डेविल क्यूट चांद को सुहागरात रात मनानी है:- Chapter 3
अर्थ से खुद कि तारीफ ना ना सुनने की बजाय डांटता सुन चांद का चेहरा गुस्से से लाल हो गया। उसने अपने कमर पर दोनों हाथ रखकर अर्थ को घूरते हुए कहा
"खड़ूस डेविल अपने हमारी तारीफ भी नहीं करे और हमें डांट भी रहे हो आप बहुत गंदे हो"
चांद की बातों को सुनकर अर्थ ने अपने दांत पिसते हुए कहा "पहले मेरे सवाल का जबाब दो तुमने मेरी शर्ट क्यों पहन रखी हो"
अर्थ की बात सुन कर चांद गुस्से में अपने मुंह फुलाए अपने कदम बढ़ाते हुए अर्थ के पास जाकर अपनी छोटी सी उंगली दिखाकर टुकुर-टुकुर देखते हुए कहा
"यू मिस्टर डेविल सासू मां ने हमें कहा था कि शादी के बाद जो चीज पति की होती है वह सब पत्नी कि भी होता है और हमारी आज शादी हो गई उस हिसाब से अब आप की सारी चीज सब कुछ मतलब सब कुछ क्यूट चांद कि हो गई, आपकी शर्ट आपका पैंट्स आपकी sexy body भी आपके सब कुछ समझे"
इतना कहकर वह लंबी-लंबी सांसें लेते हुए अर्थ के और करीब आने लगी,
अर्थ का दिल तो जैसे रोलर कोस्टर की बना गया था। वह अपने सामने खड़ी उस छोटी सी लड़की को देख रहा था जो किसी भूखे शेरनी की तरह उसके सर पर सवार हो रखी थी
अर्थ ने चांद को खुद से दूर करने की कोशिश करते हुए कहा "देखो तुम मुझे दूर होकर बातें करो नहीं तो अगर मैंने अपना कंट्रोल खो दिया तो तुम्हें फिर पछताना पड़ेगा"
चांद ने अपने नीली बड़ी-बड़ी आंखों से टुकुर-टुकुर अर्थ को घूरते हुए कहा
"पहले आप हमारी बातें सुनो"
अर्थ चांद की sexy body देख कर पूरी तरह से मदहोश हो चुका था। वह खुद को तैसे जैसे कंट्रोल कर गुस्से से चांद को घूरते हुए कहा
"हमें नही सुना"
चांद एकदम से अर्थ के करीब आकर उसके टी-शर्ट को उठाने लगी,
अचानक हुए हमले से बेचार अर्थ और बैचान हो उठा वह गहरी-गहरी सांसें लेते हुए अपनी आंखे बंद कर कहा
"य...य...यह...तु...तु... तुम क्या कर रही हो"
अर्थ की बातों को सुनकर कर चांद ने अपनी नीली आंखों को फड़फड़ाते हुए बड़ी मासूमियत के साथ कहा
"अरे बुदू आज हमारी सुहागरात है ना तो क्यूट चांद को सुहागरात मनानी है।"
चांद की बातें सुन कर तो जैसे अर्थ के सर पर बम फूट गया था। वह अपने सामने खड़ी उस बेवकूफ लड़की को देखने लगा जो कहने से पहले एक बार भी नहीं सोचती
अर्थ का मुंह हैरानी के मारे खुला गया था
चांद ने जब उसका रिएक्शन देखी तो उसने पाउट बनाते हुए अर्थ के हाथ को पकड़ कर हिलाते हुए कहा
"डेविल अपने हमारी बात सुनी या नहीं"
अर्थ ने चांद की मासूम सी चेहरे को देखकर मन ही मन कहा "यह लड़की जरूर मासूम बनकर मेरा फायदा उठाना चाहती है। पर शायद तुम मुझे जानती नही हो मैं तुम्हारी इस चाल में नहीं फसने वाला"
वही अर्थ को अपनी बात का जवाब ना देता देख चांद गुस्से से मुंह फुलाए हुए कहा
"हमने कहा हमें सुहागरात मनानी है।"
चांद के आवाज सुन अर्थ अपने आंखे छोटी कर उसकी तरफ देखा जो अपनी बड़ी-बड़ी आंखों को टिमटिमाते हुए उसे ही देख रही थी।
