The time between us - Chapter 3
ईहा टाइम ट्रेवल करके पुराने काल में पहुंच तो चुकी थी, लेकिन वहां पहुंचते ही उसके लिए मुसीबत का दौर शुरू हो गया था। उसे वहां के तात्कालिक सम्राट रुद्रांशवीर ने जेल में बंद कर रखा था। ईहा अपने पक्ष में जितनी भी बातें बोल रही थी, वह उसके खिलाफ ही साबित हो रही थीं।
जब रुद्रांश ने ईहा को मारना चाहा, तो उसके मुंह से यही निकला कि अगर रुद्रांश ने उसे मार दिया तो वह कभी नहीं जान पाएगा कि उसके खिलाफ क्या योजना बनाई जा रही है। उसकी यह बातें सुनकर रुद्रांश को यही लगा कि वह विद्रोहियों के साथ मिली हुई है, तभी इसके बारे में इतना सब कुछ जानती है।
रुद्रांश ने एक बार फिर ईहा को तलवार की नोक पर ले लिया था। उन दोनों की आंखें एक दूसरे की आंखों में झांक रही थीं। ईहा की आंखों में घबराहट जरूर थी, लेकिन डर नहीं।
ईहा ने पलकें झपकाईं और शांत लहजे में कहा, “आप शायद जानते नहीं हैं महाराज, मैं इस टाइम पीरियड की नहीं हूं। फिर मैं आपके विद्रोहियों के साथ कैसे मिल सकती हूं? अगर आज आपने मेरी बात नहीं मानी तो मेरा मरना तो तय है, लेकिन जिंदा तो आप भी नहीं रह पाएंगे।”
ईहा की बात सुनकर रुद्रांश की भौंहें सिकुड़ गई थीं। वह हैरत भरे लहजे में बोला, “क्या मतलब है तुम्हारा? क्या तुम्हारी यह चमकती मशीन भविष्य बताती है?”
“बिल्कुल... सिर्फ यही नहीं, भविष्य से आने की वजह से मैं भी आपके बारे में बहुत कुछ जानती हूं।” ईहा ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहा।
इस बार रुद्रांश उसकी बात बीच में काटे बिना पूरी संजीदगी से सुन रहा था। उसके चेहरे के भाव यही बता रहे थे कि कहीं न कहीं उसे ईहा की बात पर यकीन हो रहा है।
यह ईहा के पास अच्छा मौका था। उसने हल्के से सिर हिलाया और कहा, “ध्यान से सुनिए, अगले 2 घंटे में इस महल के उत्तर दिशा के सारे पहरेदार मारे जाएंगे और महल की सुरक्षा तोड़ दी जाएगी। आपका डाटा... मेरा मतलब है आपके इतिहास की घटनाओं के अनुसार आज की रात आपके लिए बहुत भारी पड़ने वाली है।”
उसकी बातें सुनने के बाद रुद्रांश ने उसके जैकेट का कॉलर पकड़ा और उसे खिड़की की रोशनी में लेकर गया। वह उसकी आंखों में आंखें डालते हुए सर्द आवाज में बोला, “अगर तुम्हारी यह भविष्यवाणी झूठी साबित हुई, तो हम स्वयं अपने हाथों से तुम्हारा गला काटेंगे और सच निकली तो...”
बोलते हुए रुद्रांश रुक गया था, तो वहीं ईहा ने चुनौती भरी निगाहों से उसकी तरफ देखा और तिरछा मुस्कुराते हुए कहा, “तो फिर क्या महाराज?”
