मदहोशी ए ट्रू लव स्टोरी Ch. 2

मदहोशी ए ट्रू लव स्टोरी - Chapter 2 (आह्ह्हृ ... म्म्मा ऊं मां आह्ह्हृ... )

Posted by Moon Star • Dec 01, 2025 10:05 PM

जेल की दीवारों के भीतर आज एक अजीब-सी घुटन थी।

लाल अलार्म की तेज़ गूँज, भागते-कूदते गार्ड, उच्चाधिकारियों की चिल्लाहट—

सब मिलकर एक ही बात चिल्ला रहे थे:

“दोनों फरार हो गए! दोनो फरार हो गए!”

और ये कोई साधारण कैदी नहीं थे।

यह दोनों वही थे जिन्होंने—

बैंक से 300 करोड़ लूटे थे

और जाते-जाते वहाँ के एक स्टाफ को

बेरहमी से मार डाला था।

इंस्पेक्टर रोहित चौहान ने जैसे ही खबर सुनी,

वह एक झटके से अपनी कुर्सी से उठा और बाहर की ओर भागा।

“जीप निकाले! जल्दी!!”

हवलदार विनोद ने तुरंत इंजन स्टार्ट किया।

धूल का गुबार उठता गया और पुलिस की गाड़ियों का काफ़िला

जेल के गेट से गरजता हुआ हाईवे पर निकल पड़ा।

रोहित ने तेज़ आवाज़ में कहा,

“विनोद, ये दोनों आम चोर-उचक्के नहीं हैं।

300 करोड़ की लूट… और एक मर्डर!

ये लोग अपराध जरूरत के लिए नहीं करते…

ये उनका जुनून है।”

हवलदार ने घबराकर पूछा,

“सर… सच में इतने खतरनाक हैं क्या?”

रोहित ने सीट पकड़ते हुए कहा—

“पहला — टोनी ‘वाइल्डफायर’।”

“उसे लोग वाइल्डफायर इसलिए कहते हैं…”

रोहित की आँखें सिकुड़ गईं,

“…क्योंकि उसकी एंट्री हमेशा आग की तरह होती है—

तेज़, अनियंत्रित और सबकुछ जलाकर रख देने वाली।”

हवलदार का गला सूख गया।

रोहित ने जारी रखा,

“टोनी की सबसे खतरनाक बात ये है कि वो

किसी को भी अपनी बातों से फँसा सकता है।

लोग अपनी मर्जी से—हाँ, अपनी मर्जी से—

उसे कैश, ज्वेलरी, डिटेल्स… सब दे देते हैं।

और जब होश आता है,

वो सब लुट चुके होते हैं।”

हवलदार ने काँपते हुए कहा,

“और दूसरा?”

रोहित की आवाज़ गहरी, भारी और लगभग फुसफुसाहट बन गई—

“—दूसरा… सेंट एंथोनी।”

जीप हल्का-सा डगमगाई।

विनोद के हाथ स्टेयरिंग पर कस गए।

“एंथोनी को लोग कभी नाम सूनकर कम आँकते हैं…”

रोहित बोला,

“पर असल में वो… एक साइको है।

बैंक के मैनेजर को जिस तरह उसने मारा था—

उसकी फाइल पढ़कर भी मेरी नींद उड़ गई थी।”

विनोद ने धीरे से कहा,

“सर… मैंने सुना है वो… किसी भी तालाचाबी का खेल एक मिनट में कर देता है?”

रोहित ने सिर हिलाया—

“बिना देखे ताले की नसों को पहचान लेता है।

जेल में भी… लॉक सिस्टम उसी ने हैक किया।

ये फरारी प्लान उसी का दिमाग था।”

हवा में तनाव बढ़ गया था।

जीप आगे बढ़ती जा रही थी,

लेकिन तभी—

“सर!!”

हवलदार विनोद की घबराई हुई चीख के साथ

जीप जोर से ब्रेक खाती है।

टायर सड़क पर जलकर चीख उठते हैं।

रोहित आगे गिरते-गिरते खुद को सँभालता है।

“क्या हुआ?!”

विनोद काँपती आवाज़ में बोला—

“सर… ये रास्ता किसी ने पहले ही काट दिया है।

पेड़ गिरे हैं… तार काटे हुए हैं…

ये सब प्लान्ड है।”

रोहित की आँखें लाल हो गईं।

“मतलब…

एंथोनी सेंट और सेंट टोनी वाइल्ड फायर…

यहीं से गुजरे हैं।”

दोनों तरफ घना जंगल…

टूटी हुई सड़क…

और हवा में एक अजीब-सी खामोशी।

रोहित ने गहरी साँस लेते हुए कहा—

“विनोद… खेल अभी शुरू हुआ है।”

वही राजपूत हाऊज में,

रनवीर ऐश्वर्या को बाहों में उठा कर बेडरूम में लेकर आया और बेड पर फेंक दिया |

रनवीर अब ऐश्वर्या के ऊपर झुका हुआ था। उसकी साँसें और भी गर्म हो चुकी थीं।

उसने अपनी हथेली से ऐश्वर्या के सीने को पकड़ा, जैसे वो उन्हें अपनी पकड़ में कैद कर लेना चाहता हो।

