Rebirth in novel - Chapter 3
आज अनिका का इस तरह इस घर को छोड़कर जाना, पूरी फैमिली को परेशान कर गया था। क्योंकि सब लोग जानते थे कि अनिका ना तो पढ़ाई में अच्छी थी और ना ही उसका किसी के साथ सलूक अच्छा था। तो क्या वह इस शहर में, क्या इस देश में भी सर्वाइव नहीं कर सकती थी? राजेंद्र जी अपनी पत्नी की तरफ देखकर कहते हैं,
"अगर तुमने थोड़ा ध्यान इस लड़की के ऊपर दिया होता ना, तो यह बदतमीज नहीं होती।"
अनिका की मम्मी सर झुका लेती हैं और कहती हैं,
"मैं क्या करती? पूर्वी भी तो छोटी थी ना, उसे पर भी तो ध्यान देना था। इसलिए मैं अनिका पर ध्यान नहीं दे पाई..."
अनिका की दादी खड़ी होती हैं और कहती हैं,
"आज आजाद होगी वह इस घर के बंधनों से। और देखना, वह खुद को साबित करके दिखाएगी कि वह तुम लोगों के बिना भी एक अच्छी जिंदगी जी सकती है। और देखना, उसकी जिंदगी में एक ऐसा इंसान आएगा जो उसे अपनी सर आंखों पर बिठाकर रखेगा। और तुम्हारी उसे किसी की भी कोई जरूरत नहीं होगी।"
अपनी मां की बात सुनकर राजेंद्र जी की आंखों में नमी आ जाती है। लेकिन वह किसी के सामने इस बात को झलकने नहीं देते। क्योंकि राजेंद्र जी अगर किसी से सबसे ज्यादा प्यार करते थे, तो सिर्फ अनिका से। लेकिन अनिका की हरकतों की वजह से वह नाराज रहते थे।
अनिका वहाँ से निकलकर सीधा एयरपोर्ट गई और टिकट कराकर वह वहाँ से मुंबई चली गई। क्योंकि वह अब इन लोगों के पास नहीं रहना चाहती थी और ना ही इन लोगों से कोई मतलब था। क्योंकि इन लोगों ने जो सलूक अनिका के साथ किया था, उसके बाद से वह सबसे नफरत करती थी और ना ही किसी रिश्ते को मानती थी।
दो महीने में अनिका ने खुद की कंपनी मुंबई में खड़ी कर ली थी। क्योंकि उसने इन सबके लिए अपनी फ्रेंड सपना से मदद ली थी। उसकी फ्रेंड सपना एक रिच फैमिली से बिलॉन्ग करती थी और उसका खुद का बिजनेस था, जो उसने अपनी पढ़ाई कंप्लीट होने के बाद टेकओवर कर लिया था। और अब उसके पापा रेस्ट करते थे। इसीलिए उसने बिना कोई वजह जाने अनिका को सपोर्ट किया था। क्योंकि वह जानती थी कि अनिका बुरी नहीं है, उसे बुरा उसकी फैमिली ने बनाया था। अगर उन्होंने थोड़ा ध्यान उसके ऊपर दिया होता, तो शायद आज अनिका की जिंदगी ऐसी ना होती।
अनिका के पापा राजेंद्र जी ने अनिका को ढूंढने की हर मुमकिन कोशिश कर ली थी। लेकिन उनकी सारी कोशिशें बेकार जा रही थीं। क्योंकि उन्हें आज तक यह भी नहीं पता चला था कि वह इस घर से बाहर निकलने के बाद कहाँ चली गई, किसके पास गई, किसके साथ है, वह किन हालातों में है; कोई कुछ नहीं जानता था। वहीं राहुल भी अपने स्तर पर अनिका को ढूंढने की कोशिश कर रहा था। भले ही वह अनिका से नाराज हो, लेकिन एक वक्त था जब अनिका उसकी बेस्ट फ्रेंड हुआ करती थी।
अनिका ने जल्दी-जल्दी अपने फ्लैट का ताला लगाकर बाहर निकली तो उसने देखा कि उसका असिस्टेंट वहाँ खड़ा था। असिस्टेंट कहता है,