“तो फिर हम तुम्हें यहां से आजाद करके एक महत्वपूर्ण पद देंगे। हम तुम्हें अपना निजी सलाहकार बनाएंगे, लेकिन याद रखना हमारे सलाहकार की कुर्सी और सूली के बीच की दूरी बहुत कम होती है। एक गलत सलाह... और नतीजा सीधे मौत। आज तुम्हारी बात सही साबित हुई, तो तुम्हारा डेटा... हमारा मतलब है तुम्हारे ज्ञान से भविष्य में हमें फायदा हो सकता है।” रुद्रांश ने ठंडे स्वर में कहा और एक झटके में ईहा की जैकेट का कॉलर छोड़ दिया।
रुद्रांश उसे वहां छोड़कर चला गया और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया। ईहा के चेहरे पर हल्की मुस्कुराहट थी और वह खुद से बड़बड़ाते हुए बोली, “क्या बात है... डेटा एंड ऑल... महाराज की मेमोरी काफी अच्छी है और बहुत जल्दी यह दूसरे शब्द पकड़ और सीख लेते हैं।”
रुद्रांश के मुंह से डेटा शब्द सुनकर ईहा को हंसी आ रही थी, पर अगले ही पल उसकी हंसी गायब हो गई थी; क्योंकि आज अगर ईहा की बात सही साबित नहीं हुई, तो वह मुश्किल से 2 घंटे की मेहमान थी।
ईहा का चेहरा तुरंत गंभीर हो गया था और उसने अपनी वॉच की तरफ देखकर कहा, “एआई, कंफर्म करो आज की रात रत्नसागर के इतिहास में 'दी रेड मून बिट्रेयल' के नाम से जानी जाती है ना?”
“बिल्कुल सही कहा ईहा।” एआई ने उसकी बात पर पुष्टि करते हुए आगे कहा, “आज की रात महाराज रुद्रांशवीर के सौतेले चाचा और सेनापति मिलकर महल पर हमला करेंगे।”
एआई के कंफर्म करते ही ईहा के चेहरे पर कॉन्फिडेंस स्माइल थी। उसने अपनी जींस की पॉकेट में हाथ डाला और गहरी सांस लेकर कहा, “वेल रुद्रांश, तैयार हो जाओ तुम्हारी दुनिया बदलने वाली है और उसे बदलने के लिए इस बार कोई तलवार या युद्ध नहीं, बल्कि इस साइंटिस्ट का दिमाग ही काफी है।”
ईहा को बस वह 2 घंटे बीत जाने का इंतजार था। काल कोठरी की दीवारों पर जमी हुई काई और टपकते हुए पानी की आवाज अब ईहा के सब्र का इम्तिहान ले रही थी। वह बार-बार अपनी घड़ी में टाइम देख रही थी। 2 घंटे पूरे हो चुके थे और उसकी गणना के अनुसार अब तक महल के उत्तरी द्वार पर धमाका हो जाना चाहिए था। अब तक तो विद्रोहियों को राजा के कक्ष तक पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ था। बाहर बिल्कुल सन्नाटा था, इतना गहरा सन्नाटा कि ईहा को अपनी खुद की धड़कनें तक सुनाई दे रही थीं, जो डर के मारे कुछ ज्यादा ही तेजी से धड़क रही थीं।
जैसे ही 2 घंटे पूरे हुए, ईहा के माथे पर डर से पसीने की बूंदे उभर आई थीं। उसने जल्दी से अपनी वॉच को ऑन किया और घबराई, धीमी आवाज में कहा, “अब तक तो हमला हो जाना चाहिए था। यह क्या हो रहा है? टाइमलाइन में गड़बड़ कैसे हो सकती है?”
