“तुम सिर्फ मेरी हो… तुम्हें छूना तो दूर, आज के बाद कोई तुम्हें देख भी नहीं सकता।” उसकी आवाज़ में प्यार कम और जुनून ज्यादा था। उसकी दुनिया में पत्नी सिर्फ उसकी मोहब्बत नहीं, उसका अधिकार बन चुकी थी। वहीं मासूम पत्नी उसकी इस खतरनाक दीवानगी से अनजान थी। वह हर बार उसके गुस्से के पीछे छिपे प्यार को समझने की कोशिश करती, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके पति का प्यार धीरे-धीरे एक ऐसी सनक बन चुका है, जिसमें उसे खोने का डर हर सीमा पार कर चुका था। अब उसकी हर सांस पर उसके पति का पहरा था… और उसकी मासूमियत उस जुनूनी रिश्ते के बीच फंस चुकी थी। जूही भल्ला की ज़िंदगी सीधी, सादी और सपनों से भरी थी। 21 साल की उम्र में वो अपने परिवार की पसंद—हर्ष—से शादी करने जा रही थी। घर में खुशियों का माहौल था, छोटे-छोटे सपने बड़े होकर सच होने वाले थे। जूही ने कभी बड़े ख्वाब नहीं देखे… उसे बस एक अच्छा घर, प्यार करने वाला पति और सुकून भरी ज़िंदगी चाहिए थी। लेकिन उसकी किस्मत ने उसके लिए कुछ और ही लिख रखा था। शादी के ठीक पहले… उसकी दुनिया में एंट्री होती है अगस्त्य रंधावा की—मुम्बई का सबसे ताकतवर, सबसे खतरनाक बिज़नेस मैन। वो आदमी जो जो चाहता है, उसे हासिल करके ही मानता है। और इस बार… उसकी नजर जूही पर थी। पैसे, पावर और अपने नाम के खौफ के दम पर अगस्त्य सब कुछ बदल देता है—रिश्ते, फैसले, और जूही की पूरी ज़िंदगी। देखते ही देखते जूही की शादी हर्ष से नहीं… बल्कि अगस्त्य रंधावा से हो जाती है। शुरुआत में सब कुछ परफेक्ट लगता है—महल जैसा घर, शानो-शौकत, हर वो चीज़ जो किसी भी लड़की का सपना हो सकती है। लेकिन धीरे-धीरे… उस चमक के पीछे छुपा अंधेरा सामने आने लगता है। अगस्त्य का असली चेहरा। वो सिर्फ ठंडा और डॉमिनेटिंग नहीं… वो एक साइको है। उसे लोगों के डर से खेलना पसंद है। उसकी दुनिया में दया नाम की कोई चीज़ नहीं है। और सबसे डरावनी बात—उसके हाथ सिर्फ बिज़नेस डील्स से नहीं, खून से भी रंगे हुए हैं। जूही की मासूम दुनिया अब एक ऐसे खेल में फंस चुकी है… जहां हर कदम पर खतरा है। एक तरफ उसका टूटा हुआ अतीत… और दूसरी तरफ उसका खतरनाक पति—अगस्त्य रंधावा। अब सवाल सिर्फ इतना है— क्या जूही उसे बदल पाएगी… या खुद उसकी अंधेरी दुनिया में खो जाएगी?
-
Chapter 1
Psycho Husband innocent wife - Chapter 1(जूही नंगे पैरों से भाग रही थी) -
Chapter 2
Psycho Husband innocent wife - Chapter 2 -
Chapter 3
Psycho Husband innocent wife - Chapter 3(“ये लेवल है तुम्हारा?” ) -
Chapter 4
Psycho Husband innocent wife - Chapter 4 -
Chapter 5
Psycho Husband innocent wife - Chapter 5 -
Chapter 6
Psycho Husband innocent wife - Chapter 6(उसकी पीठ अब भी दीवार से लगी थी…) -
Chapter 7
Psycho Husband innocent wife - Chapter 7 -
Chapter 8
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 8 -
Chapter 9
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 9 -
Chapter 10
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 10 -
Chapter 11
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 11 -
Chapter 12
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 12 -
Chapter 13
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 13 -
Chapter 14
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 14 -
Chapter 15
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 15 -
Chapter 16
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 16 -
Chapter 17
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 17(गुड मॉर्निंग, मिस भल्ला") -
Chapter 18
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 18 -
Chapter 19
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 19 -
Chapter 20
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 20 -
Chapter 21
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 21 -
Chapter 22
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 22 -
Chapter 23
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 23 -
Chapter 24
Psycho Husband Innocent Wife - Chapter 24