तड़प ए इश्क Ch. 3

तड़प ए इश्क - Chapter 3(बीती रात की निशानियाँ)

Posted by Author Dream Girl✍️. • May 12, 2026 07:06 PM

अब सेलिना रीवांश के सामने सिर्फ ब्लैक नेट के बिकिनी वियर में थी। जिसमें वह और भी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी।

रीवांश ने उसके नरम नरम गोल उभार को देखा। और उसके उभारों पर झुक गया। जो उसे अपनी तरफ अट्रेक्ट कर रहे थे। उसने बिकिनी वियर के ऊपर से ही उसके उभार को अपने मुट्ठी में दबोच लिया।

आह" रीवांश... सेलिना ने आहे भरते हुए धीरे से कहा,

तुम पागल थी ना मेरे पीछे.. आज रात में तुम्हें पूरी तरह पागल कर दूंगा। रीवांश ने सेलिना के चेहरे को देखते हुए कहा,

सेलिना रीवांश के नीचे थी। और वो सेलिना के ऊपर पूरी तरह से झुका हुआ था। उसका पूरा बजन सेलिना के ऊपर था। और सेलिना रीवांश के बाहों में आकर एक दुनिया के सैर कर रही थी।

मैं भी तुम्हारे प्यार में पूरी तरह से पागल होना चाहती हूं, रीवांश आज की रात तुम मुझे पूरी तरह से पागल बना दो। सेलिना ने रीवांश के चेहरे की तरफ देखकर सेडक्टिव वॉइस में कहा,

रीवांश के होठों पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई वह सेलिना को देखते हुए तिरछा मुस्कुरा रहा था। लेकिन उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। जो सेलिना कभी देखा ही नहीं सकती थी।

रीवांश अपने हाथ को उसकी पीठ पर लेकर गया। और उसकी ब्रा के हुक को एक झटके में खोलकर उसकी बॉडी से अलग कर दिया।

जिसके बाद रीवांश के आंखों के सामने अब सेलिना के नरम- नरम गोल उभार सामने थे। जिसे देखकर वह पागल सा होने लगा।

तुम्हारे यह नरम नरम गोल उभार मुझे अपनी तरफ अट्रेक्ट कर रहे हैं। सेलिना इन्हें देखकर मैं पागल हो रहा हूं, रीवांश ने सेलिना के एक उभार को अपने मुंह में भरते हुए कहा,

रीवांश सेलिना के एक उभार को अपनी मुट्ठी में जकड़ कर उसे जोर-जोर से दबा रहा था। तो दूसरे उभार को अपने मुंह में लेकर जोर से चूस रहा था।

जिससे सेलिना ने बेडशीट को अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया था। और उसकी सांसे ऊपर नीचे होने लगी थी। क्योंकि वह काफी ज्यादा सिड्यूस हो चुकी थी।

रीवांश ने उसके उभार के गुलाबी निंपल को अपने होंठ में भर लिया। और उसके निंपल को जोर-जोर से चूसने लगा।

आह्हह"... रीवांश... उह... लगता है आज तुम मुझे पुरी तरह पागल ही कर दोगे, सेलिना आहें भरते हुए कहा, फिर उसने अपने होठों को दांतों तले दबा लिया।

अभी तो शुरुआत है बेबी"... अभी तुम पूरी रात पड़ी है। और पूरी रात में तुम और कितना ज्यादा पागल होगी। मेरे प्यार को महसूस करके, इसका मुझे अभी से ही अंदाजा हो गया है। रीवांश ने सेलिना के चेहरे को देखकर कहा,

रीवांश ने उसके उभार को बहुत ही जोर से दबाया था। जिससे सेलिना की आहे निकल गई थी। और उसे बेहद अच्छा लग रहा था।

आह" सेलिना ने सिसकियां लेते हुए कहां, बहुत मजा आ रहा है। काफी दिनों से मैं तुम्हारे लिए तड़प रही थी। ऊ.. ऊ.. आह...

