यह कहानी है ज़ेन मालवीय और अनाथ धानी की, शादी की पहली रात ही ज़ेन ने धानी को इस बात का एहसास करवा दिया था कि यह शादी उसके लिए एक धोखा है। ना तो वह इस शादी को मानता है और ना ही धानी को अपनी पत्नी मानता है. वह जहां चाहे वहां जा सकती है. शादी के अगले दिन ही ज़ेन ने धानी को घर से निकाल दिया था।. ज़ेन ने धानी से जो बात कही थी उसे सुनने के बाद धानी पूरी तरह से टूट चुकी थी, कैसे निभैगी वह इस टूटी हुई शादी को जिसकी बुनियाद ही धोखे और झूठ पर रखी गई थी. शादी की पहली रात जो रिश्ता खत्म हो चुका है। क्या धानी इस शादी का बोझ अकेले उठाएगी या जैन को कभी होगा अपने रिश्ते का एहसास जानने के लिए पढ़िए " Trapped Marriage"
Romantic Comedy
Hindi
Romance
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Chapter 1
सुहागरात - Chapter 1 -
Chapter 2
Heartless ज़ेन मालवीया - Chapter 2 -
Chapter 3
ज़ेन और धानी का रिश्ता - Chapter 3 -
Chapter 4
रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाए ..। - Chapter 4 -
Chapter 5
धानी का स्पर्श.. - Chapter 5 -
Chapter 6
सदा सुहागन रहो - Chapter 6 -
Chapter 7
धानी के ऐ जी - Chapter 7 -
Chapter 8
सिलाई कढ़ाई extraordinary talent - Chapter 8 -
Chapter 9
ज़ेन को मिली धमकी - Chapter 9 -
Chapter 10
She is my wife. Mrs. धानी ज़ेन मालवीया।" <br> <br>1.1K - Chapter 10 -
Chapter 11
Get him divorce - Chapter 11 -
Chapter 12
धानी ने मारा ज़ेन को थप्पड़ - Chapter 12 -
Chapter 13
ओ स्त्री कल आना - Chapter 13 -
Chapter 14
Soulmate in Shadow - Chapter 14 -
Chapter 15
मैं तुम्हारे साथ बाथरूम में चलूं. <br> तुम्हारे बदन साबुन लगाने - Chapter 15 -
Chapter 16
सुहागरात पर क्या-क्या हुआ था - Chapter 16 -
Chapter 17
जहां मर्जी भाग लो पर ज़ेन मालवीय से बच नहीं सकती - Chapter 17 -
Chapter 18
सोना चाहती हो मेरे साथ - Chapter 18 -
Chapter 19
लड़की है या कुंभकरण - Chapter 19 -
Chapter 20
यू दिखावा करने से आशीर्वाद नहीं मिलता है - Chapter 20 -
Chapter 21
छी कैसी बाते कर रहे है - Chapter 21 -
Chapter 22
इश्क़ का पेहला इशारा - Chapter 22 -
Chapter 23
फिजिकल होने के पैसे दूंगा - Chapter 23 -
Chapter 24
राम मिलाई जोड़ी- Chapter 24 -
Chapter 25
तुम डस्टबिन में रहने वाली हो - Chapter 25 -
Chapter 26
मेरी मैगी ठंडी हो रही है - Chapter 26 -
Chapter 27
good book's - Chapter 27 -
Chapter 28
दर्द हो रहा है - Chapter 28 -
Chapter 29
धानी की खुशबू चाहिए - Chapter 29 -
Chapter 30
मे तुम्हरा भाई नहीं हूँ - Chapter 30 -
Chapter 31
धनी जैसी क्वालिटी चाहिए - Chapter 31 -
Chapter 32
lip kiss - Chapter 32 -
Chapter 33
मर्द की भी ज़रूरतें होती हैं - Chapter 33 -
Chapter 34
ये बाल्डनेस तुम कमरे में दिखाओगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा - Chapter 34 -
Chapter 35
धनी को पाने की जिद - Chapter 35 -
Chapter 36
सरका ज़रा सा पल्लू - Chapter 36 -
Chapter 37
तेरी पीट का वो मासूम तिल - Chapter 37 -
Chapter 38
ज़ेन मालवीय अपनी चीजों के लिए पजेसिव है - Chapter 38 -
Chapter 39
रागिनी का रुड बिहेवियर - Chapter 39 -
Chapter 40
मेरे टाइप का खाना तुम बना भी नहीं पाओगी - Chapter 40