SHAKTI - A most dengerous woman - Chapter 1
झारखंड....
साहिबगंज जिले में....
साहिबगंज जिला झारखंड राज्य का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह जिला गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है, जो इसे प्राकृतिक सुंदरता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है। साहिबगंज जिले में कई ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनमें राजमहल और तेलीगढ़ी किला प्रमुख हैं। ये स्थल मुगल काल के दौरान बनाए गए थे और अपने वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं।
रात - 11: 00 बजे....
कुछ ही दूरी पर राजमहल के पास एक छोटी सी कोठी खड़ी थी, जो पीले रंग की दीवारों के साथ एक अनदेखी सी जगह पर स्थित थी। रात के अंधेरे में, यह कोठी और भी रहस्यमयी लग रही थी। उसके आसपास 5-6 आदमी घूम रहे थे, जिनके हाथों में खतरनाक बंदूकें थीं। उनकी नजरें हर तरफ घूम रही थीं, जैसे वह किसी अनहोनी की आशंका से बचने के लिए तैयार थे।
कोठी के आसपास का माहौल सुनसान और डरावना था। रात की गहराई में, केवल आदमियों की आवाजें और उनके कदमों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। यह एक ऐसी जगह थी, जहां कोई नहीं जानता था, लेकिन आदमियों की उपस्थिति ने इसे एक खतरनाक और रहस्यमयी स्थल बना दिया था।
तभी वहां किसी की उपस्थिति नजर आई, एक लड़की जिसने खुद को ब्लैक कलर के कपड़ों से ढक रखा था, जो रात के अंधेरे में एक छाया की तरह दिखाई दे रही थी। वह चुपचाप उस कोठी की और बढ़ रही थी, जहां 5-6 आदमी घूम रहे थे। उनके हाथों में खतरनाक बंदूकें थीं और वह हर तरफ नजर रखे हुए थे।
लड़की ने अपनी चाल में कोई आवाज नहीं की, जैसे कि वह हवा की तरह चल रही थी। वह आदमियों के पास पहुंची और अचानक हमला कर दिया। उसकी पहली किक एक आदमी के पेट में लगी, जिससे वह दोहरी हो गया। लड़की ने तुरंत अपनी गति और ताकत का उपयोग करके दूसरे आदमी को एक जोरदार पंच मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। उसकी गति और ताकत ने बाकि आदमियों को चौंका दिया।
तीसरे आदमी ने अपनी बंदूक निकालकर लड़की पर निशाना साधा, लेकिन लड़की ने उसकी कलाई पकड़कर उसे घुमा दिया और बंदूक छीन ली। लड़की ने उस आदमी को एक जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया।
चौथे आदमी ने लड़की पर पीछे से हमला किया, लेकिन लड़की ने अपनी पीठ के बल उसे एक जोरदार किक मारी, जिससे वह उछलकर जमीन पर गिर गया।
लड़की ने अपनी मार्शल आर्ट्स की तकनीक का उपयोग करके आदमियों को एक-एक करके गिराना शुरू कर दिया। आदमी उसकी गति और ताकत के सामने बेबस थे। वह अपनी बंदूकों का उपयोग नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि लड़की की गति इतनी तेज थी कि वह उसे पकड़ नहीं पा रहे थे।
उन आदमियों की चीखें और कराहें रात की शांति को तोड़ रही थीं।
लड़की ने आदमियों को एक-एक करके गिरा दिया और आखिरी आदमी को एक जोरदार किक मारकर गिरा दिया। वह आदमी जमीन पर गिर गया और लड़की ने उसकी बंदूक छीन ली। लड़की ने अपनी जीत का जश्न नहीं मनाया, बल्कि वह आगे बढ़ गई, जैसे कि उसका मिशन अभी पूरा नहीं हुआ था।
वह लड़की कोठी के दरवाजे के पास आई और एक जोरदार लात मारकर दरवाजे को तोड़ दिया। दरवाजा जोरदार आवाज के साथ कमरे के अंदर जाकर नीचे जमीन पर पड़ गया, जैसे कि एक बम फट गया हो। उस कमरे में एक बूढ़ा आदमी था, जो कि सो रहा था। उसने जब इतनी जोरदार आवाज सुनी, तो वह उठ बैठे और अपना चश्मा आंखों पर पहनकर उस लड़की की तरफ देखा, जो कि कमरे के अंदर आ रही थी।
लड़की की चाल में एक अनोखी स्टाइल थी, जैसे कि वह किसी फिल्म की हीरोइन हो। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे, जबकि बूढ़े आदमी के चेहरे पर हैरानी और थोड़ी सी डर की झलक थी। वह लड़की सीधे कमरे के अंदर आकर बूढ़े आदमी के बेड के सामने वाले चेयर पर पैर के ऊपर पैर रखकर बैठ गई, जैसे कि वह उस कमरे की मालकिन हो।
वह बूढ़े आदमी अपनी आंखों में हैरानी और थोड़ी सी डर के साथ लड़की को देखते रह गए। उस लड़की ने बड़े कुल आवाज में पूछा: "आप ही हैं न रामू काका!!"