ऐश्वर्या (हल्की कराह के साथ)

"ज़रा नर्मी से… या फिर बिल्कुल भी नहीं।"

उसके शब्द सुनकर रनवीर के होंठ सीधे उसकी छाती पर उतर आए।

पहले हल्की-हल्की किस, फिर जीभ से गोलाई बनाते हुए — और फिर तेज़ी से उसने उन्हें अपने होंठों के बीच ले लिया।

ऐश्वर्या का बदन अचानक तन गया। उसके हाथ अपने आप रनवीर के बालों में जा धँसे।

रनवीर (उसकी त्वचा पर फुसफुसाते हुए)

"तुम्हारा स्वाद… मुझे और गहरा खींच रहा है।"

वो अब रुकने वाला नहीं था। कभी दाहिने, कभी बाएँ — उसके होंठ और दाँत लगातार ऐश्वर्या के उभार पर खेल रहे थे।

कभी हल्की बाइट, कभी तेज़ खींचाव, तो कभी लंबा चूसना — हर बार ऐश्वर्या की आवाज़ और ऊँची हो जाती।

ऐश्वर्या अब खुद उसे और पास दबा रही थी। उसकी उँगलियाँ रनवीर की पीठ में खरोंच छोड़ रही थीं।

ऐश्वर्या (आँखें बंद करके)

"और तेज़… छोड़ना मत…"

उसके शब्दों के साथ ही रनवीर ने एक हाथ से उसकी कमर थामी और दूसरे से उसके सीने को ऊपर उठाकर और गहराई से अपने मुँह में भर लिया।

अब कमरे में सिर्फ उनकी साँसों और ऐश्वर्या की सिसकियों की आवाज़ थी।

बिस्तर की सिल्क शीट्स उनकी हर हरकत पर और सिकुड़ रही थीं।

रनवीर हर बार ऊपर उठता और फिर दुबारा उसके उभार पर टूट पड़ता — जैसे प्यासा हो, और यही उसका नशा हो।

रनवीर लगातार उसके उभार पर झुका हुआ था। हर बार उसके होंठों और दाँतों की हरकत पर ऐश्वर्या का बदन काँप जाता।

उसकी आवाज़ें अब दब नहीं रही थीं। वो पूरी तरह खुल चुकी थी।

ऐश्वर्या (हांफते हुए)

"अगर तुमने अब भी मुझे अधूरा छोड़ा… तो मैं तुम्हें छोड़ूँगी नहीं।"

रनवीर हल्का-सा मुस्कुराया और उसके होंठों से ऊपर उठते हुए सीधे उसकी गर्दन पर आ गया।

उसकी जीभ गर्दन से कंधे तक सरकती चली गई। ऐश्वर्या बेकाबू होकर उसके बाल खींचने लगी।

उसने अचानक उसकी दोनों कलाई पकड़कर सिर के ऊपर दबा दीं। अब वो पूरी तरह उसके नीचे थी।

रनवीर की आँखों में वही प्यास थी — और उसके अगले ही मूवमेंट ने उस प्यास को हकीकत में बदल दिया।

वो धीरे-धीरे उसकी जाँघों के बीच सरक आया। ऐश्वर्या का दिल तेजी से धड़कने लगा।

उसकी साँसें और आवाज़ें मिल चुकी थीं।

अगले ही पल उसने एक गहरी साँस के साथ **फिर से उसमें प्रवेश किया**।

ऐश्वर्या का पूरा बदन बिस्तर पर तन गया, उसकी चीख दबकर उसके काँधे में समा गई।

अब हर धक्का और भी गहरा, और भी तेज़ था।

रनवीर लगातार उसकी आँखों में देख रहा था, और ऐश्वर्या उसकी पीठ पर नाखून गड़ाए बिना रह नहीं पा रही थी।

ऐश्वर्या (कराहते हुए)

"और… और तेज़… मुझे रोकना मत…"

उसके शब्दों के साथ ही रनवीर ने अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी।

बिस्तर की मढ़ी हुई ऐश्वर्या जोर-जोर से आवाज़ करने लगीं।

ऐश्वर्या के पैर उसकी कमर के चारों ओर कस चुके थे।

वो अब हर बार और गहराई में डूब रहे थे —

जैसे दोनों एक-दूसरे के अंदर खुद को पूरा खो देना चाहते हों।

ऐश्वर्या के होंठ कभी चीख में खुलते, कभी उसकी छाती पर दब जाते।

उसके गाल लाल हो चुके थे, पसीना उसके पूरे बदन पर चमक रहा था।

रनवीर (तेज साँसों में)

"तुम्हें इस पल की कीमत कभी भूल नहीं पाएगी…"

ऐश्वर्या (आँखें बंद कर)

"ये पल… मेरे लिए बस मौत जैसा मीठा नशा है।"

अब उनके बीच कोई रुकावट नहीं थी।

हर हरकत और भी उग्र, और भी गहरी होती जा रही थी।

कमरा उनकी कराहों और साँसों से भर चुका था।

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