Substitute bride ( Complete✅) Ch. 2

Substitute bride - Chapter 2

Posted by Shadow Author 24 • Jan 31, 2025 02:45 AM

मानवी और तान्या दोनों मुंबई पहुँचीं। तान्या के घरवाले पहले ही तान्या के मामा के घर पहुँच चुके थे। इसलिए तान्या ने अपने मामा नवीन शर्मा के यहाँ के लिए टैक्सी बुक कर ली। और दोनों अपना सामान रखकर शर्मा मेंशन के लिए निकल गईं।

थोड़ी देर में दोनों शर्मा हाउस पहुँच गईं। मानवी ने जाकर सबसे पहले तान्या के पापा के पैर छुए। उन्होंने उसे आशीर्वाद देते हुए कहा, "खुश रहो मानवी बेटा, आने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई?"

मानवी मुस्कुराते हुए बोली, "नहीं अंकल, हमें कोई दिक्कत नहीं हुई!" फिर वह तान्या की मम्मी की तरफ गई। वह उसे आगे बढ़कर गले लगा लेती हैं!

और मानवी बोली, "से फाइनली सुनैना जी ने कम से कम तुम्हें यहाँ तो आने दिया, नहीं तो हम तो बुला-बुलाकर थक गए थे! वैसे अब यह चमत्कार कैसे हुआ?"

मानवी मुस्कुराते हुए बोली, "यह तो आप तान्या से ही पूछिए, जो कुछ किया है इसी ने किया है।"

तान्या के मम्मी-पापा हैरानी से उसकी तरफ देखने लगे। तान्या अपनी शर्ट की कॉलर ऊपर उठाते हुए गर्व से बोली, "आखिर हम भी एडवोकेट पवन सिंह की बेटी हैं, तो भला कौन हमें मना करेगा?"

तान्या की मम्मी आरती जी उसे फोन दिखाते हुए बोलीं, "अच्छा, तो फिर सुनैना जी से बात तो कर, तेरी बातें सुनकर वो तुझसे कुछ कहना चाहती हैं।"

आरती जी की बात सुनकर तान्या की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। वह एकदम फोन लेकर हरबड़ाते हुए कान से लगाकर बोली, "नहीं काकी, मैं कुछ नहीं कह रही थी, वह तो यह मां थी, जो..." लेकिन जैसे ही फोन में से कुछ आवाज नहीं आई, तो तान्या उसे कान से उठाकर देखती है तो फोन बंद था। वह समझ गई कि उसकी माँ ने उसके साथ मज़ाक किया था।

वह अपने माँ-पापा की तरफ देखती है, जो मुँह दबाकर हँस रहे थे। उन्हें देखते हुए गुस्से में फोन उनके हाथ में दे देती है। तो उसकी माँ आरती जी बोलीं, "अब बताएगी भी कि तूने सुनैना जी को कैसे मनाया या फिर मैं उनसे ही पूछूँ!"

तान्या जल्दी से उन्हें सारी बातें बता देती है। पवन और आरती जी उसकी बातें हैरानी से सुन रहे थे। आरती जी बेहोश होने की एक्टिंग करते हुए बोलीं, "पवन, क्या यह हमारी ही बेटी है? क्योंकि मुझे यकीन नहीं हो रहा कि हमारी बेटी कब इतनी बड़ी हो गई! जो इतनी समझदारी भरी बातें करने लगी और तो और इसने सुनैना जी को भी अपनी बातों में फँसा लिया।"

पवन जी हँसते हुए बोले, "यकीन कर लो, तुम्हारी ही बेटी है, बिल्कुल तुम्हारे ऊपर ही गई है! जैसे तुम नौटंकीबाज हो, वैसे ही तुम्हारी बेटी।" उनकी बात पर आरती जी उन्हें घूर कर देखती हैं! पवन जी हँसते हुए मेहमानों के पास चले जाते हैं! आरती जी भी दोनों को अंदर जाने का कहकर मेहमानों की आवभगत में लग जाती हैं!

वही दोनों अंदर अनुष्का के पास जाती हैं, जिसकी कल शादी थी। मानवी पीछे से अनुष्का को गले लगा लेती है। अनुष्का हल्का सा मुस्कुरा देती है। मानवी अनुष्का से बोली, "सरप्राइज!"

उसकी आवाज सुनकर अनुष्का पीछे पलटती है और मुस्कुराते हुए तान्या और मानवी दोनों को गले लगा लेती है!

