Marked By His Bite🔥(𝗕𝗹 𝗟𝗼𝘃𝗲 𝗦𝘁𝗼𝗿𝘆) Ch. 1

Marked By His Bite🔥 -Promo

Posted by Fictitious Writer| Falak • Oct 04, 2025 04:58 PM

⚠️ Author’s Note ⚠️

Story Title: Marked by His Bite

Genre: Supernatural • Vampire • BL • 🔞Bold Romance

Author: Falak

This story contains explicit themes, supernatural passion, and a dangerously devoted vampire who has waited centuries for his one true love… a human boy with the softest heart and the sweetest blood. 💋🩸

Expect:

Steamy 🔞 boy love

Bold and intimate moments

Intense obsession

One soft cutie vs. one dangerously hot immortal

A twisted fate... bound by love, blood, and hunger

> "He didn't just bite his neck… he marked his soul."

⚠️ Warning:

This is a BL (Boys’ Love) vampire romance.

If you are homophobic, judgmental, or uncomfortable with queer content — kindly step away.

This world is for love without limits, and if your heart isn't open, you're not welcome here.

To the rest — welcome to the madness of immortal love... 💔❤️‍🔥

_____°°°°

ओके गुडनाइट…!!अव्यान ने बेड पर लम्बा लेट होते हुए कहा..

वह अपनी ढीली ढाली लम्बी टी.शर्ट और हॉफ पेंट पहने हुए था..

विव्रांत के आँखों में मोहब्बत का जहांन कैद था,,वह आज की सारी पिक्चरस मोबाइल में देख रहा था..

आज पहली बार था ज़ब वह किसी के साथ इतना घूम फिर कर एन्जॉय कर पाया था..

विव्रांत उठके अव्यान के बेड पर आ बैठा..

“आव्यु मैं तुम्हारे बेड पर आज रात सो जाऊं..”

अव्यान सिर हाँ में हिला गया..

“तुम्हे अकेले सोने में डर लगता है ना तो कोई बात नहीं मेरे बेड पर सो जाओ,,लेकिन तुम बहुत लम्बे चोड़े हो..शायद ये बेड छोटा पड़ जाए..

मैं निचे सो जाता हूं..!!

विव्रांत ने उसे कमर से पकड़के खींच लिया..

“नहीं…हम एडजस्ट कर लेंगे..!!विव्रांत की हरी बेकरार आँखे खुद पर महसूस कर अव्यान शर्म से लाल पड़ गया..

“हाँ…हाँ क्यों नहीं…लेकिन पहले मुझे छोड़ो तो सही..”अव्यान घबरा सा गया..

विव्रांत ने जल्दी से उसके कमर को छोड़ दिया..

दोनों बेड के एक एक साइड में सो गए..

लेकिन दोनों की तेज़ धड़कने कमरे की फ़िज़ा में गूंज रही थी..

“आव्यु…क्या तुमने कभी किसी को किश किया है…!!

विव्रांत की बात सुन अव्यान बोला,,”न..नहीं मैंने आज तक किसी को डेट नहीं किया है..!!

हाँ लेकिन उस दिन तुम्हे _____

विव्रांत के दिल को जैसे राहत मिली..मतलब वह अव्यान का पहला किश था..

विव्रांत ने बड़े आराम से कहा..“क्या ख्याल है…फिर से किश करना चाहोगे…!?

अव्यान जले भुने लहजे मे बोला..”न…नहीं हमें ऐसी बातें नहीं सोचनी चाहिए,,हम फिर बहक गए तो…!!

विव्रांत ने उसे पीछे से बांहो में जकड़ लिया..

विव्रांत ने उसे बेड पर गिरा दिया और उसके होंटो पर टूट पड़ा..

अव्यान ने उसके गर्दन में बांहे कस ली..

दोनों के होंट एक दूसरे से मिले तो प्यार लुटाने लगे..

किश डीप होती गई तो अव्यान को सांस लेने में दिक्कत होने लगी..

विव्रांत ने किश ब्रेक किया और उठके अपनी शर्ट के बटन खोलने लगा..

“विव्रांत…रुक जाओ,,बस किश तक सही है..हम इससे ज़्यादा आगे नहीं बढ़ सकते..”

लेकिन जैसे ही उसकी नज़र विव्रांत के मज़बूत सीने और सिक्स पैक पर पड़ी वह मुंह पर हाथ रख शर्मा गया..

विव्रांत वापिस से उसके होंटो पर टूट पड़ा..

अव्यान भी पूरे तरह से विव्रांत का साथ देने लगा,,विव्रांत उसके निचले होंटो को सक करता हुआ बाईट भी कर रहा था…

फिर वह उसके गर्दन पर आके शिद्दत से चूमने लगा..

“आई लव यु आव्यु…रियली रियली लव यु…!!

मैं नाजाने कितने सालों से पियासा हूं...तुम मुझे हमेशा बहुत अच्छे लगते हो..”

