My Forbidden Love - Chapter 2
अब तक.
Check देख कर ओर सृजन के नोट को पढ कर मायरा रात का सीन सोचने लगी.
अब आगे.
" फ्लैशबैक.
सृजन ने मायरा को जैसे ही करीब खींचा वो फिर से एक बार कांप गई उसके शरीर के हर रोंगटे खडे हो गए उसके आंखो में नमी उतर आई ये देख तिरछी मुस्कान के साथ सृजन ने उसे खुद से एकदम से दूर कर कहा
खुद को बिना इजाजत के मजबूर मत करो जब दिल गवाही नहीं दे रहा तो खुद को बेच कर कभी खुश नहीं रह पाओगी.
मायरा सृजन की बात सुन रोने लगी उसे लगा था वो जिसके पास जा रही वो बहुत ही घटिया आदमी होगा उसके साथ क्या करेगा यही सोच उसकी हालत खराब थी लेकिन इस वक्त सृजन को देख उसे ऐसा लगा जैसे वो किसी फरिश्ते को देख रही हो जो उसे बचा रहा है.
मायरा सृजन के इनकार के बाद जाने लगी, तभी सृजन उसकी तरफ मुडकर बोला, तुम कहाँ जा रही हो? तुम्हें नहीं पता, ऐसे जाने से तुम ही मुसीबत में पडोगी.
" सृजन की बात सुनकर मायरा तो रुक गई, लेकिन उसकी तरफ ऐसे देखा जैसे उसे कुछ समझ ही नहीं आया हो. सृजन ने कहा, क्या उसकी नजरों को समझ कर सृजन लंबे पैरों से कदम मायरा की तरफ देकर कहा, तुम्हारा पति तुम्हारा सौदा कर चुका है, यही तो वो तुम पर हांथ भी उठा सकता है. यहाँ से गई तो वो किसी और के पास भेज देगा. सब एक जैसे नहीं होते कि वो वहीं देंगे नोच खाएँगे. दुनिया बडी जालिम है इसलिए कह रहा हूँ, रात यहीं रुक जाओ, सुबह चली जाना, बच जाओगी।
" सृजन की बात सुनकर मायरा हिचकिचाई और बोली, लेकिन आप.
" मायरा कुछ कहती, उसकी बात बीच में रोककर सृजन ने काफी दमदार आवाज में कहा, मेरी छोडो, अब सोचो और जाके बेड पर सो जाओ, लेकिन हाँ, याद रखना, आँखें खुलनी नहीं चाहिए।
" सृजन की वो आँखें मायरा को देख रही थीं और उसे अपनी बात मानने के लिए मजबूर कर रही थीं. मायरा कुछ सोचकर मान गई और जाके बेड पर लेट गई, बिना कुछ बोले आँख बंद करके. सृजन ने एक नजर देखा और सोफे पर बैठ गया. उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं था, लेकिन घबराहट मायरा के चेहरे पर अभी भी छिपी हुई थी।
" ख्यालों से मायरा बाहर आने पर उसने देखा कमरे में सारा सामान बिखरा हुआ था, जो साफ गवाही दे रहा था कि रात में कुछ हुआ है. उसने बेड पर देखा, तो आँखें सिकोड गईं. बेड का पूरा नक्शा बदल गया. बेड इस तरह से बिखरा था जैसे यहां पर सारी रात को कुछ हुआ हो सारे चीज देख कर समझ गई सृजन ने क्यों किया है उसे बचाने के लिए एक अजनबी ने उसकी हेल्प की उसके हांथ होते हुए भी उसे छुआ तक नहीं ऐसे शख्स कैसे दिल में नहीं उतर सकते है सृजन मायरा के दिल में उतर गया.
" मायरा अब कुछ देर तक शांत बैठी रही फिर Check वही टेबल पर रख कर वॉशरूम में चली गई. कुछ देर बाद टॉवल में वह नहाकर वो बाहर आई. रात के ही कपडे देख वो बडबडाई" कुलदीप कपडे कल का ही देख कर समझ जाएगा मुझे इससे झूठ कहना होगा" मायरा ने सोचा ओर अपना कपडा फाड के वाई फेक दो जमीन पर.
मायरा सोचने लगी अब वो क्या पहने तभी अचानक उसे कुलदीप की एक बात और याद आई, जब आते वक्त उसने कहा था, किसी चीज की जरूरत हो, मुझे Call कर देना मै आ जाऊंगा"
" ये याद आते ही मायरा सामने टेबल पर रखा फोन देखी कुलदीप को Call कर के सीधे बोली, मेरे कपडे फट गए हैं, मुझे कपडे चाहिए तुम ला सकते हो।
" दूसरी तरफ से खुशी से भरी कुलदीप की आवाज आई, मै अभी भेजता हूं बेबी" आखिर खुश क्यों न हो वो जो चाहता था वही हुआ है
इतना सुनते ही मायरा ने फोन cut कर दिया और बेड से टेक लगाकर बैठ गई. उसकी आँखों में आँसू भर गए. आँखों के सामने एक छोटे से बच्चे का चेहरा घूमने लगा जो भाग रहा था, मायरा उसके पीछे दौड रही थी।
" इसी ख्याल में थी तभी दरवाजा Knock हुआ. वह बेड से उठ गई, थोडा सा दरवाजा खोला और देखा, एक सर्वेंट थी. उसे देख उसने हाथ बढाया, वह लेडी मायरा के हाथ में उसके कपडे का पॉकेट रख देती है.
मायरा अंदर आके कपडे पहनती है और बाल बनाकर कमरे से बाहर निकल जाती है. वही वह होटल के बाहर ही आई, तभी सामने उसकी नजर एक आदमी से टकरा गई, जो सिगरेट का कस ले रहा था. गाडी से टेक लगा के खडा था।
" उसने भी जैसे ही मायरा को बाहर आते देखा, जल्दी से सिगरेट नीचे फेंककर पैरों से मसल दिया और मायरा के पास आया उसने मायरा को लगे से लगा के बोला, तुमने उसे खुश कर दिया न? वो नाराज होके तो नहीं गया जैसा कहने को कहा था वही सबर किया है न तुमने, बोलो कुछ मुझे जानना है रात में क्या हुआ था।
मायरा से कुलदीप ने एक्साडेंट होके पूछा, लेकिन मायरा जैसे हैरानी से देख रही थी, क्या सच में यह उसका ही पति है, कुलदीप चौधरी? मायरा उस आदमी को एकटक देखने? लगी, लेकिन कुछ नहीं बोली. क्या कहती? ये उसका पति है जो खुद अपने प्रमोशन के किए अपने ही पत्नी को बॉस के साथ सोने के लिए भेज दिया ये तक नहीं सोचा ये कितना बडा पाप है मायरा बिचारी अंदर ही अंदर कलह रही है कुछ कह नहीं पाई क्यों पता नहीं.
लेकिन जब मायरा ने कोई जवाब नहीं दी इसे देख, कुलगीप ने फिर से कहा, बोल न, क्या हुआ? वो खुश हुआ न? क्या नहीं?
कुलदीप ने तेज आवाज में पूछा मायरा चिहुंक सी गई उसे लगा नहीं था भरे समाज में उसका ही पति इस तरह से बेचार करेगा. कुलदीप के फोर्स करने पर मायरा कुछ कहने को हुई. वो. मै.
जारी...
मायरा क्या करेगी क्या कुलदीप को सच्चाई बता देगी? सृजन क्या सच में इतना अच्छा आदमी है?