The Devil's Obsession - Chapter 3
हेल इंडस्ट्री...
अब आगे
दिल्ली
अयान का घर
अयान पूरे घर वालों के सामने बैठा हुआ था... आयांश शौर्य वीर 3 साल के हो चुके थे... जिया का भी एक दो साल का बेटा था जिनका नाम उन दोनों ने मिलकर अभय रखा था... पारुल और विवेक का बेटा विमल वह भी ढाई साल का था... सभी वहां पर बैठे हुए थे अंश हमेशा की तरह चुपचाप और सब को घूरते हुए बैठा हुआ था...
अयान अंश को अपनी गोद में लेता है और सब की तरफ देख कर कहता है... मैंने और सना ने एक फैसला लिया है...
सब उसकी तरफ देखते हैं डेनियल कहता है... क्या बात है अयान जो बोलना है खुल कर बोलो...
अयान कहता है... हम पांचों बच्चों को वेगास भेज रहे हैं वहां पर यह अपनी सभी स्टडीज पूरी करेंगे और जब तक हम ना चाहे... तब तक यह वापस नहीं आएंगे... अयान आयांश की तरफ देखता है अयान उसे देखते हुए कहता है... तुम समझ रहे हो ना बेबी... तुम्हें मैंने सब चीजें समझा चुकी हैं तुम्हें क्या करना है...!
आयांश अयान को देखता है और कहता है... ओके
अयान कहता है... वहां पर मैंने तुम सभी का रहने का इंतजाम कर दिया है... तुम्हें वहां पर किसी भी तरीके की दिक्कत नहीं होगी... तुम्हें हर एक चीज वहां पर सिखाया जाएगा और तुम पांचो अपनी असलियत कभी नहीं भूलोगे और ना ही अपने असली रूप में आओगे... अपने गुस्से को कंट्रोल करना और आयांश तुम... तुम्हें मैं अभी से समझा रहा हूं कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए...
सना अयान के पास जाती है और कहती हैं... तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे बेटे को धमकी देने की... तुम्हें पता है ना मेरा बेटा बहुत समझदार है... वह ऐसी कोई गलती नहीं करेगा... अयान सना की तरफ देखता है फिर आयांश को देखकर कहता है... तुम्हारी मां बोल रही है इसलिए यकीन कर लेता हूं वरना तुम्हारे लक्षण देख कर तो नहीं लगता 3 साल के होने और 23 साल के आदमी की तरह बिहेव करते हो...
अंश अयान को देखकर सरकास्टिकली इस्माइल करता है और कहता है... क्यों डैड आपको जलन होती है की लड़कियां मुझ पर ज्यादा अट्रैक्ट होती हैं... आपको छोड़कर उसकी बात सुनकर वहां खड़े सभी लोग हैरानी से उसे देखते हैं...
तो अयान कहता है... उल्लू के पट्टे तेरा ही बाप हूं लड़कियां मरती है मुझ पर... अभी भी आयांश एक गहरी सांस लेता है और कहता है कमोन डैड छोटा हूं... लेकिन बहुत समझदार हूं मैं और देखिएगा 1 दिन में इतना बड़ा मुकाम तय करूंगा... की पूरी दुनिया सिर्फ मेरे नाम से कांप उठेगी ... झुकेंगे सब मेरे सामने जैसे... अभी आपके सामने झुकते है उसकी बात सुनकर सभी मुस्कुरा देते हैं...!
तो अयान कहता है... कल तुम सब यहां से निकल रहे हो ओके अब मैं चलता हूं यह कह कर वह अपने कमरे में चला जाता है...
अगली सुबह
सभी बच्चे बेगास के लिए निकलते हैं... तो उन्हें छोड़ने के लिए उसके सभी पेरेंट्स भी एयरपोर्ट आए हुए थे...
सभी उन्हें गले लगाते हैं और उन सबको अपने बॉडीगार्ड्स के साथ वेगास के लिए भेज देते हैं...
अचानक अंश की नींद खुलती है वह देखता है कि अभय उसे जगा रहा था अंश उसे देख कर कहता है... हम लोग पहुंच गए क्या...
अभय कहता है...अपने सपनों की रानी को अपने सपने में ही रख और चल यहां से या फिर कोई फ्लाइट अटेंडेंट को बुला दू तेरे साथ इंजॉय करने के लिए...
