आस्था सिद्धांत की मुलाकात कितना ज्यादा हैंडसम है
एक बड़े से वरदान मेडिकल कॉलेज जहा कॉलेज के साथ hospital भी था जिसे के सामने एक 18साल की लड़की कॉलेज को देख ते हुए हां मेरा कॉलेज पूरे पांच साल पढ़ाई करनी है मुझे यहां ।।
कह कर बहे पहला कर सांस लेती है अपनी आंखे बंद कर लेती है।।
कुछ देर बाद पता नहीं मेरा क्लास कहां होगा कहते हुए जैसे ही जाने लगती है अंदर किसी से टकरा जाती है उस के हाथ से सारे पेपर्स नीचे गिर जाती है एक धाम से।।
वो लड़का उसे संभाल लेता है बिलकुल मूवी की तरह अस्त तो उस लड़के को देख ते ही रह जाती है।।।
ओह ये कितना हैंड सम है काश ये हमारा क्लास का होता।।
तभी गुस्से बारी आवाज़ सुनाई देती है घूरना हुआ है तो हाथ छोड़ो मेरा
जिसे सुन ते ही आस्था के आंखे एक धाम से बड़े बड़े हो जाती है लेकिन एक धाम से खुद को संभाल कर हो हेलो कौन देख रहा है तुम्हे।।
खुद की शकल देखा है क्या कभी में क्या कोई लड़की भी तुम्हे मूड कर नहीं देखेगी।।।
जिसे सुन कर वो लड़का एक धाम से अपना हाथ छोड़ देता है फिर क्या था एक धाम से आस्था नीचे मुंह के बल गिर जाती है।।।
उस की मुंह से एक जोर की दर्द बारी चिक निकल जाती है ।।
वो लड़का ये देख कर उसे उठाए बिना वहां से निकल जाते है आस्था के साइड से ये देख कर आस्था का मुंह खुला का ही रह जाता है गुस्से अपनी मुट्ठियां बंद कर के इस लड़के तो कुछ ज्यादा ही एटीट्यूड है इस की शकल देख न भी नहीं चाहती बालाएं कितना भी हैंड सम ही क्यों न हो इन जैसे रेड फ्लैग लड़के मुझे पसंद नहीं जिसे लड़कियों की इज्ज़त थक करना आता ही नहीं।।।।
कह कर जैसे ही उठा ने वाली होती है की एक और आवाज़ सुनाई देती है।।।
क्या तुम ठीक हो आस्था जैसे ही मुड़ कर देख थी है एक और हैंड सम लड़का एक लड़की के साथ खड़ा था।।
आस्था खुद से ही उफ़ ये कॉलेज कुछ ज्यादा ही हैंड सम लड़कों से भरा पढ़ा है ।।।
तभी वो लड़का अपना हाथ आगे करता है आस्था उन की हाथ को एक नज़र देख कर हाथ देती है।।।
वो लड़का उसे उठ ने में मदद करता है ।।
लड़की क्या तुम्हे कही लगी तो नहीं आस्था एक प्यारी सी स्माइल के साथ जी नहीं में ठीक हूं ।।
क्या आप मुझे बता सकते है क्या फास्ट इयर का क्लास कहां है।।।
वो लड़का ओह तुम भी तो हमारी क्लास से हो क्या।। जैसे ही आस्था सुन थी है स्माइल के साथ आप भी वही क्लास है क्या ।।
वो लड़का हां hii मेरा नाम यश सिन्हा।।।
और ये मेरी बहन काव्य ..... आस्था हेलो मेरा नाम आस्था कपूर ।।।
काव्य hii आस्था चलो क्लास के लिए लेट हो रहा है हमे चल न होगा ।।
कहते हुए यश काव्य पेपर्स उठा ने लगते है।। आस्था भी पेपर्स उठा कर वो तीनो क्लास के लिए निकल जाते है।।।
जैसे ही क्लास में जाते है आस्था कितना बढ़ा कॉलेज है और ये क्लास रूम देखो जरा इस की interior देख कर तो डर ही लग रहा है मुझे कही गलती से भी एक खरोच आ गया तो हमारा क्या होगा कलिया।।।
आस्था की ऐसी बाते सुन कर दोनो उसे देख ने लगते है आस्था अपना सर खुजते हुए वो हम कुछ ज्यादा ही फिल्मी है कभी कबी निकल जाती है ऐसी बाते है चलो अंदर कह कर वो निकल जाती है।।।
काव्य उसे जाते देख कुछ ज्यादा ही जल्द ही क्लास नहीं हो गई आस्था।।
