The Devil's Obsession - Chapter 1
फिक्र है या इसे देखकर हवस बढ़ रही है...
मैसूर
ये कहानी शुरू होती है मैसूर के जंगल से जहां आसमान में सिर्फ घनघोर काले बादल उड़ रहे थे, वही जंगल में एक लड़की अपने कुछ दोस्तों के साथ ट्रिप पर आई हुई थी
लड़की साथ में बैठी लड़की की दोस्त प्रिया ने लड़की की तरफ देख कर कहा-" अवनी तूने यह ठीक नहीं किया यार तुझे अंकल आंटी को बता देना चाहिए था अगर कुछ हो गया और अगर वह लोग परेशान हो गए तो तू कैसे करेगी
अवनी जो कि वहां पर बार्बी क्यू करने के लिए आग और चिकन में मसाले डाल रही थी वो अपनी आंखें छोटी करके अपनी दोस्त प्रिया से बोली- " तू ना अपना ये सड़ा सा हुआ मुंह बंद करके रख तेरे लिए अच्छा होगा. तू क्यों भला बीच में बोल रही है, अभी ट्रिप पर आए है यार, कम से कम इसे तो इंजॉय करने दे, जिंदगी पूरा झंड कर के रखे हैं सब लोग ने यहां मत जाओ वहां मत जाओ बताते भी नहीं है क्यों नहीं आना है क्यों नहीं जाना है, बस नहीं मतलब नहीं यह क्या होता है और वैसे भी नेरू (अवनी के पापा ) सब संभाल लेगा वह मुझसे बहुत प्यार करता है",।
काव्या उनकी फ्रेंड जो वहां पर बैठी हुई थी उसने अपनी आंखें छोटी करके अवनी से कहा-'तुझे शर्म नहीं आती अपने पापा का नाम लेते हुए |
काव्या की बात सुनकर अवनी बड़े ही नॉर्मल तरीके से बोली-"इसमें शर्म की क्या बात है मम्मी भी तो वैसे ही कहती है ना इसीलिए मैं भी कहती हूं बात खत्म और वैसे भी जिसने किया शर्म उसके फूटे करम इसलिए मैं शर्म नहीं करती और तुम लोग बैठो मैं अभी आती हूं",
उसके साथ आया उसका दोस्त सचिन अवनी को जाता हुआ देखकर बोला-" अब तू इतनी घनघोर काली रात में कहां जा रही है, कहीं चुड़ैल उड़ैल तो नहीं है ना, जो शिकार में जा रही है।
सचिन की बात सुनकर सचिन के साथ बैठा एक और दोस्त अजय हंसते हुए अवनी और सचिन की तरफ देख कर बोला- " अरे बिल्कुल सही कहा देख रहा है इसकी काली गहरी आंखें लाल लाल गाल और ऊपर से काली लिपस्टिक, घुंघराले काले बाल, ऊपर से बाली उमर 21 साल अपनी खूबसूरती को और बढ़ाने के लिए खून पीने जा रही होगी |
अवनी उन दोनों को अपनी आंखें छोटी करके घूरते हुए बोली-" तुम दोनों अपना गटर जैसे मुंह का शटर बंद करके रखो अब क्या आदमी हल्का होने भी ना जाए लघु शंकर के लिए जा रही हूं भाई, अब क्या वहां भी ना जाऊं 11
अवनी की बात सुनकर उसका बेस्ट फ्रेंड नितिन जो कि उसका कजन भी था, अवनी की तरफ देख कर बोला-" जा मेरी शेरनी जा वरना यहां पर तू बाढ़ ला देगी और हम लोगों को डूब के नहीं मरना है जा |
नितिन की बात सुनकर के सभी दोस्त हंसते हैं, लेकिन अवनी सब को इग्नोर करके जंगल की तरफ चली जाती है
जब अवनी कैंप से थोड़ा दूर आती है तभी उसे किसी के खुसफुसाहट की आवाज सुनाई देती है
उन आवाजों को सुनकर अवनी खुद से बोली-' यह कैसी खुसफुसाहट है और वो भी इस घने जंगल में,
फिर वो अपने मोबाइल को अपने पर्स से निकालती है और उसके फ्लैशलाइट को ऑन कर उस तरफ बढ़ने लगती है
जब वो आवाज के पीछे जाती है तब उसे पता ही नहीं चलता कि कब वो अपना रास्ता भटक चुकी है तभी उसे एक पहाड़ की चोटी नजर आती है
थी वहां पर कोई खड़ा हुआ था, उसकी पीट उसकी तरफ
अवनी ये देख कर जोर से चिल्लाते हुए बोली-" ओ हेलो, मिस्टर सुसाइड करना है तो जाओ कहीं और करो, यहां पर क्यों आए हो और वैसे भी जिंदगी तो बड़ी प्यारी होती है तुम्हें इतनी जल्दी मरने की कोई जरूरत नहीं है"
ये कहते हुए पास जाने की कोशिश करती है
तभी उसके सामने एक भेड़िया आ जाता है और उसे देखकर गुर्राता है
जिसे देखकर अवनी की जान उसके हलक में अटक जाती है और वो बहुत जोर से चिल्लाती है-' आआआ और जैसे ही भागने के लिए पीछे पलटती है कि देखती है
वो पूरे भेड़ियों से घिर चुकी थी..
