सियारामशरण गुप्त का मार्मिक सामाजिक उपन्यास। कथावाचक की स्मृतियों में उभरता रामलाल का जीवन बाल-श्रम, जातिगत भेदभाव, ग्रामीण समाज, अन्याय और मनुष्य की अटूट गरिमा का संवेदनशील चित्र प्रस्तुत करता है। यह मूल हिन्दी कृति भारत में सार्वजनिक डोमेन में है; पाठ विश्वसनीय मुद्रित स्रोत के पूर्ण scan और साफ typed text को जाँचकर तैयार किया गया है।
Hindi
Romance
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Chapter 1
अध्याय 1 -
Chapter 2
अध्याय 2 -
Chapter 3
अध्याय 3 -
Chapter 4
अध्याय 4 -
Chapter 5
अध्याय 5 -
Chapter 6
अध्याय 6 -
Chapter 7
अध्याय 7 -
Chapter 8
अध्याय 8 -
Chapter 9
अध्याय 9 -
Chapter 10
अध्याय 10 -
Chapter 11
अध्याय 11 -
Chapter 12
अध्याय 12 -
Chapter 13
अध्याय 13 -
Chapter 14
अध्याय 14 -
Chapter 15
अध्याय 15 -
Chapter 16
अध्याय 16 -
Chapter 17
अध्याय 17 -
Chapter 18
अध्याय 18 -
Chapter 19
अध्याय 19 -
Chapter 20
अध्याय 20 -
Chapter 21
अध्याय 21 -
Chapter 22
अध्याय 22 -
Chapter 23
अध्याय 23 -
Chapter 24
अध्याय 24