बेवफ़ा Ch. 1

बेवफ़ा - Chapter 1

Posted by Anu • Mar 09, 2026 01:24 AM

कोर्ट रुम के बाहर खड़ा एक 27साल का नौजवान गोरा रंग मस्कुलर बॉडी और भूरि भूरि आखों वाला बार बार कलाई पर बधी घड़ी  देख रहा था उसकी आंखों में इंतज़ार था किसी का तभी तो निगाहें घड़ी और सड़क पर दौड़ती गाड़ियों के बीच फसी हुईं थीं

तभी पीछे से एक दूसरा लड़का उसकी हमउम्र ही गेरुआ रंग फिट एंड स्मार्ट उसे झकझोर कर..... अनुज वो नहीं आएगी आना होता तो अब तक आ जाती

नहीं उसने कहा था मुझसे वो ज़रूर आएगी तुम देखना, वो सड़क किनारे खड़ी होती कारो में से उसे ढूंढते हुए कहता हैं

अनुज एक स्ट्रगल एक्टर जो उत्तराखंड के देहरादून से मुंबई कुछ सालों पहले अपनी पहचान बनाने आया था फिर एक लड़की के इश्क में पड़ अपना करियर छोड़ शादी करने जा रहा था पर उसकी दुल्हन का कोई अता पता नहीं

वहीं देव अनुज का दोस्त और शुभचिंतक उसे बार बार समझने कि नाकाम कोशिश कर रहा था कि वो जिसका इंतजार कर रहा है  वो नहीं आएगी क्योंकि वो धोखेबाज हैं

दूसरी तरफ

एक सुंदर से लाल जोड़े में सजी एक लड़की किसी परी से कम नहीं लग रही थीं पर आखें लाल सूजी हुई जिनमें से आसु रुकने का नाम नहीं ले रहे थे वहीं उसे तैयार करने वाली लड़कियां उसकी किस्मत को देख कुढ़ रही थी

आख़िर इंडिया के सबसे बड़े और यंग बिजनेस मैन ऋषभ सिन्हा से होने जा रही थी

जैसे ही वो पुरी तरह से रेडी हुईं एक अधेड़ उम्र की महिला वहा आती हैं और उसे काला टीका लगाते हुए...

मानना पड़ेगा सिन्हा खानदान की बहु खूबसूरती में नंबर वन हैं, बस अपनी वफादारी भीं रखना नहीं तो तुम समझदार हो

वो आखों में आसू लिए बस उनकी बाते सुने जा रही थी पर दिल चीख चीख कह रहा था

अनुज आपकी रागिनी बेवफ़ा नहीं, पर ये सच आपकों कभी पता भीं चल पाएगा या नहीं , हों सकें तो अपनी राधिका को माफ कर दीजिएगा अनुज

मै बेवफ़ा नहीं पर वफ़ा भीं न कर पाई, सॉरी

रागिनी दुल्हन के रूप में सजी ऋषभ सिन्हा से शादी करने जा रही है वहीं अनुज उसका इंतजार कोर्ट के बाहर सुबह से कर

रागिनी को मंडप में ले जाया गया जहां ऋषभ जो कि एक 28साल का हेडसम, हीरो टाइप बंदा है पर चेहरा इतना सख्त कि पत्थर भीं उसके आगे फीका पड़ जाए गुस्से में राधिका की ओर देख .... थोडा जल्दी नही कर सकती, तुम्हारे रोने धोने का कार्यक्रम बाद में करना ,, वो चिढ़ते हुए कहता हैं और उसे खींच मंडप में बिठा देता है

दूसरी तरफ अनुज अभी भी इस उम्मीद में था कि उसकी रागिनी आएगी जहा उसके दोस्त उसे समझाने में लगे थे कि अब इंतज़ार का कोई फ़ायदा नहीं क्योंकि कोर्ट बंद हो गया है , वो बहुत कोशिश करते हैं पर अनुज नहीं मानता वही मुंबई कि बारिश अपने आने का आगाज करता है  

हर बूंद के साथ अनुज का मन आशंकाओं से भर रहा था तभी उसके दोस्तों में से एक में उसे एक विडियो दिखाया जिसे देख वो टूट गया

तेरे होते हुए भी तन्हाई मिली है,

वफ़ा करके भी देखो बुराई मिली है,

जितनी दुआ की तुम्हे पाने की,

उस से ज़यादा तेरी जुदाई मिली है…

वहीं रागिनी मंडप में बैठी अपने आसुओं के साथ अपनी पिछली जिन्दगी के बारे मे सोच रही थी  "क्यों भगवन क्यों आप मुझसे उन सभी लोगों को छिन लेते हैं जिनसे मैं प्यार करती हूं"