ईहा के कहते ही एआई ने डेटा चेक करना शुरू कर दिया था। कुछ एक-दो मिनट बाद उसने अपनी कंप्यूटराइज्ड वॉइस में कहा, “एनालिसिस पूरा हुआ। ईहा, तुम्हारे आने से बटरफ्लाई इफेक्ट पैदा हुआ था। तुम्हारे आगमन के समय जो एनर्जी निकली थी, उससे शायद समय में एक छोटा सा लूप क्रिएट हो गया। इंसिडेंट्स स्लो हो रहे हैं। घटनाओं का समय बदल गया है। चिंता मत करो, हमला रद्द नहीं हुआ है, बस वह रीशेड्यूल हो गया है।”
एआई की बात खत्म होते ही ईहा ने अपना सिर पकड़ लिया था। वह चिढ़ते हुए बोली, “रीशेड्यूल? क्या मतलब रीशेड्यूल हो गया? यह कोई जूम मीटिंग नहीं है जो 5-10 मिनट लेट शुरू होगी। अगर अभी यह हमला नहीं हुआ, तो वह सनकी राजा मेरा सिस्टम शटडाउन कर देगा।”
ईहा को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। बात उसकी जान पर बन आई थी। इस बीच गलियारे में मशाल की तेज रोशनी हुई और भारी जूतों की आवाज गूंजने लगी। दरवाजे की जंजीर चरमराई और बाहरी लोहे का गेट खुल गया।
ईहा ने अपनी आंखों को कसकर बंद कर दिया था। उसे पता था कि कौन आया था। रुद्रांश अंदर दाखिल हुआ, उसके पीछे चार विशालकाय सैनिक थे और उनके पीछे एक ऐसा आदमी था, जिसे देखकर ही ईहा के रोंगटे खड़े हो गए थे। वह आदमी साढ़े छह फीट से भी लंबा था। उसने अपने चेहरे पर काले चमड़े का नकाब पहना था और उसके हाथ में एक बड़ा सा, चौड़ा कुल्हाड़ा था, जिसकी धार मशाल की रोशनी में नीली चमक रही थी।
ईहा ने विनती भरी आंखों से रुद्रांश के चेहरे की तरफ देखा। उसके चेहरे पर एक डरावनी शांति थी। वह ईहा के करीब आया और उसके चेहरे पर अपनी मशाल की रोशनी डाली।
“समय समाप्त हुआ भविष्यवक्ता।” रुद्रांश बोला। उसकी आवाज सुनकर ऐसा लग रहा था, जैसे वह इस लम्हे का कब से इंतजार कर रहा हो। उसने सिर हिलाया और आगे कहा, “तुम्हारे कहने पर हमने 2 घंटे इंतजार किया और तुम्हारी व्यर्थ की बातों पर यकीन किया। 2 घंटे पूरे हो चुके हैं। उत्तर की दिशा के पहरेदार अभी भी जीवित हैं और मेरा महल भी सुरक्षित है। तुम्हारी यह चमकीली घड़ी और तुम्हारी साइंस, दोनों ही झूठे निकले।”
ईहा ने अपना थूक निगला। उसे डर लग रहा था, लेकिन साथ ही वह झूठ नहीं बोल रही थी, इसलिए झुकना भी नहीं चाहती थी।
ईहा ने दो से तीन बार गहरी सांस लेकर छोड़ी और रिलैक्सिंग अंदाज में कहा, “लिसन रुद्रांश... मेरा मतलब है महाराज, टेक्निकल ग्लिच तो कभी भी हो सकता है। डेटा भी इधर-उधर हो जाता है और प्रोबेबिलिटी नाम की भी कोई चीज होती है। थोड़ा इंतजार करो, बस नोटिफिकेशन आता ही होगा। हमला भी हो जाएगा, बस थोड़ा वेट करना पड़ेगा।”
उसकी बातें सुनकर रुद्रांश जोर से हंसा, लेकिन उसकी हंसी सुनकर ईहा को और डर लग रहा था। अचानक उसके चेहरे के भाव ठंडे हो गए और वह बोला, “तुम्हारी भाषा बहुत विचित्र है और झूठ बोलने की क्षमता तो उससे भी ज्यादा अच्छी। अब तुम्हारे यह उल्टे-सीधे शब्द तुम्हें बचा नहीं पाएंगे। मरने से पहले तुम पहेलियां बुझाकर बच नहीं सकती हो।”
