ुशी से उसके पास आ बेड पर उसे हग करते हुए बोली ओर बताओ आपका पहला दिन केसा था हु मै बहोत एक्साईटेड हु बताइए ना क्या क्या हुआ ..

तो गोरी उसे देख बोली पहले कपड़े तो बदल ....तो इशु मुह बना बोली नही पहले बताओ कोलेज में क्या हुआ ...हु कितने handsome लडको ने आपको प्रोपेज किया बोलो ना ...

तो गोरी उसे घुर बोली इशु तू भी  आते शुरू हो गयी चल जा कपड़े बदल ....तो इशु मुह बना बोली ...हु नही बताता ना ठीक मै भी कट्टी आप से ...तो गोरी उसे घुर बोली मेरी माँ एसा कुछ नही हुआ ....

तो इशु बोली क्या मतलब कोई तो वो मूवी में होता हिरोइन हीरो से टकरा जाता या मिस्टेक से किस्स हो जाती एसा कुछ भी नही ..तो गोरी तभी घबराई उठ गयी .....उसे अपनी kiss याद आ गयी ..

तो इशु उसे देख बोली क्या हुआ ..तो गोरी नजरे चुराते हुए बोली तू बहोत बोलने लगी आने दे मामा जी  तेरी शिकायत करती हु ..तो इशु मुह बना बोली जाओ नही बताना था अब मै पुचुगी भी नही ...

तो गोरी चेन की सास ली ...तभी गहना जी आवाज आई गोरी ...तो गोरी आवाज दी जी आई मामी .....

अब आगे --------------------------------------------

अभी के लिए इतना अगले चेप्टर में आपको बहोत कुछ देखने को मिलेगा पर अगर आप पड़ना चाहते है तो ...

मुझे कमेन्ट कर बताइए केसा लगा !

कहानी आगे बड़ाउ की नही !

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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