Her Mafia Husband Ch. 2

Her Mafia Husband - Chapter 2

Posted by Himali • Feb 15, 2026 10:38 PM

अब आगे ,

क्लब में 

मॉर्निंग का टाइम 

     सात्विक और आर्या  दो नो सो रहे थे । दो नो के ऊपर इस वक्त सिर्फ एक ब्लैंकेट था । उन दोनो के कपड़े फ्लोर पर बिखरे हुए गिरे थे ।दो नो इस समय पूरी तरह नेक्ड थे । आनेवाले पल से बेखबर होकर दो नो नींद के आगोश में थे की तभी सात्विक का फोन रिंग हुआ और उसकी नींद खुल गई । तभी उसकी नजर उसके सीने में सर रख कर गहरी नींद में  सो रही आर्या पर गई  । सात्विक एक पल के लिए बस देखता रह गया । उसका वो मासूम चेहरा , उसकी बंद पलके , उसका नाक, उसके स्वेल्ड होठ, उसके गर्दन और शोल्डर पर बने उसके लव बाइट , उसकी परफेक्ट collarbone ये सब देखते ही उसके चेहरे पर सुकून उतर आया ।

उसके चेहरे पर आज अलग ही सेटिस्फिकेशन था तो आर्या के  चेहरे पर थकान थी।  

थोड़ी देर ऐसे ही देखता रहा उसे तभी उसके फोन में दोबारा नोटिफिकेशन आई उसने फोन उठा कर देखा तो कुछ डिटेल थी । 

वो जेसे जेसे डिटेल पढ़ता गया वैसे वैसे उसके चेहरे के भाव बिगड़ते गए।  

फिर उसने फोन को साइड में रखा  और आर्या के माथे पर किस करके बोला :) वेलकम टू द हेवन मिस आर्या सिन्हा। आज से तुम्हारी जिंदगी सिर्फ तुम्हारी नही रही । उस पर अब तुमसे ज्यादा  मेरा हक है। 

तभी आर्या की पलके फड़फड़ाने लगी।  वो धीरे धीरे अपनी आंखे खोलने लगी उसकी पूरी बॉडी में से बेतहाशा दर्द हो रहा था । वो अपनी आंखे भी नही उठा पा रही थी ।

तभी उसकी आंखे सात्विक की ब्राउन eyes से जा मिली । वो उसे देखते ही कुछ समझ ने की कोशिश कर रही थी और जेसे ही उसे कुछ अंदाजा हुआ वो एकदम से उठने को हुई तभी उसकी एक दर्दनाक चीख निकली । उसकी आंखो में दर्द उतर आया वो अपने बॉडी से ब्लंकेट हटाने लगी तभी उसे अहसास हुआ की वो पूरी तरह नेक्ड थी और एक अजनबी के साथ उसने रात बिता दी थी। उसकी आंखो से आंसू बहने लगे । 

तभी सात्विक बोला :) hey तुम रो क्यों रही हो ?

आर्या ने कुछ नहीं कहा बस उसने अपने चेहरे पर ब्लैंकेट रख दिया और रोने लगी । फिर उसने कहा में यहां कैसे आई ? मेरे साथ ये क्या हो गया ? आप कोन है? ये क्या कर दिया में ने ? 

तभी सात्विक ने उसे ठीक से बेड से टेक लगा कर बैठाया और उसके और खुद के ऊपर ठीक से ब्लैंकेट कवर कर के बैठ गया । उसने आर्या से कहा :) बोलो क्या हुआ ? 

आर्या अभी भी चुप थी । फिर उसे अपने साथ हुई कड़वी यादों की याद आने लगी और वो अचानक सात्विक के गले लग कर रोने लगी क्योंकि वो कल से ही अपने आप में suffer कर रही थी वो रोते हुए बोली :) मेरी जिंदगी में ही क्यों ये सब होता है? क्यू दुनिया मुझे सिर्फ दर्द देती है ?? क्यू कोई नही है मेरा अपना। ऐसे ही जिंदगी में मुसीबतें कम थी जो में ने ये कर दिया । kyuuuuuuu??? इतना बोलकर वो बिलखते हुए रोने लगी ।

तभी सात्विक ने उसका सर सहलाया और बोला :) शांत हो जाओ जो होना था अब वो हो गया है तुम या में कोई नही बदल सकता । अब तुम मेरे साथ रहेगी । तुम्हे में कुछ नही होने दूंगा । 

आर्या ने कहा :) नही नही में किसी के साथ नही रहूंगी । और में यहां कैसे आ गई ? 

