Muje Tumse Mohabbat Hai - Chapter 2
राठौड़ विला , मुंबई सुबह 9 बजे
मुंबई शहेर का सबसे बड़ा ओर खूबसूरत विला में , काफी ज्यादा चहल पहल थी ,, विला की मुखिया शारदा देवी राठौड़ होल में सोफे पर बैठी हुई ,, नोकर को गुस्से में डांट रही थी ,, तभी उनका बड़ा बेटा विजय राठौड़ और बड़ी बहु जानवी राठौड़ वहां पर आते हैं ,, अपनी मां को गुस्से में देखते ही विजय ने उसे शांत करवाते हुए कहा ,, मां क्यों सुबह सुबह नौकरो पर गुस्सा हो रही हो ,,,
विजय की बात सुन कर शारदा देवी ने उसकी तरफ गुस्से में देखा ,, जिस वजस से विजय घबरा गया ,, और तुरंत शांत हो गया। क्योंकि शारदा देवी के आगे किसी की नहीं चलती थी ,, शारदा देवी ने जानवी तरफ देखते हुए कहा ,, बहु पूजा का सारा प्रसाद तैयार है ,, जी मम्मी जी पूजा का सारा प्रसाद तैयार हे ,, और सामान भी आ गया ,,,
शारदा देवी ने आगे कहा : ठीक है जाकर बाकी के सारे काम देख लो ,,
जानवी : जी मम्मी जी इतना बोलकर वो वहां से चली गई ,
शारदा देवी : विजय तू ऑफिस चला जा ,, शाम को घर में पूजा हे ,, इसी लिऐ जल्दी वापस आ जाना ,,
विजय : जी मां , इतना बोलकर विजय ने शारदा देवी के पैर छू कर वहां से चला गया ,,,
कुच देर बाद शारदा देवी ने , अपने फोन में किसी को मेसेज किया ," ओर मन ही मन मुस्कुरा ने लगी "
ऐसे ही शाम हो गई ,,, राठौड़ विला का होल फूलों से सजाया हुआ था ,,, पूजा के लिए होल के बीज में सारी तैयारियों हो गई थी ,,, राठौड़ फैमिली तैयार होकर नीचे आ गई थी ,,, पूजा में शारदे देवी के दोनो बेटे अपने पत्नी के साथ बैठने वाले थे ,,, पूजा में बहुत सारे मेहमान आ गए थे ,, जो राठौड़ फीमेल के करीब थे ,,,
पंडित जी ,, विजय , जानवी , राघव , अनीता दोनो को पूजा करवा रहा था ,,, सारे मेहमान के लिए ,, कुच दूरी पर सोफे रखे हुए थे ,,, वहां बैठे हुए , सब पूजा देख रहे थे ,,, शारदा देवी अभी भी गेट तरफ बार बार देख रही थी ,,, तभी एक आदमी ओर औरत को आते हुए देखकर , उनके चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आ गई ,,,
मनोज अग्रवाल अपनी पत्नी विशाखा के साथ अंदर आए ,,, दोनो सबसे पहले शारदा देवी से मिले ,,, मनोज ने पैर छू कर शारदा देवी का आशीर्वाद लेते हुए कहा ,,, नमस्ते दादी कैसे हो आप ,,,
शारदा देवी मुस्कुराते हुऐ बोली : में ठीक हू ,, मनोज बेटा ,, तुम कैसे हो ,,
मनोज : दादी एक दम बढ़िया
विशाखा : दादी पैर छू कर आशीर्वाद लेते हुए बोली , नमस्ते दादी ,,
शारदा देवी : खुश रहो बेटा ,,, तुम दोनो अकेले आए हो , मेरी छोटी सैतान कहा है ,,,
तभी पीछे से एक प्यारी सी आवाज आई ,, दादी में यहां पर हु ,, इतना बोलकर रुही भागते हुए ,, शारदा देवी के पास आके गले मिल गई ,,, रूही को देखकर शारदा देवी के चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आ गई ,,, शारदा देवी ने रूही से अगल होते हुए ,,, उसे गौर से देखते हुए कहा ,,, आज तुम बहुत ज्यादा क्यूट लग रही हो ,,,
रूही मुस्कुराते हुऐ बोली : Thank you दादी ,, आप भी खूबसूरत लग रही हों ,,, ये कहते हुए रूही ने शारदा देवी के गालों को चूम लिया ,,,