चांद इस वक्त बहुत ही क्यूट और प्यारी लग रही थी। ऊपर से अर्थ का शर्ट उसके बाॅडी पर काफी ज्यादा सेक्सी लग रहा था।
अर्थ के नजरें तो फिर से चांद के ऊपर ही थम गई थी। उसने खुद को संभालते हुए कहा
"अक्ल है या नहीं तुम्हें पता भी है सुहागरात कैसे मनाते हैं।"
चांद ने अपनी नीली-नीली आंखों को मटकाते हुए कहा
"हमने मूवी में देखा है सुहागरात कैसे मनाते हैं, अब चलो जल्दी से सुहागरात शुरू करते हैं।"
कहते हुए चांद अर्थ का हाथ पकड़कर उसे खींचते हुए बेड की तरफ लेकर जाने लगी।
चांद की बात सुन कर अर्थ हैरानी से उसको देखने लगा उसे खुद भी पता नहीं चला कि चांद कब उसे लेकर बेड के पास आ गई थी।
चांद ने अर्थ को बेड के साइड में खड़ा किया और खुद जल्दी से भागते हुए वाॅशरूम मैं जाकर अपनी चुंनरी लाकर बेड पर आकर बैठ गई और खुद को चुनरी अपने चेहरा ढक कर अर्थ को देखते हुए कहा
"अब हमारी चुनरी उठाइए"
चांद कि बातें सुन अर्थ हैरानी से अपने सामने बैठी उस पागल लड़की को देखने लगा जो कुछ भी बोले जा रही थी। उसने चांद जैसे कह रही थी वैसे ही किया उसने उसकी चूनरी उठाया दिया।
चांद इस वक्त शर्म आने की कोशिश करते हुए बेड पर बैठी हुई थी।
अर्थ ने अपनी नशीली आंखों से चांद को देखते हुए कहा
"अब क्या करना है।"
चांद ने शर्माते हुए अपने छोटे-छोटे हाथों को फैलाकर अपने पास आने का इशारा करती है।
अर्थ भी उसके इशारे समझ कर उसके पास आ गया।
चांद ने जल्दी से अर्थ को अपनी बाहों में खींच कर उसके हाथों को अपने हाथ में लेकर कहा
"अब आप मेरी आंखों में आंखें डाल कर देखो"
अर्थ ने चांद के बात मानकर वैसे ही किया, चांद भी उसकी आंखों में ही देख रही थी। वह फिर पाउट बनाते हुए आगे कहा
"अब आप अपने एक हाथ से लाइट बंद करो"
अर्थ ने उसे देखते हुए मदहोशी भरी आवाज में कहा
"और वो क्यों"
चांद ने हल्के गुस्से में मुंह फुलाए हुए कहा
"हम जैसे कह रहे हैं आप चुपचाप वो करो ना आपको तो यह भी पता नहीं है कि सुहागरात लाइट बंद कर मनाते हैं और जब हम बता रहे हैं तो आप हमारी बात भी नहीं सुनते"
अर्थ चांद को देखते हुए अपने निचले होंठ को चबाते हुए कहा "तुम मुझे पागल कर रही हो"
यह कहकर चांद जैसे कहा रही थी उसने उसी तरीके से नाइट लैंप बंद कर दिया। अब कमरे में सिर्फ कैंडल्स की रोशनी थी।
जिससे चांद का खूबसूरत सा चेहरा और ज्यादा निखर कर आ रहा था। इस वक्त चांद अर्थ की शर्ट में बेड पर अपने घूटनो के बल बैठाकर कर अर्थ को देख रही थी।
और अर्थ भी उसके सामने अपनी घूटनो के बल बैठ हुआ था।
चांद ने अर्थ के हाथों को अपने हाथों में थामते हुए अपनी नीली बड़ी-बड़ी आंखों को फड़फड़ाते हुए अर्थ को देख रही थी ।।
वही अर्थ मदहोश हो कर अपनी ललचाई नजरों से चांद की गुलाबी होंठों को देख रहा था।
तभी चांद ने खुशी से ताली बजाते हुए कहा
"मिस्टर डेविल चलो अंधेरा हो गया अब हमारा सुहागरात हो गया"
इससे पहले कि चांद अपनी बात पूरी कर पाती अर्थ ने उसके गुलाबी होंठों पर अपने सख्त होंठ रख देता है और उसके लोअर लिप्स को अपने होंठों से दबाकर चूमने लगता है ।