अंश उसे घूर के देखता है और कहता है... अपना मुंह बंद रख यह कहकर वह फ्लाइट से बाहर आ जाता है तभी एक एयर होस्टेस अभय से कहती है... यू आर लुकिंग सो हॉट सर
अभय उसे देखकर मुस्कुराता है और अपने पॉकेट से कार्ड निकाल कर उसे देते हुए कहता है... यू कॉलिंग एवरी टाइम
यह कहकर उसके चिक्स पर किस करता है और वहां से निकल जाता है...
जब वह पांचो फ्लाइट से बाहर आते हैं... तो देखते हैं वहां पर तीन गाड़ियां पहले से ही हैं ... जिनमें से दो में बॉडीगार्ड्स बैठे हुए हैं और एक जो एसयूवी था
... वह उनके लिए था वह पांचों उसमें जाकर बैठ जाते हैं ... आयांश अपने लैपटॉप को निकालता है और उसमें अपनी कंपनी के शेयर्स चेक करने लगता है...
फिर शौर्य की तरफ देख कर कहता है ... कुछ पता चला उस लड़की के बारे में...
शौर्य कहता है... हां पता चला है ... उसका नाम अवनी सचदेवा और वो एक कॉलेज स्टूडेंट है और उसे अनाथालय से गोद लिया गया था... क्योंकि बचपन में ही उसके मां-बाप मर चुके थे...
लेकिन उसे इस बारे में पता नहीं है क्योंकि वह उस समय से 1 साल की थी... इसलिए वह मिस्टर नरेश सचदेवा को बाप और उसकी वाइफ गौरी सचदेवा को अपनी मां मानती है...
अंश कहता है... एक मिनट कौन नरेश सचदेवा
शौर्य कहता है... वही जिसने डैड और अंकल पर जानलेवा हमला किया था... जिसके कारण हमने तुम्हारे भाई और मेरी बहन को खोया था...
अंश शौर्य की तरफ देख कर कहता है ... मुझे वो लड़की चाहिए
उसके कहने पर शौर्य हा में सिर हिलाता है कुछ देर बाद हो सभी राठौर मेंशन पहुंच जाते हैं...
जब अंश और वह चारों घर के अंदर पहुंचते हैं... तो देखते हैं वहां पर हॉल में सना बैठी हुई थी... जैसे ही सना की नजर अयांश पर पड़ती है वह दौड़ते हुए जाती है और उसके गले लग जाती है।
आयांश एक हाथ से उसके पीट को सहलाता है और कहता है... मां...
सना नम आंखों से उसे देखती है और कहती है... कितना बार कहा था तुम्हें आ जाओ लेकिन तुम नहीं आए... वेगस से मैसूर चले गए... ऐसा क्यों किया तुमने तुम्हें पता है ना हमें कितनी जरूरत थी उस समय तुम्हारी...
अयांश कहता है... आप लोगों ने ही तो कहा था पावरफुल बन कर आना... इसीलिए नहीं आया अब आया हूं ना सब से हिसाब बराबर करने... मैं थक गया हूं मुझे आराम की जरूरत है यह कहकर वह अपने कमरे में चला जाता है...
बाकी सभी एक दूसरे की शक्ल देखते हैं और सना की तरफ देख कर कहते हैं... आंटी हम सब भी अपने घर जा रहे हैं यह कहकर तीनों वह से चले जाते है और विमल अपने कमरे की तरफ चला जाता है...
सना बेचारा सा मूह बनाकर सबकी तरफ देखती है... और उस घर को देखते हुए कहती है... कितनी अकेली हो गई हूं मैं...
तभी अयान पीछे से उसे गले लगाते हुए कहता है ... कैसे अकेली हो गई हो मुझे भी बताओ...
सना उसकी तरफ पलटती है और उसके पेट पर मारते हुए कहती हैं ... सब तुम्हारे कारण हुआ है अगर मेरे बेटे को वहां नहीं भेजते... तो वह इतना निर्दई नहीं होता... उसे तमीज भी नहीं है लड़कियों से बात करने का... कम से कम मा से तो बात करता है अच्छे से... लेकिन नहीं वह तो तुम्हारे से भी ज्यादा बदतमीज है...
अयान कहता है... शर्म नहीं आती पति को मारते हुए और एक बात मैंने उसकी भलाई के लिए भेजा था और मुझे क्या पता था... कि वह ऐसा बनकर आएगा मुझे ना उसे गर्ल्स एंड बॉयस कंबीनेशन हॉस्टल में डालना था... उसे लड़कियों की जरा भी इज्जत नहीं है पता नहीं कैसा रहेगा लड़का...
