A CONNECTION OF THE HEART - Chapter 3
पिछले अध्याय में आपने देखा कि ईशा शादी करने से इनकार करती है। आरती जी उसे गौरव सिन्हा से शादी करने के लिए मनाने की कोशिश करती हैं। फिर, प्रिया आती है, जो ईशा की बचपन की दोस्त है। प्रिया ईशा को डराती है, जिसके बाद वे दोनों बात करते हैं। आरती जी आती हैं और प्रिया को जाने के लिए कहती हैं, जबकि ईशा को लड़के वालों के सामने जाने के लिए तैयार करती हैं। कालिंदी जी, गौरव की दादी, ईशा से मिलती हैं और उसे अपने साथ ले जाने का फैसला करती हैं। आरती जी ईशा को जाने के लिए कहती हैं क्योंकि उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए कालिंदी जी से वादा किया था।
अब आगे
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ईशा अपने आप को सम्हाले हुए खड़ी होती है और फिर एक बेग मैं अपने कुछ कपड़े और किताबे रख देती हैं l ईशा अपना बेग लेकर आगे बढ़ती है और कमरे की दहलीज पर आकर रुक जाती है l वह एक बार अपने पूरे कमरे को देखती हैं और फिर खुदको सम्हाल नीचे आ जाती हैं l
वह पूरे घर को देख रही थीं l उसका बचपन इसी घर में बीता था और इस घर से उसकी बहुत सारी यादे जुड़ी हुई भी थी l तभी कालिंदी जी की आवाज आती हैं l
कालिंदी जी _ " ईशा l चलो l "
ईशा _ " एक बार मे चाची से मिल लू l "
कालिंदी जी _ " वो यहा आई थी l वह तुमसे नहीं मिलना चाहती है l "
ईशा कालिंदी जी की तरफ आशा भरी निगाहों से देखती हैं l कालिंदी जी उसका हाथ पकड़ ती हैं और उसको अपने साथ ले जाती है l
ईशा और कालिंदी जी दोनों कार मैं बैठ जाते हैं l पूरे रास्ते ईशा और कालिंदी जी एक दूसरे से कोई भी बातें नहीं करते हैं l
तक़रीबन आधे घंटे के बाद कार एक सुनसान रास्ते पर रुक जाती है l कार से नीचे उतरकर ईशा देखती हैं कि यह एक सुनसान रास्ता है l
ईशा सवालिया नजरो से कालिंदी जी की तरफ देखती हैं कि तभी वहा एक हेलिकॉप्टर आता हैं l कालिंदी जी ईशा को उसमे बैठ ने का इशारा करती हैं l ईशा और कालिंदी जी दोनों उस हेलीकॉप्टर में बैठ जाते हैं l
तक़रीबन डेढ़ घंटे बाद वह हेलिकॉप्टर लैण्ड होता है l
ईशा अपने चारो ओर देखती हैं l यह कोई जंगल का इलाक़ा था l दूर दूर तक सिर्फ पेड़ और पौधे ही दिखाई दे रहे थे l चारो ओर हरियाली ही हरियाली छाई हुई थी l अभी दोपहर का समय था l दिन मे वह जंगल और भी खूबसूरत दिखाई दे रहा था l
ईशा कालिंदी जी की और देखती हैं l
ईशा _ " ये हम कहा है ? "
कालिंदी जी _ " हम अभी फॉरेस्ट मे है l कूछ दिनों तक तुम्हें यही रहना होगा l यह मेरी बेटी का घर है l "
कालिंदी जी ईशा को चलते हुए सारी बातें बता रही थी l
कालिंदी जी _ " गौरव और तुम्हारी कुंडली देख कर पंडित जी ने कहा कि अगले 6 महीने तक कोई शुभ मुहूर्त नहीं है और इतने महीने काफी होते हैं एक दूसरे को पहचानने के लिए l हो सके तो ज्यादा से ज्यादा समय गौरव के साथ बिताना l वह अच्छा लड़का है l "
वे दोनों घर के मैन डोर तक पहुच जाते हैं l कालिंदी जी सामने खड़ी मेड को इशारा करती है l मेड जल्दी से वहा पर आती हैं l
कालिंदी जी _ " यह हमारे घर की बहू है l इसका ध्यान रखना l "
इतना कहकर कालिंदी जी वहा से जाने लगती हैं l ईशा उनको पिछे से आवाज लगाती है l
ईशा _ " दादी ! "
कालिंदी जी ईशा की तरफ मुड़ती है l वह आँखों ही आँखों में ईशा को बोलने का इशारा करती हैं l
ईशा _ " आप l यहा नहीं .... l मेरे कहने का मतलब है कि..... l "
कालिंदी जी _ " इसके आगे का सफर तुम्हें खुद अकेले ही तय करना होगा l मेरे पति मेरा इंतजार कर रहे हैं l मुजे जाना होगा l "
इतना कहकर दादी वहा से चली जाती हैं l ईशा अपना निचला होंठ बाहर निकाल कर कहती हैं l
ईशा _ " अब मे यहा क्या करूँ l कैसे रहूंगी l मे तो किसी को भी नहीं पहचान ती हूं l "
तभी ईशा को एक लड़की की आवाज आती हैं l ईशा उसकी तरफ देखती हैं l उस लड़की ने ग्रे बिजनैस सूट पहन रखा था l उसकी कंधे से थोड़े नीचे तक बाल थे l उसने अपने एक हाथ में घड़ी पहनी हुई थी l वह लड़की परफेक्ट बिजनेस वुमन लग रही थी l
ट्विंकल _ " हैलो l मे ट्विंकल सिन्हा l तुम्हारी होने वालीं सिस्टर इन लो l "
ट्विंकल ईशा के पास आकर प्यार से उसकी आंख मे से काजल निकाल कर ईशा के कान के पिछे लगाकार कहती है l
ट्विंकल _ " अरे वाह l तुम तो फोटो से भी ज्यादा खूबसूरत हो l चलो मे तुम्हें तुम्हारा कमरा दिखा देती हूं l "
ईशा भी ट्विंकल से मिलकर खुश हुई l क्योंकि ट्विंकल का बिहेवियर फ्रेंडली था l बहुत जल्दी वे दोनों एक दूसरे के साथ बहुत अच्छे से घुलने मिलने लगी थी l
ट्विंकल उसको एक कमरे में ले जाती हैं l
ट्विंकल _ " यह मास्टर बेडरुम है l गौरव का कमरा है l तुम्हें इसी कमरे में गौरव के साथ रहना है l "
ईशा को यह सुनकर तेज zatka लगता है l उसके मुह से अचानक से निकल जाता हैं l
ईशा _ " what ! "
इतना कहकर ईशा बेहोश हो जाती हैं l
आगे देखते हैं l क्या मोड़ लेती है ईशा और गौरव की कहानी l आखिरकार ईशा के जीवन में आए इस बड़े बदलाव को क्या ईशा सहन कर पाएगी l क्या होगा जब ईशा गौरव से मिलेगी l आखिर क्या छिपा रहे हैं सिन्हा फॅमिली ईशा से l इन सभी प्रश्नों के जवाब जानना चाहते हैं तो कहानी को पढ़ते रहे l और फॉलो करना ना भूले l