आज की रात तुम्हें बहुत मजा आने वाला है बेबी"... मैं तुम्हें और ज्यादा मजे दूंगा। रीवांश ने सेलिना के दोनों चेस्ट को अपने हाथों से जोर से दबाते हुए मदहोश होकर कहा,

कमरे में चांद की रोशनी फैली थी। और बेड पर दो जिस्म एक दूसरे से लिपटे हुए थे। पूरे रूम में गुलाब की खुशबू और सेलिना के सिसकियों की आवाज सुनाई दे रही थी। जिससे रूम का माहौल और भी ज्यादा रोमांटिक और गर्म हो गया था। अगर इस आवाज को कोई भी सुन ले तो वह भी रोमांटिक मूड में आ जाए,

रीवांश मदहोश होकर सेलिना के दोनों धड़कनों को बारी-बारी से चूस रहा था। उसके इस तरह चूसने से सेलिना की सांस भारी हो रही थी।

जिस वजह से उसका चेस्ट ऊपर नीचे हो रहा था। और उसके उभार को उभरते हुए देखकर रीवांश और ज्यादा पागल हो रहा था। उसने अपने सारे कपड़े रिमूव कर दिए, और सेलिना के ऊपर आ गया।

रीवांश सेलिना के पूरे बॉडी को अपने होठों से चुमने लगा। और जगह-जगह काट रहा था। जिससे सेलिना की चीखें निकल रही थी।

रीवांश सेलिना के नाजुक हिस्सों को अपने होठों में लेकर चूस रहा था। इससे सेलिना को काफी ज्यादा मजा आ रहा था। जो उसकी आंखों में प्लेजर साफ दिखाई दे रहा था।

रीवांश ने सेलिना के दोनों हाथों को पकड़ लिया। और उसमें अपनी उंगलियों को उलझा दिया। उसने एक नजर सेलिना के चेहरे की तरफ देखा। जो आंखें बंद करके मदहोश भारी सिसकियां ले रही थी। और एक झटके में सेलिना के अंदर इंटर हो गया। जिससे सेलिना की चीख उस पूरे रूम में गूंज उठी,

रीवांश ने सेलिना के चेहरे की तरफ देखा। और तिरछा मुस्कुरा कर कहा, "दर्द हो रहा है तुम्हें मैंने तो पहले ही कहा था। इस मामले में मैं जरा भी रहम नहीं करूंगा। क्योंकि प्यार के मामले में मैं बहुत ज्यादा बेरहम इंसान हूं,

मुझे तुम्हारी हर बेरहमी पसंद है। रीवांश मुझे तुम्हारे दिए गए हर दर्द को सहना है। उसे महसूस करना है क्योंकि मुझे तुम्हारा हर तरह का प्यार पसंद है। बस तुम मुझे प्यार करो, सेलिना ने दर्द में भी आहे भरते हुए कहा,

रीवांश के होठों पर तिरछी मुस्कान आ गई, और उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। वह सेलिना के अंदर पूरी तरह से इंटर हो गया। और जोर-जोर से धक्के देने लगा। उसके इस तरह धक्के देने की वजह से बेड जोर-जोर से हिल रहा था।

जिससे सेलिना को बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। क्योंकि यह सेलिना का फर्स्ट टाइम था। पर थोड़ी ही देर में उसे बहुत प्लेजर भी मिल रहा था। और यह उसके चेहरे और उसकी आंखों से साफ पता चल रहा था। उसके दोनों हाथ रीवांश के कंधे पर आ गए थे। और उसके नाखून रीवांश के कंधे पर चुभ रहे थे।

रीवांश ने सेलीना के दोनों हाथों को पड़कर अपनी उंगलियों में उलझा लिया। और काफी वाइल्डली उसके साथ इंटिमेट होने लगा। उसने सच में कोई रहम नहीं किया था।

सेलीना की साँसें तेज हो गईं। उसका दिल इतनी तेजी से धड़क रहा था। कि उसे अपनी ही धड़कनों की आवाज़ सुनाई देने लगी। रीवांश की आँखों में एक तीव्र जुनून था, जिसमें प्लेजर साफ दिखाई दे रहे थे।

कमरे में हल्की-हल्की ठंडक थी, लेकिन उनकी नज़दीकियाँ हर सन्नाटे को गर्माहट से भर रही थीं। बीती रात उनके रिश्ते को और गहरा कर गई थी। दोनों ने अपने दिल की अनकही बातें बिना शब्दों के एक-दूसरे तक पहुँचा दी थीं।

पूरी रात रीवांश और सेलिना एक दूसरे की बाहों में इसी तरह इंटिमेट होती रहे, सुबह के 4:00 सेलिना को गहरी नींद आ गई थी।

