Deadly Desire our forever ended 18+ Ch. 3

- Chapter 4

Posted by iskibutterfly iskibutterfly • Sep 28, 2026 10:23 PM

Episode 3 — वो जन्मदिन, जिसने सब बदल दिया

देखते ही देखते साल गुजर गए।

स्कूल की शरारतें अब यादों का हिस्सा बन चुकी थीं और रुद्राक्ष ओबेरॉय और सायरा डेमिर दोनों अठारह साल के हो चुके थे।

आज सायरा का अठारहवां जन्मदिन था।

सुबह से ही उसके फोन पर लगातार messages आ रहे थे।

लेकिन जिस message का वह इंतजार कर रही थी, वह अब तक नहीं आया था।

दोपहर करीब बारह बजे फोन बजा।

Rudraksh: Get ready. आज शाम तुम मेरी होस्ट हो।

सायरा ने तुरंत reply किया—

Saira: मेरी birthday है और तुम मुझे order दे रहे हो?

कुछ सेकंड बाद जवाब आया—

Rudraksh: आज मेरी बात मान लो। बाकी जिंदगी भर तुम मेरी बात मत मानना।

सायरा मुस्कुरा दी।

शाम को रुद्राक्ष उसे एक खूबसूरत होटल में लेकर आया।

होटल के एक private room को छोटे-छोटे fairy lights, white flowers और balloons से सजाया गया था।

टेबल पर उसका पसंदीदा chocolate cake रखा था।

सायरा कुछ पल दरवाजे पर ही खड़ी रह गई।

“रुद्राक्ष…”

वह मुस्कुराया।

“Happy 18th birthday, Saira.”

सायरा की आंखें चमक उठीं।

“तुमने ये सब किया?”

“Obviously।”

“इतना सब?”

“तुम्हें लगा था मैं तुम्हारा birthday भूल जाऊंगा?”

सायरा धीरे से उसके पास आई।

“Thank you।”

“बस thank you?”

“और क्या चाहिए?”

“एक promise।”

“क्या?”

रुद्राक्ष ने उसकी तरफ देखते हुए कहा,

“चाहे जिंदगी कितनी भी बदल जाए… तुम मुझसे दूर मत जाना।”

सायरा कुछ पल उसे देखती रही।

“मैं कहीं नहीं जाऊंगी।”

“Promise?”

“Promise।”

रुद्राक्ष मुस्कुराया।

“Good.”

फिर दोनों ने cake काटा।

सायरा ने पहला piece उठाकर रुद्राक्ष के मुंह पर लगा दिया।

“Happy birthday to me!”

रुद्राक्ष ने उसकी नाक पर थोड़ा-सा cream लगा दिया।

“अब बराबर।”

सायरा चिल्लाई,

“रुद्राक्ष!”

वह हंसते हुए पीछे हट गया।

“पकड़कर दिखाओ।”

सायरा उसके पीछे भागी और दोनों कमरे में हंसते हुए इधर-उधर दौड़ने लगे।

कुछ देर बाद दोनों balcony के पास खड़े होकर शहर की lights देख रहे थे।

रुद्राक्ष की आवाज धीमी थी।

“तुम्हें पता है, सायरा… बचपन से अब तक एक चीज बिल्कुल नहीं बदली।”

“क्या?”

“तुम।”

सायरा मुस्कुरा दी।

“और तुम भी।”

“मैं?”

“हां। पहले भी irritating थे, आज भी हो।”

रुद्राक्ष हंस पड़ा।

“और फिर भी मेरे साथ हो।”

“सायरा ने जैसे ही रुद्राक्ष का हाथ अपने हाथ पर महसूस किया, उसकी तेज होती धड़कनों के बीच उसके चेहरे पर हल्की-सी खुशी उतर आई। रुद्राक्ष ने बेहद स्नेह से उसके माथे को छुआ और धीमे से मुस्कुराया।

सायरा की हार्टबीट और तेज हो गई। उसने नजरें झुका लीं, लेकिन उसके चेहरे पर छिपी मुस्कान रुद्राक्ष से छिप नहीं सकी। वो सायरा के होठो को अपने होठों किस किया सायरा की दिल तेजी से धड़क कने लगा ,,,

तभी बाहर hallway से किसी चीज के गिरने की तेज आवाज आई।

सायरा चौंक गई।

“ये आवाज कैसी थी?”

