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Ongoing Mystery

कम उम्र का प्यार

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Riya Sahu RS
Riya Sahu Author
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नाम सूरज हल्का सावला रंग देखने में बेहद स्मार्ट और हैंडसम Hight 6 फीट नाम रिद्धिमा उम्र 17 शाल Hight 5 '2 feet दिखने मे बेहद ख़ूबसूरत और सुन्दर तो बहुत थी गोल चेहरा बड़ी बड़ी आखें और पतले हॉट होठों की रंगत हल्के रेड थे. रिद्धिमा जब 15 शाल की थी उसके पापा रेंट के घर पर रहते थे एक दिन रिद्धिमा के मोम डेड को घर खाली करने का आदेश आया वो बेहद दुखी से हो गए क्युकी एक दम से दूसरा घर ढूढ़ना मुमकिन ना था... लेकिन उन्होंने सोचा जब करना ही है तो क्या सोचना उन्होंने एक दो बार coll फोन घुमाएं और कुछ लोगों से मालूम किया तो किसी ने बतया आपके घर के पास एक घर खाली पड़ा है लेकिन उसमे आपके दो ही room मिल पाये गे... रिद्धिमा के पिता हाँ. हाँ तो कोई दिक्कत नहीं है हमे तो बस रहने से मतलब है आप. एड्रेस बता दो हम बहा पोंछ जाए गे... फिर उन्होंने एड्रेस लिया और उस पाते पर जाकर मकान मालिक से बात की तो उन्होंने हाँ बोल दिया कि आप लोग रह सकते है... रिद्धिमा के पिता खुस थे उन्होंने भी हामी भरी. और बोला हम लोग कल sipt हो जय गे आप लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं.. सामने से वो लोग बोले हमे क्या दिक्कत होगी... आप रख लेना कल समान... रिद्धिमा के पिता ने एडवांस मे उन्हें पैसे देकर रूम बुक कर लिया. अब क्या था घर जाकर उन लोगों ने खाना खाया और सो गए लेकिन रिद्धिमा हैरान थी फिर से नया घर पता नहीं उनका खुद का घर कब बनेगा कुछ देर बाद ridhi भी sogai और सुबह होगई... रिद्धिमा उठी सुबह 6 बजे और उसकी माँ सुबह घूमने जाते थे क्युकी रिद्धिमा की माँ का वजन थोड़ा बड़ा हुआ था लेकिन रिद्धि दुबली पतली थी तो वो यही कहती माँ मे देखो कितनी दुबली पतली हू और आप मुझे ले जाते हो ऐसे कैसे चलेगा माँ मे और दुबली हो जाऊँगी यार लेकिन उसकी मा कहती अरे कुछ नहीं होता है तुम चलो. तुम्हें उल्टा भूक लगेगी तुम ज्यादा खाओगे तो मोटे हो जाओगे. लेकिन रिद्धिमा अपना मुह सिकुड़ ते हुई हाद है इनका तो वजन घट नहीं रहा लेकिन मेरा जरूर घट जायगा हूं 😏 चल बैठा चल तेरी माँ नहीं सुनने बाली. कुछ देर बाद दोनों माँ बेटी घर आ जाती है और दोनों थक कर बैठ जाती है कुछ देर बाद तो रिद्धि सीधा बैड पर. ओ माँ मे तो बहुत थक गई. चलो मै चाय बना देती हू. थोड़ी देर मे चय बनकर रेडी थी अब रिद्धि भी उठी और चाय ले पीने लगी. लेकिन ridhi की आदत thi की बिना biskut के वो चय नहीं पीती थी उसको खाने के लिए चाइये ही कुछ ना कुछ क्युकी उसकी मा जबरजस्ती joining के लिए ले जाती थी. इसलिए उसे हल्की भूक लग जया करती थी. कुछ देर बाद ridhi की माँ नहाने के लिए गई और आकार रेडी हो पूजा घर जा पूजा करने लगी कुछ देर बाद बारी बारी सबने नहा लिया. अब