ये देखकर सब मुस्कुराने लगे ,,,
मनोज ओर शारदा देवी , श्री देवी दोनो बचपन से ही दोस्त थी , श्री देवी मनोज की मां इस दुनियां में नहीं थी , लेकिन शारदा देवी मनोज को अपने बेटे की तरह प्यार करती थी ,,, अक्षर शारदा देवी नमोज के घर पर आती जाती रहती थी ,, उनके रिश्ते काफी ज्यादा मजबूत थे ,,,
रूही जाकर कायरा से मिलती हैं ,,, कायरा ओर रूही अच्छे दोस्त थे ,, रूही आयुष ओर कार्तिक को भी अच्छे से जानती थी ,,, क्योंकि बचपन से ही रुही राठौड़ विला में आती रहती थी ,,,
कुच देर बाद पूजा खत्म हुई ,,, विजय ओर राघव , जानवी ओर अनीता सारे मेहमान से मिले ,,,
मेहमानों के लिए सारी तैयारियों काफी ज्यादा फैसिलिट में तैयार थी ,,, विजय ओर राघव दोनो मनोज से मिल कर बाते करने लगे ,, क्योंकि तीनो अच्छे दोस्त थे ,, और साथ ही बिजनेशन पार्टनर थे ,,,
ऐसे ही रात हो ने वाली थी ,, सारे मेहमान डिनर करके अपने अपने घर के लिए निकल गई ,,, मनोज ओर विशाखा दोनो ने दादी से घर जाने की रजा लेते हुए कहा ,,, दादी हमे भी अब घर ले लिऐ निकल चाहिए ,, काफी रात हो गई है ,,,
शारदा देवी ने रूही को देखकर कहा ,,, ठीक है , मनोज तुम दोनो चले जाओ लेकिन रूही को आज रात यहां पर रहने दो ,,, दादी बात सुनकर सब मुस्कुराने लगे ,, रूही सबको देखकर दादी को देखने लगी ,,
तभी विशाखा ने मुस्कुराते हुऐ रूही तरफ देखते हुए कहा ,, रूही तुम यही रुक जाओ ,, कल सुबह घर आ जाना बेटा ,,
रूही ने आगे कुच नहीं कहा ओर अपना सर हीला दिया ,, कुच देर बाद विशाखा और मनोज दोनो घर के लिए निकल गए ,,,
वहीं कायरा रूही को अपने साथ ऊपर ले गई ,,, कायरा ओर रूही देर रात तक बाते करते हैं ,,, ओर सो जाते है ,,
रात करीब 2 बजे राठौड़ विला के अंदर रोल्स-रॉयस car आके रुकती है ,, जिसकी कीमत 250 करोड़ रुपए थे ,, car को देखकर एक नोकर जल्दी जाकर car का गेट खोलकर पीछे होकर सर झुका कर ग्रीट करते हुए बोला ,, हेलो छोटे मालिक ,,,
गेट खोलते ही car से white shirt and black jeans ,, में एक लंबी पसनालेटी वाला हैंडसम लडका बाहर आता हे ,,, और attitude के साथ विला के अंदर चला जाता हे ,,, होल में हल्का सा अंधेरा था ,, उस अंधेरे की हल्की सी रोशनी में सोफे बैठी दादी को देखकर वो लडका उनके पास जाकर झुक कर पैर छू ने लगा ,,,
उसके पैर छूते ही शारदा देवी की आंखे खुल गई ,, सामने एक हैंडसम चेहरे को देखकर शारदा देवी की आंखे हल्की सी भर आई ,,, यश ,, तुम आ गए ,,,
इतना बोलकर दादी ने यश को गले लगा लिया ,, दादी को देखकर यश के चेहरे पर हल्की सी स्माइल थी ,,,
कुच देर बाद दोनो एक दूसरे से अगल हुए ,, दादी ने यश को अपने पास सोफे पर बैठा लिया ,,, ओर उसे बाते करने लगी ,,, यश को देखकर दादी बहुत ज्यादा खुश थी ,,, आज सालों बाद दादी यश से मिल रही थी ,,,
शारदा देवी राठौड़ , उम्र 66
विजय राठौड़ , बड़ा बेटा 50
जानवी राठौड़ पत्नी 45
आयुष राठौड़ उम्र 29
कायरा उम्र 26
छोटा बेटा राघव राठौड़ उम्र 50
उसकी दूसरी पत्नी अनीता उम्र 41
कार्तिक उम्र 23 राघव और अनिता का बेटा