रियाज़ मालिक सैयद। जो शौकीन है खूबसूरती और खूबसूरत चीजों का। रियाज़ के लिए लड़कियों का शौक एक नशे की तरह है। और वह हर रात एक नए नशे का शौकीन है। लेकिन रियाज़ के सामने उसके दादाजी ने रखी एक ऐसी शर्त जिसमें उसे एक लड़की से शादी करके उनके खानदान को वारिस देना होगा तो रियाज़ परेशानी में पड़ गया। पर जब उसकी नजर पड़ती है 19 साल की मासूम सी इनायत पर, जो रियाज़ के पास मदद की उम्मीद लेकर आई थी। तो कैसे एक पल में उसकी सारी दुनिया बदल जाती है। मदद के नाम पर रियाज ने इनायत को अपने जुनून के पिंजरे में कैद कर लिया था। क्या रियाज़ कभी समझ पाएगा की इनायत कोई इस्तेमाल करने की चीज नहीं है? और क्या इनायत कभी रियाज़ के इस कैद से निकल पाएगी? जानने के लिए पढ़िए, "meri Innayat
New Adult Romance
Hindi
Romance
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Chapter 1
रियाज मलिक सैयद -
Chapter 2
इंतकाल -
Chapter 3
हुस्न का जादू -
Chapter 4
बदतमीजी -
Chapter 5
20 लाख का कर्ज -
Chapter 6
वादा -
Chapter 7
हमें बहू चाहिए -
Chapter 8
नाम क्या है हमारी बहू का -
Chapter 9
उसका हमदर्द बनो।” -
Chapter 10
इनायत पहुंची रियाज के ऑफिस में -
Chapter 11
रियाज और इनायत की मुलाक़ात -
Chapter 12
तुम्हें मुझसे शादी करनी होगी!” -
Chapter 13
वो रो रही है। -
Chapter 14
मेरे साथ चलो जान -
Chapter 15
अपने परिवार की मौत का कारण इनायत बनेगी। -
Chapter 16
वेलकम टू हेल …” -
Chapter 17
भूलभुलैया -
Chapter 18
कबूल हे !” -
Chapter 19
मैं सोहर हूं तुम्हारा -
Chapter 20
आपने मुझसे शादी क्यों की?” -
Chapter 21
वो घर का दामाद है -
Chapter 22
मुझे तलाक चाहिए।” -
Chapter 23
Biwi ya mistress choice is your -
Chapter 24
इनायत इस शादी से खुश नहीं है। -
Chapter 25
मेरी मोहब्बत की तौहीन हुई है..। -
Chapter 26
शादी से इनकार -
Chapter 27
डेविल रियाज़ -
Chapter 28
सारी जिंदगी इस कमरे में रहकर मेरे शौक पूरे करोगी..।” -
Chapter 29
Wild kiss -
Chapter 30
मैं तुम्हें जहन्नुम दिखा दूंगा।” -
Chapter 31
willd Kiss -
Chapter 32
आपका प्यारा सा, छोटा सा देवर।” -
Chapter 33
मलिक कॉरपोरेशन..एक मिलिट्री कैंप है -
Chapter 34
बस रियाज़ के खिलाफ मत जाना -
Chapter 35
तुम्हारी नाक बड़ी हो रही है.. -
Chapter 36
सगाई -
Chapter 37
सगाई की रस्म -
Chapter 38
यहां बैठो , मेरी बगल में आकर…” -
Chapter 39
होठों की तलब -
Chapter 40
आपकी छोटी सी इनायत इतनी बड़ी हो गई