अव्यान को तो विव्रांत की कोई बात ही नहीं समझ आती थी..वह बस मुस्कुरा पड़ा..

विव्रांत ने झिझकते हुए अव्यान की तरफ देखा तो वह अपनी टी शर्ट ऊपर कर उतारने लगा..

“तुम कम्फर्टेबल तो हो ना…!?विव्रांत ने अव्यान की तरफ देखा..

अव्यान ने विव्रांत का सिर अपने सीने में दबाते हुए कहा..”मुझे थोड़ा डर लग रहा है,,ज़्यादा दर्द हुआ तो…!?

विव्रांत ने अव्यान के गालो में सलौली बाईट किया और फिर स्मूच करने लगा..

विव्रांत ने उसके निपलस को उंगलियों के बिच ले कर हलका सा दबाया तो अव्यान सिसक पड़ा..

“वव…विव्रांत….वहाँ नहीं,,मैं थोड़ा निपलस…मतलब मैं वहाँ सेंसिटिव हूं..”

विव्रांत ने लेकिन जैसे कुछ सुना ही ना हो,,वह झुक कर उसके निपलस को होंटो से चुम गया..

“अहह…अह्ह्ह्ह….हहहहहह……….हहहहहह..!!

अव्यान विव्रांत का सिर पकड़े अपने सीने से दूर करने लगा क्यूंकि पूरे बदन में करंट सा दौड़ गया था..

"नहीं मुझे कुछ नहीं करना...प्लीज रुक जाओ...!!अव्यान को अब पछतावा हुआ..

विव्रांत ने उसे देखा और फिर वाइल्डली उसके गर्दन पर दाँत गाड़ गया,,अव्यान दर्द से उछल पड़ा..

"वीव...विव्रांत...अह्ह्ह हहहहहह...तू...तुम स्..सच में पागल होगये हो...!?अव्यान को बहुत तेज़ दर्द हुआ था..

"हाँ शायद…!!

लेकिन अब मैं पीछे नहीं हटूंगा...थोड़ा दर्द तो तुम्हे बर्दास्त करना ही होगा..."विव्रांत इस पल पूरा का पूरा बदल गया था...

वह सर्द चेहरा लिए अव्यान को देखने लगा जो बहुत घबरा गया था..

विव्रांत ने उसे बांहो में जकड़ लिया...

"यू नो मैं कितना तड़प रहा हूं और आज तुम भी मेरे तड़प में जलोगे आव्यु....!!

अव्यान ने बस उसके सीने में मुंह छुपा लिया..

वह जानता था कि अब खुद विव्रांत से दूर रहना मुश्किल है लेकिन उसकी शिद्दत भरी मोहब्बत सहन करना आसान बात नहीं थी..

“डोंट वरी…पहले तुम स्ट्रेच थोड़ा कर लेता हूं ताकि तुम्हे मुझे झेलने में दिक्कत ना हो…!!विव्रांत ने अव्यान के पेंट में उंगलियां सरकाई..

“प्लीज ज़्यादा रफ नहीं…होना…!!अव्यान की सांसे तेज़ होने लगी क्यूंकि विव्रांत की दो उंगलियां उसके होल में चली गई थी..

विव्रांत धीरे धीरे अपनी उंगलियों की हरकत तेज़ कर रहा था..

“अगर ज़्यादा दर्द हो तो बताना…!!विव्रांत अव्यान के गर्दन पर झुका चुम गया..

अव्यान का चेहरा लाल पड़ने लगा,उसने आज तक सेग्स नहीं किया था…

थोड़ी देर बाद अव्यान की पेंट निचे फर्श पर पड़ी थी और विव्रांत के गोद में अव्यान बैठे सिसक रहा था..

“इट्स ओके…रिलैक्स….टेक इट ईज़ी…ये सिर्फ मेरी उंगलियां है…!!विव्रांत की अब तीन उंगलियां तेज़ी से अंदर बाहर कर रही थी…

अहह…उम्मम्हहहहह….हहहहह…मफह्ह्हह्ह्ह्ह…वीव…..रा……

अव्यान की आवाज बैठती जा रही थी,वह बस विव्रांत की उंगलियों से ही खुमार में बहक गया था,,उसके शरीर का तापमान बढ़ते जा रहा था…

“पल…प्लीज…प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़…जल्दी से अब तुम डालो….अब मुझसे और बर्दास्त नहीं हो रहा है……..हहहहहह……!!अव्यान चीख पड़ा…

विव्रांत के होंटो में तिरछी मुस्कान तेर गई…

विव्रांत ने अपनी उंगलियों को अव्यान के चेहरे के सामने लाते हुए कहा..”ये देखो तुम अंदर से कितने गीले हो,,मतलब तुम तीन बार कम कर चुके हो….!!

अव्यान ने शर्मिंदगी से आँखे मिंच ली…

इट्स जस्ट बेगिनिंग...🔥💞

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