इसे प्रेम कहें या किस्मत का खेल… दो आत्माएँ दर-दर भटक रही थीं। उन दोनों ने भी अपने जीवन को खुशियों से भरने के लिए कई सपने सजाए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर है। अभी उनका संसार बसना ही शुरू हुआ था कि एक पल में सब कुछ उजड़ गया। गलती बस इतनी थी कि उन्होंने दुश्मनों को अपना समझ लिया था। न किसी से कुछ कह पाए, न एक-दूसरे को संभाल पाए, और यहीं उनकी कहानी अधूरी रह गई। बरसों तक दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा था, लेकिन समय ऐसा आया कि दुनिया ने उन्हें एक-दूसरे से हमेशा के लिए दूर कर दिया। आज उनके हाथों में एक नन्ही-सी परी होती… लेकिन वह परी अब अपने माता-पिता के इंतज़ार में हर पल रोती रहती है। वह नहीं जानती कि उसके अपने ही उसे छोड़कर किसी दूसरी दुनिया में जा चुके हैं।
Cozy Mystery
Hindi
Romance
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