मेरी प्यारी बीवी गुस्सा मत हो और जाओ क्योंकि कॉल आया था तुम्हें तो बड़ा मॉडलिंग का शौक है ना... आज तुम्हारा लाइव इंटरव्यू है जिसके लिए कॉल आया था सना अपने सिर पर हाथ रखते हुए कहती है ... अरे हां मैं तो भूल ही गई थी अच्छा मैं चलती हूं... यह कहकर वह चली जाती है अयान अंश के कमरे की ओर चला जाता है...
अयान आयांश के कमरे के पास पहुंचता है तो देखता है... उसका कमरा आधा खुला हुआ था वह अंदर जाता है तो देखता है... आयांश अपने लैपटॉप में लगा हुआ था अयान कहता है... और मेरे शेर कैसे... कैसा रहा तुम्हारा शिकार...
उसके यह कहने पर आयांश अयान को अपनी गहरी आंखों से देखता है और कहता है... मैंने उसकी बेटी को अपने पास रखने का डिसीजन लिया है... वह तड़पेगा पल-पल जैसे मैं तड़पा था डैड...
मैंने अपना खुद का अंपायर खड़ा कर लिया है और एक बात मैं राठौर इंडस्ट्री जॉइन करना चाहता हूं... लेकिन अपने इंडस्ट्री मे कॉलब्रेशन नहीं चाहता... मैं नहीं चाहता कि दोनों एक साथ मिले... जिस नाम से मेरी हेल इंडस्ट्री चल रही है उसी नाम से ही वह चलेगी...
अयान कहता है ... ठीक है मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है और मैं भी सोच रहा था... कि तुम्हें वहां का सीईओ बना ही दूं वैसे विमल कहां चला गया...
आयांश उसकी तरफ देखता है और कहता है... मेरी तरह सन्यासी नहीं है वह चारों जोकि एक ही लड़की के साथ रहेंगे गए होंगे अपने लिए तलाशने...
अयान तरफ देखता है और कहता है... तुम हमेशा उसे गलत ही क्यों समझते हो...
अयांश कहता है... मैं गलत किसी को नहीं समझता डैड बस मुझे किसी के ऊपर विश्वास नहीं है... मैं सिर्फ अपने आप से मतलब रखता हूं दुनिया से नहीं... ओके अब मैं चलता हूं
क्योंकि मैं यहां पर सिर्फ आप सबको बताने आया था... कि मैं वापस आ गया हूं मैं वापस जा रहा हूं ... अपने हेल में यह कहकर वह चला जाता है
अयान उसे देखकर एक गहरी सांस लेता है और खुद से कहता है... इतना बदल जाएगा यह नहीं पता था वरना भेजता ही नहीं तुझे...
.हेल मेंशन..........
जब अयांश वहां आता है तो देखता है ... वह जगह पूरी तरीके से अंधेरे में लिपटी हुई थी... सिर्फ पीले रंग की एक ढेमलाइट उसके कमरे में जल रही थी...
बाकी हर जगह मोमबत्तियां और पीली लाइट लगी हुई थी... उसका घर ब्राउन और ब्लैक कलर के कॉन्बिनेशन में सजा हुआ था... वह सच में एक हेल ही था नर्क की तरह
जब वह अपने कमरे में देखता है... तो एक लड़की वहां पर पड़ी हुई थी... उसे देखकर उसकी आंखें सिकुड़ जाती हैं और वह चल के बेड के पास जाता है फिर जोर से चिल्लाता है... बैंड
उसकी यह बात सुनकर वहां पर एक आदमी दौड़ते हुए आता है और कहता है... यश मास्टर
अंश उसे अपनी पीली आंखों से घूरते हुए कहता है... यह यहां क्या कर रही है
बैंड हक लाते हुए कहता है म... मास्टर सॉरी और शौर्य सर ने इसे यहां भिजवाया है... तो मैंने इसे आपके कमरे में रख दिया
अंश कहता है... इसे उठाकर फेको यहां से आइंदा से अगर मेरे कमरे में कोई भी नजर आया... तो मैं तुम्हें ज्वालामुखी में फिकवा दूंगा... उसकी बात सुनकर बैंड डरते हुए उस लड़की को अपनी गोद में उठाता है और वहां से चला जाता है...
क्रमशः
The devil's obsession