A CONNECTION OF THE HEART - Chapter 1
दिल्ली ,,
कमरे की एक खिड़की से सूरज की हल्की किरण अंदर आ रही थी l बेड पर सोई हुई लड़की का दुध की भाँति गौरा रंग और भी चमक रहा था l
कमरा बहुत ही खूबसूरती से सजा हुआ था l कमरे के बीच मे इक बड़ा सा बेड था l बेड की दाई और अलमारी और बाई और स्टडी टेबल और सोफा था l कमरे मे हल्के नीले और सफेद रंग के पर्दे थे l कमरे मे ढेर सारी तस्वीरे थी l कमरे मे स्टडी टेबल के पास एक बुक शेल्फ भी था l किताबों को बहुत प्यार से सजाया हुआ था l
तभी उस कमरे की शांति को भंग करने के लिए एक 45 साल की उम्र की औरत आती है l उसने हल्की पिंक कलर की सारी पहनी हुई थी जिसमें डार्क गुलाब की डिज़ाइन बनी हुई थी l यह आरती कपूर है l
आरती जी हल्के गुस्से में कहती हैं l
आरती जी ने कहा " अरे ! देखो तो इस लड़की को अभी तक सो रही है l ईशा .... ईशा ..... l "
वह लड़की जिसका नाम ईशा था l 23 साल उम्र l लंबे बाल जो कमर तक आ रहे थे l वह उसकी खूबसूरती मे चार चांद लगा रहे थे l वह अपनी आंखे खोलती है l आधी खुली हुई आंखो से वह सामने देखती हैं l अचानक से वह हडबडी मैं उठ जाती है l
ईशा ने कहा " अरे ! चाचीजी आप l सॉरी मुजे उठने मे जरा लेट हो गया l "
आरती जी उसकी तरफ अपनी आंखे छोटी छोटी कर देखती हैं l
आरती जी उसके कान को खिंचते हुए कहती हैं l
आरती जी ने कहा " चाचीजी की बच्ची l तू तो एसे बिहेव कर रही है जैसे कि मे तुझे बहुत टॉर्चर करती हू l "
ईशा ने कहा " आह ! आह ! अरे चाची दर्द हो रहा है l छोड़ो ना प्लीज l मे तो मज़ाक कर रही थीं l बस और कुछ नहीं l अच्छा सॉरी l सॉरी l जाने भी दो l "
आरती जी उसका कान छोड़ देती है l
आरती जी ने कहा " ईशा l मेने कहा था कि आज लड़के वाले तुम्हें देखने आ रहे हैं l लेकिन तुम हो कि किसी की सुननी ही नहीं है l वे लोग दो घंटे बाद आने वाले हैं l "
ईशा बच्चों की तरह मुह बनाकर कहती हैं l
ईशा ने कहा " लेकिन मुजे शादी नहीं करनी हैं l प्लीज l "
आरती जी के चहरे पर सख्त एक्सप्रेशन आ जाते हैं l
आरती जी ने कहा " ईशा l ये क्या तुमने गलत जिद लगा रखी है l बहुत अच्छा रिश्ता आया है l लड़के का नाम गौरव सिन्हा है l लड़का टेक्सी चलाता है l और संस्कारी है l तुम जल्दी से तैयार हो जाओ l आखिर कब तक मे इस बोझ को ...... l तुम तैयार हो जाओ l "
ईशा को अपनी चाची की कड़वी बातों से बहुत दुख पहुचा था l
ईशा आरती जी का हाथ पकड़ कर कहती हैं l
ईशा ने कहा " आप मुझसे गुस्सा हो क्या ? चाची l "
आरती जी ने कहा " ईशा l अब तुम बड़ी हो गई हो l तुम्हें अब सभी बातों को समझना चाहिए l वैसे भी वह लोग बिना दहेज के शादी करने के लिए तैयार है l तुम्हारे जाने के बाद मुजे सुकून से जीना है l तुम्हारे चाचा मुजे यहा से ले जाएगे l तुम्हारी वज़ह से वह मुझसे दूर है l अगर तुमको मेरी थोड़ी भी परवाह हो तो तैयार हो जाना l "
इतना कहकर आरती जी कमरे में से बाहर चली जाती हैं l कमरे मे से बाहर आते ही उनकी आँखों मे से एक आंसू का कतरा बह जाता हैं l
कमरे मे बैठी ईशा भी घुटनों मे अपना सिर छुपाकर सिसकते हुए कहती हैं l
ईशा ने कहा " चाची l ईशा आपसे बहुत प्यार करती है l मे ये शादी सिर्फ आपके लिए ही करूंगी l मे अपनी खुशी के लिए आपकी खुशिया दाव पर नहीं लगा सकती l "
कुछ देर तक ईशा यू ही घुटनों मे अपना सर छुपाई सिसकती है l और फिर उठकर फ्रेश होने के लिए बाथरूम मैं चली जाती हैं l
आरती जी भी अपने कमरे में जाकर कमरे का दरवाजा बंद कर देती हैं और कमरे के दरवाजे से पीठ लगाकर अपनी आंखे मूँद लेती हैं l
तभी उनका फोन बजता हैं l
आरती जी अपने आंसू साफ़ कर फोन को उठाती है l सामने से प्रकाश कपूर जो आरती जी के हसबैंड और ईशा के चाचा थे उनकी आवाज आती हैं l
प्रकाश जी ने कहा " वह मान गई ? "
आरती जी ने कहा " हाँ l शायद l प्रकाश क्या कोई और रास्ता नहीं है l ईशा अभी शादी नहीं करना चाहती हैं l "
प्रकाश जी ने कहा " नहीं l हमारे पास यही रास्ता है l "
आरती जी ने कहा " लेकिन इसकी क्या गारंटी है कि ईशा वहां खुश रहेगी ? "
प्रकाश जी ने कहा " यह निर्मल भाई का फैसला है l हम कूछ नहीं कर सकते हैं l गौरव अच्छा लड़का है और वह हमारी ईशा को बहुत खुश रखेगा l शादी के बाद शायद ईशा के सर से खतरा मंडरा रहा है वो दूर हो जाए l "
आरती जी इसके आगे और कुछ नहीं कहती और ओके कहकर कॉल कट कर देती है l
आरती जी फिर अपने चहरे को साफ़ कर किचन में जाकर लड़के वाले के आने की तैयारियां करने लग जाती है l
वहीं ईशा भी हल्के आसमानी रंग का anarakali सूट पहन कर तैयार हो रही थी l कानो मे झूमर और गले में पतली सी लॉकेट वालीं चेन l हाथों मे मैच करती हुई चूडिय़ां और पैर मैं पतली सी कम बजे इसी पायल l
आँखों में हल्का काजल और होठों पर हल्की लिपस्टिक l ईशा जैसे आसमान से उतरी हुई अप्सरा हो एसे लग रही थी l उसने अपने बालों की चोटी बनाई हुई थी l
कहानी कैसी लगी यह पढ़कर जरूर बताएगा l देखते हैं कि ईशा की जिंदगी क्या मोड़ लेती है l क्या है आरती जी की मजबूरी जो वह अपने पति के साथ नहीं रहती l इन सभी सवालों के जवाब समीक्षा कर जरूर बताए