Devil Ka Sukoon Ch. 1

Devil Ka Sukoon - Chapter 1

Posted by Bhoomi . • Oct 06, 2026 03:32 PM

मुंबई

पूर्णिमा का पूरा चांद बादलों से लुका छिपी खेल रहा था।

वहीं एक बड़ी सी बिल्डिंग की छत पर कुछ आदमी हाथ में राइफल लिए खड़े थे। सबने ब्लेक थ्री पीस शूट पहन रखा था। वे सभी छत के चारों तरफ खड़े पहरा दे रहे थे।

तभी वहां एक चोपर की आवाज आती है। जिससे सभी आदमी अपनी जगह पर अलर्ट मोड पर खड़े हो जाते हैं। तभी उनके कान में लगी ब्लूटूथ से आवाज आती है। डेविल किंग इज हियर।

ये सुन सब अपनी राइफल नीचे कर लेते हैं और रिस्पेक्ट में अपना सिर नीचे कर लेते हैं। तभी चोपर वह लेंड होता है।

उसमें से एक दमदार पर्सनेलिटी बाहर निकलती है। एक आदमी जिसकी हाइट छ फुट तीन इंच। इस समय उसने ब्लेक फोरमल पेंट शर्ट पहन रखा था और साथ में एक ब्लेक ओवर कोट पहन रखा था।

आंखों पर चश्मे का पहरा, सिर पर ब्लेक राउंड सेप टोपी। जिस पर बहुत ही स्टाइल से डेविल किंग लिखा हुआ था। उसने गले में सोने की एक चैन में रूद्राक्ष धारण कर रखा था।

हाथ में एक बड़ा गोल्ड का कड़ा जिस पर दहाड़ते शेर का डिजाइन था। उसका एक हाथ उसकी पेंट की जेब में था। जिसमें उसने एक ब्रेनडेड वाच पहन रखी थी।

उसके आजू-बाजू दो लोग थे। जिन्होंने ब्लेक थ्री पीस शूट पहन रखा था। वे भी शान से किंग के पीछे चल रहे थे। तभी वहां एक आदमी चेयर लेकर आता है जिसके हेड पर दहाड़ते शेर का डिजाइन था।

उस चेयर पर ज्यादा सोने का काम था। वाइट और गोल्ड में वो काफी खूबसूरत चेयर लग रही थी और उस चांदनी रात में चमक रही थी।

किंग जाकर उस चेयर पर बैठ जाता है। किंग के वहां होने से सब डर रहे थे सिर्फ उन दो आदमियों को छोड़ कर जो किंग के साथ अभी आए थे।

किंग चेयर पर एक पैर पर दूसरा पैर रख शान से बैठ जाता है और अपना एक हाथ उठा इशारा करता है। तभी वहां एक आदमी को घसीटते हुए लाया जाता है।

वो आदमी किंग के पैर पड़ कर उसे माफी मांगने लगता है। किंग अपना पैर झटक देता है जिससे वो आदमी चार कदम पीछे की और गिर जाता है।

किंग स्टाइल से अपना पैर घूमा वापिस अपने दूसरे पैर पर रख लेता है। और अपनी सर्द आवाज में कहता है किंग की ****्शनरी में माफी और सोरी शब्द नहीं है ये तुम अच्छे से जानते हो फिर भी तुम ऐसी ग़लती जानबूझ कर रहे हो।

तभी वो आदमी अपने घुटनों के बल बैठ कर किंग के सामने हाथ जोड़ कहता है मैंने जानबूझ कर नहीं किया मैं नशे में था। मुझसे गलती हो गई प्लीज़ मुझे छोड़ दो।

तभी किंग अपने ओवर कोट से एक मिनी गन निकाल कर उस पर शूट कर देता है और कहता है चलो छोड़ दिया। उस गन से एक सुई निकलती है और वो आदमी वहीं लेट जाता है।

तभी उसका शरीर अपने आप झटके मारने लगता है और थोड़ी देर में उसके कान के पर्दे फट जाते हैं और थोड़ी देर में उसका पेट फट जाता है और वो वहीं ढेर हो जाता है।

उस सूई में किंग का खुद का मनाया जहर था जो लोगों को ऐसा मारता था की इंसान चा कर भी आवाज़ नहीं निकाल पाता था।

किंग अपनी चेयर से उठ उसे एक नजर देख कहता है ठिकाने लगा दो इसे। ये कह किंग उस बिल्डिंग से नीचे आने लगता है।

