हमारी अधूरी कहानी Ch. 3

हमारी अधूरी कहानी - Chapter 3

Posted by Ziya Bagde • Feb 02, 2025 02:36 PM

जैसे ही खुशी ने सुना कि राहुल मर गया है और उसे छोड़कर चला गया है, वह पागल सी हो गई। जमीन पर बैठकर रोते हुए बोली, "नहीं, नहीं, नहीं! ये सब झूठ है, ऐसा नहीं हो सकता। मेरा राहुल मुझे छोड़कर कहीं नहीं जा सकता।

उसने मुझसे वादा किया था..." वह रोती रही, "वह मुझे कैसे छोड़ सकता है? ऐसा नहीं हो सकता, आप सब झूठ बोल रहे हैं।" राहुल की माँ ने उसे देखकर कहा, "हम झूठ नहीं बोल रहे हैं, बेटा। तुम्हारा राहुल तुम्हें दो साल पहले उसी दिन छोड़कर चला गया था, और तुम कोमा में चली गई थीं। आज दो साल बाद तुम्हें होश आया है।"

राहुल की माँ की बात सुनकर खुशी ने खुद से कहा, "जा चुका है, दो साल पहले जा चुका है... राहुल मुझे छोड़कर चला गया है, और उसे गए हुए दो साल हो गए हैं... मुझे पता भी नहीं चला। वह तो वहाँ बिल्कुल अकेला होगा, मेरे बिना। उसे मेरी ज़रूरत होगी, वह मुझे याद करता होगा..." खुशी पागलों की तरह बर्ताव करने लगी। उसे ऐसा व्यवहार करते देख वहाँ मौजूद सभी लोगों को उसके लिए बहुत बुरा लग रहा था।

खुशी ने खुद से कहा, "राहुल मेरे बिना अकेला होगा, उसे मेरी ज़रूरत होगी... वह तो कुछ खाता-पीता भी नहीं होगा मेरे बिना। और मैं... मैं क्या कर रही हूँ? मुझे भी उसके पास चले जाना चाहिए..." यह बोलते हुए ही खुशी ने जमीन पर पड़ा चाकू उठाया और अपने हाथों की नस काट ली ।

खुशी के नस काटने पर सभी लोगों की चीख निकल गई। वे एक साथ चिल्लाए, "खुशी!" खुशी ने अपनी आँखें बंद करते हुए कहा, "मैं आ रही हूँ, राहुल, तेरे पास आ रही हूँ।" इतना बोलकर उसने अपनी आँखें बंद कर लीं। सभी लोग जल्दी से उसके पास गए और उसे उठाने की कोशिश करते हुए बोले, "खुशी! खुशी, उठो, बेटा, ऐसा नहीं करते।"

वहीं पर खड़ा खुशी का भाई, रोहित, जल्दी से फर्स्ट एड किट लेकर आया और उसके हाथों से बह रहे खून को पोछकर उस पर पट्टी बांध दी। उसने सबको देखकर कहा, "खुशी बेहोश हो चुकी है, और घबराने वाली बात नहीं है, ज़्यादा खून नहीं बहा है। हमें अभी इस समय खुशी को आराम करने देना चाहिए।

" उसे राहुल की खबर सुनकर सदमा सा लग गया है।" रोहित की बात सुनकर सभी लोग उसे देखने लगे। राहुल की माँ बोली, "रोहित बेटा, खुशी ठीक तो है ना? उसे कुछ होगा तो नहीं ना? मैंने अपने राहुल को तो खो दिया है, पर मैं अब अपनी खुशी को नहीं खोना चाहती हूँ। अब मेरे पास खुशी के अलावा कोई दूसरी खुशी भी नहीं है।"