वो अपनी सोच में डूबी अनगिनत सवाल भगवान से पूछ रही थी कि तभी  ऋषभ उसे हिलाते हुए ... रोने के लिए पुरी जिन्दगी पड़ी है फिलहाल शादी पर ध्यान दो

दोनों फेरे के लिए खड़े होते हैं चार फेरो के बाद पंडित जी लडकी को आगे आने के लिए कहते है तो ऋषभ गुस्से में पंडित जी का गला पकड़.... इसकी इतनी औकात नहीं कि मेरे आगे चले समझा तु

उसकी खा जाने वाली नजरों को देख पंडित डर के मारे कपते हुए..... आपकों जैसा ठिक लगे

सातों फेरे में रागिनी बस खुटे से बाधी गाय कि तरह उसके पीछे पीछे चल रही थी उसे देख लग रहा था मानो कोई लाश हों जिसका शरीर यहां और आत्मा कहीं और ही

इस अनोखी शादी में गिने चुने मेहमान थे या यू कहे सब के सब ऋषभ के लिए काम करने वाले बस उस अधेड़ उम्र कि महिला को छोड़ जो ऋषभ की दादी मां थी

शादी पुरी होने के बाद ऋषभ आदि को आवाज़ लगाता है

आदि ; उम्र 24 साल गोरा बदन ऋषभ का असिस्टेंट कम दोस्त जो ऋषभ के साथ बचपन से हैं, आदि आते ही एक फाईल उसे देता है जिसे ऋषभ रागिनी कि तरफ़ बढ़ते हुए.... अपना ड्रामा बंद करो और इस पर साइन करो

ये क्या हैं हमारी डील तो शादी तक की थी.... बीबी इस शादी में कोई बराबरी नहीं है और न ही तुम्हे मुझ से सवाल करने का हक इसलिए जो बोला जाए चुपचाप करती जाओ

वो चुपचाप साइन कर देती है, अब कुएं में कूदी है तो पानी से डरने का क्या फायदा

बीबी पांच मिनट में चेहरे पर दुल्हन वाली मुसकान ले आओ और हां मीडिया के सामने क्या बोलना है तुम्हे अच्छी तरह पता होगा... वो बीना कुछ कहें एक तरफ़ बढ़ गई  और पांच मिनट बाद वापस मंडप में आ गई उसके आसू गायब थे मेकअप से उसने अपने दर्द को छुपा रखी था और चेहरे पर एक जबरजस्ती कि मुसकान बिखेर..... मैं तैयार हूं

मानना पड़ेगा बीबी तुम्हें टाइम की बिल्कुल पंचुअल हों,, तंज कसते हुए ऋषभ उसकी तरफ़ अपना हाथ बढ़ा देता हैं और वो दोनो किसी कपल कि तरह बाहर आ मीडिया से रूबरू होते हैं

जहां बहुत से रिपोर्ट उन दोनों कि पिक क्लिक करतें हैं और कुछ सवाल पूछते हैं जैसे अचानक शादी का फैसला क्यों किया , वो एकदूसरे को कब से जानते हैं

ऋषभ सबके जवाब देता है जबकि रागिनी बस मुस्कुरा रही थी और उसकी हा में हा मिला रहीं थीं

तभी एक रिपोर्टर.... मिसेज सिन्हा, आपने ऋषभ सिन्हा जैसे बिजनेश टायकून को  पैसो के लिए फसाया कैसा लग रहा है आपकों कामयाब होकर

उसके इस सवाल ने रागिनी को अन्दर तक झकझोर कर रख दिया वो तो ख़ुद ये शादी नहीं करना चाहती थी दो दिन पहले तक तो वो ऋषभ को जानती तक नहीं थी फिर अचानक ये सब उसकी आखों के कोरो में आसुओं ने घर कर लिया पर उन्हे बाहर आने की इज़ाजत नहीं तो वही ऋषभ ये सुनते ही भड़क गया जो अभी तक शांति से जवाब दे रहा था दुसरे ही पल खुखार शेर बन उस रिपोर्टर पर बरस पड़ा और मुक्को से उसे अधमरा कर दिया

शायद पुरा ही मार देता अगर आदि ने बीच बचाव न किया होता आदि उन सबको जानें के लिए कहता हैं और ऋषभ रागिनी को कार में बिठा ड्राइवर को जानें के लिए बोलता है

रागिनी हैरान उसे देख रही थी उसके मन में एक बार फिर सवालों की लडिया लग गई

"इसने मुझसे जबरजस्ती शादी कि, कहता हैं मुझसे नफरत करता है फिर क्यों मेरे लिए उस रिपोर्टर की ये हालत कि आख़िर ये है कोन इसके नाम के सिवा मैं कुछ और जानती तक नहीं"

वहीं ऋषभ गुस्से में अभी भी बाहर सड़क को घूरे जा रहा था

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क्रमशः

उम्मीद है कुछ नया और बेहतरीन अनुभव प्राप्त होगा

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