Nice अच्छी है खुद से ही कह कर निकल जाती है आस्था के पीछे।।।
यश हम ने सुना है हमारे जो क्लास प्रोफेसर होने वाला है सिद्धांत वर्धन कुछ ज्यादा ही एरोगेंट है अगर गलती से भी गलती कर दिया तो यही हमारा अखरी क्लास होने वाली है।।।
यहां सिर्फ एक ही लेक्चर देते है अपनी फैमिली बिजनेस के साथ साथ खुद एक बड़े न्यूरो सर्जन है पता नहीं एक साथ इतनी सारे काम कैसे कर लेता है।।
काव्य क्यों की सब तुम्हारी तरह डफर नहीं होते है न होते है कुछ लोग इंटेलिजेंट ।।
हम ने भी थोड़ा बहुत सर्च किया सुना है बहुत हैंड सम है आस्था।।।
आस्था खुश होते हुए ऐसा है क्या तो फिर एक बार तो देख न बनता है।।।
यश उन दोनो को देख ते हुए खुद से ही दोनो एक जैसे ही है ।।।
तभी एक धाम से कदमों की हाहट सुनाई देती है ।। सब एक धाम से शांत हो जाते है।।।
आस्था बड़ी सी स्माइल के साथ लगता है एरोगेंट हॉट प्रोफेसर आ रहे होंगे ।।
कहते हुए बड़ी स्माइल के साथ डोर के तरफ देख ने लगती है लेकिन उस की वो स्माइल एक धाम से गायब हो जाती है।।
ये ये प्रोफेसर नहीं नहीं हो सकता ये ।। ओह गॉड ये क्या हो गया है।।
यश उस की स्माइल गायब होते देख इसे क्या हुआ अचानक से।।
काव्य आस्था की बाजू को पकड़ कर हिलते हुए आ कितना ज्यादा हैंड सम है न काश काश ये प्रोफेसर मेरा हब्बी बन जय तो कितना अच्छा होता न।।।
आस्था की कानो में तो काव्य की बाते सुनाई देती ही नहीं वो तो बस शॉक से सामने खड़े लड़कों देख रहती जो अंदर आ रहते।।
खुद से ही ये ये लड़का तो वही है जिसे सुबह हम ने टकराया है।।।
ये लड़का प्रोफेसर ओह गॉड अगर ये मुझे देखा तो पता नहीं क्या ही करेगा मेरे साथ कह कर अपने आपको बुक के पीछे छुपा ने की कोशिश कर रहती।।।
वही वो लड़का सीधा पोडियम के पास आकर खड़े हो जाते है सब के तरफ देख ते हुए Hello everyone my self sidhanth vardhna, आज से में आपका anatomy प्रोफेसर हूं।।।
मेरी क्लास में गलती से भी कोई गलती मात करना मुझे सब की नज़र इस बॉड पर इस स्क्रीन पर नजर आनी चाहिए कही और आपकी नज़रे गए तो आप का ये अखरी क्लास होगा ।।
जैसे ही सारे स्टूडेंट ये सुन ते है उन की तो डर से हालत खराब हो जाती है।।।
सिद्धांत सब के तरफ जैसे ही देख ते है आस्था को इस तरह खुद को छुपते देख ये यूं रेड कीर्ति गर्ल।।
जैसे ही सिद्धांत ये कहते ही सब की नजरे उन की नजरों के पीछे करते हुए सीधा आस्था के तरफ उन की नज़र जाती है।।।
उसे यूं छुपते देख सब हैरान हो जाते है काव्य ये देख कर आस्था से तुम्हे कह रहे है प्रोफेसर।।
आस्था जैसे ही सुन थी है उस की आंखे एक धाम से शॉक से बड़ी हो जाती है।।
क्या मुझे में मुझे मुझे क्यों ।।
सिद्धांत गुस्से क्या चल रहा है वहां एक बार में सुनाई नहीं दे रहा है क्या।।
आस्था कस कर आंखे बंद कर के रोनी शकल के साथ खुद से ही पहचान लिया है इस ने तो अब मेरा क्या होगा।।।
कहते हुए नोट बुक चेहरे से हटा थी है।।।
धीरे से खड़े हो जाती है।।।
जी प्रोफेसर...... सिद्धांत उसे यू डर ते देख उस के पास कदम बढ़ाते हुए।।।
क्या कर रहती है तुम खुद को कवर क्यों कर रहती है कुछ गलती किया है क्या तुम ने।।।
आस्था धीरे से नहीं नहीं प्रोफेसर।।।