उस बूढ़े आदमी ने हां में सर हिलाया, तो उस लड़की ने कहा: "इतना डरिए मत!! मैं कुछ नहीं करूंगी आपको। बस मुझे मेरे सवालों का जवाब दे दीजिए, फिर मैं खुद यहां से चली जाऊंगी।"
उस बूढ़े आदमी ने सवाल किया: "कौनसे सवाल??"
उस लड़की ने आगे कहा: "राजमहल के बारे में तो आप जानते ही होंगे राइट!!" उस लड़की के आवाज में ऐसा अनोखा रहस्य था, जो कि वह आदमी समझ गया था कि वह लड़की क्या पूछना चाहती है??
उस आदमी ने बिना देरी किए बगैर कहा: "तुम... तुम उसकी बहन... "
उस लड़की ने जल्दी ही कहा: "हां, मैं उसकी बड़ी बहन हूं!! अब आप अपनी बात शुरू कीजिए, बताना!! वरना यह न हो कि मैं अभी कुछ कर बैठूं आपके साथ।"
उस लड़की ने बस इतना ही कहा था कि उसने अपने पैंट की पॉकेट से एक बहुत ही बड़ी चाकू निकाला और उस आदमी की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। उस आदमी की आंखें चाकू पर टिक गईं, और वह और भी डर गया। उसकी आवाज कांपने लगी, और उसने कहा: "ठीक है, मैं बताता हूं... सब कुछ बताता हूं..."
उस लड़की ने मुस्कुरा कर कहा: "वैल डन!!"
उस बूढ़े आदमी ने बताना शुरू किया: "राजमहल एक ऐतिहासिक शहर था, जो गंगा नदी के किनारे बसा हुआ था। इस शहर पर महाराज राजबीर सिंह का शासन था, जो अपनी न्यायप्रियता और साहस के लिए प्रसिद्ध थे। महाराज राजबीर सिंह की पत्नी महारानी मधुमती एक सुंदर और बुद्धिमान महिला थीं, जो अपने पति के साथ मिलकर राज्य के कल्याण के लिए काम करती थीं। महाराजा और महारानी के दो बेटियां और दो बेटे हैं। बेटियों का नाम है राजकुमारी अर्पिता और राजकुमारी राधिका। और राजकुमार आदित्य और राजकुमार कार्तिक, यह चारों बहुत ही अच्छे और सच्चे बच्चे हैं। यह लोग भी बड़े हो गए हैं और अभी महाराज राजबीर सिंह के जान है।
महाराज राजबीर सिंह और महारानी मधुमती का व्यवहार अपनी प्रजा के प्रति बहुत ही अच्छा और सहयोगी था। वह हमेशा अपनी प्रजा की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए तैयार रहते थे।
महाराज राजबीर सिंह और महारानी मधुमती एक आदर्श जोड़ी थे। महाराज राजबीर सिंह बहुत ही न्यायप्रिय और साहसी थे, जबकि महारानी मधुमती बहुत ही दयालु और सहृदय थीं। वह दोनों मिलकर अपनी प्रजा के कल्याण के लिए काम करते थे और हमेशा उनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करते थे।
शुरू में तो सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन एक दिन अचानक से सब कुछ बदलने लगा। महाराज राजबीर बहुत ही गुस्सैल और व्यस्त रहने लगे, और साथ ही साथ महारानी मधुमती की भी आचरण बदल गई। वह अपने बच्चों के अलावा किसी की भी बात नहीं सुनती थी और हर वक्त गुस्सा करती थी, खासकर तब जब कोई दासी एक कमरे की तरफ जाती थी जहां महारानी मधुमती और महाराजा राजबीर के अलावा कोई भी नहीं जाता था।
जब कोई दासी वहां पर गलती से भी चली जाती, तो महारानी मधुमति उसे बहुत कुछ सुनाकर साम्राज्य से निकाल देते। पता नहीं उस कमरे में ऐसा क्या था जो महारानी और महाराज जाने भी नहीं देते थे, बल्कि अपने बच्चों को भी उस कमरे के आसपास भटकने भी नहीं देते थे।
उस लड़की ने सवाल किया: "ऐसा क्या है उस कमरे में?"
उस लड़की के सवाल पर वह बूढ़ा आदमी थोड़ा चुप रहकर कहता है: "पता नहीं!! मैं बस उस कमरे की सफाई करा करता था, इसलिए मुझे नहीं पता। पर उस कमरे में ज्यादा कुछ सामान नहीं था। बस एक अलमारी और एक बेड, टेबल के अलावा कुछ भी नहीं था। और बस दीवारों पर अजीबों गरीब पेंटिंग था।"
वह लड़की बड़ी ध्यान से उस आदमी की बातों को सुन रही थी, जैसे कि वह किसी रहस्य को उजागर करने वाली थी।
है कौन यह लड़की जिसने अकेले ही इतने सारे आदमियों को मारा?? और क्या है उसका मकसद?? कौन है यह बूढ़ा आदमी?? वह बूढ़ा आदमी किस लड़की के बारे में बात कर रहे थे?? और उस कमरे में ऐसा क्या था जो महारानी मधुमति और महाराजा राजबीर के अलावा किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी?? महारानी मधुमति और महाराजा राजबीर के व्यवहार में अचानक बदलाव क्यों आया?? और क्या है राजमहल का सच??
जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरी कहानी " SHAKTI– A most dengerous woman"