अवनी खुद से डर में कांपते हुए बोली-"अवनी बेटा अब तो तू गई काम से और आ घर से भागकर अब तुझे कोई नहीं बचा सकता हे महाकाल मेरी रक्षा करना और मैं आ रही हूं आपके पास"
ये कहकर अपनी आंखें कसके बंद कर लेती हैं और जैसे ही एक भेड़िया उसकी तरफ बढ़ता है, पहाड़ की चोटी पर खड़ा लड़का उनके पास आते हुए रोबदार आवाज में बोला-" रुक जाओ"
जब अवनी उस लड़के की भारी-भरकम आवाज सुनती है, तब वो अपनी एक आंख खोल कर देखती है...
वो लड़का शान से चलते हुए और भेड़ियों के पास आता है और जो भेड़िया अभी अवनी के पास आ रहा था
उसके कान को पकड़कर उसे घूरते हुए गुस्से से बोला-" क्यों, बहुत शौक चढ़ा है शिकार करने का, जिनके ऊपर करना चाहिए, उन्हें तो छोड़ देते हो और इस मासूम बच्ची पर गुरुर कर रहे हो यह क्या बात हुई निकलो यहां से, मैं संभाल लूंगा इसे"
अवनी अपने आंख, मुंह, कान सब फाड़े उस लड़के को देख रही थी...
लड़का अवनी की तरफ देखकर सख्त आवाज में बोला-" चले जाओ यहां से और एक बात अभी जो कुछ भी तुमने देखा उसके बारे में अगर तुमने किसी को भी बताया तो अपनी मौत को खुद न्योता देना इसमें मेरी कोई गलती नहीं है गेट आउट "
अवनी लड़के का चेहरा नहीं देख पाती, क्योंकि उसके बाल उसके कंधे तक आ रहे थे जो कि उसके चेहरे को ढक रहे थे
अवनी तुरंत वहां से नौ दो ग्यारह हो जाती हैं और वो भागते हुए अपने सीने पर हाथ रखकर कुछ देर राहत के लिए खड़ी होकर खुद से बोली-' ये सब क्या था क्या वह लड़का मोगली था जो कि जानवरों के साथ रहता है लेकिन उसने इतने अच्छे से हैंडल कैसे कर लिया मैं उसका चेहरा नहीं देख पाएगी ओ माय गॉड मुझे जल्द से जल्द अपने दोस्तों के पास जाना होगा।"
ये कहकर अवनी गिरते पड़ते उनके पास जाने लगती
तभी उसके सामने काले रंग लॉन्ग जैकेट पहने कोई आदमी उसे पकड़ लेता है और अपनी लाल आखो से उसे देखता है और उसके बाल को पकड़ अपने पास खींचता है और अपने नुकीले दांत जैसे उसकी गर्दन पर गढ़ाने वाला होता है
कि अवनी उसके सीने पर जोर से हाथ मारती है जिससे वो आदमी हवा में उड़ जाता है तभी उसे लगभग 20 पिशाच घेर लेते हैं
अवनी डरी सहमी सी खड़ी हुई थी
अवनी सब की तरफ देख कर डरी सहमी सी आवाज में बोली-" देखो भैया मुझे जाने दो मैं तो यहां अपने दोस्तों के साथ आई थी अगर आप लोग कहोगे तो हम लोग अभी चले जाएंगे लेकिन मुझे जाने दो मेरे मां-बाप की में इकलौती औलाद हूं अगर मैं मर गई तो वह दोनों बिना बच्चे के हो जाएंगे और आपको तो पता होगा ना बच्चे कितने इंपॉर्टंट होते हैं मां बाप के लिए, मैं आज के बाद उन्हें बिना बताए कहीं नहीं जाऊंगी प्लीज मुझे छोड़ दो", वह बकबक करे जा रही थी ।
तभी 5 पिशाच जिनके दांत लंबे और नाखून बहुत डरावने थे वो अवनी के पास बढ़ता है
