Love Trap - Chapter 1
दिल्ली........
" गहराती रात में सड़क पर सिर्फ आवाज आ रही थी तो, किसी के सिसकने की, और भागने कि, दिल्ली की ये कोई सुनसान सड़क थी, जहा एक दो ही गाड़ियां गुजर रही थी, तो वही पर एक लडकी दुल्हन के जोड़े में नंगे पांव दौड़े जा रही थी, उसकी आंखो से बेशुमार आंसू निकल रहे थे, उस लड़की ने पिंक कलर का दुल्हन का जोड़ा, पहना हुआ था उसके बालो का जुड़ा अब पूरी तरह से खुल चुका था, उसके हाथो में कुछ ही चूड़ियां बची थी उसके हाथो से हल्का हल्का खून आ रहा था, और उसके सर पर भी हल्का सा खून निकल रहा था!" ...... वो लड़की लगातार भागे जा रही थी, की तभी अचानक आ रही मोटरसाइकिल से उसकी टक्कर हो गईं...." अचानक से हुई इस टक्कर से और इन सब भाग दौड़ से थकने की वजह से वो लड़की गिरते ही बेहोश हो गई थी, बाइक पर बैठे लड़के ने अपने फेस से हेलमेट हटाया और हेलमेट को गाड़ी पर रख जल्दी से उतरकर उस लड़की के पास आया और उसे उठाते हुए बड़बड़ाने लगा,....!" ओह हेलो मिस मोहतरमा..... उठिए... मेरी ही बाइक मिली थी क्या...!" हे भगवान.... अब क्या करू..... इतना बोल उस लड़के ने उस लड़की के गाल पर हाथ रखा और उसकी और देखने लगा कुछ देर देखने के बाद उसने उसे गोद में उठाया और उसके सर से दुप्पटा लेकर अपनी पीठ से उस लड़की को बांधा और बाइक पर बैठकर अपना हेलमेट लगा लिया!" क्या मुसीबत है यार..... अच्छा खासा मुशीबत में पड़ गया!" कहा लेकर जाऊ इस लड़की को....!" ओह गॉड.... इतना बोल वो लड़का अपनी बाइक की स्पीड तेज करता है और कुछ ही देर में उसे एक घर के बाहर लाकर गाड़ी रोकता जाइए और उस लड़की को अपनी गोद में लेकर अंदर चला जाता है, उस घर में काम कर रहे एक नौकर ने जब उस लड़के की बाहों में एक लड़की को देखा तो उसने अपना काम छोड़ा और उस लड़के के पास आकर कहा...." कुछ चाइए क्या साहब जी....?" उस नोकर का सवाल सुनकर उस लड़के ने अपनी गर्दन को ना में हिलाया और उस लड़की को अपने साथ एक रूम में ले आया और उसे बेड पर लिटा दिया....!"
" वो लड़की अभी भी बेहोश थी, उसकी हालत सच मे खराब हो रखी थी, सर से पहले से खून निकल रहा था, और अब गाड़ी से टकराने की वजह से और ज्यादा निकलने लगा था!" उस लड़के ने उस लड़की को ध्यान से देखा और वाह से चला गया....!" कुछ ही देर में वो लड़का वापस आया उसके हाथ में एक टावल और पानी का बाउल था, वो लड़का उस लड़की के पास बैठा और उसके माथे पर से टॉवल को गीला करके साफ करने लगा, उसने उसके फेस को साफ किया और पास ही के ड्रॉर से बैंडेज निकाल के उस लड़की के माथे पर लगा दी...!" वो लड़का लगातार उस लड़की को देख रहा था!" उसने डॉक्टर को फोन कर दिया था, तब तक डॉक्टर भी आ चुके थे, उन्होंने उस लड़की को चेक किया और उस लड़के की और देख कर कहा...." युग.... थकान की वजह से और स्ट्रेस की वजह से ये लड़की बेहोश है, लेकिन इसे देखकर लग था है, जेसे इसे कई दिन से खाने पीने को ना दिया गया हो.... और इसे जेसे मारा गया हो....!" देखो इसके फेस पर ये निशान...!" डॉक्टर के इतना बोलते ही युग ने उस लड़की की और देखा जो इन सब से बेफिक्र होकर सोई हुई थी, युग ने उस लड़की से तुरंत अपनी नजरे फेर ली...!" और डॉक्टर की और देखकर कहा...." इसे कितनी देर में होश आ जायेगा डॉक्टर...?" युग का सवाल सुनकर डॉक्टर ने युग को एक पर्ची थमाई और कहा..." मेने एक इंजेक्शन दे दिया है, ये ठीक हो जाएगी और रही बात होश में आने की तो इंजेक्शन की वजह से ये सोई हुई है, कुछ देर में इसे होश आ जायेगा...!" मैं चलता हूं कुछ और प्रॉब्लम हो तो आप मुझे बुला लीजिएगा!" इतना बोल वो डॉक्टर वाह से चले गए!"
"युग ने उस लड़की को एक अजर वापस देखा, और वाह से निकल के अपने रूम में आ गया था, उसने अपनी कमर पर हाथ रखा हुआ था, और वो लगातार अपने रुम में इधर से उधर चक्कर निकाल रहा था!" उसने एक हाथ अपने कमर और एक हाथ अपने मुंह पर रखा और खुद से ही बड़बड़ाने लगा...." कोन है ये लड़की..... ओह गॉड में किसी मुसीबत में तो नही पड़ गया ना.... इसे जेसे ही होश आया है मैं इसे यहां से रफा दफा करता हूं....!" इतना बोल उसने अपने फेस से हाथ हाय और बेड आर बैठ गया और वैसे ही बेड पर लेट गया!"
" अचानक हुई दरवाजे पर खटखटाहट से उस लड़के की आंख खुल गई थी, उसने उठते हुए दरवाजे की और देखा और उठ कर दरवाजा खोला तो वाही नोकर खड़ा हुआ था...!" उस नोकर ने युग को देखा और कहा..." साहब जी खाना लगा दु?" खाने का नाम सुनकर उस लड़के ने दरवाजे से अंदर रूम में लगी घड़ी में टाइम देखा तो रात के ग्यारह बज चुके थे, उस लड़के ने उस नोकर की और देखा और कहा..." नही मेरा मन नही है शंभू... तुम जाकर सो जाओ, मुझे भूख लगेगी तो मैं खा लूंगा..." इतना बोल युग रूम में आ गया और शंभू वह से चला गया!"
" ओह गॉड मेरी आंख लग गई अचानक से, सुबह से थक गया हूं, और नींद अब आने वाली है नही..." इतना बोलते हुए अचानक युग को उस लड़की का ख़्याल आया तो वो अपने रूम से निकला और दूसरे रूम में चला गया, उसने धीरे से रूम का दरवाजा खोला तो शंभू पानी का जग रख रहा था!" शंभू को देखकर युग के फेस पर अजीब भाव आ गए थे वो अन्दर आया और शंभू को देखकर बोला..." तुम यहां क्या कर रहे हो...?" युग की बात सुनकर शंभू ने उसे देखा और कहा..." साहब जी भाभी को पानी रखने आया था!" मुझे लगा उन्हे प्यास लगेगी तो...!"
To be continue.........
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