The Ghost Hunters (A Rebirth Love Story) - Chapter 1
“नहीं सर! मैं इसके साथ मिशन पर नहीं जाऊँगा।” सनी ने वहाँ खड़े मून की तरफ अपनी गुस्से भरी निगाहों से देखकर कहा।
मून भी उसे देखकर गुस्से में बोला, “तो मैं कौन सा मर रहा हूँ तुम्हारे साथ जाने के लिए?”
“अरे तुम दोनों पहले शांत हो जाओ और मेरी पूरी बात सुनो।” उनके लीडर जॉर्डन बीच में आते हुए बोले।
वहाँ खड़ी जॉर्डन की असिस्टेंट नूना भी परेशान सी होकर खुद में ही बुदबुदाई, “आई डोंट थिंक कि ये दोनों साथ जाने के लिए मानेंगे।”
जॉर्डन ने सनी और मून को शांत कराया और बोले, “देखो बच्चों! यह मिशन हमारे लिए बहुत ही इम्पोर्टेन्ट है। अगर हम इसमें सक्सेस हो गए तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी अचीवमेंट होगी। तुम दोनों को शायद नहीं मालूम कि उस महल पर कितनी रिसर्च हो चुकी है, लेकिन आज तक उसकी यह मिस्ट्री कोई नहीं सुलझा पाया कि वहाँ रहने वाला घोस्ट आखिर है क्या? क्यों वहाँ पर केवल ऐसे लोग ही जा सकते हैं जिनके बीच नफरत की दीवार हो? इसी कारण हमने तुम दोनों को चुना है। तुम दोनों की नफरत के किस्से तो दूर-दूर तक फैले हुए हैं।”
सनी और मून ने खा जाने वाली निगाहों से एक-दूसरे की तरफ देखा। इनकी टीम से लेकर परिवार और यह पूरा शहर जानता था कि इन दोनों की आपस में बिल्कुल नहीं बनती। अब इन दोनों की आपस में क्यों नहीं बनती, यह आगे जानेंगे।
सनी और मून एक-दूसरे को तीखी नजरों से घूर रहे थे। जॉर्डन और नूना उस महल से संबंधित और भी बातें बता रहे थे। तभी मून के मन में एक सवाल आया और उसने कहा, “लेकिन नफरत करने वाले तो बहुत हैं इस दुनिया में, क्या आज तक ऐसे लोग वहाँ पर गए नहीं?”
“गए हैं ना।” नूना वहाँ टेबल पर रखे लैपटॉप में देखते हुए बोली, “अभी लास्ट ईयर ही वहाँ पर दो लोग गए थे जो एक-दूसरे की जान के दुश्मन थे, लेकिन फिर वह लोग वापस आए ही नहीं।”
“जान ही ले ली होगी उन्होंने एक-दूसरे की।” सनी ने बेपरवाही भरे भाव से कहा। उसे सुनकर मून ने भी मुँह बना लिया।
नूना फिर से कहने लगी, “उनके अलावा पाँच साल पहले भी एक गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड गए थे जो पहले एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, लेकिन फिर उन दोनों के बीच नफरत हो गई, और वह दोनों भी आज तक वापस नहीं आए।”
जॉर्डन सनी और मून की तरफ देखकर बोले, “कुल मिलाकर बात यह है कि वहाँ जो लोग भी गए, वह वापस नहीं आए।”
कुछ पल वहाँ पर शांति बनी रही। जो भी गया, वापस नहीं आया! खैर, यह तो हर भूतिया जगह की कहानी है, इस बात का अचंभा नहीं था। सवाल तो यह था कि केवल नफरत करने वाले ही वहाँ क्यों जा सकते हैं?