इस वक्त उसके चहरे पर कोई इमोशन नहीं थें। वो इमोशन लेंस था। वो अपनी पर्सनल लिफ्ट में से नीचे आता है और अपनी गाड़ी में बैठ जाता है।

और वहां से किंग की गाड़ियों का काफिला चल देता है। चार गाड़ियां आगे चार गाड़ियां पीछे और बीच में वेगनर में चल रहा था।

किंग अपना चश्मा उतार साइड में रखता है और अपनी आंखें बंद कर अपना सिर सीट के हेड पर रख लेता है। और कहता नींव गाड़ी बीच वाले विला पर ले चलो।

नींव और वीर किंग के पर्सनल बोड़ी गार्ड्स है। किंग अपना सारा काम इन्हीं से करवाता है। और ये किंग को काफी हद तक समझते भी है।

वहीं दूसरी तरफ एक अपार्टमेंट में एक लड़की अपने बेड पर लेटी हुई थी और अपना मुंह तकिए में छिपाकर रो रही थी। तभी वहां एक लड़का आता है जो की अठाईस साल का है और दिखने में गुड़ लुकिंग भी हाइट पांच फुट बारह इंच।

वो लड़का उस लड़की के बालों में हाथ फेरते हुए कहता है पिहू बच्चा ऐसे नहीं रोते। और जैसे आप जिद कर रहे हो ऐसा तो बिल्कुल नहीं करते।

तभी वो लड़की उठ कर बैठ जाती है। गौरा रंग ब्राउन आइज और तीखे नैन-नक्श और मोटी मोटी आंखें जो की रोने की वजह से थोड़ी लाल हो गई थी और उसकी नाक भी थोड़ी थोड़ी लाल नजर आर रही थी। उम्र इक्कीस साल।

भाई आप मुझे से बात मत कीजिए मैंने आपसे पहले कहा था की इस मनडेय मेरी प्ले परफोर्मेंस है और लास्ट परफोर्मेंस है और आप बिल्कुल भी नहीं आएं।

मेरी सात दिन की एक भी दिन आप नहीं आए मुझे आप से कोई बात नहीं करनी आप जाइए अपने उस डेविल बोस के पास।

वो लड़का जिसका नाम वेद है। वो कहता है पिहू बच्चा मैंने बहुत कोशिश की थी टाइम निकालने की लेकिन काम बहुत ज्यादा था। लेकिन प्रोमिस इस सन्डे में आपके साथ टाइम स्पेंड करुंगा।

प्रियांशी उर्फ पिहू भाई आप हर बार यही कहते हो अब की बार मैं आपकी बातो में नहीं आएगी और पापा से भी आपकी शिकायत करुंगी की आप मेरा ख्याल नहीं रखते।

ये कह पिहू खुद को पूरा कंबल से कवर कर कहती हैं गुड़ नाइट अब जाइए यहां से ना मुझे खाना खाना और ना ही आपसे बात करनी मैं बहुत बहुत नाराज़ हूं आपसे।

इस पर वेद अपनी गर्दन हिलाकर उसके रुम से बाहर आ जाता है और किचन में जाकर खाना बनाने लगता है। वेद पिहू की पसंद का खाना मनाता है और डायनिंग टेबल पर रख देता है।

वेद खाना टेबल पर रख पिहू के रुम में जाता है और कहता है खाना तैयार है अगर भूख लगी है तो खा लो। तभी वेद का फोन रिंग करने लगता है जो की ओफिस से आ रहा था।

वेद फोन लेकर वहां से चला जाता है और पिहू जल्दी अपना मुंह कंबल से निकाल कर देखती है तो वेद वहां नहीं था।

पिहू जल्दी बेड से उतर कर नीचे डायनिंग टेबल पर आकर बैठ जाती है और जल्दी जल्दी खाने लगती है। तभी उसकी नज़र चोकलेट केक पर जाती है। जिसे देख पिहू की आंखों में चमक आ जाती है और वो पूरा केक उठा कर अपने रुम में आ जाती है।

जब वेद फोन पर बात कर डायनिंग टेबल पर आता है तो देखता है पिहू ने खाना खा लिया था। तभी उसकी नज़र खाली प्लेट पर जाती है जिस पर वेद ने पिहू का फेवरेट चोकलेट केक रखा था।

केक को अपनी जगह पर ना देख वेद के फेस पर एक प्यारी मुस्कान आ जाती है और वो पिहू के रुम की तरफ जाता है। जहां पिहू बच्चों की तरह कंबल में घुस कर केक खा रही थी और उसके पूरे फेस पर केक लगा था।

आगे का नेक्स्ट पार्ट में

धन्यवाद 😊 🙏🏻

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