तभी वो लड़का जिसने कुछ देर पहले अवनी की जान बचाई थी
वो वहां पर आ जाता है और उसके आगे खड़े होकर उन सब को देखकर अपने दांत पीसते हुए सख्त आवाज में बोला-" तुम सब की इतनी हिम्मत कि बिना मेरी मर्जी के तुम एक इंसान के ऊपर हमला करोगे
तुम्हें इसकी आजादी किसने दिया आपने आपको बहुत ताकतवर समझा या मेरा खोफ तुम्हारे अंदर से चला गया है"
उसे वहां देख कर वो सभी पिशाच डर से कांपने लगते हैं
तभी उनमें से एक पिशाच जिसकी हालत थोड़ी खराब थी वो धीरे से डरते हुए अपना सिर झुका कर लौड़े से बोला-" मास्टर हमें खून की जरूरत है अगर हमने इसे नहीं मारा तो हम मर जाएंगे ",
पिशाच की बात सुनकर लड़के ने अपनी आंखें छोटी करके अपने कदम उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा-" तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुम मेरे सामने अपनी जुबान खोल सको , शायद तुम्हें मेरी बात को काटने की गुस्ताखी की सजा भुगतने वाले के बारे में पता नहीं है और अगर इतनी ही खून के प्यासे हो तो जाओ ना जंगली जानवरों का खून पियो, इसका क्यों पी रहे हो"
तभी वहां दो भेड़िए दौड़ते हुए आते हैं और उसके अगल-बगल इंसानी रूप में आकर खड़े हो जाते हैं
जो देखकर अवनी लगभग बेहोश होकर वहीं पर गिर जाती है
उन दो भेड़िए लड़के में से एक लड़का अपने सामने खड़े लड़के की तरफ देखकर धीरे से बोला-"अंश इस लड़की का क्या करना है इसने हमारी असलियत देख ली है और हम निर्दोषों पर कभी भी अत्याचार नहीं करते"
मुझे किसी की मौत से फर्क नहीं पड़ता इसे मौत के घाट उतार दो, अंश ने बिना किसी भाव के जवाब दिया
अंश की ये बात सुनकर वो लड़का उसकी तरफ देख कर धीरे से बोला-" हम उसकी याददाश्त भी तो मिटा सकते हैं ना"
अंश अपनी आंखें छोटी करके बोला-" क्यों तुम्हें बड़ा दया आ है उसके ऊपर।"
लड़का अंश की तरफ घूर के देखता है, फिर अवनी की तरफ देखते हुए बोला-" दया नहीं आ रहा है और दया हमारी डिक्शनरी में नहीं है मैं तो बस इसलिए कह रहा था, क्योंकि ये लड़की अपने दोस्तों के साथ आई है अगर इसे कुछ हो गया, तो सभी परेशान हो जाएंगे इसलिए मैं इसे वापस कैंप में छोड़ कर आ जाता हूं"
अंश अपनी पीली आंखों से उसे घूरते हुए अपने दांत पीसकर बोला-" क्या सच में तुम्हें सिर्फ फिक्र है या तुम्हारी हवस इसे देखकर बढ़ रही है"
लड़का नजर चुराते हुए धीरे से बोला -" यार तुम जब देखो यही कहते हो कितनी प्यारी है ये लड़की और हमसे कितनी छोटी भी ऐसे मुझे सूट नहीं करते हैं तुम्हें करते है।"
उस लड़के की बात सुनकर अंश एक आईब्रो ऊपर कर कड़वाहट के साथ डेविल स्माइल करते हुए लड़के से बोला-" तुम्हें नहीं लगता वीर, कि तुम कुछ ज्यादा ही बोल रहे हो अगर किसी भी तरह की दिक्कत होगी तो मैं तुम्हें नहीं छोडूगा",.