लेकिन रीवांश अभी भी जाग रहा था। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक था। उसने सेलिना के चेहरे की तरफ देखा। जिसके चेहरे पर थकान साफ दिखाई दे रहा था। सेलिना के बाल उसके चेहरे पर बिखरे हुए थे। लेकिन उसके चेहरे पर एक सुकून था। क्योंकि आज उसने रीवांश को पूरी तरह से पा लिया था।

रीवांश ने उसके चेहरे पर आए लट को हटाया। और तिरछा मुस्कुरा कर फिर से अपनी जगह पर लेट गया। और सीलिंग को देखते हुए उसके फेस पर एक डेविल स्माइल आ गई,

सुबह के 7:00 सेलिना की आंखें खुली वह धीरे से अंगड़ाइयां लेते हुए उठकर बैठ गई, उसने अपने बगल में देखा। जहां पर रीवांश लेटा हुआ था। लेकिन अब वह वहां पर नहीं था। उसने अपने वजूद पर पतली सी चादर लपेटी और फिर बेड से उठकर खड़ी हो गई,

सेलिना ने एक नज़र बिस्तर की ओर डाली। सफेद चादर पर पड़ी हल्की सिलवटें, इधर-उधर बिखरी गुलाब की पंखुड़ियाँ और कमरे में अब भी मौजूद भीनी खुशबू पिछली रात की यादों को चुपचाप समेटे हुए थीं।

उन निशानों को देखकर उसके होंठों पर एक मुस्कान आ गई।

सेलिना ने बालकनी की तरफ देखा। बालकनी का डोर खुला था। वह मुस्कुराते हुए बालकनी की तरफ बढ़ गई, बालकनी की रेलिंग से टिक्कर रीवांश खड़ा था। और उसके हाथ में सिगरेट था। जिसके वह सामने की तरफ देखते हुए लंबे-लंबे कश भर रहा था।

सुबह की ठंडी हवा उसके बालों को छू रही थी। और वह सामने फैले शहर को गहरी नज़रों से देख रहा था। रीवांश ने सिर्फ अपने लोअर बॉडी पर सिर्फ लोअर पहन रखा था। सेलिना ने उसकी पीठ को देखा और मुस्कुराते हुए उसकी तरफ बड़ी, और उसे पीछे से अपनी बाहों में भरकर अपने हाथ को उसके मजबूत सीने पर कस दिया।

रीवांश जो सिगरेट के कस ले रहा था। उसके हाथ रुक गए और उसने डेविल स्माइल किया। और अपने होठों को हल्का सा गोल करके सिगरेट के धुएं को हवा में छोड़ने लगा। फिर उसने सेलिना के हाथ को पकड़ कर अपने सामने किया।

सेलिना ने मुस्कुराते हुए रीवांश को देखा। और फिर उसके सीने से लग गई, लेकिन रीवांश ने इस बार उसे होल्ड नहीं किया था। उसके एक हाथ में सिगरेट था तो उसका दूसरा हाथ रेलिंग पर था।

... I love you.. rivansh..I really love you...कल रात मैंने तुम्हें पूरी तरह से पा लिया। सेलिना ने मुस्कुराते हुए कहा, और अपना चेहरा उठाकर रीवांश की तरफ देखा।

सेलिना ने उसके गाल पर हाथ रख कर कहां, "तुम्हें पता है रीवांश कल की रात मेरे लिए कितने स्पेशल थी। इतने स्पेशल थी ना कि मैं अपने होठों से बयां भी नहीं कर सकती, कल की रात में बहुत खुश थी तुम्हारी बाहों में आकर मुझे वह सारी खुशी मिल गई, जो मैं चाहती थी अब तुम सिर्फ मेरे हो। अब तुम्हारे जिस्म पर तुम्हारे रूह पर सिर्फ मेरा नाम है  सिर्फ सेलिना सिंघानिया का,

... Of course.. baby...मैंने भी तो कल रात खुद को तुम्हारे हवाले कर दिया। तुम्हारी बाहों में पूरी तरह से खो गया। रीवांश ने सेलिना की आंखों में देखकर इंटेंस वॉइस में कहा, "और उसके बाल को पीछे से अपनी मुट्ठी में पकड़ कर उसके होठों पर झुक गया।

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प्लीज पढ़ कर कमेंट कर दीजिएगा। यह कहानी बहुत ही इंटरेस्टिंग है जरूर आप सबको पसंद आएगी। प्लीज प्यारे-प्यारे कमेंट करके ही जाएगा।

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