"हमें जल्द से जल्द वहाँ पहुंचना होगा। वरना आप नहीं जानतीं, वह मल्होत्रा कॉर्पोरेशन का जो मालिक है ना, वह थोड़ा सनकी टाइप का इंसान है। और अगर हम एक मिनट भी लेट हुए ना, तो वह हमें ऑफिस में भी नहीं घुसने देगा।"
अनिका अपनी असिस्टेंट पिया को समझाते हुए कहती है,
"तुम फ़िक्र मत करो पिया, हम टाइम से पहुँच जाएँगे। जैसे आज तक हमें हर एक डील मिली है ना, यह भी मिलेगी।"
पिया अनिका की तरफ देखकर कहती है,
"लेकिन मुझे आज बहुत फ़िक्र हो रही है। क्योंकि यह जो मिस्टर मल्होत्रा है ना, यह बहुत ही अजीब सा इंसान है। आप भी जानती हैं, यह तो बहुत बड़ा बिजनेस टाइकून है, बट इसकी हरकतें ना किसी साइको जैसी लगती हैं। इसलिए मुझे आपके लिए डर लग रहा है। क्योंकि उसने मीटिंग में सिर्फ़ आपको बुलाया है।"
वे दोनों बात करते हुए मल्होत्रा कॉर्पोरेशन पहुँच जाती हैं और वहाँ से जल्दी से अपनी मीटिंग रूम की तरफ बढ़ जाती हैं। आइए जानते हैं अपने हीरो के बारे में। हमारे हीरो का नाम है समय मल्होत्रा। जिस समय के साथ चलना उसे अच्छे से आता है, वह अपना एक सेकंड भी किसी के लिए वेस्ट नहीं करता, चाहे उसकी फैमिली ही क्यों ना हो। वह हर किसी से सिर्फ़ उतनी ही बात करता है जितनी उसे ज़रूरी लगती है। वरना वह ज्यादातर सिर्फ़ अपने बिज़नेस में लगा रहता है। उसका एक ही सपना है, इस दुनिया पर राज करना, और वह कर भी रहा है।
समय मल्होत्रा छह फ़ीट हाइट का, गोरा रंग, काली आँखें, ब्राउन बाल, चेहरे पर हल्की सी दाढ़ी, उसके सिक्स पैक एब्स और उसकी परफेक्ट बॉडी लाइन। वह किसी हॉलीवुड हीरो की तरह लगता है। वह वर्ल्ड का फ़ेमस बैचलर है, जिसके सपने हर एक लड़की देखती है; उसे पाना या उसके साथ एक रात बिताना उन लड़कियों का ख्वाब है। लेकिन समय मल्होत्रा आज तक कभी किसी की तरफ आँख उठाकर नहीं देखा। अब इसका रीज़न क्या है, यह तो पता नहीं, लेकिन वह लड़कियों से बहुत नफ़रत करता है, इतनी नफ़रत कि जिसकी कोई मिसाल नहीं है। इसीलिए वह किसी लड़की को अपने आसपास भी बर्दाश्त नहीं करता है।
समय बिज़नेस टाइकून होने के साथ-साथ एक माफ़िया किंग भी था, जिसकी आइडेंटिटी के बारे में आज तक उसकी फैमिली भी नहीं जानती थी। वह इतना क्रुएल था कि किसी को मारने से पहले एक पल नहीं सोचता है। अब क्या होगा बेचारी अनिका का? क्योंकि उसकी ज़िंदगी में एक डेविल की एंट्री हो चुकी है। यह तो मैं जानती हूँ, जो मैं चाहूँगी वही होगा।
कॉन्फ़्रेंस हॉल में सब कुछ आ चुका था और अब बारी थी समय के आने की। नौ बजे होने में एक सेकंड था, तभी समय अपने कॉन्फ़्रेंस हॉल में एंट्री लेता है। समय को देखकर सब लोग खड़े हो जाते हैं। वहीं पिया और अनिका तो अपनी आँखें फाड़े समय को देख रही थीं, क्योंकि समय इतना हैंडसम लग रहा था।
