एक तरफ मीरा- F&D ग्रुप की बेहद कामयाब, रूड और गंभीर चेयरवूमन, जिसकी एक झलक से कॉर्पोरेट दुनिया कांपती है। कहने को वो सात पीढ़ियों बाद जन्मी उस अमीर खानदान की लाडली है, लेकिन अपने ही कांच के महल में वो पूरी तरह अकेली है। सौतेली मां की नफरत, चाची की जलन और बेदखल हुए ताऊ-ताई के गुस्से के बीच, मीरा की हंसी और मुस्कान कहीं खो चुकी है। पर असली खतरा तब शुरू होता है, जब उसकी ही जायदाद के भूखे अपनों में से कोई चुपके से उसकी जान लेने की साजिश रचने लगता है। दूसरी तरफ मोक्ष अग्निहोत्री—आर्मी का एक बेफिक्र, हंसमुख और कूल अफसर, जो जिंदगी का हर लम्हा खुलकर जीता है। जब मीरा पर एक जानलेवा हमला होता है, तो अंधेरे में एक अजनबी बनकर आया मोक्ष उसकी जान बचाता है और बिना नाम बताए गायब हो जाता है। लेकिन किस्मत उन्हें फिर आमने-सामने ले आती है, जब परदादा जी के एक कड़े फैसले के तहत दोनों की जबरदस्ती शादी करवा दी जाती है। मीरा को नहीं पता कि जिस मोक्ष से उसकी शादी हुई है, वही उसकी जिन्दगी का वो राज जानता है जो उससे बरसों छिपाया गया। क्या मोक्ष मीरा को उस आलीशान घर की साजिशों से बचा पाएगा? क्या वो दुश्मनों के नकाब उतारकर मीरा के होठों पर दोबारा मुस्कान ला पाएगा? जानिए रहस्य, नफरत, धोखे और बेपनाह मोहब्बत से भरी इस खूबसूरत कहानी में...।
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Chapter 1
crowns of shadows - Chapter 1 -
Chapter 2
crowns of shadows - Chapter 2 -
Chapter 3
crowns of shadows - Chapter 3 -
Chapter 4
crowns of shadows - Chapter 4 -
Chapter 5
crowns of shadows - Chapter 5