सुबह के तीन बजे रहे थे चारों तरफ अंधेरा था,स्ट्रीट लाइट की जलती रोशनी में एक लड़की भागते हुए आ रही थी जिस रोड पर वह भाग रहीं थीं! उसके सहारे से ही एक नदी अपनी उफनती हुई धाराओं के साथ रह रही थी उसे नदी के बहते हुए पानी के शोर में उस लड़की की अनियमित चलती सांसों की आवाज दब गई थी! ये लड़की और कोई नहीं हमारी इस कहानी की मेन लीड रूही सिंह थी इस समय उसे लड़की की हालत बहुत ही ज्यादा खराब थी.... वह लड़की उस नदी के दुसरी तरह सामने खड़े हुए एक घर के सामने आकर रूकती है इसे एक घर कहना गलत होगा क्योंकि यह एक आलीशान हवेली थी! वह लड़की जल्दी से गेट खटखटाती है !तो वहां से गार्ड निकाल कर बाहर आता है ,और उस लड़की को देखकर वह गॉर्ड अपनी आंखें सुकोड लेता है, जैसे कुछ नहीं पता नहीं कितनी घिन भरी चीज देख ली हो उसे देखकर ऐसा लग रहा था,जेसे वह इस दुनिया में सबसे ज्यादा नफरत इस लड़की से करता हो !
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Chapter 1
रूही:Reborn my innocent ex wife - Chapter 1 -
Chapter 2
रूही:Reborn my innocent ex wife - Chapter 2 -
Chapter 3
रूही:Reborn my innocent ex wife - Chapter 3 -
Chapter 4
रूही:Reborn my innocent ex wife - Chapter 4 -
Chapter 5
रूही:Reborn my innocent ex wife - Chapter 5