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Ongoing Horror

रूहों का सफ़र 👌

5.0 (13 ratings)
Sadia khanam SK
Sadia khanam Author
39 Reads
9 Chapters
6 Comments

रूहों का सफ़र 👌👌 एक छोटे से कस्बे की हवाओं में हमेशा एक अजीब-सी नमी रहती थी। वहाँ रहती थी आयशा—एक सीधी-सादी लड़की, जो बाहर से तो खुशमिजाज़ दिखती थी, लेकिन अंदर ही अंदर उसके दिल में सवालों का तूफ़ान पल रहा था। बचपन से ही उसे रातों में अजीब सपने आते थे। सपनों में पुराने किले, खून से सनी तलवारें और एक अनजान चेहरा—जो हर बार उससे कुछ कहना चाहता था। आयशा इन सपनों को बस एक वहम मानती रही, लेकिन दिल के किसी कोने में उसे लगता था कि इनका रिश्ता उसकी ज़िंदगी से गहरा है। एक दिन कस्बे में बड़ा हादसा हुआ। एक बस पलट गई, और आयशा भी मदद के लिए वहाँ पहुँची। वहीं उसकी मुलाक़ात हुई आरव से। जब उनकी नज़रें मिलीं, तो दोनों के दिल जैसे काँप उठे। न कोई परिचय था, न कोई रिश्ता—फिर भी जैसे सदियों से जानते हों। आरव भी हक्का-बक्का रह गया। उसे भी महीनों से ऐसे ही सपने आते थे, जिनमें एक लड़की उसकी आँखों में देख रही होती थी। और आज, वही आँखें उसके सामने थीं—आयशा की। धीरे-धीरे, दोनों की नज़दीकियाँ बढ़ीं। वे अक्सर मिलते और अपने सपनों का ज़िक्र करते। हर बार ये महसूस होता कि उनके सपनों के टुकड़े एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। सच तब खुला जब दोनों कस्बे के बाहर बने पुराने किले में गए। जैसे ही उन्होंने उस वीरान जगह पर क़दम रखा, उनकी रूहें काँप उठीं। अचानक आयशा को एक झलक दिखाई दी—वो उसी किले की दीवारों पर खड़ी है, शाही लिबास में, और सामने आरव है, जिसके हाथ में तलवार है। सदियों पहले, दोनों एक-दूसरे से बेहद मोहब्बत करते थे। लेकिन साज़िश, धोखे और लालच ने उन्हें जुदा कर दिया। आरव पर ग़लत इल्ज़ाम लगाया गया और आयशा ने अपनी जान देकर उसकी बेगुनाही साबित करने की कसम खाई थी। लेकिन उनकी मौत ने उस कसम को अधूरा छोड़ दिया। अब, जन्मों बाद, दोनों की रूहें फिर से उसी जगह लौटी थीं—ताकि वो अधूरी कसम पूरी हो सके। आयशा और आरव ने कस्बे की सच्चाई खोजी और पता चला कि जिस ख़ानदान ने उनके प्यार को तोड़ा था, उसी की औलाद आज भी कस्बे में राज कर रही है। दोनों ने हिम्मत दिखाई, सच सबके सामने लाए और वो ज़ुल्म उजागर किया जिसे सदियों से छिपाया गया था। जब सच सामने आया, तो दोनों के दिलों से वो बोझ उतर गया। उनकी आत्माएँ अब चैन पा चुकी थीं। अख़ीर में, किले की उसी वीरान दीवार पर खड़े होकर आयशा ने मुस्कुराकर कहा— “अब शायद हमारी रूहों का सफ़र पूरा हो गया।” आरव ने उसकी आँखों में देखा और कहा— “हाँ… अब वक़्त भी हमारी मोहब्बत को नहीं रोक पाएगा।” और उसी पल, दोनों के दिलों में सुकून की रोशनी उतर आई। ये मोहब्बत अब जन्म-जन्मांतर तक पूरी हो चुकी थी। कस्बे की शामें हमेशा धुंधली और रहस्यमयी होती थीं। लोगों का मानना था कि इस धरती पर पुरानी रूहें अब भी भटकती हैं। मगर आयशा को इस सब पर भरोसा नहीं था। वो पढ़ाई में तेज़, I'm

Supernatural Horror Hindi Romance
  • Chapter 1

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 1
  • Chapter 2

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 2
  • Chapter 3

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 3
  • Chapter 4

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 4
  • Chapter 5

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 5
  • Chapter 6

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 6
  • Chapter 7

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 7
  • Chapter 8

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 8
  • Chapter 9

    रूहों का सफ़र 👌 - Chapter 9