मानवी मुस्कुराते हुए अनुष्का से बोली, "और दी, हमारे होने वाले जीजू कैसे हैं? आई मीन, कैसे दिखते हैं? जो आप उन पर फिसल गईं? क्योंकि जहाँ तक मुझे पता है, आपने कॉलेज में इतने लड़कों को रिजेक्ट किया था कि मुझे उनके नाम तक याद नहीं।"

अनुष्का हल्के से मुस्कुरा देती है और मानवी से कहती है, "मैं कैसे बताऊँ? मैंने तो खुद उन्हें नहीं देखा, यहाँ तक की उनका नाम भी नहीं पता।" इतना कहकर खिड़की से बाहर देखने लगती है!

वही मानवी और तान्या उसे हैरानी से देखने लगते हैं। मानवी एकदम से आगे बढ़कर अनुष्का को अपनी तरफ घुमाते हुए बोली, "क्या मतलब? ना आप उनका नाम जानती हैं, ना उन्हें देखा है, तो फिर शादी कैसे? और आप अरेंज मैरिज के लिए कैसे मान गईं? आप तो लव मैरिज करना चाहती थीं।"

अनुष्का की आँखें नम हो जाती हैं और वह मानवी से कहती है, "क्या करूँ मानवी? इन दिनों पापा को बिज़नेस में बहुत लॉस हो गया है! ऐसे में पापा के बिज़नेस पार्टनर ने आगे आकर यह ऑफर रख दिया कि अगर मेरी शादी उनके बेटे से हो जाती है, तो वो पापा की कंपनी को अपनी कंपनी के साथ मर्ज कर लेंगे और इस तरह से पापा की कंपनी और शेयर्स डूबने से बच जाएँगे। तो पापा ने भी उनके इस ऑफर को मान लिया।" मानवी और तान्या शॉक हो जाती हैं।

मानवी हैरान होते हुए बोली, "इसका मतलब आपकी शादी सिर्फ एक बिज़नेस डील है और आप इस शादी के लिए तैयार भी हो गई!"

अनुष्का उदास होते हुए बोली, "इतना ही नहीं मानवी, उस लड़के ने मुझे फ़ोन भी किया था! और कह रहा था कि मैं इस शादी से मना कर दूँ क्योंकि वह किसी और से प्यार करता है। लेकिन मैं क्या करूँ? पापा ने मुझे कसम दी है कि अगर मैंने यह शादी नहीं की और मैंने उस लड़के की बात मानकर इस शादी से इनकार किया, तो वो अपनी जान दे देंगे!"

तान्या अनुष्का से बोली, "तो दी, आपने माँ-पापा से क्यों नहीं कहा? वह ज़रूर आपकी मदद करते। मैं अभी माँ-पापा को बताकर आती हूँ, वह शादी को ज़रूर रोक देंगे!"

अनुष्का उसका हाथ पकड़कर उसे रोकते हुए बोली, "कोई फायदा नहीं है तान्या। बुआ और फूफा जी को भी सब पता है! लेकिन वह लोग उस लड़के से मिल चुके हैं और उन्हें वह बहुत पसंद आया। इसीलिए उन्हें भी लगता है कि मुझे यह शादी कर लेनी चाहिए! और अब वैसे भी बहुत देर हो चुकी है। तुम लोग भी इस शादी को एन्जॉय करो क्योंकि घर पर सब रिश्तेदार आ चुके हैं! ऐसे में अब शादी से इनकार करना दोनों परिवार की बेइज़्ज़ती होगी! और वह लोग यहाँ के सबसे पावरफुल लोग हैं। इसीलिए मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से पापा को कोई भी परेशानी उठानी पड़े!"

मानवी और तान्या दोनों सिर पकड़कर वहीं बैठ जाती हैं। तान्या मानवी से बोली, "यार, मुझे समझ नहीं आता क्यों लोग पैसे के खातिर अपने परिवार और बेटियों की खुशियों को क्यों दांव पर लगा देते हैं! क्या बेटियों को इसी के लिए पैदा करते हैं कि जब भी कोई मुसीबत आए तो उसे अपनी बेटी के सहारे दूर कर सकें!"

मानवी खोए हुए अंदाज में बोली, "क्या कर सकते हैं तान्या? हम लोगों की सोच तो नहीं बदल सकते! लेकिन सब एक जैसे नहीं होते।" कुछ देर सब तीनों आपस में बात करती हैं! फिर तान्या और मानवी अपने कमरे में चली जाती हैं!

आगे क्या होगा, जानने के लिए पढ़ते रहिए। सब्सटिट्यूट ब्राइड। एंड रेटिंग समीक्षाएं देना ना भूलें।

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