अनकही चाहत part-1 - Chapter 2
निधि की तरफ बढ़ने लगता है निधि घबराकर पीछे जाने लगती है....पीछे सरक कर भी वो कंहा जाती... क्यूंकि बाकि के लड़के उसके पीछे भी खड़े थे... एक डर उसके अंदर समाने लगता है... तभी उसके कानों में रिशु की आवाज सुनाई देती है... निधि ज़ब सामने देखती हैं...
मम्मा मम्मा बोलते हुए रिशु निधि के पास आ जाता है...
रिशु को देखकड़ निधि को एक उम्मीद की किरण जगती है... रिशु को देखकर वो लड़के भी साइड हो जाते हैं...
हा क्या हुआ रिशु निधि पूछती है...
देखो ना मम्मा देव ने फिर से मेरा बेग गिरा दिया ...चलो हम देखते हैं... निधि रिशु की हाथ पकड़ कर जल्दी से उन लड़को के बिच से निकल कर चली जाती है...
कब तक बचेंगी मैडम जी,, दो बार फैल हुआ आपकी चक्कर मै,, ऐसे नहीं आपको जाने दूंगा...कब तक ये चूजा आपको मुझसे बचाएगा... राहुल बोलता है...
चल रानी उसी की ग्रुप की एक लड़की...
हाँ....एक बात पूछूँ... रानी बोलती है....
हा पूछ... एक क्या दो पूछ,, तु उस निधि मैम के पीछे क्यों पड़ा हुआ है 4 साल का बेटा है उसका तुझे दिखाई नहीं देता है क्या?...
तु नहीं समझेगी रानी वो क्या माल है...मुझे कौन सा उससे शादी करनी है ,,, मुझै तो बस रात रंगीन करनी है,, समझी चल अब क्लास चलते पापा भी पहुँचने वाले होंगे,, फिर ठीक है मै तो सोचती थी तु उससे प्यार तो नही करने लगा है, ,
हट पागल राहुल खुराना को इतनी जल्दी प्यार नहीं करता है... एक जायेगी और एक आयेगी,, बस ये मैडम जी हाथ नही आ रही हैं पैसा पावर सब दिखा दिया फिर भी हाथ नही आ रही हैं चल जल्दी चल उसका ग्रुप क्लास की और चले जाते
अब जिसका बाप स्कूल का प्रिंसपल हो वो प्रेयर मे नहीं जा सकता ना.....
रिशु निधि को लेकर प्ले ग्राउंड में जाता है... वंहा पर रिशु की उम्र के बच्चे सब खेल रहे थे...
देखो ना मम्मा देव को....रिशु से बोल रहा था की तेरे तो पापा हि नही है..... और तेरे पापा कभी नहीं आएंगे.. तुझसे मिलने...
निधि उस बच्चे की तरफ देखती है... जो सहम कर खड़ा था ..आप बोलो ना मम्मा की मेरे भी पापा है और वो जल्दी मुझसे मिलने आयेंगे... रिशु उम्मीद भरी नजरों से निधि को देखकर बोलता है... फिर उसके छोटे-छोटे आंखों में आंसू टपकने लगते हैं....ये बोलकर रिशु रोने लगता है..... निधि को भी रिशु की आंखों में आंसू देख.. कलेजा छलनी हो जाता है... वह नीचे बैठकर.. अपने दोनों हाथ से रिशु के आंसू पोछती है ... और रिशु को चुप करवाती है.... आपके पापा जरूर आएंगे आपसे मिलने...और अगर आप इस तरह रोते रहे... तो आपकी आंखें लाल हो जाएगी.. और आपके पापा जब आपकी लाल आंखें देखेंगे.. तो वह हमें डांट आएंगे.. कि हमने आपका ध्यान नहीं रखा।... नो नो मम्मा अब रिशु नहीं रोएगा... रिशु बिल्कुल चुप हो जाता है..