इतना कहकर रुद्रांश ने सैनिकों की तरफ इशारा किया। दो सैनिक ईहा के पास आए और उन्होंने उसे वहां से पकड़कर ऊपर उठा दिया। वे उसे खींचते हुए बाहर की तरफ ले जाने लगे।
वहीं ईहा चिल्लाते हुए अपनी जान के लिए गिड़गिड़ा रही थी, “स्टॉप... स्टॉप इट! तुम यह क्या कर रहे हो? यह यह बहुत ही पुराना तरीका है। कम से कम मुझे एक ट्रायल तो दो। वकील कहां है मेरा? तुम ऐसे ही किसी को मार नहीं सकते हो। यह ह्यूमन राइट्स... आई मीन मानव अधिकारों के खिलाफ है। महाराज प्लीज सफाई रखने का मौका तो दीजिए।”
जल्द ही ईहा को जेल के बाहर लाया गया और इस वक्त वह किसी दूसरी काल कोठरी के अंदर एक बड़े से, लकड़ी के भारी कुंदे के सामने खड़ी हुई थी। वह उस समय में गला काटने के लिए बनाया जाता था। उसे देखते ही ईहा जोर से चिल्ला पड़ी थी।
“तुम्हारे बचाव के लिए कोई नहीं आने वाला। यहां सिर्फ एक ही एक ही व्यक्ति का आदेश माना जाता है, जो यहां के महाराज, यानी हम है। हमारा निर्णय है कि तुम्हारी इस गर्दन को अभी तुम्हारी धड़ से अलग कर दिया जाए, जो कब से उल्टी-सीधी बातें करके हमारा समय बर्बाद कर रही है।” रुद्रांश ने अपना फैसला सुना दिया था।
उसके फैसले के बाद ईहा की वैसे भी नहीं सुनी जानी थी। उसे जबरदस्ती घुटने के बल बिठाया गया और उसका शरीर उस ठंडे लकड़ी के कुंदे पर रख दिया गया। उसके अंदर से उसे पुरानी लकड़ी और खून की गंध महसूस हो रही थी।
जल्लाद ने अपना भारी कुल्हाड़ा हवा में उठा लिया था। ईहा का गला रूंध गया था, लेकिन फिर भी वह हार नहीं मान रही थी। उसने रुद्रांश की तरफ देखकर भरी आवाज में कहा, “रुक जाओ रुद्रांश! तुम एक इनसिक्योर राजा हो, जो मुझे इसलिए मारना चाहते हो; क्योंकि तुम्हें डर है कि मैं जो जानती हूं वह सच हो सकता है। तुम डरते हो। मेरी बात जल्द ही सही साबित हो जाएगी, तुम मुझे थोड़ा टाइम नहीं दे सकते?”
रुद्रांश धीरे-धीरे चलकर ईहा के पास आया। वह नीचे झुका और उसके कान के पास आकर धीमी आवाज में बोला, “क्या तुम्हें सच में लगता है हम एक ऐसी लड़की से डरते है, जो न जाने अचानक कहां से प्रकट होकर आ गई है? हम तुम्हें और भी कोई सजा दे सकते है, लेकिन अगर तुम जिंदा रहीं, तो अपनी बातों से बाकी लोगों का मन अशांत करोगी। पिछले 2 घंटे से हम सब किस तरह तुम्हारी बातों में आकर युद्ध की तैयारी में लगे हैं, तुम्हें अंदाजा भी है? तुम्हारा यहां होना, तुम्हारा यह चेहरा और यह बातें हमारे दिमाग को अशांत कर रही हैं; और जो चीज हमें अशांत करती है, उसे हम खत्म करने में ही विश्वास करते है।”
इतना कहकर रुद्रांश पीछे हट गया और उसने अपना हाथ ऊपर उठाया। यह जल्लाद के लिए इशारा था कि अब उसे ईहा की गर्दन काटने में एक सेकंड की भी देर नहीं करनी चाहिए।
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मैं इस कहानी के chapters अब रोजाना देने वाली हूं, तो प्लीज आप भी थोड़ा एक्टिव रहिएगा। सब समीक्षा करके जाना। अगले भाग पर मिलते है।
क्या ईहा खुद की जान बचा पाएगी या पहले दिन ही सनकी राजा की सनक का शिकार हो जाएगी?