अनकही चाहत part-1 - Chapter 3
निधि अपने यादों में खो जाती है
सोसायटी कंपाउंड मे बच्चो के साथ रिशु खेल रहा था.... और तभी बेहोश होकर निचे गिर जाता है.... पड़ोसी का बच्चा निधि को बोलने आता है की.... आंटी रिशु को देखो क्या हो गया है.... निधि दौड़कर नीची कैंपाउंड जाती है.... और उसे उठाने की कोशिश करती है... उसके ऊपर पानी छिड़ककर... उसे होश में लाने की कोशिश करती है... लेकिन रिशु होश में नहीं आता है.... रिशु की तबियत ज्यादा खराब हो जाती है...निधि उसे हॉस्पिटल लेकर भागती है.... निधि के पहुंचते ही... डॉक्टर उसे इमरजेंसी में भर्ती कर लेते हैं.... डॉ निधि को बताता है...कुछ टेस्ट के बाद पता लगता है की रिशु को हार्ड प्रॉब्लम है.... निधि यह सुनकर बूत बनकर खड़ी हो जाती है.. उसके पास रिशु के अलावा क्या था... आज उसकी हालत देखकर... उसके शरीर में जान ही नहीं बचे थे... नर्स को लगता है निधि को डॉक्टर की बात समझ नहीं आई.. इसलिए चुपचाप खड़ी है... मैम आपको डॉक्टर ने बोले हैं... आपके बेटे को हार्ड प्रॉब्लम है... इसका मतलब यह होता है कि आपके बेटे के दिल में छेद हैं... और उसका तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा...
ऑपरेशन का नाम सुनकर निधि अंदर से कांप जाती है... और धम से वहीं पड़े बेंच पर बैठ जाती है... निधि के हालत देखकर... नर्स उसके पास आती है... देखिए मैडम आप खुद को संभालिए... आपके बेटे का जल्दी ऑपरेशन करना पड़ेगा... आप यह लीजिए पेपर साइन कर दीजिए... ऑपरेशन के फीस पांच लाख रूपये है... आप जल्दी से जमा कर दीजिए... हम उसका ऑपरेशन स्टार्ट कर देंगे..
तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा... बोलकर डॉक्टर और नर्स चले जाते हैं.. निधि अपने आप को संभालती है.. अपने आंसू पोंछकर.. एक बार फिर से पेपर को पढ़ती है.... अपना फोन खोजती है जीया को फोन करने के लिए.. लेकिन हड़बड़ी में वह घर से फोन लाना भूल गई थी.... अब हमें ही घर के लिए निकलना होगा... सबसे बड़ी दुविधा उसके लिए पांच लाख रुपए था... वो एक स्कूल में प्राइमरी टीचर थी.. महीने में उसके 10 से ₹12000 मिलते थे... जिससे अपना रिशु का खर्चा चलाती थी... एक साथ वो ₹500000 कहां से लाती है... हमें पैसे इकट्ठा करने होंगे... हमें हमारी रिशु की जान बचाने हैं... हम इस तरह से हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकते हैं... निधि उठकर बाहर की तरफ जाने लग जाती है... सामने से आ रही औरत को नहीं देखती है.. और जोर से उसे धक्का लग जाता है... मिसेज खुराना लड़खरा जाती है... निधि जब सामने देखती है... तो वह उनसे माफी मांगने लग जाती है... मिसेज खुराना भी जब सामने देखती है... निधि के परेशान चेहरे को देख कर... उन्हें भी पता चल जाता है.. कि यह लड़की बहुत परेशान है... क्या हुआ बेटा परेशान क्यों लग रही हो... टेंशन मत करो भगवान सब सही कर देंगे...
निधि उनको एक नजर देख कर... आगे बढ़ने लगती है... मिसेज़ खुराना भी दूसरी तरफ चली जाती है ..... ऑटो पकड़कर अपनी सोसाइटी के पास उतरती है...और दोड़ के फ्लैट पर गयी.... फ्लैट का डोर बेल बजाती है... जिया आकर दरवाजा खोलती है..निधि . देखते ही जिया के सवाल चालू हो जाते हैं.... कंहा गई थी तुम और रिशु कहां है...और तुम अपना फोन साथ में क्यों नहीं रखती हो.... जिया हम अभी बहुत परेशान है... क्या हुआ... जिया रिशु हॉस्पिटल में एडमिट है.. क्या... हां जिया.. लेकिन उसे हुआ क्या... निधि सब कुछ जिया को बताती है .. जिया भी सुनकर रिशु के लिए परेशान हो जाती है...
जिया बोली मेरे पास अभी 1 लाख रुपये ही है मैने कल ही जयराज को पैसे ट्रांसफर की है उसने नया घर लिया है मेरे नाम पर तो कुछ पैसे कम पड़ रहे थे तो,, मैने भेज दिया ,,
ठीक है जो तेरे पास पैसे है वही मेरे एकाउंट मे ट्रांस्फर कर दे तेरे बोलने से पहले मैने कर दी है थैंक्यू जिया ... हम बता नहीं सकते तुमने हमारी कितनी बड़ी हार की है... हम अब हॉस्पिटल जाते है....
रुक मे भी चलती हूँ...और हा थेंक्स बोलने की जरूरत नही,, हैं रिशु मुझे माशी बोलता हैं,,, ठीक है....
जयराज के भी पास पेसे नही होंगे अभी,, जिया बताती है...कोई नही चल हॉस्पिटल चलते है वही पे कुछ जुगाड़ करेंगे निधि के आँखो से तो आँसू सुख ही नही रहे थे...,, आज उसे पैसों की अहमियत पता चली थी... कि पैसे ना होने के कारण... लोग कितना परेशान होते हैं... उसकी आंखों से आंसू मोती की तरह निकल रहे थे..
चुप हो जा यार कितना रोयेगी अगर रिशु को पता लगा की तु रो रही थी तो वो मुझै डांटेगा बोलेगा माशी आपसे एक काम सही से नही होता। ... जब रिशु वहां पर नहीं था तब आपने उसकी मम्मा को रुलाया.. वेरी बैड... रिशु की नकल उतारते हुए जिया बोलती है...
निधि रोते,-रोते चेहरे पर भी हल्की मुस्कान आ गयी... दोनों हॉस्पिटल निकल गए...
फिर दोनो हॉस्पिटल पहुंची.... और कोड़ीडोर से गुजर रही थी की फिर से निधि मिसेज खुराना से टकरा गयी...निधि और जिया सॉरी बोलकर जाने लगती है... मिसेज़ खुराना उनका उतरा हुआ चेहरा देख लेती है... और निधि को पहचान जाती है...
उन्हें पीछे से आवाज़ लगाती गई.... और बोलती आप परेशांन लग रही.... क्या हुआ आप मुझे बताइये मे आपकी हेल्प कर सकती है.... आप कैसे हेल्प करेगी.. दोनों मुड़कर उनकी तरफ देखते हैं .. जिया पूछती है.... देखिये ये हॉस्पिटल मेरे हस्बेंड के देख रेख मे आता है.... इस हॉस्पिटल का ऑनर कोई और है.... लेकिन संभालते मेरे पति हि है.... अगर आपकी कोई परेशानी बड़ी है तो.... मेरे हस्बैंड हॉस्पिटल के ओनर से बात कर लेंगे.... मिसेज खुराना की बात सुनकर.... दोनों के मुरझाए हुए चेहरे पर... एक उम्मीद की किरण नजर आती है... निधि और जिया उनके पास जाते हैं...
हर हर महादेव
अंशु झा