राहुल की माँ की बात सुनकर रोहित बोला, "मासी, आप परेशान मत होइए। खुशी को कुछ नहीं होगा, वह ठीक हो जाएगी। खुशी दो सालों बाद कोमा से जागी है और उसे उठते ही सबसे पहले राहुल ही याद आया,,,,,,, । और आप दोनों ने उसे सारा सच अभी ही बता दिया जिससे उसे सदमा सा लग गया है। पर हमें जितना हो सके खुशी का ध्यान अच्छे से रखना होगा,,,,,,,,, " "वरना खुशी की जो हालत है उसे देखते हुए कुछ बोल नहीं सकते। ऐसी हालत में खुशी मेंटली भी बीमार हो सकती है।" वहीं रोहित की बात सुनकर सभी लोग परेशान हो गए और राहुल और खुशी दोनों की माँ रोने लगीं ।

रोहित उन सबको वहाँ से बाहर ले गया। वहीं दूसरी तरफ, राहुल की बात सुनकर मोनिका बोली, "राहुल बेबी, क्या तुम्हें पूरा यकीन है कि तुम्हारे डैड और दादा मान जाएँगे?" इस पर राहुल बोला, "हाँ, वे लोग मानेंगे भी कैसे नहीं? आखिर मैं उनका एक अकेला बेटा हूँ, मित्तल खानदान का एकलौता वारिस। उन्हें मेरी बात माननी ही होगी । "

इस पर मोनिका ने अपने चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान लिए राहुल के सीने पर अपने हाथ की उंगलियाँ चलाते हुए कहा, "राहुल बेबी, मैं क्या बोल रही थी? जो अभी-अभी तुम्हारी इंटरटेनमेंट कंपनी में 'राँझणा' मूवी बन रही है, उसमें मेन लीड फीमेल का रोल मुझे चाहिए।" मोनिका की बात सुनकर राहुल बोला, "ओके, वह तुम्हें मिल जाएगा । " राहुल की बात सुनकर मोनिका ने उसके सीने पर अपना सिर रखकर कहा, "ओह राहुल बेबी, तुम कितने अच्छे हो ना!" बोलते हुए उसके चेहरे पर एक जहरीली मुस्कान आई, जिसे राहुल देख नहीं पाया ।

वहीं दूसरी तरफ, खुशी के कमरे से सभी लोग निकल गए और उसके कमरे में कोई भी नुकीला या ऐसी चीज़ें हटा दी गईं जिससे खुशी खुद को नुकसान ना पहुँचा सके। सभी लोग हॉल में आकर बैठ गए और खुशी के लिए परेशान होने लगे कि वे कैसे खुशी को समझाएँगे या उसे संभालेंगे। ऊपर कमरे में लगभग 20 मिनट बाद खुशी को होश आ गया ।" "

उसे होश आते ही राहुल की खबर याद आ गई, जिसे याद कर उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। वह बोली, "झूठा है, तू और तेरा प्यार जो तू मुझे छोड़ गया... अरे जाना ही था तो मुझे भी अपने साथ ही ले जाता, यहाँ ऐसे मरने के लिए छोड़ तो नहीं जाता। पर तू मुझे छोड़कर गया, अपना वादा तोड़कर गया ।""

पर तेरी खुशी अपना वादा नहीं तोड़ेगी, ना ही तुझे छोड़ेगी। तेरी खुशी तेरे पास आ रही है ।" राहुल बोलते हुए वह बेड से उठ गई और खुद से ही बोली, "मुझे आप सब माफ़ कर देना माँ-पापा, पर जब आपका राहुल ही नहीं है तो यह खुशी ज़िंदा क्या करेगी?" इतना बोलते ही खुशी ने अपने कमरे की खिड़की खोली और उस पर खड़ी होकर कूद पड़ी। "

क्या होगा अब कहानी मे आगे?? क्या खुशी अपनी जान ले लेंगी?? क्या यही है इनकी मोहब्बत का अंजाम?? क्या रह जायेगी इनकी कहानी हमेसा के लिए अधुरी जानने के लिए बने रहे मेरे साथ सिर्फ और सिर्फ स्टोरी मानिया मे,,,,, ! " "

हैलो दोस्तो अगर आप सभी को मेरी लिखी कहानी अच्छी लगे तो प्लीज like कमेंट share करना मत भूलना। साथ ही कोई सजेशन हो तो जरूर बताना स्टोरी कैसी लग रही हैं अपनी राय भी जरूर लिख कर बताना थैंक यू दोस्तो

100%