रिद्धि भी नहा धोकर रेडी थी उसने पिंक टॉप और ब्लू जींस पहनी थी. उसे ज्यादा खुले कलर ही पसन्द थे. अब खाना भी बन चुका था सबने खाना खाया और समान उठा एक तरफ रखने लगे क्युकी समान को ट्रांसफार्मर करना था. रिद्धिमा हल्की पुलकि ही मदद कर रहीं थीं क्युकी उससे ज्यादा काम की उम्मीद की भी नहीं जा सकती थी वो अभी 15 शाल की ही थी to. ज्यादा काम तो वो करती नहीं थी. अब waqt हो चुका था कि वो यहा से निकल अपने नए घर मे जाए मतलब रेंट लेकिन उन लोगों के लिए तो वो घर ही था. कुछ देर बाद वो लोग बहा पोंछ जाते है यहा भी दो दिन लग गए थे जहा ridhi की मुलाकात मकान मालकिन से होती है वो भी दिखने बेहद मोती थी लेकिन दिखने मे सुन्दर थी गोल मटोल ridhi उनको बोली नमस्ते anty जब भी उनसे मिलती हर बार नमस्ते करती. उनकी कोई सन्तान नहीं थी इसलिए उन्होंने अपने भांजे को राख रखा था. लेकिन जब ridhima की एंट्री हुई तो वो. लड़का रिया से एक बार भी नहीं टकराया क्युकी वो अपने bussnnis काम से मुंबई गया हुआ था... रिद्धिमा ने जानना चाहा कि वो अगर रहता यहा है तो गया कहा होगा. रिद्धिमा को अलग से उसका नाम सुनकर एक हलचल होती थी लेकिन वो समझ नहीं पाती की क्या हो रहा है. उसे अजीब लग रहा था वो ऐसे घर मे जिसमें एक लड़का भी वो भी उसी के आमने सामने होगा अभी तक जब भी रहीं तो सिर्फ घर था makal मलिक नहीं रहते थे तो कभी आइसा मोका नहीं आया और. उसकी इतनी उम्र भी नहीं थी लेकिन अब वो 15 शाल की हो चुकी थी उसको थोड़ा बहुत नॉलेज था लड़के लड़की के बारे मे.... लेकिन full नहीं. कुछ दिन रिद्धिमा के रहते रहते निकल गए अखिर मे वो लड़का है कहा उसे समझ नि आ रहा था. '5-6 दिन निकल चुके थे लेकिन वो लड़का अभी तक नि आया था ridhima को तो लगता था कोई 19'20 शाल का लड़का होगा लेकिन उसे नहीं पता था वो लड़का 24 shall का था. रिद्धिमा से 8'9 shall बड़ा एक दिन वो लड़का आ गया तब उसकी मामी ने गेट खोले वो अंदर आया. लेकिन ridhima उसे देख नहीं पाई क्युकी. उसकी मामी सामने खड़ी थी. Ridhi को पता नहीं एक हलचल मचती थी उस लड़के को देखने का मन कर्ता था वो जानना चाहती थी वो है कोण अखिर मे. लेकिन अफसोस की वो नहीं देख पाई. फिर Ridhi मन मरकर चुप चाप आकार बैठ जाती. वो लड़का भी अंदर चला गया उसका नाम सूरज था सूरज अंदर गया और अपनी मामी से बात करने लगा कुछ देर बात चीत के बाद उसकी मामी ने उसके लिय अछा अछा खाना बनाया क्युकी सूरज उनके लिए ढेर सारा समान लेकर आया था जब भी वो कुछ लता था तभी उसकी मामी को उसका ख्याल आता था नहीं तो ऐसा हो नहीं सकता कि उसकी मामी उसका ख्याल रखे. सूरज के पास कोई कमी नि थी पैसों की लेकिन वो यहा रहा सिर्फ उसके मोम dad के कहने पर कि उनकी मामा मामी की अपनी कोई सन्तान नहीं है. मजबूरन उसे रहना पड़ा यहा लेकिन उसे क्या पता था उसकी मुलाकात Ridhi से होगी bgavn भी जिधर की जोड़ी लिख दिए उसे अपने आप मिला देते हैं

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