रुद्राक्ष तुरंत दरवाजे की तरफ बढ़ा।

“तुम यहीं रहो।”

“लेकिन…”

“मैं अभी आता हूं।”

वह तेजी से बाहर निकला।

कुछ कदम आगे बढ़ते ही उसे एहसास हुआ कि आवाज उस कमरे से आई थी जहां रुद्राक्ष के माता-पिता ठहरे हुए थे।

उसने दरवाजा खोला। डैड

अंदर का दृश्य देखकर वह वहीं रुक गया।

कमरे में सामान बिखरा हुआ था।

रुद्राक्ष के पिता घबराए हुए खड़े थे और उसकी मां जमीन के पास बैठी हुई थीं। उनके चेहरे पर गहरा सदमा था और सांसें तेज चल रही थीं।मॉम

रुद्राक्ष दौड़कर उनके पास पहुंचा।

“क्या हुआ?”

रुद्राक्ष के पिता ने कांपती आवाज में कहा,

“रुद्राक्ष… तुम यहां मत रहो।”

“लेकिन मॉम की तबीयत—”

तभी पीछे से सायरा भी कमरे में पहुंच गई।

आंटी

वह अपनी मां की तरफ दौड़ी।

“मम्मा, क्या हुआ?”

नाजमा ने सायरा को देखा, लेकिन कुछ बोल नहीं पाईं।

रुद्राक्ष की नजर कमरे में मौजूद कुछ चीजों पर पड़ी और फिर उसके पिता पर।

उसे समझ आ गया कि आखिर हुआ क्या था।

सायरा के पिता बार-बार कह रहे थे,

“काव्या को मैंने कुछ गलत नहीं किया … ये वैसा नहीं है जैसा दिख रहा है…”

लेकिन नाजमा जैसे कुछ सुन ही नहीं रही थीं।

उनकी नजर अपने रुद्राक्ष की मां पर थे। रुद्राक्ष की मॉम ने कहा

आंखों में अविश्वास, दर्द और गुस्सा सब एक साथ था।

“मैंने तुम पर भरोसा किया था…”

उनकी आवाज बहुत धीमी थी।

फिर अचानक उनका चेहरा सफेद पड़ गया।

“मम्मा!”

रुद्राक्ष ने उन्हें संभालने की कोशिश की।

नाजमा लड़खड़ाकर नीचे बैठ गईं।

रुद्राक्ष ने तुरंत होटल staff को आवाज दी।

“Someone call an ambulance! जल्दी!”

कुछ ही मिनटों में होटल का माहौल बदल गया।

Birthday decorations के बीच emergency की आवाजें गूंजने लगीं।

केक अभी भी टेबल पर रखा था।

उस पर लिखा था—

Happy 18th Saira.

लेकिन अब किसी को उस खूबसूरत celebration की याद नहीं थी।

रुद्राक्ष अपनी मां का हाथ पकड़े रो रही थी।

“मम्मा, आंखें खोलो… please…”

रुद्राक्ष उसके पास घुटनों के बल बैठ गया।

रुद्राक्ष, doctors आ रहे हैं। कुछ नहीं होगा।”

लेकिन उसकी अपनी आवाज भी कांप रही थी।

कुछ देर बाद ambulance पहुंची और काव्या को अस्पताल ले जाया गया।

रुद्राक्ष पहुंचा। सायरा भी उसके पीछे पीछे आ गई

वह पूरी रात hospital corridor में बैठी रही।

उसके हाथ में अब भी birthday bracelet था।

कुछ घंटे बाद डॉक्टर बाहर आए।

उनका चेहरा गंभीर था।

रुद्राक्ष तुरंत खड़ी हो गई।

“Doctor… मेरी मम्मा कैसी हैं?”

डॉक्टर ने धीरे से सिर झुका दिया।

“I'm sorry…”

रुद्राक्ष की दुनिया जैसे वहीं रुक गई।

“नहीं…”

उसने अपना सिर हिलाया।

“नहीं, ऐसा नहीं हो सकता।”

सायरा ने उसे संभालने के लिए आगे बढ़ना चाहा, लेकिन रुद्राक्ष ने उसके हाथ को गुस्से से झटक दिया ,,, सायरा ये देखकर शॉक रह गई ,,, वो हैरानी से उसे देखने लगी ,,, रुद्राक्ष की आंखें गुस्से से लाल थी सायरा की आंख में आंसू थे ,,

।

सिर्फ अस्पताल की लंबी खामोशी थी।

और सायरा के मन में एक सवाल बार-बार घूम रहा था—

“आखिर उस कमरे में ऐसा क्या हुआ था, जिसने एक खुशहाल परिवार को एक ही रात में तोड़ दिया?”

उसे अभी जवाब नहीं पता था। सायरा बहुत इनोसेंट थी ,

रुद्राक्ष गुस्से से अपने डैड को देखा ,,,

,

लेकिन आने वाले दिनों में यही सवाल उसकी पूरी जिंदगी बदलने वाला था।

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