Desire of love Ch. 2

Desire of love - Chapter 2

Posted by MANSI GUPTA • Feb 28, 2026 04:14 PM

यहां आदित्य रेड्डी को खाना खिलाकर फिर दूसरे कमरे में रेस्ट करने चला गया था और फिर 1 घंटे बाद वापस आया तो देखा वृद्धि अभी भी सो रही थी और उसकी पहले चेक करी तो वह भी बहुत नॉर्मल थी फिर उसके बाद थोड़े समय बाद ही विदाई का टाइम आ गया और विदाई होकर सारी गाड़ियां शेखावत निवास से निकल गई और रवाना हो गई राय ज्यादा मिला के लिए तकरीबन 4 घंटे बाद वह लोग रह जाता बिना पहुंचे और आदित्य ने रीति का हाथ पकड़ा और उसे अपने रूम की तरफ लगी और रूम में पहुंच गए रिद्धि आदित्य का रूम देखकर थोड़ी सी हैरान हो गई क्योंकि वह रूम इतना ज्यादा बड़ा था जितना उसका खुद का रूम भी नहीं था उसका खुद का रूम भी इस रूम का आधा ही होगा पर आदित्य करूं बहुत बड़ा था जिसमें एक अटैक स्विमिंग पूल और एक बालकनी और साफा और एक अटैक जिम भी था और एक और दरवाजा था जो उसके स्टडी रूम से भी अटैच था उसका रूम उसके फ्लोर पर सिर्फ दो ही ऐसी रूम थे जो उसने बने हुए थे बाकी सब के रूम आदित्य के रूम के मुकाबले काफी छोटे थे पर उसके पास अपना खुद का भी एक विला था जो रिद्धि के घर से थोड़ा दूर था पर यह जो मिला था जिसे सब लोग रहते थे यह विला यह विला रिद्धि के घर से तकरीबन चार-पांच घंटे की दूरी पर बना हुआ रिद्धि इस रूम को हराने से देखने लगी वह रूम इतना सुंदर था और आज सजाया बड़ा अच्छा गया था फिर आदित्य रिद्धि की तरफ बढ़ा और उसे कहां की तुम थक गई होगी जो जाकर हल्के कपड़े पहन लो और फिर आराम कर लो जिस दिन अपना सर हमें हिला दिया और वॉशरूम की तरफ चली गई पर उसे वॉशरूम का डोर खुल नहीं रहा था आदित्य ने आकर डोर को खोल दिया तो यदि अंदर चली गई और अंदर से बॉथरूम लॉक कर लिया वही आदतें वहां बैठकर अपने लैपटॉप में कुछ काम करने लगा वही रहती जब सिंपल सूट पहन कर बाहर आए दबा देते उसे देखा ही रह गया सिंपल सूट में भी इतनी अच्छी लग रही थी क्या बताएं और उसकी मांग में वह सिंदूर जो आदित्य ने लगाया था वह भी बहुत अच्छा लग रहा था और थोड़ा सा सिंदूर उसके नाक पर भी गिर गया था जो उसकी इस लोक को और भी ज्यादा सुंदर बना रहा था हाथों में भारी-भारी मेहंदी और चूड़ा जो उसे 7 साल बता रहा था कि वह सिर्फ उसकी है और किसी की नहीं आदित्य सिस्टर बस देखता ही रहा फिर धीरे-धीरे से चलकर आदित्य अपने सेंस में आया और फिर उसे कहां कुछ खाएं तभी तो दिन में अपना सर हमें हिला दिया और आदित्य देखो वहीं सोफे पर बैठ के कुछ लेने के लिए चला गया वह एक ट्रेन हाथ में पकड़ कर लाया जो सर्वेंट उसे अभी-अभी दरवाजे पर देख गया था तो उसने वह ट्रेन लाकर रख दी और उसमें से विधि को हल्का-हल्का नाश्ता कैसे सूप ब्रेड टोस्टर आमलेट खिलाने लगा उसमें रेडी खिले खिले साथ खुद भी खा रहा था क्योंकि उसने सुबह से कुछ नहीं खाया था और तकरीबन अभी दोपहर के एक-दो बज गए थे पर वह पूरा खाना ना लाकर दीदी के लिए हेल्दी और हल्का खाना लाया था और उसके साथ वही खा रहा था दीदी ने अपना खाना खत्म किया उसके बाद आदित्य ने उसे बेड पर सुला दिया और कहां की मैं दो दिन बाद आऊंगा मुझे दूसरे शहर जाना है रिद्धि ने अपना सर हमें हिला दिया और आदित्य रूम से बाहर निकल गया रूमके बाहर आ गया और हाल में देखा जहां उसके पापा और मां बैठ कर बातें कर रहे थे वह उनके पास गया और उनसे कहा मोम डैड मुझे लगता है हमारी कंस्ट्रक्शन साइट पर कुछ गड़बड़ है इसलिए मैं जाकर वहां पर खुद विजिट करके आता हूं यहां पर क्या प्रॉब्लम है मुझे दो-तीन दिन लग जाएंगे आप लोग अपना सबका ध्यान रखना मैं जल्दी वापस आ जाऊंगा तो वही उसकी मां सुनीता बोली बेटा इतना जरूरी है क्या कि तुम ही जाना पड़े तो फिर आदित्य ने कहा की मां जरूरी है क्योंकि मुझे खुद उसे साइड को विकसित करना पड़ेगा उसमें कुछ सीरियस प्रॉब्लम है तो फिर आदित्य निकल गया तब आदित्य की मां ने कहा बेटा अपना सामान तो लेकर जाओ और इतने का मन मैं मैनेज कर लूंगा इतना कहकर वह अपने मम्मी पापा के पैर छू के घर से बाहर निकल गया आदित्य आदित्य एक ऐसे घर में पहला बड़ा था जहां बड़ों के रिस्पेक्ट संस्कार और उनकी इच्छा उनके सुबह मायने रखते थे तभी आदित्य ने रिद्धि से शादी की थी अपने मां-बाप पर कहने पर नहीं तो वह शादी नहीं करना चाहता था वह तो अपने बिजनेस को इस मुकाम पर ले जाना चाहता था जिससे वह गरीब लोगों की मदद कर सके और शायद इसीलिए वह इस बिजनेस वर्ल्ड में आया था जो आपको बाद में पता चलेगा पर आपको बाद में यह भी पता चलेगा कि आदित्य हो जाएगा रिद्धि से एकदम शिद्दत वाला प्यार तो आगे बढ़ते हैं कहानी में आदित्य बाहर आता है जहां पर उसके असिस्टेंट और चार बॉडीगार्ड खड़े थे और चार गाड़ियां भी करी थी चार गाड़ियां जो बॉडीगार्ड की थी और एक गाड़ी जिसमें ए देते हैं दो गाड़ी आदित्य गाड़ी के आगे और दो गाड़ी आदित्य गाड़ी के पीछे थी और वह लोग निकल गए दिल्ली के लिए