समय मीटिंग स्टार्ट करने को बोलता है। सब लोग अपना-अपना प्रपोज़ल समय के आगे रखते हैं और अपनी-अपनी प्रेजेंटेशन देते हैं। लेकिन समय को अभी तक कोई भी प्रेजेंटेशन पसंद नहीं आई थी, इसलिए वह इरिटेट हो चुका था। तभी बारी आती है हमारी प्यारी सी अनिका की। अनिका खड़े होकर प्रोजेक्टर पर जाती है और अपनी पेन ड्राइव लगाकर प्रेजेंटेशन देना शुरू करती है। उसका समझाने और बताने का तरीका इतना अच्छा था कि समय एकटक उसे देख रहा था। और पता नहीं क्यों, अनिका को देखते हुए उसकी आँखें अनिका के पूरे बदन को तराश रही थीं; उसके सर के बालों से लेकर उसके पैरों के नाखूनों तक, वह एकटक देखे जा रहा था। ऐसा लग रहा था वह हिप्नोटाइज़ हो गया था। अनिका को देखते-देखते वह खो सा गया, उसे पता ही नहीं चला। तभी उसे तालियों की आवाज़ सुनाई देती है। वह अपने होश में आकर चुपचाप अपनी चेयर पर बैठ जाता है।
एक नज़र सबकी तरफ़ देखकर कहता है,
"ठीक है, आप सबको कल पता चल जाएगा कि हम यह प्रोजेक्ट किसके साथ करना चाहते हैं। अभी आप सब लोग जा सकते हैं।"
सब लोग वहाँ से जाने लगते हैं। तभी समय अनिका की तरफ़ इशारा करके कहता है,
"मिस नानी, आप नहीं जा सकतीं। आप मेरे ऑफिस में आइए, मुझे आपसे बात करनी है।"
पिया घबरा जाती है। वहीं पिया शौक से अनिका को देख रही थी, क्योंकि वह जानती थी जो भी लड़की आज तक समय के ऑफिस में गई है, कभी ज़िंदा वापस नहीं आई। लेकिन अनिका ने तो कोई हरकत भी नहीं की थी, जिसकी वजह से समय इतना नाराज़ हो जाए।
अनिका ऑफिस में आती है और आकर खड़ी हो जाती है। तभी एकाएक उसे समय की आवाज़ सुनाई देती है,
"अपना टॉप उतारो और दीवार की तरफ़ घूम जाओ।"
समय की यह बात सुनकर अनिका की आँखें हैरानी से चौड़ी हो जाती हैं। क्योंकि समय ने यह बात कितनी आसानी से कह दी थी। अनिका उस आदमी को हैरानी से देखने लगती है। उसने आधे घंटे ऑफिस में बैठकर इस आदमी का इंतज़ार किया था और कौन पहली मुलाक़ात में एक लड़की से इस तरह पेश आता है? अनिका समय की तरफ़ देखकर कहती है,
"मिस्टर मल्होत्रा, मुझे लगता है आपको कोई गलतफ़हमी हुई है। मैं कोई ऐसी-वैसी लड़की नहीं हूँ जिसको आप बोलोगे टॉप उतारो और मैं अपना टॉप उतारकर आपकी गोदी में बैठ जाऊँगी। यह आपकी सबसे बड़ी गलतफ़हमी है।"
यह सुनकर समय ने अपनी नज़रें अपनी फ़ाइल से हटाकर अनिका की तरफ़ देखी जो उसकी डेस्क के बिल्कुल सामने खड़ी थी। अनिका को अपनी गहरी नज़रों से देखते हुए समय कहता है,
"मैं जानता हूँ तुम्हें यह प्रोजेक्ट चाहिए, इसीलिए तुम्हें कुछ भी करके मुझे खुश करना होगा, तो मैं तुम्हें यह प्रोजेक्ट दे सकता हूँ।"
अनिका समय की तरफ़ देखती है और कहती है,
"आपको लगता है कि मैं आपकी बात मानूँगी? पर सॉरी मिस्टर मल्होत्रा, मैं ऐसी लड़की नहीं हूँ जो एक प्रोजेक्ट पाने के लिए अपनी इज़्ज़त की नीलामी कर दे। मेरी ज़िंदगी में प्यार-मोहब्बत किसी चीज़ की कोई जगह नहीं है। मेरा सिर्फ़ एक ही मकसद है और वह मकसद है बिज़नेस वर्ल्ड में राज करना।"