निधि देव की तरफ मुड़कर बोलती है.....देव सॉरी बोलो ऐसे नही बोलते,,देव भी एक बच्चा रहता है... उसका भी मन कोमल रहता है.... इस तरह रिशु को रोता देखकर देव को बुरा लगने लग जाता है.... और वो कान पकड़के के सॉरी बोलने लगता है.... सॉरी मैम सॉरी ..रिषभ,, और फिर निधि देव के पास बैठती और पूछती है बेटा आपसे किसने बोला की रिषभ के फादर नही है वो मैम वो वो ....
हा देव बोलो
वो जब मे आ रहा था तो,, देव घबराने लगता है....तो क्या बेटा ...निधि उसके गाल पर प्यार से हाथ रखकर पूछती है....राहुल भैया बोले रिशु से झगड़ा करने के लिए और उसे बोलने के लिए की उसके पापा नही है सॉरी मैम
कोई नही बेटा आप जाओ क्लास मे हम आ रहे है.... बाय मम्मा बाय
आज इस राहुल ने तो हद कर दि इसने हमारे बेटे को अपना टारगेट बनाया आज तो हम इसे छोडेंगे नहीं.... गुस्से से प्रिंसपल ऑफिस के तरफ जाने लगती है....
प्रिंसिपल ओफिस
मे आई कोमिंग सर ,,,यस कमिंग निधि अंदर जाती है... सर हमें किसी के खिलाफ कंप्लेन करनी है.... किसके खिलाफ.... प्रिंसपल पूछता है....
सर राहुल,,,,, सॉरी निधि अगर तुम राहुल की कोई शिकायत करने आई हो तो मे बता दु की मे फ्री नही हु ...हा अगर दूसरा काम है तो बोलो,,
सर पहले हमारी बात तो सुनिये उसने किया क्या है
क्या किया है तुम्हारा रेप किया है नही ना
सर र र....निधि जोर से बोलती है....
चिलाओ मत भूलो मत की तुम एक प्राइमरी टीचर हो और मै एक प्रिंसिपल हु.... देन गेट लॉस्ट फ्रॉम माय ऑफिस ...और हा ये मत भूलना की राहुल मेरा बेटा है.. इसलिए किसी के सामने अपने मुंह खोलने की कोशिश मत करना... अगर ज्यादा तकलीफ है तो 3 लाख वापिस करो बाहर का रास्ता नापों...
निधि रोती हुई बाहर चली जाती है,, ज़ब देखो मुह उठा के चली आती है.... पियोन ....यस सर कड़क चाय लेके आओ जी सर
निधि क्लास मे जाती है क्लास मे सब बच्चे गुड मॉर्निंग मैम . गुड मॉर्निंग ....क्लास सब बच्चे बैठ जाते है। ,, आपलोगो ने कल वाला होम वर्क पुरा कर लिया यस मेम निशा यस मैम् सारा कॉलेक्ट् कर के ले आओ मे चेक कर लेती हु निधि अपना आंसू भुला कर.. क्लास मे बिजी हो जाती है
पढ़ाते पढ़ाते लंच टाइम कब हो जाता है निधि को पता नहीं चलता है.... लंच टाइम मैं जब निधि लंच करने के लिए बाहर नहीं आती है... तो जिया उसे लंच करने के लिए बुलाने आती आती...निधि लंच नही करना हा...हा निधि अपने मे खोई रहती है.... कहां खोई हुइ हैं चलना लंच करने के लिए... हां चलो चलते हैं.. निधि अपने कुर्सी पर से उठते हुए बोलती हैं....
दोनों कैंटीन में आकर अपना अपना लंच निकालकर.. खाने के लिए बैठ जाती है.. जिया फोन चलाने के साथ खाना खाने में बिजी हो जाती है.. लेकिन निधि के दिमाग में.. प्रिंस कल की बात घूम रही थी... और वह तीन लाख का कर्जा चुकाने की बात... उसके दिमाग से जा ही नहीं रही थी...
हर हर महादेव
अंशु झा