“लगता है यह रहस्य बहुत गहरा है।” मून ने काफी गहन सोच-विचार करने के बाद कहा।
“रहस्य चाहे जो भी हो, लेकिन मैं तुम्हारे साथ तो वहाँ बिल्कुल नहीं जाऊँगा।” सनी ने तीखे और सपाट लहजे में कहा।
मून को अब गुस्सा आ गया और वह बोला, “तुम्हारी इसी चीज से मुझे सख्त नफरत है। कभी भी किसी बात पर गहराई से नहीं सोचते, बड़ी जल्दी फैसला ले लेते हो।”
“और मुझे तुम्हारी इसी बात से चिढ़ है कि तुम फैसला लेने में बहुत ढीले हो, सोचते ही रह जाते हो। अरे तुम तो वह हो जिसके सामने कोई तलवार लेकर भी खड़ा हो, तो तुम सोचते रहोगे कि मैं इसका मुकाबला करूँ या ना करूँ और तब तक वह तुम्हें काटकर चला जाएगा।”
मून अपने दाँत पीसते हुए बोला, “तो तुम्हारे जैसे ओवर कॉन्फिडेंस लोगों का भी यही हाल होता है, जो ना तो सोचते हैं और ना ही समझते हैं, सीधा अटैक कर देते हैं।”
“हाँ, मैं कर देता हूँ सीधा अटैक क्योंकि मैं तुम्हारी तरह डरपोक नहीं हूँ।” सनी ने घमंड भरे लहजे में कहा।
उसकी इस बात पर गुस्से में मून के जबड़े बिंच गए, “मैं रिस्क लेने से बचता हूँ, इसका मतलब यह नहीं कि मैं डरपोक हूँ। जरूरत पड़ने पर मैं अटैक करना भी जानता हूँ।”
“हँ! अटैक और तुम! अरे जाओ जाओ, किसी और को बुद्धू बनाओ। मैंने आज तक तुम्हें सिर्फ मैदान छोड़कर भागते हुए देखा है, डरपोक कहीं के।” सनी ने उसकी खिल्ली उड़ाई।
मून उसकी बात का जवाब देते हुए बोला, “भगवान कृष्ण को भी रणछोड़ दास कहा जाता है, लेकिन वह डरपोक नहीं थे, बल्कि उन्होंने उस राक्षस को मारने के लिए उसे अपने पीछे दौड़ाया था और वह राक्षस तुम्हारी ही तरह ओवर कॉन्फिडेंस में था, बेवकूफ कहीं का।”
“मुझे बेवकूफ बोला तुमने?” सनी ने गुस्से में मून का गिरेबान पकड़ लिया।
“मैंने तो उस राक्षस को बोला है। अगर तुम अपने ऊपर ले रहे हो तो यह तुम्हारी बेवकूफी है।” मून ने बिल्कुल ही अनजान बनकर उस पर व्यंग्य किया।
"फिर मुझे बेवकूफ बोला!" सनी चिल्लाया और उसकी पकड़ मून के गिरेबान पर कस गई।
मून ने भी सनी के दोनों हाथों को मजबूती से पकड़ लिया था और निडरता से उसकी आँखों में देख रहा था।
जॉर्डन और नूना उन दोनों को छुड़ाने भागे। उन्होंने दोनों ने सनी और मून को पकड़ा।
“अरे तुम दोनों लड़ो मत, प्लीज़।” जॉर्डन ने सनी के हाथों को मून के गिरेबान पर से हटाने की कोशिश करते हुए कहा।
यहाँ नूना भी मून को पीछे से पकड़कर अपनी तरफ खींच रही थी, “प्लीज़ मून! छोड़ दो उसे।”
वह दोनों एक-दूसरे को छोड़ ही नहीं रहे थे। सनी ने गुस्से में अपने हाथों को झटका तो जॉर्डन लड़खड़ाते हुए दूर हो गए। नूना जो कि मून को पीछे खींच रही थी, वह खुद ही मून के जरा से झटके में नीचे फर्श पर जा गिरी।
जॉर्डन ने नूना को उठाया तो वह उनसे बोली, “ना जाने इन दोनों के पास यह कैसी पॉवर है?”
“यह तो आज तक मैं भी नहीं जान पाया।” जॉर्डन भी उन दोनों को देखकर बोले।
सनी ने मून को घुमाकर वहाँ रखी टेबल पर पटक दिया और उसे मारने के लिए उसके ऊपर चढ़ गया। उसने पंच मारने के लिए हाथ उठाया तो मून ने भी मजबूती से उसकी कलाई को पकड़ लिया और एक जोरदार लात उसके पेट में मार दी। सनी फर्श पर जा गिरा। मून टेबल पर उठकर बैठ गया।
सनी ने गुस्से भरी लाल निगाहों से मून की तरफ देखा और उठकर खड़ा हुआ। मून भी टेबल पर से उठकर खड़ा हुआ। सनी उसकी तरफ बढ़ा तो मून टेबल से नीचे कूदा और ठीक सनी के सामने आ खड़ा हुआ।
"तूने मुझ पर हाथ उठाकर अच्छा नहीं किया।" सनी ने उसे मारने का मुक्का बनाया।
"हाथ कहाँ, मैंने तो पैर उठाया था।" मून ने व्यंग्य किया। सनी ने जोरदार मुक्का उसके मुँह पर दे मारा। मून घूमकर उसी टेबल पर गिर गया।
जॉर्डन और नूना बुरी तरह चौंक गए।
अब तो मून का सब्र भी जवाब दे गया। वह टेबल पर से उठकर आया और सनी को लात मारनी चाही। सनी ने उसका पैर पकड़कर उसे नीचे गिरा दिया। मून ने नीचे गिरकर भी सनी की टांग पर अपने पैर से वार किया, जिससे सनी भी धड़ाम से नीचे गिर गया। मून उसके ऊपर आया तो सनी ने तुरंत उसे पलटकर अपने नीचे कर दिया। मून ने हाथ उठाने की कोशिश की तो सनी ने उसकी दोनों कलाईयाँ मजबूती से पकड़ लीं। मून भी उसे हटाने के लिए पूरी ताकत लगाने लगा।
फाइट जारी है........