वही रिद्धि को अब ठीक महसूस हो रहा था वह सो कर उठ चुकी थी और अभी शाम के कुछ 5:00 रहे थे तो वह साड़ी पहन के नीचे आ गई वहीं जहां हाल में सुनीता जी बैठी थी और अदिति वहां अपनी पढ़ाई कर रही थी उनकी नजर जैसे ही सिद्ध पर पड़ी वह उनसे उसने उनसे पूछा बेटा तुम ठीक तो होना तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना रिद्धि ने हमें अपना सर हिला दिया बेटा हम अपनी सारी रस्में कल करेंगे क्योंकि आज तुम आराम कर लो कि तुम बहुत थक गई होगी ना की शादी की टेंशन रिद्धि ने हमें अपना सर हिला दिया और फिर सुनीता जी ने पूछा बेटा तुमने खाना खाया तो फिर रिद्धि ने बताया कि उसने आदित्य के साथ जो ब्रेकर्स किया था वही खाया था फिर सुनीता जी ने कहा तुम अभी ही डाइनिंग टेबल पर बैठो मैं तुम्हारे लिए नाश्ता लेकर आता हूं तो दीदी वहां डाइनिंग टेबल पर बैठ गई और सुनीता जी ने अदिति को भी डाइनिंग टेबल में बैठने के लिए कहा वह भी आकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गई उसने भी पूछा भाभी आप ठीक तो होना तो रिद्धि में अपना सर हमें हिला दिया वही और आदित्य दोनों कुछ बात करने लग गए

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