सात्विक ने कहा :) तुम यहां अपनी मर्जी से आई थी । 

आर्या ने कहा :) में अपनी मर्जी से अपनी इज्जत के साथ खिलवाड़ करने वाली लड़की नही हूं।

सात्विक ने कहा :) में कब तुम्हे ये वर्ड कहा । आर्या 

आर्या ने कहा :) आपको मेरा नाम कैसे पता । में कल washroom में जा रही थी बस उसके बाद का कुछ याद नहीं आ रहा । क्या हुआ ? ये सर इतना क्यू दुख रखा है ?

सात्विक ने कहा :) तुम्हारे बारे में मुझे पता लगाने में ज्यादा टाइम नही लगा । और तुम कल washroom समझ कर यहां आ गई थी फिर में ने तुम्हे रोक ने की बहुत कोशिश की पर तुम कल अपने आपे में नहीं थी । 

आर्या ने कहा :) ये आप क्या बोल रहे है ? अगर में आ गई थी तो आप बाहर भेज सकते थे न । 

सात्विक ने कहा :) आई तो तुम अपनी मर्जी से थी पर अब कभी वापस नहीं जाओगी । 

आर्या ने कहा :) ये क्या बोल रहे हो आप ? आप हो कोन ?

सात्विक ने कहा :) मेरा नाम ही काफी है शायद हम मिले नही पर जानती तो होगी ही तुम ।

आर्या ने  कुछ नहीं कहा ।

सात्विक बोला :) में सात्विक कपूर हूं।  मुझे बहुत ही कम लोगो ने देखा है पर मेरा नाम आज भी लोगो की जुबान पर सबसे पहले आता है। 

आर्या ने कहा :) आप सात्विक कपूर हो । Impossible

सात्विक ने उसे घूरते हुए कहा;) क्यू ?

आर्या ने उसके सीने से अपना सर उठा कर ब्लैंकेट अपनी बॉडी पर डालकर बोली :) वो mr. Kapoor लड़कियो से बहुत दूर रहते है, आज तक कोई लड़की उन्हे अपने झांसे में नही ले पाई । 

सात्विक ने कहा :) ये सच है पर कल तुम खुद आई थी मेरे पास या डेस्टिनी यही चाहती थी की तुम मेरे पास आओ । 

और तुम आई तो कल अपनी मर्जी से थी पर अब जब तुमने खुद मुझे खुदको सौंप दिया है तो फिर तुम्हारी जिंदगी में अब तुमसे ज्यादा मेरा हक हो गया ।

आर्या कुछ बोल ने को हुई तभी उसे दोबारा दर्द होने लगा वो पेट और कमर को ब्लैंकेट के अंदर से सहला रही थी ।

तभी सात्विक ने उसे कहा :) तुम उठना मत में अभी आया इतना बोलकर वो खड़ा हो गया तो आर्या की आंखे खुली की खुली रह गई । और उसने अपनी नजरे फेर दी। तो वही सात्विक के चहरे पर स्माइल  आ गई। और बोला तुम तो बहुत शर्मीली हो । पर कल रात को बेकाबू हो गई थी । उसकी ये बाते सुनकर आर्या को अब खुद पर ही गुस्सा आ रहा था । 

सात्विक ने खड़े होकर अपनी पैंट पहनी और वाशरूम में चला गया। थोड़ी देर बाद वो बाहर आया और आर्या के पास गया ।

उसने आर्या के ऊपर से ब्लैंकेट हटा दिया और उसे गोद में उठा लिया । तभी आर्या ने कहा :) आपको शर्म नही आती ऐसे किसी को बिना कपड़े पहने उठाते हुए?

सात्विक ने कहा ;) इसने क्या शर्म वैसे भी में कल रात को तुम्हारा ये सब देख लिया है और उसे अंदर तक फील भी किया है । इतना बोलकर वो तिरछा मुस्कुरा दिया । और वाशरूम में अंदर ले जाकर आर्या को बाथ टब में बिठा दिया । उसमे उसने गर्म पानी भरा था ।

अंदर बैठा कर उसने अपनी पैंट निकाल दी और आर्या के पीछे बैठ गया । और बोला :) तुम्हे इससे आराम मिलेगा ? 

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