Ziddi ishq tera Ch. 1

Ziddi ishq tera - Chapter 1

Posted by Ira Rajput • Feb 07, 2026 06:53 AM

राधे राधे दोस्तो❣️

Disclaimer: यह कहानी काल्पनिक है ओर केवल मनोरंज के उद्देश्य से लिखा गया है ।इसमें दर्शाए गए पात्र, घटनाएं सब काल्पनिक हैं।

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Delhi...

सुबह के करीब 9 बजे एक बड़े से मेंशन के एक आलीशान कमरे के बड़े से बेड पर एक लड़की पेट के बल सो रही थी। उसके खुले लंबे बाल उसके पूरे चेहरे को ढके हुए थे जिस की वजह से उसका चेहरा नहीं दिख रहा था तभी किसी ने उसके रूम का दरवाजा नॉक किया।

लेकिन वह लड़की अभी भी उसी पोजीशन में सो रही थी शायद वह अभी भी गहरी नींद में थी। जब बार बार नॉक होने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला ,तो वो शख्स दरवाजा  खोल कर अंदर आया, दिखने में वह कोई 50 साल के आस पास की औरत थी जिस ने खूबसूरत सी साड़ी पहन रखी थी। उस औरत ने बेड पर देखा जहां वो लड़की आराम से घोड़े बेच कर सो रहो थी।

"वह औरत सर पर हाथ रहकर खुद से"हे भगवान मैं इस लड़की का क्या करूं क्या होगा इस लड़की का, इतनी बड़ी हो गई है फिर भी इसको सोने का ढंग नहीं है।

उस औरत ने रूम के पर्दे हटाकर खिड़की खोल दी। जिस से सूरज की रोशनी सीधी उस लड़की के ऊपर जाने लगी, जिस वजह से वो लड़की थोड़ी सी  मचलने लगी ,ओर परेशान हो कर लड़की ने अपने चेहरे को तकिया से ढक लिया। तभी वो औरत बेड के पास आ कर थोड़ी तेज आवाज में, उठो प्रिंसेस 9 बज गए है।

"लड़की नींद में ही" मम्मा सोने दो ना बस थोड़ी देर।

वह औरत "नहीं नहीं अभी उठो सब नीचे तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं"।

लड़की उठ कर बैठ जाती है उसको देख कर ही लग रहा था वो अभी भी नींद में ही है। लड़की मुश्किल से आधी आंखें खोल कर चेहरा ऊपर उठती है जिसे उसके चेहरे से बाल हट जाते है ।

अब उस लड़की का चेहरा बिल्कुल साफ दिख रहा था, काले लंबे बाल "गोल गोरा चेहरा, बड़ी बड़ी नीली आँखें, घणी पलके छोटी सी नाक, pink heart shape lips , और होठों के नीचे काला तिल जो उसकी खूबसूरती को ओर बढ़ा रहा था। " जी है ये है हमारी हीरोइन "पीहू सिंघानिया" और वह औरत इनकी मां प्रिया सिंघानिया।

"पीहू आंखें मसलते हुए मासूम सी शक्ल बनाकर", मम्मा थोड़ी देर ओर सो जाऊ क्या।

"प्रिया जी आँखें दिखा कर", नौटंकी करना बंद करो और चुप चाप जाकर नहा कर नीचे आओ, नाश्ता तैयार है सब तुम्हारा नीचे इंतजार कर रहे हैं।

"पीहू बेड से उठकर प्रिया जी के गले लगते हुए कहती है, मम्मा हम बाद में नहा लेगे पहले नीचे चलते हैं बहुत जोरो की भूख लगी है, "पीहू ने ये बात बार बार आँखें झपकते हुए मासूम सा चेहरा बनाकर कही थी ऐसा करते हुए वो बिल्कुल किसी मासूम सी डॉल की तरह लग रही थी।"

प्रिया जी का दिल भी उसको देख कर पिघल गया, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और फिर से गुस्से वाला चेहरा बना कर, उसको वॉशरूम की तरफ भेजते हुए "बिलकुल नहीं पहले जाओ नहाओ फिर नाश्ता मिलेगा"।

