The 10th Avatar of God - Chapter 1
जब-जब पृथ्वी पर संकट आया है, तब-तब भगवान निर्माण ने अवतार लिया है। वे अब तक नौ अवतार ले चुके थे। अपने प्रत्येक अवतार में उन्होंने बुराई का विनाश किया है और उस व्यक्ति को खत्म किया जो बुराई का नेतृत्व करता था। क्योंकि यही भगवान निर्माण का काम था।
हालांकि, बुराई कभी कमज़ोर नहीं होती। वह कुछ देर के लिए खत्म हो जाती है, मगर बाद में दोबारा पनप जाती है। कई बार यह इतनी ताकतवर बन जाती है कि भगवान निर्माण को भी उसे खत्म करने में असहजता महसूस होती है। अपनी नौ जन्मों की लड़ाई में, कई बार उनके सामने मौजूद दुश्मन उनसे भी ज़्यादा ताकतवर था और उन्हें कठिनाई में डाल चुका था।
बुरे लोग हमेशा गलत तरीके से अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे। वे ताकतवर भगवानों से किसी न किसी प्रकार का वरदान प्राप्त करके, खुद को इतना ताकतवर बना लेते थे कि उन्हें हराना मुश्किल हो जाता था।
यही वरदान आगे चलकर सभी भगवानों के लिए मुसीबत बन जाते थे। वरदान प्राप्त व्यक्ति इतना ताकतवर हो जाता था कि वह दुनिया में तबाही मचाकर उसके रंग-रूप को ही बदल देता था, और यही वह वक्त होता था जब भगवान निर्माण को अपना काम करना पड़ता था।
जीवन को संभाले रखना और उसे पूरी तरह से खत्म होने से बचाना, भगवान निर्माण की ही ज़िम्मेदारी होती थी। चाहे बुरे शख्स ने किसी भी भगवान से वरदान क्यों न लिया हो, जब उसे खत्म करने की बारी आती थी, तब भगवान निर्माण को ही इंसान के रूप में धरती पर अवतार लेना पड़ता था।
बुरे लोग अक्सर अमर होने की कोशिश करते थे, लेकिन अमरता भगवान से प्राप्त नहीं होती थी; सीधे-सीधे तो बिल्कुल भी नहीं। इसलिए वे वरदान में कुछ ऐसी चीज़ माँगते थे जिससे वे पूरी तरह से अमर तो नहीं हो पाएँ, लेकिन फिर भी लगभग अमरता के करीब पहुँच जाएँ। भगवान निर्माण के नौ अवतारों की कहानी दिलचस्प थी; उन्होंने अपने सभी अवतारों में अलग-अलग तरीके से वरदानों का उपयोग करके अजेय शख्स को समाप्त किया था। हर एक अपनी बुद्धि-कौशल का इस्तेमाल करता था और खुद को इस प्रकार बना लेता था कि उसे किसी भी हालत में समाप्त नहीं किया जा सकता था, लेकिन फिर भी भगवान निर्माण ने उसे खत्म किया।
यह कहानी भगवान निर्माण के दसवें अवतार की है, और इस अवतार में भी उन्हें एक ऐसी ही बुराई को समाप्त करना होगा; जिसके बारे में किसी को कुछ भी नहीं पता। यहाँ तक कि भगवान निर्माण को भी इसके बारे में नहीं पता।
इस बार का अवतार भगवान निर्माण के बाकी अवतारों से अलग था। अपने पहले के सभी अवतारों में, अवतार लेने के बाद भी भगवान निर्माण ने अपनी कभी ना खत्म होने वाली शक्ति का उपयोग किया था। इसका मतलब है कि वे अपनी दैविक शक्ति का उपयोग भूत और भविष्य देखने के लिए करते थे। दुनिया के कौन से कोने में कौन मौजूद है, वह इसका भी पता अपनी जगह पर बैठे-बैठे लगा लेते थे।
भूत और भविष्य देखने की वजह से भगवान निर्माण को दुनिया के बारे में पता होता था और यह भी पता होता था कि यहाँ कौन बुरा शख्स है। अगर किसी दुनिया में पहुँचकर वहाँ के भूतकाल और भविष्य को देखने की शक्ति हो, तो आप उस दुनिया को आसानी से समझ लेते हैं और दुनिया में रहने वाले लोगों को भी।
इस बार भगवान निर्माण का अवतार इसलिए अलग था क्योंकि उन्होंने अवतार लेने से पहले यह निर्णय किया था कि वे अपनी इस शक्ति का उपयोग नहीं करेंगे। वे न तो अपनी शक्ति का उपयोग करके भूतकाल देख सकते हैं, न ही भविष्य देख सकते हैं। यहाँ तक कि वे अपनी शक्ति का उपयोग करके आस-पास के वातावरण को समझ भी नहीं सकते। उनके पहले के अवतारों में अनंत दूरी पर भी क्या है, वो इसका पता लगा लेते थे, लेकिन अबकी बार ऐसा नहीं होगा।
इस बार उन्हें किसी आम व्यक्ति की तरह ही अवतार लेना होगा; उनके पास दैविक शक्तियाँ तो होंगी, मगर वे उस तरह से नहीं होंगी जिस तरह से वे वास्तव में हैं। उनकी शक्तियाँ सीमित होंगी। उन्हें दुनिया के बारे में पता नहीं होगा, दुनिया में रहने वाले लोगों के बारे में पता नहीं होगा, यहाँ तक कि उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं होगी कि वे किस दुनिया में हैं, कौन सा वर्ष चल रहा है, माहौल कैसा है, और वहाँ रहने वाला बुरा शख्स कौन है जिसके लिए वे अवतार लेने जा रहे हैं। सब कुछ उनके लिए अनजान होगा, क्योंकि इस बार अपने अवतार में वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जो उन्होंने आज तक नहीं किया है; ताकि जिस तरह से वे अपने पिछले अवतारों में लोगों के लिए आदर्श बने, उसी तरह से इस अवतार में भी लोगों के लिए आदर्श बनें, एक ऐसा आदर्श जिसे लेकर लोग अगले हज़ारों वर्षों तक अच्छाई के रास्ते पर चलें।
अब से कुछ ही क्षणों बाद उनका जन्म होगा। कुछ देर पहले उन्हें पता था कि वे कहाँ जन्म लेने वाले हैं, और वे यह भी जानते थे कि उन्होंने इस जगह का निर्धारण क्यों किया, लेकिन जन्म से कुछ वक्त पहले ही वे यह सारी बातें भूल चुके हैं। अपने दसवें अवतार से जुड़ी हुई जो भी चीज़ उनके लिए ज़रूरी थी, उसकी पूरी जानकारी भी वे भूल चुके हैं। उन्हें अगर कुछ याद रहेगा, तो यह है कि वे एक अवतार हैं और उन्होंने अपने पिछले जन्मों में क्या किया है; और जो याद नहीं रहेगा, वह यह है कि उन्होंने इस जन्म में किस बुराई को समाप्त करने के लिए जन्म लिया है। बस अब थोड़ी देर और, फिर वे जन्म ले लेंगे, एक नई दुनिया में, एक अनजान दुनिया में, और उन्हें वहाँ पर समाप्त करना होगा उस बुराई को, जिसके लिए वे अपना दसवाँ अवतार ले रहे हैं।
यह कहानी है भगवान निर्माण के दसवें अवतार की।