फिर अंश पिशाचों की तरफ देख कर बोला-" और तुम तुम्हें पता है मैं कौन हूं, मैं चाहूं तो तुम सबको अभी मैं मौत के घाट उतार दू, कि तुम कभी भी मेरे सामने खड़े होने की कोशिश नहीं करोगे दफा हो जाओ यहां से", कह कर चिल्लाता है
अंश की डरावनी आवाज से सभी पिशाच धुआं बनकर उड़ जाते हैं और वीर जल्दी से अवनी को अपने बाहों में उठा लेता है और जाकर तुरंत अवनी को कैंप के पास छोड़कर आ जाता है
नितिन, सचिन और बाकी उसके दोस्त उसे खोज रहे थे जब वह लोग देखते हैं कि अवनी बेहोश पड़ी हुई है तो वो सभी जल्दी से उसके पास आते हैं और नितिन उसे अपनी बाहों में उठा कर अपने कैंप की तरफ ले जाता है और उसके चेहरे पर पानी डालता है
तब जाकर अवनी को होश आता है और अवनी डर से जोर से चिल्लाती है" भूत भूत" वह बहुत ज्यादा डर गई थी
नितिन अवनी को शांत करते हुए बोला-" क्या हुआ तुम इतना डर क्यों रही हो और ये भूत भूत क्या है भूत वृत कुछ नहीं होता समझी",
अवनी डरी हुई नजरों से नितिन और बाकी सभी को समझाते हुए बोली-"तुझे पता भी है मैंने क्या देखा जो मैंने बुक्स में पढ़ी थी कि पिशाच और वेयर वोल्फ होते है मैंने वैसे लोग देखे तुझे पता है और आज तो मैं मरते-मरते बची हूं एक लड़का मुझे सिर्फ उसकी आंखें देखी पीली आंखें और एक लड़का तुरंत भेड़िए से इंसान बन गया मुझे तो लगा आज मैं मर ही जाऊंगी, लेकिन मैं यहां कैसे मुझे पता नहीं"
प्रिया और काव्या उसकी बात सुनकर हंसने लगते हैं काव्या हंसते हुए अवनी से बोली-" हा हा हा तू पागल हो गई है क्या ये सब कुछ नहीं होता समझी ये सब सिर्फ कहानियों में होता है और आजकल तू कुछ ज्यादा ही भूतिया मूवी देखने लग गई होगी इसलिए तुझे ऐसा लग रहा है और मुझे नहीं लगता कि तेरी तबीयत ठीक है, तो हम लोग कल सुबह ही दिल्ली के लिए निकल रहे हैं।"
हैं... काव्या की बात सुनकर सभी उसके हां में हां मिलाते
अवनी काव्या की बात सुनकर अपना सिर ना में हिलाते हुए बोली-" मैं नहीं जा रही दिल्ली ",
नितिन अवनी को देखकर अवनी से एरोगेंट आवाज में बोला-" मैंने अंकल और आंटी को कॉल करके बता दिया है कि हम लोग कल दिल्ली आ रहे हैं इसलिए कोई भी नाटक मत कर और तू शायद थक गई है जा सो जा तेरे पैर में चोट लगी है",
नितिन ये कहने पर अवनी देखती है तो उसका पैर पूरी तरीके से दौड़ने के कारण छिल गया था
जिसे देख वो दर्द से कराह उठती है फिर अपने दोस्तों की तरफ दर्द भरी नजरों से देखते हुए धीरे से बोली-"आह! दर्द हो रहा है",
अवनी की नौटंकी देख कर सभी उसे घूर कर देखते हैं।
अवनी अपने आप को घूरता हुआ पाकर अपना मुंह बनाते हुए खड़े होते हुए बोली- बस यार घूरना बंद करो जा रही हूं"
है.. ये कहकर वो कैंप के अंदर ब्लैंकेट ओढ़ के सो जाती
नितिन बाकी दोस्तों की तरफ देख कर बोला-" जाओ तुम सभी आराम करो, रात काफी हो गई है",
नितिन की बात मानकर सभी अपने अपने कैंप में चले जाते है
नितिन सभी के जाते ही अपना फोन निकाल किसी को कॉल करके समझाते हुए बोला-" मैसूर में अवनी ने उन लोगों को देखा है लगता है वो सब वापस आ रहे हैं और अवनी की जान को खतरा है"
नितिन की बात सुनकर दूसरी तरफ जो आदमी था वो फिक्र मंद आवाज में बोला-" अवनी का ख्याल रखना और जितना जल्दी हो सके, वापस आ जाओ मैं नहीं चाहता मेरी बेटी की जान को मेरे कारण खतरा हो",
कहकर कॉल कट कर देता है।
सूखा इस पहला चैप्टर आप सब को कैसा लगा बताना मत भूलना।