"पीहू मुंह बना कर वॉशरूम जाते हुए "खडूस मम्मा"

प्रिया जी पीछे से, "सब सुन रहा है मुझे"। पीहू मुंह बना कर वॉशरूम में भाग जाती है।

पीहू के जाते ही प्रिया जी मुस्कराते हुए "पागल लड़की" फिर बेड के पास जा कर ब्लैकेट और बेडशीट सही करती है, क्लोसेट से कपड़े निकल कर बेड पर रखती है उसके बाद रूम से निकल कर नीचे जाती है।

जहां बड़े से हॉल में सोफे पर 4 सख्श बैठे हुए थे "पहला सख्श जो दिखने 80 के आस पास होगे", प्रिया जी को देख कर "प्रिया बहु लाडो उठ गई"।

"प्रिया जी", अपने ससुर आलोक सिंघानिया जी के पास जाकर उनके पैर छू कर "जी पापा जी उठ गई शैतान" ओर उठते ही हो गई नौटंकी शुरू।

फिर उनके बराबर में बैठी अपनी सास सुमन सिंघानियाजी जो दिखने में 76 के आस पास होगी उनके पैर छुकर आशीर्वाद लेती है।

"सुमन जी मुस्कराते हुए" बहु लाडो की वजह से ही तो घर में रौनक रहती हैं।

उनकी बात सुन कर सब मुस्करा देते है।

"तीसरा शख्स जो यही कोई 50 sal के आस पास होगा वो मुस्कराते हुए", ये तो अपने सही कहा मां हमारी गुड़िया के साथ टाइम का पता ही नहीं चलता,हमारी गुड़िया किसी के भी चेहरे पर स्माइल ला सकती हैं.... वो है ही इतनी प्यारी।

तभी एक औरत जिस की उम्र 47 ke आस पास होगी, किचन से आते हुए कहती है ,,,,," मां जी, दीदी चले नाश्ता लग गया है।

तभी चौथा शख्स जो 55 sal के आस पास के होगे अखबार पढ़ रहा था ,,,,, अखबार सामने मेज पर रखते हुए ,,,,, अभी तक मेरी प्रिंसेस नीचे क्यों नहीं आई मैं अभी देख कर आता हु ,,,,,,ओर ये कह कर, उठकर ऊपर जाने लगते है ,,,,, तभी ऊपर से पीहू की आवाज आती है ,,,, "डैडी में आ गई"।

पीहू की आवाज सुन कर सब ऊपर की और देखते है जहा पीहू मुस्कराते हुए सब को खड़ी हुई देख रही थी ,,,, जिसने black colour का काँप top or blue जींस और बालों को खुला छोड़ रखा था ,,,,, बिना मेकअप के भी वो बहुत खूबसूरत लग रही थी।

उसको देखकर सबके फेस पर स्माइल आ जाती है।

पीहू जो खड़ी थी सब को अपनी तरफ देखता पाकर सीढ़ियों से तेज तेज भाग कर उतारने लगती है ,,, जिसे देख सब एक साथ घबरा कर चिल्लाते है... 'प्रिंसेस गुड़िया, लाडो आराम से।

इतनी सारी आवाज एक साथ सुन कर पीहू घबरा जाती है ,,, और उसका पैर फिसल जाता है ,,, उसे गिरता देख कर सब डर जाते है ,,, और ऊपर की तरफ भगाते है...!!

धन्यवाद🙏

कैसी लगी आपको मेरी पहली कहानी 'ज़िद्दी इश्क़ तेरा' की यह छोटी सी शुरुआत? पीहू की मासूमियत और सिंघानिया परिवार की बॉन्डिंग तो आपने देख ली, लेकिन क्या पीहू खुद को गिरने से बचा पाएगी? या यहाँ से शुरू होगा कहानी में कोई नया मोड़?

चूंकि यह मेरी पहली Novel है, मुझे आप सबके साथ और प्यार की बहुत ज़रूरत है। अगर आपको कहानी अच्छी लगी हो तो..

Comment में बताएं कि आपको पीहू का किरदार कैसा लगा? ✨

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