समय बहुत दिलचस्पी से अनिका को देख रहा था क्योंकि वह बिना डरे समय से बात कर रही थी। वरना कोई भी लड़की एक पल भी समय की आँखों में नहीं देख पाती थी और डर के मारे बेहोश हो जाती थी। लेकिन वह बिना डरे उसके सामने खड़ी होकर उसे उसकी बातों का जवाब दे रही थी। यही बात समय को बहुत पसंद आ रही थी क्योंकि उसे अपने लिए एक ऐसी ही लड़की चाहिए थी जो उसकी टक्कर की हो, उसकी दौलत से नहीं, उससे प्यार करे।
समय अपनी चेयर से खड़ा होता है और कहता है,
"और अगर मैंने यह कॉन्ट्रैक्ट किसी और को दे दिया, तो तुम शांत हो जाओगी? तुमने जो मार्केट से पैसा उठाया है इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए, वह सब डूब जाएगा और तुम्हारी जो कंपनी अभी-अभी शुरू हुई है ना, वह खत्म हो जाएगी।"
अपने दोनों हाथों को बाँधकर समय के आगे खड़ी हो जाती है और कहती है,
"मत दीजिए यह कॉन्ट्रैक्ट, मुझे चाहिए भी नहीं। क्योंकि एक मर्द के हाथों अपनी इज़्ज़त गँवाकर पाया गया कॉन्ट्रैक्ट अनिका को तो बिल्कुल नहीं चाहिए।"
उसने बचपन से अपनी शर्तों पर जीती आई है और अपनी ही शर्तों पर जीएगी। और मैं आपको एक बात बता देती हूँ, मेरी ज़िंदगी में आप जैसे मर्द की कोई ज़रूरत नहीं है जो औरतों को अपना खिलौना समझते हैं।
समय अनिका के करीब आकर उसके कान में अपनी ख़र्राटेदार आवाज़ में कहता है,
"अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी तो मैं तुम्हारी कंपनी के साथ-साथ तुम्हारी दोस्त की कंपनी को भी बर्बाद कर दूँगा।"
अनिका समय से कहती है,
"अगर आपको लड़ना है ना, तो मुझे लड़ाई में मेरी दोस्त को बीच में लाने की ज़रूरत नहीं है। और हाँ, अगर आपको मुझसे मोहब्बत होती या मैं आपको पसंद करने लगती तो शायद मैं आपको खुद को सौंप देती, लेकिन एक बिज़नेस डील के लिए तो सॉरी, मैं उन लड़कियों जैसी नहीं हूँ जो अपने बिज़नेस को ऊँचाइयों पर पहुँचाने के लिए किसी के साथ भी बिस्तर पर हो जाएँ। और हाँ, अब आप मुझे यह प्रोजेक्ट देंगे, बिना किसी शर्त के, तभी मैं यह प्रोजेक्ट करूँगी। क्योंकि आप जैसे आदमी के साथ काम करने से अच्छा है कि मैं बेरोज़गार रह लूँ।"
अनिका जैसे ही अपना एक कदम ऑफिस से बाहर निकलने को बढ़ाती है, तभी उसके कान में समय की आवाज़ गूंजती है,
"सोच लो मिस अनिका, ऐसा ना हो कि आपका सपना, सपना ही रह जाए, एक सक्सेसफुल बिज़नेस वूमेन बनने का।"
अनिका पलटकर ऑफिस में आती है और समय के आगे खड़ी होकर कहती है,
"मैं वह अनिका हूँ Mr. मल्होत्रा, जिसने कभी अपने आप की भी नहीं सुनी। और मैं हमेशा यही कहती हूँ, जो गलत है, वह गलत है। मेरे बाप ने कभी मुझे प्यार नहीं दिया, तो मैंने उससे भी छोड़ दिया और अपनी ज़िंदगी अपनी शर्तों पर और अपने बलबूते पर जीती हूँ। मुझे किसी आदमी की या किसी की भी दया की ज़रूरत नहीं है। और इस प्रोजेक्ट की बात तो, इस प्रोजेक्ट को लात मारकर निकाल दो, समझें आप?"
