किशोरीलाल गोस्वामी का रहस्य, साहस, प्रेम और सामाजिक संघर्ष से भरा आरम्भिक हिन्दी उपन्यास। अनाथिनी और उसके छोटे भाई की कठिन यात्रा उन्हें षड्यंत्र, कापालिक, वन और गंगा-तट के बीच ले जाती है। यह मूल हिन्दी कृति भारत में सार्वजनिक डोमेन में है; पाठ 1916 के पूर्ण मुद्रित संस्करण के scan से पृष्ठ-दर-पृष्ठ जाँचकर तैयार किया गया है।
Hindi
Romance
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Chapter 1
प्रथम परिच्छेद — श्मशान -
Chapter 2
द्वितीय परिच्छेद — कुटीर -
Chapter 3
तृतीय परिच्छेद — भग्नगृह -
Chapter 4
चतुर्थ परिच्छेद — भागीरथी तट -
Chapter 5
पञ्चम परिच्छेद — विचारस्थान -
Chapter 6
षष्ठ परिच्छेद — हरिहर का गृह -
Chapter 7
सप्तम परिच्छेद — पान्थनिवास -
Chapter 8
अष्टम परिच्छेद — तरुतल -
Chapter 9
नवम परिच्छेद — देवमंदिर -
Chapter 10
दशम परिच्छेद — प्रेमप्रसंग -
Chapter 11
एकादश परिच्छेद — अरण्य -
Chapter 12
द्वादश परिच्छेद — परिशिष्ट