और ऑफिस से निकल जाती है।
ऑफिस से निकलने के बाद अनिका समय को भर-भर कर गालियाँ दे रही थी और पिया उसकी बातें सुनकर डर रही थी। क्योंकि यह ऑफिस समय का था। अगर किसी ने सुन लिया और समय को पता चल गया, तो पता नहीं अनिका के साथ क्या होगा। लेकिन पिया जानती थी ज़रूर कोई बात हुई होगी, वरना अनिका कभी भी इतना गुस्सा नहीं होती। क्योंकि वह जल्दी ही किसी को जज नहीं करती है। लेकिन आज समय के बारे में वह ऐसी बातें बोल रही थी जो सुन-सुनकर पिया के कान पक गए थे।
अनिका के जाने के बाद समय अपनी चेयर पर बैठ जाता है और अपने असिस्टेंट को बुलाकर कहता है,
"मुझे अनिका की पूरी डिटेल्स चाहिए, और एक घंटे के अंदर-अंदर। और एक भी डिटेल छूटनी नहीं चाहिए, उसके जन्म से लेकर आज सुबह तक की एक-एक डिटेल चाहिए।"
असिस्टेंट सिर हिलाकर बाहर चला जाता है और भगवान के आगे हाथ जोड़कर कहता है,
"भगवान, इस लड़की ने क्या बिगाड़ा था? आपने इस डेविल के सामने उसे लाकर खड़ा कर दिया। अब यह डेविल उसकी ज़िंदगी हराम कर देगा।"
और अपने काम में लग जाता है क्योंकि वह जानता था अगर एक घंटे में एक मिनट भी लेट हो गया ना, तो यह डेविल सबसे पहले उसे ही खा जाएगा।
समय अपनी चेयर पर बैठा बार-बार अनिका के गुस्से भरे चेहरे को याद कर रहा था और उसके चेहरे पर स्माइल आने का नाम ही नहीं ले रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे समय ने जानबूझकर अनिका को इतना उकसाया था कि वह उसके सामने कुछ भी कहकर चली गई थी। समय मुस्कुराते हुए अपने ड्रॉअर में से एक छोटी सी डॉल निकालता है और कहता है,
"मुझे नहीं पता था मेरी डॉल को इतना गुस्सा भी आता है। तुम्हारा तो इंतज़ार कर रहा था मैं इतने सालों से। अब जब तुम मुझे मिली हो तो मैं तुम्हें खुद से कभी दूर नहीं जाने दूँगा। मैं जानता हूँ तुम शायद मुझे भूल चुकी हो, वरना मेरे पास आकर मैंने तुम्हें वह ब्रेसलेट दिखाया था, अगर तुम्हें मैं याद होता तो तुम तुरंत ब्रेसलेट को पहचान लेतीं, जैसे मैंने तुम्हारे उस ब्रेसलेट को पहचान लिया था।"
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